टॉवर कूलर अपने स्लिम, मॉडर्न और स्पेस-सेविंग डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह खासतौर पर छोटे और मीडियम साइज के कमरों के लिए बनाया गया है। जिन घरों में जगह कम होती है, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह कम जगह घेरता है, आवाज भी बहुत कम करता है और बिजली की खपत भी कम होती है। इसके अलावा इसका स्टाइलिश लुक आधुनिक घरों के इंटीरियर से आसानी से मेल खा जाता है। हालांकि, इसकी सीमाएं भी हैं-इसकी पानी की टंकी छोटी होती है और बड़े कमरे में इसकी कूलिंग उतनी प्रभावी नहीं होती। साथ ही हवा का फैलाव भी सीमित रहता है।
वहीं डेजर्ट कूलर की बात करें तो यह खासतौर पर तेज गर्मी और बड़े स्पेस के लिए डिजाइन किया गया है। यह बड़े कमरों, हॉल और खुले स्थानों में शानदार कूलिंग देता है। इसकी बड़ी पानी की टंकी के कारण बार-बार पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती और यह हवा को दूर तक फैलाने में सक्षम होता है। यही कारण है कि उत्तर भारत जैसे गर्म और शुष्क इलाकों में यह काफी लोकप्रिय है। हालांकि, यह टॉवर कूलर के मुकाबले ज्यादा जगह घेरता है, आवाज भी अधिक करता है और बिजली की खपत भी थोड़ी ज्यादा होती है।
अब सवाल यह है कि आपके लिए कौन-सा कूलर बेहतर रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी तरह आपकी जरूरत और कमरे के आकार पर निर्भर करता है। अगर आपका कमरा छोटा है, आप कम आवाज और कम बिजली खर्च चाहते हैं, तो टॉवर कूलर आपके लिए सही रहेगा। वहीं अगर आपके पास बड़ा कमरा या हॉल है और आप तेज कूलिंग चाहते हैं, तो डेजर्ट कूलर बेहतर विकल्प साबित होगा।
गर्मी के इस मौसम में सही कूलर का चुनाव करना बेहद जरूरी है। सही विकल्प चुनकर आप कम बजट में भी काफी हद तक एसी जैसी ठंडक का अनुभव कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने कमरे का आकार, बजट और जरूरतों का सही आकलन जरूर करें।