जब बेटे को कहा गया मेरा बाप औरत है तब टूट गए अली असगर छोड़ना पड़ा कॉमेडी का सबसे बड़ा रोल

नई दिल्ली । टीवी की दुनिया में अपनी कॉमिक टाइमिंग और अलग अंदाज़ से पहचान बनाने वाले अली असगर ने हाल ही में उस फैसले के पीछे की सच्चाई बताने की है जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी थी एक समय था जब कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में उनकी दादी का किरदार घर घर में लोकप्रिय था दर्शक उनके हर डायलॉग पर ठहाके लगाते थे लेकिन अचानक उनके शो से गायब होना कई सवाल छोड़ गया था अब इस राज से पर्दा उठाते हुए अली असगर ने बताया कि यह फैसला जितना प्रोफेशनल था उससे कहीं ज़्यादा पर्सनल भी था उन्होंने एक बातचीत के दौरान कहा कि उनके इस किरदार का असर उनके परिवार खासकर बच्चों पर पड़ने लगा था जो उनके लिए बेहद मेहनतीदेह था अली ने खुलासा किया कि उनके बच्चों को स्कूल में इस वजह से चिढ़ाया जाता था उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे फिल्मों में डायलॉग होता है मेरा बाप चोर है उसी तरह उनके बेटे को लेकर बच्चे कहते थे मेरा बाप औरत है यह सुनना उनके लिए एक पिता के रूप में बेहद कठिन था और दब से उनके मन में बदलाव की शुरुआत हुई उन्होंने यह भी बताया कि समस्या सिर्फ दब तक सीमित नहीं थी बल्कि उन्हें लगातार एक ही तरह के किरदार ऑफर किए जा रहे थे कॉमेडी शो में उन्हें बार बार महिला किरदार निभाने को कहा जाता था जिससे उनकी क्रिएटिव सैटिस्फैक्शन भी प्रभावित हो रही थी अली ने कहा कि कलाकार होने के रिश्तेदार वह अलग-अलग तरह के रोल करना चाहते थे लेकिन उन्हें बार-बार उसी इमेज में ढाल दिया जाता था उन्होंने अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए कहा कि हर वीकेंड जब वह कॉमेडी शो करते थे तो उन्हें दो अलग-अलग एक्ट में भी महिला किरदार ही निभाने को कहा इससे उन्हें फील होने लगा कि उनकी पहचान लिमिटेड हो रही है और इंडस्ट्री उन्हें एक ही नजर से देख रही है उन्होंने यह भी कहा कि कलाकार को वैरायटी चाहिए और वह सिर्फ एक ही तरह का काम करते रहना नहीं चाहते थे गौरतलब है कि अली असगर ने साल 2017 में शो छोड़ा था उस समय यह कहा गया था कि उन्होंने क्रिएटिव बदलावों के कारण यह फैसला लिया है लेकिन अब सामने आई सच्चाई इस फैसले को एक नई नजर देती है अली असगर का करियर सिर्फ कॉमेडी तक लिमिटेड नहीं रहा है उन्होंने कई पॉपुलर टीवी शो जैसे कहानी घर घर की और दूसरे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है इसके अलावा फिल्मों में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है और कई चर्चित फिल्मों में नजर आ चुके हैं उनकी बची हुई फिल्म और टीवी प्रोजेक्ट्स भी इस बात का सबूत हैं कि उन्होंने खुद को एक ही छवि तक सीमित नहीं रखा बल्कि नए प्रयोग करने की कोशिश की है यह कहानी सिर्फ एक कलाकार के फैसले की नहीं है बल्कि उस जिम्मेदारी की भी है जो एक पिता अपने परिवार के प्रति महसूस करता है अली असगर का यह कदम दिखाता है कि कभी कभी सफलता से ज्यादा जरूरी अपने करीबियों की भावनाएं होती हैं और यही असली जीत होती है
बॉलीवुड में नहीं चला सिक्का, तो टीवी की दुनिया में रखा कदम, आज रोमांटिक स्टार बन गए मोहम्मद इकबाल खान

