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NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग


इंदौर । इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल या बड़े संगठन के बजाय आम लोगों का सहयोग मिल रहा है। धरना स्थल पर टेंट, गद्दे, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। कई युवा अपनी रोज की कमाई का हिस्सा भी आंदोलन के लिए दे रहे हैं ताकि प्रदर्शन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया था तब उनके पास बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं थी। शुरुआती दिनों में बारिश से बचने के लिए उन्हें अपने बैठने वाले गद्दों को ही ओढ़ना पड़ा। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद धरना स्थल पर टेंट, गद्दे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी 23 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर मौजूद पवन अहिरवार और अरुण बड़ोले ने बताया कि रोजाना टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 1500 रुपये खर्च होते हैं। यह राशि आम नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग से जुटाई जा रही है। इसके लिए धरना स्थल पर सहयोग पेटी भी रखी गई है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कई छात्र स्वयं लोगों से संपर्क कर आंदोलन के लिए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।

इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पेशे से ड्राइवर दिनेश वास्कले ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और वे नहीं चाहते कि भविष्य में उन्हें भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़े। उन्होंने अपना जन्मदिन भी धरना स्थल पर मनाया और उस दिन सभी छात्रों के भोजन की व्यवस्था की। वहीं डिलीवरी बॉय चंदन मोवेल ने कहा कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा आंदोलन के लिए नियमित रूप से दे रहे हैं। इसी तरह कई अन्य युवाओं ने भी छात्रों के समर्थन में आर्थिक सहयोग दिया है।

धरने में शामिल छात्रों के अनुसार रात के समय भी 15 से 20 छात्र लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहते हैं, जबकि सुबह और शाम करीब 100 छात्र आंदोलन में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों पर चर्चा करने नहीं पहुंचा है।

एलएलएम के छात्र अनिल विद्याराणा ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कई संगठन धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

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