DGCA द्वारा जारी इन संशोधित नियमों में नाम की गलती सुधारने को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अक्सर बुकिंग के समय नाम में टाइपिंग की गलती हो जाती थी, जिसे ठीक कराने के लिए यात्रियों को मोटी फीस देनी पड़ती थी। अब नए नियमों के मुताबिक, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है, तो यात्री 24 घंटे के भीतर अपने नाम में सुधार मुफ्त में करा सकेंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ‘लुक-इन’ की सुविधा उन टिकटों पर लागू नहीं होगी जो यात्रा की तारीख से बहुत करीबघरेलू के लिए 7 दिन और अंतरराष्ट्रीय के लिए 15 दिन पहले बुक किए गए हैं।
रिफंड की प्रक्रिया को लेकर भी नियामक ने सख्त रुख अपनाया है। अब एयरलाइनों को हर हाल में 14 कार्य दिवसोंWorking Days के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अक्सर देखा जाता था कि ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए गए टिकटों का रिफंड हफ्तों तक अटका रहता था, लेकिन अब इसकी सीधी जिम्मेदारी एयरलाइन की तय की गई है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भी यात्रियों को राहत दी गई है; यदि परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइन को रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प देना होगा।
इन बदलावों की पृष्ठभूमि दिसंबर 2025 में हुई भारी शिकायतों से जुड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले दिसंबर 2025 में 29,000 से अधिक शिकायतें मिली थीं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा रिफंड में देरी से जुड़ा था। साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने रिकॉर्ड 16.69 करोड़ से अधिक यात्रियों को सफर कराया है। बढ़ते बाजार और यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए DGCA के ये नए नियम विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।