निर्णायक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक और लड़खड़ाती हुई रही। पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल रहे शाहीन अफरीदी ने मैच के पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज मैथ्यू शॉट को पवेलियन का रास्ता दिखाकर कंगारू टीम को पहला बड़ा झटका दिया। इसके बाद जोश इंग्लिस ने एक छोर संभालकर पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का ठोस सहयोग नहीं मिल सका।
मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने क्रीज पर टिकने के लिए 30 से अधिक गेंदों का सामना जरूर किया, मगर दोनों में से कोई भी खिलाड़ी 20 रन के निजी आंकड़े को पार करने में पूरी तरह असफल रहा। लगातार गिरते विकेटों के बीच कप्तान जोश इंग्लिस पर रन गति बढ़ाने का भारी दबाव था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हुए 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, जो अंततः ऑस्ट्रेलियाई पारी का एकमात्र बड़ा स्कोर साबित हुई।
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 27वें ओवर की पहली गेंद पर आया जब शाहीन अफरीदी ने अर्धशतक जमा चुके जोश इंग्लिस को आउट कर पवेलियन भेजा। इस विकेट के गिरते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक समय 3 विकेट पर 119 रन बनाकर सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 157 रनों पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने आखिरी 7 विकेट महज 38 रनों के भीतर गंवा दिए और पूरी टीम 42 ओवरों में ही सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत संतुलित रही। सलामी बल्लेबाज माज सदाकत ने 26 रनों का योगदान दिया, जबकि साहिबजादा फरहान केवल 6 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। लाहौर की धीमी पिच पर 158 रनों का यह छोटा लक्ष्य भी ट्रिकी नजर आ रहा था, लेकिन पूर्व कप्तान बाबर आजम ने बेहतरीन खेल कौशल और संयम का परिचय दिया। बाबर आजम ने 84 गेंदों का सामना करते हुए सूझबूझ से भरी 40 रनों की पारी खेली, जिससे टीम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच सकी।
मैच में एक समय रोमांच तब बढ़ गया जब 112 के कुल योग पर बाबर आजम आउट हो गए और पाकिस्तानी खेमे में भी मध्यक्रम के ढहने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, अनुभवी ऑलराउंडर शादाब खान ने परिस्थितियों को संभाला और 42 गेंदों पर धैर्यपूर्ण 29 रन बनाकर 42वें ओवर में पाकिस्तान को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। सांख्यिकीय और रणनीतिक रूप से यह पाकिस्तान की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है, जिसने पाकिस्तानी टीम के मनोबल को एक नई ऊंचाई दी है।