घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।
फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है।
घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया।
एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।