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BHIND NEWS: भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा

  BHIND NEWS: भिंड । मध्य प्रदेश जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक सर्व समाज बैठक में ब्राह्मण क्षत्रिय तथा अन्य समाजों के ग्रामीणों ने जाटव समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम 17 फरवरी को दर्ज हुई एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत FIR और कथित रूप से कुछआपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया गया है। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक साथ शपथ ली कि वे अब जाटव समाज के साथ कोई सामाजिक मेल-जोल नहीं रखेंगे जिसमें घर-आना-जाना किसी प्रकार का सामाजिक संबंध और खेतों-कामकाज से जुड़े संपर्क भी शामिल है। स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में सुबह करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे तक चली बैठक में ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के अलावा अन्य जाति-समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज तथा मन्वाद को लेकर विरोध जताया है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है। GUNA CONGRESS PROTES: विजयवर्गीय के बयान से गरमाई राजनीति, गुना में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन ग्रामीणों ने बैठक के दौरान सामूहिक शपथ ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक और पारिवारिक संपर्क समाप्त करेंगे। इस शपथ के तहत शामिल है उनके घरों में आना-जाना बंद करना रिश्तेदारी तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग न लेना तथा खेती-बाड़ी या कामकाज से जुड़े किसी भी संपर्क को तोड़ देना। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह विरोध 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट FIR के खिलाफ आयोजित किया गया है जिसे वे एकतरफा कार्रवाई और गांव के सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाला मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे भी सामूहिक निर्णय लिए जा सकते हैं। स्याह-गहरे सामाजिक तनाव के बीच यह घटना उस प्रकार की दूसरी बार सामने आई है जब गाँव में सार्वजनिक विरोध और शपथ कार्यक्रम हुआ है। इससे पहले भी किसी विवाद के बाद स्थानीय समाज ने जाटव समुदाय के खिलाफ बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि एसे सामाजिक बहिष्कार के निर्णय का कानूनी और सामाजिक प्रभाव स्थानीय समुदाय के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है और इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों तथा पुलिस की निगाह बनी हुई है।

 MORENA CRIMES: मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक

 MORENA CRIMES: मुरैना मध्यप्रदेशजिले के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड के बाहर बनाए गए प्रतीक्षालय में एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। यह शव गुरुवार शाम लगभग 7 बजे तब मिला जब भर्ती मरीजों के अटेंडर खाने के लिए प्रतीक्षालय आए और वहाँ पड़े शव को देखा। सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया और शव को अस्पताल की मोर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया। TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर पुलिस ने शव की प्राथमिक तलाशी में मतदान नहीं मिलने के बावजूद उसकी जेब से तीन रोटियाँ, दो हरी मिर्च और थोड़ा नमक बरामद किया है, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। मृतक के कपड़े साफ-सुथरे मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी अच्छे घर से आता हो सकता है। मारे गए व्यक्ति की उम्र लगभग 50-52 वर्ष के बीच लगाई जा रही है। पुलिस चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शव को नियम के अनुसार तीन दिनों तक मोर्च्यूरी में रखा जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। निर्धारित समय में अगर कोई परिचित या परिजन सामने नहीं आता है तो कानून के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहचान कराने में मदद के लिए अस्पताल चौकी, कोतवाली थाना और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति जिसे जानकारी हो, वह पुलिस को फोन पर सूचित कर सके। पुलिस लगातार आसपास के सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल परिसर के आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल सुरक्षा की दृष्टि से यह मामला गंभीर है क्योंकि किसी व्यक्ति का आकस्मिक रूप से प्रतीक्षालय में शव मिलना सामान्य नहीं माना जाता। मृतक कैसे और कब यहाँ पहुँचा, यह भी पुलिस की जांच का हिस्सा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित या परिवार का सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है और इस विवरण से मिलता-जुलता है तो वह जल्द से जल्द जानकारी साझा करें, जिससे मृतक की पहचान जल्द हो सके और परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके।

GUNA CRIMES: जहरीला पदार्थ खाने से नवविवाहिता की मौत, मायकेवालों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप

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HIGHLIGHTS: आरोन क्षेत्र की नवविवाहिता की संदिग्ध मौत गुना ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम पति पर मारपीट और जहर खिलाने का आरोप ससुराल पक्ष अस्पताल में छोड़कर भागने का आरोप पुलिस जांच जारी GUNA CRIMES: ग्वालियर। गुना में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मायके पक्ष ने पति पर मारपीट कर जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान तीन साल पहले हुई थी शादी जानकारी के अनुसार 35 साल की गुलाब बाई बोर्डीसर अमरपुरा में रहती थी और उनकी शादी तीन साल पहले मोहन बंजारा से हुई थी। दंपत्ति की दो साल की एक बेटी भी है। बताया जा रहा है कि, गुरुवार शाम गुलाब बाई ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल में छोड़कर भागे ससुराल वाले स्थिति गंभीर होने पर ससुराल पक्ष उसे आरोन अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन, आरोप है कि ससुराल वाले उसे जिला अस्पताल लाने के बजाय अस्पताल में ही छोड़कर फरार हो गए। भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता इसके बाद मायके पक्ष के लोग आरोन पहुंचे और उसे जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए। इसी दौरान, गुना पहुंचने से पहले ही उसकी रास्ते में मौत हो गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पति पर मारपीट और जहर खिलाने का आरोप मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था। कई बार, पंचायत में समझौता भी हुआ, लेकिन पति के व्यवहार में सुधार नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन भी पति शराब के नशे में आया और मारपीट के बाद उसे जबरन जहर खिला दिया। सूत्रों की माने तो शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलाहल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे

Kailash Vijayvargiya: सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान

Kailash Vijayvargiya: भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान आज फिर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माफी मांगने के बाद भी विजयवर्गीय ने अपने तेवर में नरमी नहीं दिखाई और मीडिया से बातचीत में कहा कप्तान है वो तो यार माफी मांगी तो क्या हो गया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Narmadapuram News: नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे दरअसल बजट सत्र के चौथे दिन भागीरथपुरा दूषित पानी और मौतों के मामले पर जब विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस के दौरान विजयवर्गीय ने असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए उमंग सिंघार को औकात में रहो कह दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने खेद जताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जिससे सदन की गरिमा को बनाए रखने की अपील की गई। हालांकि विजयवर्गीय के तेवर इसके बावजूद नरम नहीं पड़े। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार सी प्रतिक्रिया भी दी। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पलटवार किया और कहा कि वह अपनी औकात जनता की सेवा करने और उनके सवालों को उठाने में ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष गंभीर मुद्दों जैसे भागीरथपुरा मौतों या अडानी ग्रुप के साथ समझौते पर चर्चा करता है तो इसका जवाब इस तरह के बयान से नहीं दिया जाना चाहिए। Narmadapuram News: नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे वहीं युवा कांग्रेस ने दोषी मंत्री के बयान के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है और आज उनके बंगले के बाहर घेराव कार्यक्रम होगा जिसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बीजेपी शासन के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी विधायक ने कहा कि विपक्ष के लोग मुट्ठी भर हैं और उनका मोर्चा छोटा है जबकि उनकी पार्टी का मोर्चा बड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले बदतमीजी की थी और इसलिए पूरा विपक्ष माफी मांगे। इस पूरे विवाद ने विधानसभा सत्र को गर्मा‑गर्म बहस और सियासी टकराव का केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री की माफी के बावजूद मंत्री का बयान सियासी कारवाई और विरोध प्रदर्शन का विषय बन गया है जिससे सदन और बाहर दोनों जगह राजनीति गरमाई हुई है।

Femina Miss India 2026: भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता

  Femina Miss India 2026: भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐतिहासिक और रोमांचक शाम देखने को मिली जब फेमिना मिस इंडिया2026 का राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले पहली बार आयोजित हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 फरवरी 2026 को मिंटो हॉल में आयोजित हुई जिसमें पूरे प्रदेश से चयनित 16 प्रतिभागियों ने अपने हुनर आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी से मुक़ाबला किया। इस पहले आयोजन से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इस ग्लैमरस प्रतियोगिता में सिवनी जिले की धनुश्री चौहान ने शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। धनुश्री ने अपनी ग्रेस बुद्धिमत्ता और आकर्षक पर्सनैलिटी के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रदेश की प्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने कहा है कि वह न केवल भोपाल या मध्यप्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगी। इस आयोजन की खास बात थी इसकी थीम सस्टेनेबिलिटी फर्स्ट ज़ीरो वेस्ट इवेंट सका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक साफसुथरा जिम्मेदार कार्यक्रम पेश करना था। इस थीम के अंतर्गत कार्यक्रम में कमी से कम बर्बादी करने और इकोफ्रेंडली प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया गया जो femina ब्रांड की नई दिशा को दर्शाता है। प्रतियोगिता में प्रारंभिक राउंड के लिए लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। विभिन्न राउंड के बाद श्रेष्ठ 16 को चुना गया और उन्होंने रैंप वॉक पब्लिक स्पीकिंग और टैलेंट राउंड में हिस्सा लिया। निर्णायकों ने उनकी प्रतिभा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के आधार पर विजेता का चयन किया। इस कार्यक्रम में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड2024 की विजेता और खुद मध्यप्रदेश की बेटी निकिता पोरवाल नई विजेता धनुश्री को ताज पहनाया। यह पल स्थानीय युवाओं के लिए गर्व का क्षण था क्योंकि प्रदेश की बेटी ने अपने काम और प्रतिभा से यह प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया। धनुश्री की यह विजय सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है जो साबित करती है कि मेहनत आत्मविश्वास और समर्पण के साथ सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। इस प्रतिस्पर्धा से मध्यप्रदेश की युवा प्रतिभाओं को ब्यूटी टैलेंट और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच मिला है। अब धनुश्री चौहान राष्ट्रीय स्तर पर Femina Miss India 2026 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी जहां वे देश भर की अन्य राज्य विजेताओं के साथ मुकाबला करेंगी और भारत के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करेंगी।

MP BUDGET SESSION: मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र2026: भागीरथपुरा दूषित पानी मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा, सियासी गरमाहट जारी

  MP BUDGET SESSION: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र दौरान आज सदन में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल और उससे हुए लोगों की मौत का मामला फिर से चर्चा में है। यह मुद्दा पहले भी बजट सत्र के दौरान उठाया जा चुका है और विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर विस्तृत बहस की मांग कर रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हुईं और कई की मौत भी हुई जिससे स्थानीय लोग और विपक्ष दोनों ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखेंगे। इस मुद्दे पर विपक्ष ने पहले भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और संसद में इसे गंभीर विषय के रूप में उठाया। विपक्ष का आरोप है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की आपूर्ति से बच्चों और बड़ों समेत अनेक लोगों को एक्यूट डायरिया जैसी बीमारी हुई जिसके चलते कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है और कई दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती रहे। कांग्रेस ने इसे सिस्टम की विफलता बताया और इसके लिए मंत्रियों की इस्तीफा की मांग भी की। Narmadapuram News: नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे सांसदों ने कहा कि दूषित पानी मामले को विस आवाज़ में उठाने के लिए स्थगन प्रस्ताव जरूरी है ताकि पूरे मुद्दे पर विस्तार से बहस हो और जवाबदेही तय की जा सके। विपक्ष ने तर्क दिया कि सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया और पीड़ितों को दी गई मुआवजे की राशि अपर्याप्त है जबकि जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सरकार की ओर से जवाब में कहा गया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। स्वास्थ्य और नगर प्रशासन विभागों ने घटनास्थल पर कार्यवाही की है और दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मामला राजनीति से ऊपर है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने सहित राहत कार्य किये जा रहे हैं। सदन में इस मुद्दे को लेकर कई बार कार्यवाही स्थगित भी हुई क्योंकि विपक्ष ने इसे व्यापक रूप से उठाने की मांग की है। कांग्रेस ने दावा किया कि दूषित पानी से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज़्यादा हो सकती है और सरकार की जवाबदेही तय किये बिना इस मुद्दे पर आगे नहीं बढ़ा जाये। भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता राज्यसभा में नेताओं ने जोर देकर कहा है कि सदी में स्वच्छ भारत की बात करते हुए यदि नागरिकों को सुरक्षित पीने का पानी न मिल रहा हो तो यह गंभीर समस्या है जिसे जल्द ही नीति स्तर पर भी संबोधित किया जाना चाहिए। स्थगन प्रस्ताव पर आज होने वाली चर्चा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Narmadapuram News: नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे

  Narmadapuram News: नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम होशंगाबाद में डोलरिया के एक शासकीय कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में नया मोड़ सामने आया है। पहले प्राचार्य से लगभग ₹1 करोड़ 4 लाख की ठगी का केस सामने आया था जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब एक और व्यक्ति पीड़ित बनकर थाने पहुंचा है और उसने भी आरोप लगाया है कि इसी आरोपी ने उससे ₹15 लाख ग़लत ढंग से लेकर ठगी की है। पहले मामले में प्राचार्य राकेश कुमार वर्मा को उनके ही ड्राइवर अंकित शर्मा ने गड़ी पड़ी सोने की पोटली का झांसा देकर झांसा दिया था। आरोपी ने कहा कि प्राचार्य के घर के नीचे जमीन में सोना दफन है जिससे वह डर गया और आरोपी को नकद ट्रांजैक्शन और गोल्ड लोन के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपए दे दिए। बाद में पता चलने पर प्राचार्य ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता अब एक नया पीड़ित अमित तिवारी पुलिस स्टेशन पहुंचा है और उसने बताया कि आरोपी ने पहले उसके साथ दोस्ती बढ़ाई फिर उसे अपना जीजा बताया और धीरे-धीरे ₹15 लाख ऐंठ लिए। उसने कहा कि आरोपी ने उसे एक बॉक्स दिखाया जिसमें उसने सोना होने का झांसा दिया लेकिन असल में उस बॉक्स में सिर्फ लोहे के टुकड़े थे जिन पर सोने जैसा रंग और सिंदूर लगा था। इसी लालच में तिवारी ने करीब ₹10 लाख का लोन लिया कुछ नकद दिए और अपनी गाड़ी बेचकर बाकी रकम दी। तिवारी ने बताया कि आरोपी का तौर-तरीका यही था कि पहले रिश्ता बनाता फिर पैसे उधार लेता और फिर लालच देकर वापस लेता रहता था। उसने कहा कि आरोपी की पत्नी और मां भी इस ठगी में शामिल थी और उन्होंने सहायता का भरोसा दिलाया कि सोना बेचकर पैसे लौटाए जाएंगे।थाना प्रभारी कंचन ठाकुर ने पुष्टि की है कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया गया था और उसके कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन एक बुलेट मोटरसाइकिल लगभग 30 ग्राम सोना और कुछ नकद पैसे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को गोल्ड के लालच में पैसे ऐंठ कर फिर उन्हें धोखा देता था। इसके अलावा उसने धोखाधड़ी से प्राप्त पैसों से कुछ प्रॉपर्टी भी खरीदी थी जिनके दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। अब पुलिस तिवारी की शिकायत पर भी जांच कर रही है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कैसे लालच और धोखे की साजिश में लोग आसानी से फँस सकते हैं चाहे वे शिक्षित हों या साबित पद पर हों और किस प्रकार अपराधी अपनी चालाकी से बड़ा आर्थिक नुकसान करवा देते हैं।

CM MOHAN YADAV: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद होने पर उठे सवाल पर सरकार को किया ज़िम्मेदार सर्वे और मुआवजे का आश्वासन

  CM MOHAN YADAV: भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अचानक बदला मौसम किसानों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते राज्य के कई जिलों में गेहूं चना लहसुन समेत कई रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है जिससे अन्नदाताओं में भारी मायूसी और परेशानी का माहौल है। समस्या इतनी गंभीर हो गई कि इसे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी उठाया गया। उज्जैन जिले में लगातार दूसरे दिन बारिश ने तबाही मचाई। नागदा खाचरोद उन्हेल और महिदपुर तहसीलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। पारा गिरने और मौसम में बदलाव के कारण किसानों के चेहरे पर निराशा साफ़ देखी जा रही है। रतलाम धार और शुजालपुर सहित अन्य जिलों में भी फसलें बर्बाद हुई हैं। रतलाम में कृषि क्षेत्र में लगभग 50% के आसपास नुकसान का अनुमान है जिसमें गेहूं चना और लहसुन शामिल हैं। नगरा और कांडरवासा जैसे इलाकों में किसान खासा प्रभावित हुए हैं। धार और शुजालपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अति बारिश के कारण गेहूं और अन्य रबी फसलें बुरी तरह खराब हो गई हैं। GUNA CRIMES: जहरीला पदार्थ खाने से नवविवाहिता की मौत, मायकेवालों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप इस गंभीर विषय को विधानसभा में भी उठाया गया। बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेशभर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और तुरंत सर्वे कर मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही सभी कलेक्टर्स को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं। सरकार ने कहा कि तहसीलदार और पटवारियों को खेतों में जाकर नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया गया है। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सर्वे के आधार पर मुआवजा राशि दी जाएगी जिसमें अगर नुकसान 50% से अधिक पाया जाता है तो 32 000 रुपये और 50% से कम होने पर 16 000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले भी सरकार ने सोयाबीन नुकसान पर 2 000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की थी। मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि 23–24 फरवरी को फिर बारिश हो सकती है जिससे पहले से ही क्षतिग्रस्त फसलों के लिए और जोखिम बढ़ सकता है। तेज हवाओं ओलावृष्टि और बरसात से खेतों में खड़ी फसलें दब गई हैं और कृषि उत्पादन पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। किसानों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि सर्वे में निष्पक्षता बरती जाए और उन्हें समय पर मुआवजा दिया जाए ताकि बेमौसम बारिश से हुई क्षति का आर्थिक बोझ कम हो सके। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं और जल्द रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया गया है। यह स्थिति यह भी दर्शाती है कि बदलते मौसम के पैटर्न से किसानों की खेती अहम है खासकर जब किसान पहले से ही मौसम-संवेदनशील खेती के दबाव में हैं।पर कितना सीधा प्रभाव पड़ता है और समय रहते राहत उपाय तथा सरकारी सहायता की आवश्यकता कितनी

