ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार अगले चरण की बातचीत को लेकर मध्यस्थों के माध्यम से लगातार परामर्श जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए नई तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है और परिस्थितियों के अनुकूल होते ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान का कहना है कि प्रस्तावित समझौते की आगे की प्रक्रिया कुछ महत्वपूर्ण शर्तों पर निर्भर करती है। इनमें क्षेत्रीय संघर्षों का अंत सैन्य गतिविधियों में कमी और आर्थिक प्रतिबंधों से राहत जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि तेल निर्यात और फ्रीज की गई संपत्तियों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा आवश्यक है।
बयान में यह भी संकेत दिया गया है कि हालिया बातचीत का उद्देश्य किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करना था लेकिन कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के चलते बैठक को फिलहाल आगे बढ़ाना पड़ा।
ईरानी पक्ष का दावा है कि हाल के दिनों में क्षेत्रीय स्तर पर कुछ अहम समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसके बाद मौजूदा बैठक की आवश्यकता पर दोबारा विचार किया गया है। हालांकि कूटनीतिक चैनल सक्रिय बने हुए हैं और बातचीत की संभावनाएं अभी भी पूरी तरह खुली हैं।
इस बीच क्षेत्रीय तनाव भी चर्चा में बना हुआ है जहां ईरान और पश्चिमी देशों के बीच पिछले कुछ समय से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में इस नई वार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत आगे बढ़ती है तो यह न सिर्फ ईरान–अमेरिका संबंधों के लिए बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।