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छुट्टी कैंसिल तो GenZ का काउंटर अटैक! एयरपोर्ट से बोलीं अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप


नई दिल्ली । कल्पना कीजिए आप बोर्डिंग गेट पर खड़े हों बैग पैक हो चुका हो दोस्त डेस्टिनेशन पर पहुंच चुके हों और तभी फोन पर मैसेज आए कि आपकी छुट्टी रद्द कर दी गई है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में लोग या तो गुस्से में कॉल मिलाते हैं या मैनेजर से बहस कर समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक GenZ कर्मचारी ने इस पूरे मामले को अलग ही अंदाज में संभाला। बहस करने के बजाय उन्होंने एयरपोर्ट से ही वीडियो रिकॉर्ड किया और साफ शब्दों में कहा अब मेरा लैपटॉप 10 दिन बाद ही खुलेगा। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और वर्क-लाइफ बैलेंस पर नई बहस छेड़ चुका है।

पहले से दी थी सूचना फिर भी रद्द हुई छुट्टी

वायरल वीडियो में सिमरन नाम की कर्मचारी एयरपोर्ट से अपनी बात रखती नजर आती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने 22 जनवरी को ही अपने मैनेजर को सूचित कर दिया था कि 19 फरवरी से वह वियतनाम यात्रा पर रहेंगी। उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई गई। टिकट बुक हो चुकी थी दोस्त पहले ही पहुंच चुके थे और वह खुद फ्लाइट पकड़ने के लिए तैयार थीं। तभी आखिरी समय पर मैसेज आया कि उनकी छुट्टी कैंसिल कर दी गई है।

सिमरन ने वीडियो में स्पष्ट कहा कि वह काम इसलिए करती हैं ताकि जिंदगी को खुलकर जी सकें। उनका बयान मैं सिर्फ काम करने के लिए नहीं कमाती मैं अपनी आजादी महसूस करने के लिए कमाती हूं कई युवाओं को छू गया। उन्होंने अपने माता-पिता से मिली आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि जब परिवार ने भरोसा दिया है तो वह बेवजह डरकर अपने प्लान नहीं बदलेंगी। उनके शब्द मैनेजर हैं मैनेजर ही रहेंगे… क्या अब उनसे भी डरूं? सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। एक पक्ष का कहना है कि नौकरी में प्रोफेशनलिज्म और जिम्मेदारी सर्वोपरि होती है। अगर कंपनी को जरूरत हो तो कर्मचारी को सहयोग करना चाहिए। वहीं दूसरा पक्ष मानता है कि अगर छुट्टी पहले से स्वीकृत थी या समय रहते सूचना दी गई थी तो आखिरी वक्त पर बदलाव करना अनुचित है।

कई यूजर्स ने लिखा कि GenZ अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है और मी टाइम को महत्व देना सीख चुका है। वहीं कुछ लोगों ने इसे कम्युनिकेशन गैप बताया संभव है कि छुट्टी की औपचारिक मंजूरी स्पष्ट न हुई हो या टीम में समन्वय की कमी रही हो।

बदलती कार्यसंस्कृति की झलक

यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो भर नहीं है बल्कि बदलती कार्यसंस्कृति की झलक भी दिखाती है। नई पीढ़ी जहां काम के प्रति प्रतिबद्ध है वहीं वह मानसिक संतुलन और निजी जीवन को भी बराबर महत्व देती है। कंपनियों के लिए भी यह संकेत है कि पारदर्शी संवाद और स्पष्ट छुट्टी नीति कितनी जरूरी है।

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