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नस काटने के बाद भी नहीं मिला न्याय, युवक ने जहर खाकर दी जान देने की कोशिश


मध्यप्रदेश । रीवा में एक सरकारी शिक्षक द्वारा दो दिन के भीतर दूसरी बार आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अनिल कुमार तिवारी ने पहले अपनी कलाई की नस काटी और फिर कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर जहर खा लिया। फिलहाल उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति नाजुक बता रहे हैं।

होश आने पर पूछा- “क्या किसी ने मेरी फरियाद सुनी?”
परिजनों के मुताबिक 21 मई को आत्महत्या की पहली कोशिश के बाद जब शिक्षक को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बेटे से पूछा कि क्या आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई? जब उन्हें पता चला कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, तो वे पूरी तरह टूट गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने दोबारा जहरीला पदार्थ खा लिया।

टीआई और पत्रकार पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम राइज स्कूल लालगांव में पदस्थ शिक्षक ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में हितेंद्र शर्मा और निशांत मिश्रा उर्फ अंकित को अपनी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार बताया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी 28 साल की साफ-सुथरी नौकरी पर दाग लगाने की कोशिश की गई। सुसाइड नोट में उन्होंने कॉल डिटेल जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाई जाए।

पेड़ काटने के विवाद से शुरू हुआ मामला
शिक्षक के बेटे के अनुसार पूरा विवाद एक हरे-भरे पेड़ को काटने से शुरू हुआ। आरोप है कि पड़ोसी परिवार ने उनकी जमीन पर लगा पेड़ काट दिया था। विरोध करने पर शिक्षक और परिवार को धमकियां दी गईं और बाद में पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया। परिजनों का कहना है कि इसी तनाव और अपमान के कारण शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए।

परिवार बोला- “अब पूरा सिस्टम जिम्मेदार”
शिक्षक की बेटी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि परिवार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाता रहा लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि एक ईमानदार व्यक्ति को सिस्टम ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने मौत का रास्ता चुन लिया। परिवार ने मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

 पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में गुरुकरण सिंह ने कहा कि परिवार की शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

रीवा का यह मामला केवल एक शिक्षक की आत्महत्या की कोशिश नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, पुलिस कार्रवाई और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर सवालों को भी सामने ला रहा है। अब सबकी नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

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