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मप्र में अब तक 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन

भोपाल। मध्य प्रदेश में अभी तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। यह जानकारी गुरुवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 81 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने किसानों के हित में गेहूं खरीद (Purchasing wheat) के लिए स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की समय-सीमा बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है ताकि कोई भी किसान एमएसपी के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सोमवार को यह घोषणा की। पहले इसकी अंतिम तिथि नौ मई थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इस उद्देश्य से लिया गया है कि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइनअधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साल 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है। सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है। सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। भूमि और फसल का होगा पूरा डिजिटल रिकॉर्डसीएम मोहन यादव ने बताया कि ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है। एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत हर किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा। हर खेत का किया जा रहा भू-टैगिंगकिसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी। 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन आपरेटरों को ट्रेनिंगमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

भोपाल। मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

ASHOKNAGAR COLLECTOR INSPECTION: अशोकनगर कलेक्टर ने देर रत उपार्जन केंद्र का किया निरीक्षण; गेहूं खुले में न रखने के दिए निर्देश

COLLECTOR SAKET MALVIYA

HIGHLIGHTS: कलेक्टर ने आंधी-बारिश के बीच किया औचक निरीक्षण खुले में गेहूं रखने पर सख्त रोक के निर्देश किसानों से सीधे बातचीत कर समस्याएं सुनीं उपार्जन केंद्र पर छाया और पानी की व्यवस्था के निर्देश खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट   ASHOKNAGAR COLLECTOR INSPECTION: ग्वालियर। अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय नवीन कृषि उपज मंडी स्थित उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने निरीक्षण किया। बता दें की उन्होंने खुले में गेंहू न रखने के निर्देश दिए, साथ ही किसानों के लिए उचित व्यवस्था करने को भी कहा। Apple में बड़ा बदलाव! टिम कुक बनेंगे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, 2026 में 12+ नए प्रोडक्ट लॉन्च की तैयारी तेज़ आंधी-बारिश में किया निरिक्षण कलेक्टर मालवीय उस समय केंद्र पहुंचे जब तेज बारिश हो रही थी। अचानक बदले मौसम को देखते हुए उन्होंने उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं गेहूं की बोरियां खुले में तो नहीं रखी गई हैं। जबलपुर क्रूज हादसा: पानी में फंसे यात्री को स्थानीय युवक ने जोखिम लेकर बचाया, मानवता की मिसाल कायम किसानों से की चर्चा मौके पैर मौजूद किसानों से उन्होंने चर्चा की और उनकी समस्याएं भी सुनी। बताया जा रहा है की उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर छाया और पिने के पानी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने ये भी कहा कि खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। हाईवे पर मातम: धार में भीषण दुर्घटना से उजड़े कई घर, 16 की मौत से गूंजा दर्द.. बारिश में अनाज ख़राब होने के आसार गौरतलब है की इस समय जिले के कई उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। अचानक हो रही लगातर बारिश के चलते अनाज खराब होने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।  

MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। 6 दिन होगी गेहूं खरीदीअब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजामुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहनतय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है। यूरिया की उपलब्धतावैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।

Sheopur Wheat Procurement Scam: MSP खरीदी में गड़बड़ी, श्योपुर के किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; किसान-स्लॉट बुकिंग में हो रही देरी

