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'बाबरी पर आंसू बहाने वालों को अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं', प्रतापगढ़ में विपक्ष पर योगी का तीखा हमला, आस्था और वक्फ को लेकर साधा निशाना

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए अयोध्या, राम मंदिर और वक्फ कानून जैसे मुद्दों पर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर अलग रुख अपनाते रहे, वे अब हिंदुओं की आस्था का हवाला देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ऐसे दोहरे रवैये को भलीभांति समझती है और समय आने पर उसका जवाब भी देती है।

उन्होंने राम मंदिर से जुड़े दान विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय को विपक्ष ने वास्तविक तथ्यों से अधिक राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के अनुसार अयोध्या का वर्तमान स्वरूप धार्मिक, सांस्कृतिक और आधारभूत विकास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि शहर में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर संपर्क व्यवस्था और तीर्थ विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुआ है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों के पास जनता के सामने रखने के लिए विकास का कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को जातीय आधार पर विभाजित करने और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप देने की कोशिश करता रहा है। उनके अनुसार लोकतांत्रिक राजनीति का आधार विकास, सुशासन और जनहित होना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करना।

अयोध्या और राम मंदिर के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले इन विषयों पर अलग दृष्टिकोण रखते थे, वे अब स्वयं को आस्था का समर्थक बताने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपने पुराने रुख और वर्तमान बयानों के बीच की विसंगतियों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता इतिहास और वर्तमान दोनों को याद रखती है।

अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने वक्फ कानून का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के समान अनुपालन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर सुधारात्मक कदम उठाए जाने पर विपक्ष अनावश्यक विरोध करता है, जबकि सुधारों का उद्देश्य आम लोगों के हितों की रक्षा करना होता है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राज्य सरकार विकास, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे राजनीतिक बयानों के बजाय सरकार के कार्यों और विकास योजनाओं के आधार पर निर्णय लें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में विकास, निवेश, धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रहे प्रयास आने वाले समय में राज्य की प्रगति को नई गति देंगे और जनता का विश्वास इसी प्रकार बना रहेगा।

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