World Cancer Day 2026: मध्यप्रदेश। भारत में कैंसर एक गंभीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। हर दिन देश में 4,000 से ज्यादा लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। आज World Cancer Day के मौके पर सामने आए आंकड़े इस बीमारी की भयावह तस्वीर दिखाते हैं। कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि लाखों भारतीय परिवारों की रोज़ की लड़ाई बन चुका है।
हर साल बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने 2025 तक भारत में कैंसर के मामलों में 2020 की तुलना में 12.8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावनाएं जताई थी , हालाँकि अभी तक ये आकड़ा सामने नहीं आया है। इससे पहले साल 2024 में देश में कैंसर के 15 लाख 33 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए थे।

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो

इन आंकड़ों से साफ है कि भारत में हर साल औसतन 30 से 35 हजार नए कैंसर मरीज बढ़ रहे हैं।
भारत में सबसे ज्यादा कौन-सा कैंसर होता है?
आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम कैंसर है। वहीं पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाता है, जिसकी सबसे बड़ी वजह तंबाकू, गुटखा और पान मसाले का बढ़ता सेवन है।
इसके अलावा फेफड़ों का कैंसर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह धूम्रपान और बढ़ता वायु प्रदूषण मानी जा रही है। वहीं सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर और लिवर कैंसर भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।
इन राज्यों में कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा कैंसर मामलों वाला राज्य बन चुका है। इसके बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे बड़े राज्य कैंसर के मामलों में टॉप पर हैं।
बड़े शहरों में भी बढ़ रहा खतरा
शहरों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां साल 2024 में 28 हजार से ज्यादा कैंसर के मामले सामने आए। इसके अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में भी कैंसर के केस लगातार बढ़ रहे हैं।