Farmers Protest Wheat Procurement Scam

HIGHLIGHT: • श्योपुर में गेहूं खरीदी पर किसानों का विरोध• स्लॉट बुकिंग में देरी से किसान परेशान• तौल में कटौती और सैंपल के नाम पर नुकसान• रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप• कलेक्टर ने जांच का दिया आश्वासन Sheopur Wheat Procurement Scam: श्योपुर। जिले में MSP पर गेहूं खरीदी को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और कलेक्टर शीला दाहिमा को ज्ञापन सौंपा। बता दें कि किसानों ने खरीदी प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। GWALIOIR ILLEGAL COLONIES: ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा, बिना अनुमति प्लॉट बेचने वालों पर FIR स्लॉट बुकिंग में देरी से बढ़ी परेशानी किसानों का कहना है कि खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग में लगातार देरी हो रही है। कई किसान काफी दिनों से अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं। विशेष रूप से बड़े किसानों के स्लॉट अभी तक तय नहीं किए गए हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। PARSHAD WATER TANK PROTEST: पानी नहीं तो जान देंगे, ग्वालियर में पार्षद का अर्द्धनग्न प्रदर्शन; पानी सप्लाई न होने पर दी चेतावनी तौल में कटौती और सैंपल के नाम पर नुकसान ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मंडियों में तौल के दौरान प्रति क्विंटल करीब 700 ग्राम तक कटौती की जा रही है। इसके अलावा सैंपल के नाम पर 3-4 किलो गेहूं लिया जा रहा है, जिसे वापस नहीं किया जाता। LENSKART CONTROVERSY: लेंसकार्ट विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, बोले- अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो रिश्वतखोरी और मनमानी के आरोप किसानों ने आरोप लगाया कि नमी और चमक का बहाना बनाकर गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। साथ ही कुछ कर्मचारियों पर गेहूं पास कराने के बदले पैसे लेने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही खरीदी केंद्रों पर मजदूरों और बारदाने की कमी भी सामने आई है। MP GOVT. SCHEME: मध्य प्रदेश सरकार का ऐलान: किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, हेल्थ सुविधाओं में बड़ा बदलाव कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा किसानों ने सेटेलाइट मैपिंग में गड़बड़ी की भी शिकायत की, जिससे फसल रिकॉर्ड में त्रुटियां आ रही हैं। कलेक्टर शीला दाहिमा ने सभी शिकायतों की जांच कराने और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

GUNA FARMERS PROTEST : जयवर्धन सिंह का केंद्र सरकार पर तंज, बोले– क्षेत्रीय सांसद मंत्री बनकर भी किसान मुद्दों पर चुप

FARMERS PROTEST

HIGHLIGHTS: किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन जयवर्धन सिंह ने सरकार पर लगाए आरोप क्षेत्रीय सांसद और केंद्र सरकार पर तंज गेहूं खरीदी और भुगतान को लेकर मांगें किसानों के हित में कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया GUNA FARMERS PROTEST : गुना। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर किसानों की समस्याओं को लेकर जिले में विरोध प्रदर्शन किया गया। राघौगढ़ विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे पर आमसभा की और उसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चीन समेत कई अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है भारत, एडीबी रिपोर्ट में दावा! सरकार पर गंभीर आरोप आमसभा को संबोधित करते हुए जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं हुई है, जबकि पड़ोसी जिलों में प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। गुना में न तो स्लॉट बुकिंग शुरू हुई है और न ही खरीदी प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है। आरबीआई की समयसीमा से पहले मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले दिखाई मजबूती! सांसद और केंद्र सरकार पर तंज जयवर्धन सिंह ने क्षेत्रीय सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि वे केंद्र में मंत्री हैं, लेकिन किसानों के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य विषयों पर तो वीडियो जारी किए जाते हैं, लेकिन किसानों की समस्याओं पर अब तक कोई बयान नहीं दिया गया है।   मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि किसानों के ऋण भुगतान की तिथि उपज खरीदी और भुगतान पूरा होने तक बढ़ाई जाए, गेहूं खरीदी तुरंत शुरू हो और स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण अभियान… किसानों के हित में कई मांगें ज्ञापन में ई-उपार्जन प्रक्रिया को सरल करने, ऑफलाइन विकल्प जोड़ने, सभी किसानों की खरीदी सुनिश्चित करने, सात दिन में भुगतान की गारंटी देने और देरी पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही मंडियों में मूलभूत सुविधाएं और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही।

एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार से प्रदेश के चार संभागों में खरीदी शुरू हो गई, लेकिन देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। सरकार जहां इस देरी के पीछे इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है। प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। भोपाल और श्योपुर में भी विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली। जीतू पटवारी के आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी एक “रणनीतिक घोटाला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी टाली गई और किसानों को नुकसान पहुंचाया गया। पटवारी ने कहा कि करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है और लगभग 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन के दाम अब तक लागू नहीं किए गए हैं। व्यवस्थाओं की कमी से किसान परेशान रायसेन जिले में कई खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी रहीं। बम्होरी केंद्र पर न तो पर्याप्त बारदाना पहुंचा और न ही किसानों के लिए छाया की व्यवस्था थी। स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ा। वहीं, सागर में मंडी बंद होने पर जीतू पटवारी ने कलेक्टर को फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि तेज गर्मी में किसान कई दिनों से परेशान हैं। श्योपुर और भोपाल में भी प्रदर्शन श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधायक बाबू जंडेल भी शामिल रहे। वहीं भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।सरकार का पलटवार राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक दाना भी गेहूं नहीं खरीदा गया था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों से खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना है, जबकि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

किसान कल्याण वर्ष 2026: उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

भोपाल । भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में 9 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूँ खरीदी को लेकर सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से वर्चुअल संवाद भी किया और उन्हें प्रदेश की गेहूँ खरीदी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने और उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन इसे 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करना है। उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसानों को तुरंत सहायता मिल सके। इसके साथ ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, और मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण प्रक्रिया पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के माध्यम से किसानों को खरीदी प्रक्रिया, दस्तावेज़ और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सामाजिक और सेवाभावी संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन उपार्जन केंद्रों पर आकर व्यवस्था में मदद कर सकते हैं, किसानों को मार्गदर्शन दे सकते हैं और प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। इस वर्ष 2026 को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, और इस दौरान किसानों को उनकी फसल, आय और कल्याण से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। डॉ. यादव ने बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता और खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयास कर रही है कि उपार्जन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो। किसानों के कल्याण के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें सही मूल्य, उचित सुविधाएं और सरल प्रक्रिया के माध्यम से गेहूँ बेचने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए इस प्रक्रिया में प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग अनिवार्य है। कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी, हेल्प डेस्क पर सहायता, पंपलेट और होर्डिंग के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराना तथा किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देना इस प्रक्रिया की सफलता की कुंजी होगी। इस प्रकार प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया किसानों के हित और सुविधा के अनुरूप पूरी तरह व्यवस्थित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से किसान कल्याण वर्ष 2026 में उपार्जन केंद्रों पर किसानों की संतुष्टि और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन के सहयोग से यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सहज होगी।

MP Wheat Procurement : मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी

   MP Wheat Procurement : भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 10 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए पंजीकृत किसान आज यानी मंगलवार से अपने उपार्जन स्लॉट बुक कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग और तैयारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि इस बार प्रदेश में 19,04,644 किसानों ने पंजीकरण कराया है। उपार्जन के लिए 3,627 केंद्र बनाए गए हैं। समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा, इसके अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस बार अनुमानित 78 लाख टन गेहूं का उपार्जन होगा। इसके लिए 3,12,000 गठान बारदान तैयार हैं और स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य मंत्री का भरोसा गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पंजीकृत किसानों से पूरी उपज खरीदी जाएगी। कुछ स्थानों पर नौ अप्रैल से भी खरीदी शुरू हो सकती है। जूट कमिश्नर से ढाई करोड़ बोरे आवंटित किए जा चुके हैं, साथ ही प्लास्टिक और एक बार उपयोग वाले जूट के बोरे भी टेंडर कर दिए गए हैं। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी नौ अप्रैल को जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेगी। इसके अलावा 15 अप्रैल को भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री के आवास के बाहर उपवास कार्यक्रम भी रखा गया है। वहीं, मोहन यादव ने किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि पहले छोटे, फिर मध्यम और अंत में बड़े किसानों से उपज खरीदी जाएगी। सभी बारदाने की आपूर्ति पर्याप्त है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित निगरानी के लिए राज्य स्तरीय और कृषि उपज मंडियों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। किसानों के लिए बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन और पार्किंग की पूरी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं।