जानकारी के अनुसार, मनियर संजीवनी केंद्र में पदस्थ डॉ. आकाश चांदेलकर ने 20 मई को अचानक इस्तीफा दे दिया और उसके बाद से उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। वहीं हवाई पट्टी स्थित संजीवनी क्लीनिक में पदस्थ डॉ. मोहर सिंह ने पहले पारिवारिक कारणों का हवाला देकर छुट्टी ली, लेकिन उनके अवकाश आवेदन में अलग-अलग कारण सामने आने के बाद स्थिति और संदिग्ध हो गई है।
इसके अलावा एक अन्य क्लीनिक में पदस्थ डॉक्टर भी अचानक अवकाश पर चले गए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग अन्य सभी संजीवनी क्लीनिकों में तैनात डॉक्टरों के दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है।
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर ने साफ कहा है कि यदि जांच में दस्तावेजों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग पूरे सिस्टम की समीक्षा कर रहा है ताकि नियुक्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।