नई दिल्ली । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में हर कलाकार का स्टार बनने का सपना पूरा नहीं होता। कई ऐसे चेहरे रहे हैं, जिन्हें फिल्मों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने करियर के लिए नया रास्ता चुना। इन्हीं में से एक नाम है अभिनेता मोहम्मद इकबाल खान का। आज, 10 फरवरी को अपना 44वां जन्मदिन मना रहे इकबाल खान ने भले ही फिल्मों में लंबी पारी न खेली हो, लेकिन टेलीविजन पर उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद और लोकप्रिय रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया। छोटे पर्दे पर उनके निभाए गए किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखते हैं और वह लगातार टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय बने हुए हैं। कम उम्र में ही अभिनेता बनने की ठानी कश्मीर में जन्मे और आज टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरे बन चुके मोहम्मद इकबाल खान ने बहुत कम उम्र में ही तय कर लिया था कि उन्हें अभिनय की दुनिया में ही अपना भविष्य बनाना है। स्कूल के दिनों में वह नाटकों और स्टेज परफॉर्मेंस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और अपनी एक्टिंग से सभी को प्रभावित भी करते थे। हालांकि पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई आकर करियर बनाना उनके लिए आसान नहीं रहा। शुरुआती दौर में इकबाल ने मॉडलिंग के जरिए खुद के खर्च पूरे किए और परिवार पर निर्भर रहने से बचते रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे, तब न तो रहने के लिए ढंग की जगह थी और न ही जेब में पर्याप्त पैसे। बावजूद इसके, उन्होंने अपने संघर्षों का जिक्र परिवार से कम ही किया और अकेले दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। ऐसे बदला कैरियर का रूख मुंबई में संघर्ष के बाद जब मोहम्मद इकबाल खान को फिल्मों में काम मिलने लगा, तो उम्मीदें भी बढ़ने लगीं। उन्हें बॉलीवुड में पहला मौका फिल्म कुछ दिल ने कहा से मिला। इसके बाद वह बुलेट: एक धमाका एक छोटी सी ईगो और फंटूस जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं छोड़ पाईं। इकबाल ने विद्या बालन के साथ फिल्म जलसा में भी काम किया, लेकिन बड़े पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाना उनके लिए लगातार मुश्किल साबित हो रहा था। एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने उनके आत्मविश्वास को जरूर झटका दिया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय नया रास्ता चुना। अभिनय को अलविदा कहने के बजाय इकबाल ने टेलीविजन की ओर रुख किया, जहां उन्हें लगातार लोकप्रिय शोज मिले और यहीं से उनके करियर ने नई उड़ान भरी। टेलीविजन की दुनिया में छा गए टेलीविजन की दुनिया में मोहम्मद इकबाल खान की एंट्री ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। उन्हें छोटे पर्दे पर पहला बड़ा ब्रेक रोमांटिक सीरियल कैसा ये प्यार है से मिला, जिसने उन्हें रातों-रात दर्शकों का चहेता बना दिया। शो की जबरदस्त सफलता के बाद इकबाल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार करीब 19 टीवी धारावाहिकों का हिस्सा बने। काव्यांजलि में शौर्य और कहीं तो होगा में रघु जैसे किरदार निभाकर उन्होंने खासतौर पर युवा दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके अलावा वारिस दिल से दिल तक एक था राजा एक थी रानी और रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी में भी उनकी मौजूदगी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। कोविड काल के दौरान इकबाल ने कुछ समय के लिए टीवी और सोशल मीडिया से दूरी जरूर बनाई, लेकिन इसके बाद उन्होंने सीरियल न उम्र की सीमा हो के जरिए शानदार वापसी की। आज भी वह टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कई प्रोजेक्ट्स में नजर आकर अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं।