KHANDWA CRIMES: पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त

KHANDWA CRIMES: खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात अवैध जुआ खेल रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पुलिस ने नगदी, तीन मोटरसाइकिल और दो कारें जब्त की हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,79,465 रुपए आंकी गई है। टीआई दिलीपसिंह देवड़ा को सूचना मिली कि खापरी गांव के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी मुख्यालय के मार्गदर्शन में टीम गठित कर दबिश दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पंचों के साथ घेराबंदी कर 9 लोगों को पकड़ा। सभी आरोपी और जब्त सामान विधिवत थाने लाए गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत अपराध क्रमांक 81/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपी: भूपेंद्र यादव (33), घुघरिया खेड़ी, थाना गोगावा दिलावर शाह (48), ग्राम टेमी कृष्णा सेन (40), ग्राम बगमार योगेंद्र राजावत (24), ग्राम जामली जितेंद्र पटेल (30), बगमार अक्तर खान (38), पंधाना सलीम खान (40), पंधाना वसीम (36), सिविल लाइन, खंडवा अशफाक खान (42), पंधाना मौके से जब्त सामान: नगदी: 24,465 रुपए 52 ताश के पत्ते मोटरसाइकिल MP-12-MW-9725 (करीब 20 हजार रुपए) मोटरसाइकिल MP-12-MW-6281 (करीब 15 हजार रुपए) मोटरसाइकिल MP-12-MW-7690 (करीब 20 हजार रुपए) टाटा कार MP-12-ZG-6502 (करीब 1.20 लाख रुपए) मारुति सुजुकी आर्टिगा MP-09-WD-8070 (करीब 1.80 लाख रुपए) पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और बाकी सहयोगियों की पहचान के लिए जांच बढ़ाई जा रही है।
MP Divyang Constable Recruitment: दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

MP Divyang Constable Recruitment: जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला और मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब 15 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। यह मामला करीब 22 हजार खाली पदों का है। कोर्ट ने 30 जनवरी 2024 को दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इसी संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रिक्त पद भरने के आदेश दिए थे। सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील शिवम त्रिपाठी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस बात का जायजा लेगा कि कितने पद भरे गए और किन कारणों से अभी तक रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। यह मामला दिव्यांगों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।
BHIND EMPLOYEES PROTEST: वेतन को लेकर NH-552 बाईपास पर काम ठप, चार माह से सैलरी न मिलने पर मजदूरों की हड़ताल

HIGHLIGHTS: चार माह से वेतन न मिलने पर मजदूरों की हड़ताल 200 से अधिक कर्मचारी धराई कार्यालय पर जुटे 21 किमी लंबी, 148.9 करोड़ की परियोजना प्रभावित मशीनें बंद, निर्माण कार्य पूरी तरह ठप प्रबंधन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन BHIND EMPLOYEES PROTEST: ग्वालियर। भिंड में नेशनल हाईवे-552 एक्सटेंशन बाईपास निर्माण कार्य शनिवार को वेतन विवाद के चलते ठप हो गया। उप निर्माण एजेंसी अवनटेक्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के करीब 200 से अधिक मजदूर और कर्मचारी धराई गांव स्थित प्रोजेक्ट कार्यालय पर एकत्रित हुए और हड़ताल कर दी। बताया जा रहा कि कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार माह से नियमित वेतन नहीं मिला है और त्योहारों का हवाला देकर प्रबंधन भुगतान टाल रहा है। Bolivia Plane Crash: बोलीविया में नोटों से भरा कार्गो विमान हुआ क्रैश, 15 लोगों की मौत… चार माह से लंबित वेतन मजदूरों का कहना है कि नवंबर से अब तक वेतन का नियमित भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद हर बार नई तारीख दे दी जाती है। उनका कहना है कि होली नजदीक आने पर उन्होंने एकमुश्त भुगतान की मांग तेज की, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। Global Economy: दुनिया पर कर्ज के बोझ बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा, US-चीन सबसे आगे 148.9 करोड़ की परियोजना करीब 21 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 148.9 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। टोंक (राजस्थान) से चिरगांव (उत्तर प्रदेश) तक बनने वाले इस बाईपास में 300 से 400 मजदूर कार्यरत हैं। हड़ताल के चलते मशीनें बंद रहीं और निर्माण पूरी तरह रुक गया। Mauritius Maldives dispute: मॉरीशस ने मालदीव के साथ तोड़े सभी राजनयिक रिश्ते, चागोस द्वीप विवाद बना वजह प्रबंधन का पक्ष कंपनी के जीएम आर.के. ठाकुर ने बताया कि उन्हें कर्मचारियों की नाराजगी की जानकारी मिली है और समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज मिश्रा ने वेतन वितरण में देरी स्वीकार करते हुए जल्द भुगतान का आश्वासन दिया। Madhya Pradesh High Court: आईटीएटी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती, छह विधिक प्रश्नों पर 10 मार्च को होगी सुनवाई पहले भी विवादों में परियोजना इससे पहले ग्रामीणों के विरोध और ओवरब्रिज पर गर्डर गिरने की घटना को लेकर भी एजेंसी चर्चा में रही है। गुणवत्ता और प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
KHANDWA ROAD ACCIDENT: खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव

KHANDWA ROAD ACCIDENT: खंडवा । पिपलोद खास बस स्टैंड के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें शिक्षक सोहन सिंह चौहान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक बस स्टैंड के टर्न पर पहुंचा तो ड्राइवर का स्टेयरिंग नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक सीधे रोड से उतरते हुए वहां बनी तीन दुकानों और एक पेड़ को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा। हादसे के समय ट्रक में रखी कपास की गठानें सड़क और फुटपाथ पर बिखर गईं। ट्रक के नीचे दबे शिक्षक का शव कई घंटे की मेहनत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ट्रक डेढ़ तलाई से इंदौर की ओर जा रहा था। हादसे में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं। शिक्षक सोहन सिंह चौहान अपने स्कूल के काम से इंदौर जाने के लिए घर से तड़के 3 बजे निकले थे। बस स्टैंड के मोड़ पर वह एक दुकान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। रेस्क्यू टीम ने ट्रक के नीचे फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला और आसपास बिखरी कपास की गठानें हटाई। हादसे ने इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
BADA TALAB ENCROACHMENT: बड़ा तालाब का खतरा एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में लाखों का अतिक्रमण

BADA TALAB ENCROACHMENT: भोपाल के बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के आसपास पिछले वर्षों में हुए अतिक्रमण का मामला फिर से सुर्खियों में है। अब तक के सर्वे में 153 झुग्गियां और पक्के मकान सामने आए हैं, जिनमें कुछ आलिशान घर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च 2022 के बाद तालाब के शहरी हिस्से में एफटीएल से 50 मीटर और ग्रामीण हिस्से में 250 मीटर के भीतर हुए सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस कार्रवाई का आधार वेटलैंड एक्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश हैं। सांसद Alok Sharma और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की फटकार के बाद सीमांकन और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद और बरखेड़ी खुर्द में 108 निर्माण मिले हैं। खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7 और कोहेफिजा में 35 मकान एफटीएल के दायरे में आते हैं। खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर भी कब्जा मिला। वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए गए। कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि होली से पहले तालाब के चारों ओर सीमांकन पूरा किया जाए। एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों की पहचान करनी होगी और दूषित करने वाले स्रोतों को चिन्हित किया जाएगा। वेटलैंड एक्ट लागू होने के बाद, एफटीएल के निर्धारित दायरे में बने सभी निर्माण बिना किसी अनुमति के अवैध होंगे। पुराने निर्माण के लिए संबंधित विभागों से अनुमति दस्तावेज मांगे जाएंगे। बड़ा तालाब का क्षेत्र पिछले दस साल में तीन बार सर्वे किया जा चुका है। 2016 में डीजीपीएस सर्वे में 38.72 वर्ग किमी क्षेत्र निर्धारित किया गया था, लेकिन रिपोर्ट कभी सामने नहीं आई। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुए सर्वे में भी मुनारों की गिनती और सीमा निर्धारण अधूरा रह गया। करीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से 386 घरों को हटाया गया था, लेकिन उसके बाद व्यापक अतिक्रमण रुक नहीं पाया। भोपाल सांसद अलोक शर्मा ने तालाब के लिए मास्टर प्लान बनाने की भी पैरवी की, जिससे तालाब और उसके कैचमेंट एरिया को सुरक्षित किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के भीतर निर्माण नहीं होना चाहिए। लेकिन बीते वर्षों में सैकड़ों निर्माण एफटीएल से सटकर बन गए हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर में फार्म हाउस, रिसॉर्ट और मैरिज गार्डन भी तालाब के बीच बन गए हैं। सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब बिना किसी विलंब के अतिक्रमण हटाने और सीमांकन की ठोस कार्रवाई की जाएगी। यह कदम बड़ा तालाब और भोपाल शहर की जलधारा और पर्यावरण सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
INDORE CRIMES: इंदौर चोरी कांड का खुलासा 60 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का भतीजा निकला

INDORE CRIMES: इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपये की नकदी और गहनों की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का ही भतीजा निकला है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई, लेकिन चोरी का पूरा माल अभी बरामद नहीं हुआ है।दंपती के भतीजे रोहित उर्फ गोलू को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने दोस्त लक्की बोरासी और सुधांशु प्रजापत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इनके अलावा एक और साथी भी शामिल था। चोरी के बाद यह साथी जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया, इसलिए गोलू के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई। पुलिस ने राजस्थान में भी जांच की, क्योंकि गोलू ने आरोपियों के वहां जाने की बात बताई थी, लेकिन वहां भी आरोपी नहीं मिले। चोरी 7 फरवरी को डागर मोहल्ले के बाणेश्वरी कुंड के पास स्थित मकान में हुई थी। मकान मालिक विनोद यादव और उनकी पत्नी मनीषा वैष्णो देवी उस समय घर पर नहीं थे। जब वे लौटे तो चोरी का पता चला। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दो चोर घर में दाखिल दिखे जबकि गोलू बाहर खड़ा था। पुलिस ने फुटेज और हुलिए के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि चोरी से कुछ दिन पहले और बाद में गोलू, लक्की और सुधांशु लगातार मोबाइल पर संपर्क में थे। उन्होंने चोरी से पहले एक-दूसरे को मैसेज कर बाहर बुलाया था। चोरी के बाद सुधांशु, लक्की और उनका साथी बिना गोलू को हिस्सा दिए फरार हो गए। डर के कारण गोलू ने किसी को कुछ नहीं बताया। घटना की रात वह देर तक गली में घूमता नजर आया, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया। पुलिस ने बताया कि गोलू ने चाचा के लाखों के प्लॉट बेचने की जानकारी अपने दोस्तों को दी थी और इसी के आधार पर 6-7 फरवरी की रात चोरी की योजना बनाई गई। विनोद यादव ने रामनगर क्षेत्र में एक प्लॉट बेचा था और उस सौदे से मिले 35 लाख रुपये घर में रखे थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौके पर जांच जारी है और कुछ संदिग्धों की पहचान हो गई है। आरोपी और चोरी का माल ढूंढने के लिए कार्रवाई जारी है।
MP BUS STRIKE: होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल

MP BUS STRIKE: जबलपुर । मध्यप्रदेश में होली के त्यौहार से पहले बसों के पहिए थम सकते हैं। बस एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन ने यह कदम नई परिवहन नीति के विरोध में उठाया है। इसके कारण पूरे प्रदेश में त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन बाधित रहेगा, और यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं। बस एसोसिएशन का आरोप है कि नई नीति के तहत बसों का राष्ट्रीयकरण कर छोटे बस मालिकों को बाहर किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि नई पॉलिसी में परमिट का काम एक ही कंपनी को सौंपा जा रहा है और मल्टीनेशनल कंपनियों के आने से छोटे बस मालिक किराएदार बन जाएंगे। इसके अलावा, निजी बसों के परमिट रद्द कर उन्हें अनुबंध पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। बस मालिकों का आरोप है कि सरकार बस संचालकों का शोषण कर उन्हें कमजोर करने पर तुली है। नई परिवहन नीति में बस संचालन को पूरी तरह डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत रखा जाएगा। बसों में अतिरिक्त यात्रियों को बैठने पर पाबंदी रहेगी और ओवरलोडिंग रोकने के लिए चालान का प्रावधान होगा। नीति के अनुसार किसी भी रूट का किराया परिवहन विभाग तय करेगा और बस संचालन के दौरान सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा। बस मालिकों और सरकार के बीच विवाद के कारण होली पर यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। त्योहार के दौरान घर लौटने वाले लोग समय से पहले अपने यात्रा प्रबंध करने को मजबूर हैं, क्योंकि हड़ताल की अनिश्चित अवधि को देखते हुए बसों की उपलब्धता नहीं रहेगी।
DEHLI ROAD ACCIDENTS: दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित

DEHLI ROAD ACCIDENTS: नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में सड़क हादसों ने 2025 में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूजलेटर के अनुसार बीते साल 649 लोगों की मौत हुई और 1 738 लोग घायल हुए। इनमें पैदल यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि निजी कारों की चपेट में आने से 92 दोपहिया वाहनों से 75 और भारी वाहनों से 43 पैदल यात्रियों की मौत हुई। तेज रफ्तार लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित पारपथों की कमी हादसों के मुख्य कारण हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में 70 पुलिस कर्मियों और 200 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों और हेलमेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना था। अधिकारियों ने जोर दिया कि आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है। सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 में गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 42 945 चालान किए गए जो पिछले साल के 8 854 मामलों से कई गुना अधिक है। इनमें दोपहिया वाहन चालक सबसे आगे थे जिनके खिलाफ 30 224 चालान किए गए। जनवरी 2026 में पहली बार भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत 173 FIR दर्ज की गईं। इस धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की कैद या 1 000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन ज़ब्त किया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है। यह आंकड़े और उपाय दर्शाते हैं कि दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए केवल कानून नहीं बल्कि जागरूकता और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी है
Bolivia Plane Crash: बोलीविया में नोटों से भरा कार्गो विमान हुआ क्रैश, 15 लोगों की मौत…

Bolivia Plane Crash: ला पाज। बोलीविया (Bolivia) की राजधानी ला पाज (La Paz) के पास शुक्रवार को बड़ा विमान हादसा (Major Plane Crash) हो गया. नकदी से भरा एक कार्गो विमान (Cargo Plane) उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया. हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. फायर चीफ पावेल टोवर ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि मरने वाले लोग विमान में सवार थे या फिर हाईवे पर चल रहे वाहनों में मौजूद थे. विमान ला पाज़ एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था, तभी रनवे से फिसलकर एल आल्टो शहर की ओर बढ़ गया और सड़क पर चल रहे कई वाहनों से टकरा गया। प्लेन में किसके रुपये भरे थे? यह हरक्यूलिस विमान बोलीविया वायुसेना का था और सेंट्रल बैंक से नई छपी करेंसी देश के अन्य शहरों में ले जा रहा था. यानी यह बैंकों को मिलने वाला नोट था. टेकऑफ के तुरंत बाद विमान रनवे से फिसल गया और एल आल्टो शहर के पास हाईवे पर जा गिरा. हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद विमान में आग लग गई और सड़क पर मलबा बिखर गया. लेकिन इसी बीच एक और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया. विमान में मौजूद बड़ी मात्रा में नकदी सड़क पर बिखर गई। नोट बटोरने के लिए टूट पड़े लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग नोट बटोरने के लिए मौके पर टूट पड़े. कुछ लोग जलते मलबे के पास तक पहुंच गए. पुलिस दंगा-रोधी गियर में पहुंची और भीड़ को हटाने की कोशिश की. जहां एक ओर दमकलकर्मी आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे थे, वहीं दूसरी ओर कई लोग जमीन पर पड़े नोट समेटने में लगे थे. प्रशासन ने हादसे के बाद एयरपोर्ट से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दीं और जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी।
Global Economy: दुनिया पर कर्ज के बोझ बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा, US-चीन सबसे आगे

Global Economy: वॉशिंगटन। वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। वॉशिंगटन स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान Institute of International Finance (IIF) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक दुनिया का कुल कर्ज बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर (Record $348 trillion) तक पहुंच गया है। यह वृद्धि कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के बाद सबसे तेज मानी जा रही है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन का सबसे बड़ा योगदान रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और चीन के तेजी से कर्ज बढ़ाने से ग्लोबल कर्ज में सिर्फ एक साल में करीब 29 ट्रिलियन डॉलर का नया कर्ज जुड़ा है। इसमें 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक सरकारी उधारी रही। अमेरिका, चीन और यूरो जोन ने मिलकर कुल कर्ज वृद्धि में लगभग तीन-चौथाई हिस्सा जोड़ा है, जिससे वैश्विक वित्तीय संतुलन पर दबाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के कारण कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। यह “कैपिटल एक्सपेंडिचर सुपर साइकिल” आने वाले वर्षों में भी कर्ज बढ़ाने वाला प्रमुख कारक बना रह सकता है। इस रिपोर्ट में चीन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां सरकारी कर्ज GDP के 88.4% से बढ़कर 96.8% तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका अकेले वैश्विक सार्वजनिक ऋण (Global Public Debt) के एक-तिहाई से अधिक हिस्से के लिए जिम्मेदार है। चीन इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जिसका सरकारी कर्ज लगभग 18.68 ट्रिलियन डॉलर है। 2031 तक US का कर्ज GDP का 140% तक पहुंच सकता है रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में यह आंकड़ा और अधिक है, जो जीडीपी के 122% से भी ऊपर चला गया है। इसके अलावा International Monetary Fund (IMF) ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिका का बढ़ता सार्वजनिक कर्ज वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम बन सकता है। IMF के अनुसार, यदि यही रुझान जारी रहा तो 2031 तक अमेरिका का कर्ज GDP के 140% तक पहुंच सकता है। संस्था ने अमेरिकी सरकार को तत्काल और ठोस वित्तीय सुधार (fiscal consolidation) लागू करने की सलाह दी है। ट्रंप का टैरिफ दांव भी बेअसर साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन स्थित संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ से कर्ज के बढ़ते ट्रेंड को पलटने के लिए कोई उल्लेखनीय आमदनी नहीं हो पायी है और इससे “अफ़ोर्डेबिलिटी की चिंताएँ बढ़ गई हैं। इसमें आगे कहा गया है कि 2036 तक जनता पर मौजूद US फ़ेडरल कर्ज में और 20 परसेंट पॉइंट की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जो GDP के 120 परसेंट से ज़्यादा हो जाएगा। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड्स में भरोसा कायम हालांकि, बढ़ते कर्ज के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बाजार अब भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड्स में भरोसा कायम है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वैश्विक स्तर पर कर्ज-से-GDP अनुपात लगातार पांचवें साल घटकर 308% पर आ गया है, लेकिन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में यह अनुपात रिकॉर्ड 235% से अधिक पहुंच गया है, जो भविष्य में वित्तीय अस्थिरता का संकेत दे सकता है।