नई दिल्ली। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड रेखा के पास बढ़ते सैन्य टकराव के बीच रूस और चीन ने दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम और राजनयिक समाधान की अपील की है।रूस का बयान
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि दोनों देशों के नागरिक और सैन्य बल हताहत हुए हैं।
उन्होंने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से खतरनाक टकराव रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने का आग्रह किया।
चीन की अपील
चीन ने भी दोनों पक्षों से बातचीत और युद्धविराम पर जोर दिया। इसके अलावा कई अन्य देश भी संयम बरतने और तत्काल शांति स्थापित करने की अपील कर चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उनके प्रवक्ता ने कहा कि सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कंधार में कहा कि अफगान सरकार बार-बार शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देती रही है और अभी भी बातचीत के माध्यम से समस्या का हल चाहती है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच मौजूदा विवाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़ा है।
पाकिस्तान लंबे समय से तालिबानी सरकार से टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
सीमा और डूरंड रेखा
ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई विवादित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है, समय-समय पर दोनों देशों के बीच तनाव और गोलीबारी का कारण रही है। अफगानिस्तान की मौजूदा तालिबानी सरकार इसे मान्यता नहीं देती और इस समझौते को समाप्त करने की मांग करती रही है।
हाल की घटनाएँ
इस्लामाबाद में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर अफगान सेना ने कुछ चौकियों पर सफेद झंडे लहराए, जिसे आमतौर पर गोलीबारी रोकने और शांति स्थापित करने का संकेत माना जाता है।