एयरपोर्ट पर अचानक हुआ हमला
जानकारी के अनुसार यह हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुआ, जहां भारी धमाकों और मिसाइल हमले के चलते अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई यात्री घायल भी हुए। मंजूर अहमद उसी समय फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे और हमले की चपेट में आ गए। उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
शादी में आने वाले थे भारत
मृतक के परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद 8 जून को रतलाम में होने वाली अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे। वे लंबे समय से विदेश में काम कर रहे थे और परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि पिता की आखिरी बातचीत मंगलवार शाम हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश आएंगे।
30 साल से विदेश में कर रहे थे काम
मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से विदेश में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर थी। वे समय-समय पर घर आते रहते थे, लेकिन अधिकतर समय विदेश में ही काम करते थे।
अहमदाबाद से उज्जैन लाया जा रहा शव
मृतक का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से औपचारिकताओं के बाद उसे सड़क मार्ग से उज्जैन भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार और रिश्तेदारों के घर पर शोक का माहौल है। जैसे ही मौत की खबर आई, आसपास के लोग और परिचित बड़ी संख्या में घर पहुंचने लगे।
भारत ने हमले की निंदा की
इस घटना पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
इस हमले को लेकर ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।