HIGHLIGHTS:
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विजयपुर विधायक के निर्वाचन को शून्य घोषित करने पर सियासत तेज
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कांग्रेस ने कहा- फैसले को सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती
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उमंग सिंघार ने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में देरी पर सरकार को घेरा
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गैस सिलेंडर और महंगाई को लेकर भी उठाए सवाल
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भाजपा ने कहा- कांग्रेस को अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए

VIJAYPUR SEAT CONTRONVERSY: श्योपुर। मध्य प्रदेश में जीतू पटवारी और उमंग सिंगर ने विजयपुर विधायक के निर्वाचन को शून्य घोषित किए जाने के फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। बता दें कि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस न्यायपालिका का सम्मान करती है, लेकिन पार्टी को भरोसा है कि सर्वोच्च न्यायालय में न्याय मिलेगा।साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे यह स्वीकार नहीं हो रहा कि एक आदिवासी नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गया।
निर्मला सप्रे के मामले का भी उठाया मुद्दा
पटवारी ने विधायक निर्मला सप्रे के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा में हिम्मत है तो उस मामले में भी निर्णय कराकर दिखाए।
आदिवासी विधायक श्री मुकेश मल्होत्रा जी सामान्य सीट से जीतकर आते हैं तो भाजपा को यह बिल्कुल नागवार गुजरता है।
हम आज ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे और क़ानूनी रूप से कांग्रेस का विधायक बनवाएँगे। pic.twitter.com/JGiJVAybxO
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) March 10, 2026
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में देरी पर सवाल
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सूचना आयोग में खाली पदों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति लंबे समय से लंबित है और सरकार इस मामले में बेहद धीमी गति से काम कर रही है।
सिंघार ने कहा कि इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है और जल्द दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
महंगाई और गैस सिलेंडर पर भी सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार हर मुद्दे पर देर से निर्णय लेती है और जनता को राहत देने के बजाय केवल अपना खजाना भरने में लगी है।
भाजपा ने दिया जवाब
कांग्रेस नेताओं के बयानों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करना चाहिए और अदालत के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि न्यायालय के फैसले पर अनावश्यक टिप्पणी करना कांग्रेस नेताओं की अज्ञानता को दर्शाता है।