CM MOHAN YADAV: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे। 20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। GUNA CRIMES: जहरीला पदार्थ खाने से नवविवाहिता की मौत, मायकेवालों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ।  मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत औरसंविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें। स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे। RICHA CHADDHA: ऋचा चड्ढा ने फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलने पर ट्रोल; रने वालों को करारा जवाब दिया बोलीं प्लीज कुछ बेहतर करें 20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ। मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत और संविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें। स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।

RICHA CHADDHA: ऋचा चड्ढा ने फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलने पर ट्रोल; रने वालों को करारा जवाब दिया बोलीं प्लीज कुछ बेहतर करें

  RICHA CHADDHA: नई दिल्ली । बॉलीवुड की बेबाक एक्ट्रेस Richa Chadha ने सोशल मीडिया पर ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है जिन्होंने हाल ही में इमैनुएल मैक्रों से उनकी मुलाकात पर नकारात्मक टिप्पणियाँ की थीं। ऋचा हमेशा ही अपने विचारों को स्पष्ट रूप से रखने के लिए जानी जाती हैं और इस बार भी उन्होंने बिना नाम लिए ट्रोलर्स को खरी-खोटी सुना दी। ऋचा चड्ढा हाल ही में मुंबई में एक इवेंट में फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलीं जहां कई बॉलीवुड सेलेब्स भी मौजूद थे। मैक्रों ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकारों को लेजेंड ऑफ इंडियन सिनेमा के रूप में संबोधित किया। ऋचा ने भी ये तस्वीरें अपने प्लेटफॉर्म पर साझा की थीं जिसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी मौजूदगी और राय पर सवाल उठाए। ट्रोल्स की प्रतिक्रियाओं के बीच ऋचा ने इंस्टाग्राम पर स्पष्ट संदेश साझा किया और कहा अगर किसी को किसी और से मिलने का निमंत्रण मिलने पर जलन से लूज मोशन होने लगता है तो याद रखें कि ईर्ष्या ठहराव की पहली निशानी है। बेहतर करें। अपनी ग्रोथ विकास पर ध्यान दें और आप देखेंगे कि बाकी लोग मायने नहीं रखते। इस जवाब में उन्होंने ट्रोलर्स को यह संदेश दिया कि दूसरों की उपलब्धियों से परेशान होने के बजाय खुद को बेहतर बनाने पर फोकस करें। ऋचा ने अपने सोशल पोस्ट में श्रीमैक्रों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी जताई थी। उन्होंने लिखा था कि मिस्टर प्रेजिडेंट के साथ मुलाकात करना अच्छा अनुभव रहा और इंडिपेंडेंट सिनेमा के भविष्य की दिशा में राष्ट्रपति के इंटरेस्ट को सराहा था।  ऋचा ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि यह मुलाकात फ्रांस और भारत के बीच सिनेमा और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से थी। उनके अनुसार दोनों देशों के सिनेमा के बीच तालमेल से इंडिपेंडेंट फिल्म निर्माण और वैश्विक पहुंच को बढ़ावा मिल सकता है। कुछ ट्रोलर्स ने ऋचा की आलोचना उनके राजनीतिक विचारों और मुखर प्रवृत्ति के कारण भी की थी लेकिन एक्ट्रेस ने हर तरह की आलोचना का सामना अलग अंदाज में किया और साफ संदेश दिया कि नकारात्मकता और जलन दूसरों की सफलता को नहीं बदल सकती।  ऋचा चड्ढा की प्रोफेशनल लाइफ भी काफी सक्रिय रही है। वह आखिरी बार फिल्म Girls Will Be Girls में नजर आईं और उन्होंने हीरामंडी: द डायमंड बाजार जैसे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। अब वह आगामी फिल्म अभी तो पार्टी शुरू हुई है में भी दिखाई देंगी।