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अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की ब्लॉकबस्टर जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास, इन ९ फिल्मों में साथ आकर दर्शकों को बनाया दीवाना


नई दिल्ली ।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे प्रतिष्ठित और स्क्रीन पर तहलका मचाने वाली जोड़ियों का जिक्र होता है, तो अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। सत्तर और अस्सी के दशक में इन दोनों दिग्गज कलाकारों ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा चमत्कारी तालमेल दिखाया कि डिस्ट्रीब्यूटर्स और दर्शकों के बीच यह माना जाने लगा था कि जिस फिल्म में ये दोनों साथ हैं, उसका सुपरहिट होना तय है। इस ब्लॉकबस्टर जोड़ी की लोकप्रियता का आलम यह था कि इनकी एक कल्ट क्लासिक फिल्म रिलीज के बाद लगातार पांच सालों तक सिनेमाघरों से नहीं उतरी थी, जो अपने आप में एक अटूट कीर्तिमान है। इन दोनों महानायकों ने मुख्य भूमिकाओं से लेकर खास कैमियो रोल्स तक, कुल ९ फिल्मों में एक साथ स्क्रीन शेयर कर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी दोस्ती और अभिनय का लोहा मनवाया।

इस बेमिसाल जोड़ी के करियर और हिंदी सिनेमा के इतिहास में साल १९७५ में आई फिल्म ‘शोले’ एक मील का पत्थर साबित हुई। निर्देशक रमेश सिप्पी की इस एक्शन-ड्रामा फिल्म में जय और वीरू के किरदारों में अमिताभ और धर्मेंद्र ने जिगरी दोस्ती की ऐसी अनूठी मिसाल पेश की, जो आज आधी सदी बीत जाने के बाद भी मुहावरा बनी हुई है। यह फिल्म न केवल उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी, बल्कि मुंबई के मिनर्वा थिएटर में लगातार पांच सालों तक चलकर इसने इतिहास रच दिया। इसी साल इस सुपरहिट जोड़ी की एक और क्लासिक फिल्म ‘चुपके चुपके’ रिलीज हुई थी। ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी यह बेहतरीन कॉमेडी फिल्म बंगाली सिनेमा की रीमेक थी। फिल्म में दोनों की कॉमिक टाइमिंग कमाल की थी और एसडी बर्मन के संगीत से सजे इसके गाने आज भी चाव से सुने जाते हैं।

एक्शन और कॉमेडी के बाद इस जोड़ी ने साल १९८० में आई फिल्म ‘राम बलराम’ के जरिए थ्रिलर जॉनर में अपनी धाक जमाई। विजय आनंद द्वारा निर्देशित इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में दोनों ने ऐसे दो भाइयों का किरदार निभाया था, जिनका पालन-पोषण धोखे से उनके माता-पिता के हत्यारे चाचा ने किया था। इसके अलावा यह जोड़ी ऋषिकेश मुखर्जी की ही एक और कल्ट फिल्म ‘गुड्डी’ में भी एक साथ नजर आई थी। हालांकि इस फिल्म में मुख्य भूमिका अभिनेत्री जया बच्चन की थी, लेकिन धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री की असलियत दिखाते हुए इसमें बेहद प्रभावी कैमियो रोल किए थे, जिसने फिल्म की कहानी को एक नया आयाम दिया था।

सिल्वर स्क्रीन पर नए प्रयोग करने के मामले में भी यह जोड़ी पीछे नहीं रही। साल १९७७ में रिलीज हुई फिल्म ‘चरणदास’ एकमात्र ऐसी अनूठी फिल्म है, जिसमें अमिताभ और धर्मेंद्र दोनों ने कव्वाली गायकों के रूप में एक विशेष और बेहद दिलचस्प भूमिका निभाई थी। आशा भोसले और मुकेश की आवाज में सजे इस फिल्म के कव्वाली गीत आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इसके बाद निर्देशक दुलल गुहा की फिल्म ‘दोस्त’ में भी अमिताभ बच्चन ने ‘आनंद’ नाम के किरदार में एक बेहद प्रभावशाली कैमियो किया था, जहां मुख्य भूमिका में धर्मेंद्र मौजूद थे। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत से सजी इस फिल्म में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा था।

इन दोनों सितारों की जुगलबंदी का सिलसिला आगे भी जारी रहा, जिसमें एक हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘जादूगर’ शामिल है। इस रहस्यमयी कहानी में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने क्रमशः वीरेंद्र और फ्रैंक जेम्स की भूमिकाएं निभाकर दर्शकों को चौंका दिया था, जिसकी पृष्ठभूमि एक सुनसान हवेली से जुड़ी थी। इसके बाद फिल्म ‘दिल्लगी’ में भी दोनों का जादू देखने को मिला, जहां अमिताभ बच्चन का रोल भले ही छोटा था, लेकिन एक गंभीर और सीधे-सादे प्रोफेसर की भूमिका निभा रहे धर्मेंद्र के साथ उनकी ऑनस्क्रीन मौजूदगी ने फिल्म की रौनक बढ़ा दी थी। इसके अतिरिक्त इस लिस्ट में एक अन्य फिल्म ‘हम कौन हैं’ का नाम भी प्रमुखता से शामिल है, जिसमें इस महान जोड़ी ने अपने अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

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