यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मौजूद टूंडला रेलवे कॉलोनी में स्थित है. कहा जाता है कि यह प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तकरीबन 150 वर्ष पुराना है, जिसका जिक्र रेल मंत्रालय के दस्तावे परिवार का भी गहरा लगाव रहा है.
क्यों चर्च छोड़ हनुमान जी को चोला चढ़ाने लगे ब्रटिश अधिकारी?
इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी रोचक कथा ब्रटिश काल से जुड़ी है. अंग्रेजों के शासन काल में टूंडला रेलवे स्टेशन पर सोलोमन नामक एक ब्रटिश अधिकारी तैनात थे. स्थानीय श्रद्धालुओं और रेलकर्मचारियों की गहरी आस्था को देखते हुए उन्होंने मंदिर का जीर्णोद्धार कारवाया. स्थानीय लोग ऐसा मानते हैं कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान कुछ ऐसे अद्भुत चमत्कार हुए जिससे प्रभावित होकर ब्रटिश अधिकारी सोलोमन चर्च छोड़कर हनुमान जी के भक्त हो गए. हनुमान जी की भक्ति में लीन ब्रिटिश अधिकारी ने न सिर्फ सनातन धर्म को अपना लिया, बल्कि इस मंदिर में हनुमान जी को प्रतिदिन चोला चढ़ाने लगा. इतना नहीं, चोला चढ़ाने के साथ-साथ उस ब्रटिश अधिकारी ने नियमित रूप से पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी थी. देश जब आजाद हुआ तो उसके बाद सन् 1948 में यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर रेल मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों में भी शामिल हो गया.
पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी है हनुमान जी की सेवा
मान्यता है कि इस मंदिर में विराजमान हनुमान जी की सेवा का काम दशकों से एक ही परिवार संभाव रहा है. वर्ष 1951 में इस मंदिर में हनुमान जी की पूजा का काम पंडित जगदेव प्रसाद त्रिवेदी को दिया गया. जगदेव प्रसाद त्रिवेदी के देहावसान के बाद पंडित रामस्वरूप त्रिवेदी ने हनुमान जी की सेवा का संकल्प लिया और फिर इस वक्त उनके पुत्र पंडित अरुण त्रिवेदी पूरे सेवाभाव के साथ इस मंदिर के प्रधान पुजारी हैं.
इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशहूर अभिनेता राज बब्बर के पिता कौशल बब्बर ने भी कई सालों तक इस मंदिर में निःस्वार्थ भाव से हनुमान जी की सेवा की थी. इतना ही नहीं, कहा जाता है कि खुद राज बब्बर भी कई बार इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ा चुके हैं. इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि वर्तमान में केंद्र सरकार में ऊर्जा सलाहकार व बीजेपी के प्रवक्ता नरेंद्र तनेजा ने भी लगातार 10 वर्षों तक इस हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाया.
इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी खास बात यह है कि पर चोला चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण हो जाती है. कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ाने से लिए विदेशों से भी लोग आते हैं.