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गांधी और हेडगेवार के विचारों का टकराव बनेगा फिल्म का मुख्य आकर्षण..

नई दिल्ली भारतीय सिनेमा में एक बार फिर इतिहास और विचारधाराओं के जटिल पहलुओं को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की जा रही है। अभिनेता संजय दत्त अपनी नई फिल्म आखिरी सवाल के जरिए उन मुद्दों को उठाने जा रहे हैं, जिन पर अक्सर सार्वजनिक मंचों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। यह फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के कारण रिलीज से पहले ही चर्चा के केंद्र में आ गई है और दर्शकों के बीच खास उत्सुकता पैदा कर रही है। हाल ही में फिल्म का दूसरा टीजर सामने आया है, जिसमें 1934 में महात्मा गांधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत को दर्शाने का प्रयास किया गया है। यह ऐतिहासिक संवाद लंबे समय से बहस और विश्लेषण का विषय रहा है, जिसे अब सिनेमाई रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। टीजर में उस दौर के वैचारिक टकराव और संवाद की गंभीरता को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है, जिससे फिल्म के प्रति दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ गई है। फिल्म में गांधी जी को सामाजिक कुरीतियों विशेषकर जातिवाद को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। वहीं दूसरी ओर हेडगेवार के किरदार को दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया गया है, जो अपने संगठन की विचारधारा और संरचना का पक्ष रखते नजर आते हैं। यह टकराव केवल दो व्यक्तियों के विचारों का नहीं, बल्कि उस समय के व्यापक सामाजिक और वैचारिक संघर्ष का प्रतीक बनकर सामने आता है । इस कहानी के माध्यम से उस ऐतिहासिक दौर की जटिलताओं को समझने की कोशिश की गई है, जब देश स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ सामाजिक सुधारों की दिशा में भी संघर्ष कर रहा था। फिल्म में यह भी संकेत मिलता है कि जहां गांधी जी कुछ पहलुओं से प्रभावित थे, वहीं कई मुद्दों पर उनकी असहमति भी बनी रही। यही द्वंद्व इस कथा को और अधिक गहराई प्रदान करता है और दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करता है। फिल्म का परिवेश वर्धा क्षेत्र के आसपास रचा गया है, जहां उस समय कई महत्वपूर्ण वैचारिक गतिविधियां होती थीं। इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए फिल्म में घटनाओं को ऐतिहासिक संदर्भ के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, ताकि दर्शक उस समय के सामाजिक माहौल को बेहतर तरीके से समझ सकें। संजय दत्त इस फिल्म में एक ऐसे किरदार में नजर आएंगे जो सवाल पूछने और जवाब तलाशने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। इससे पहले भी जारी किए गए टीजर में कई संवेदनशील और विवादित विषयों की झलक दिखाई गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि विचार-विमर्श का माध्यम बनने जा रही है। फिल्म 15 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है और इसके ट्रेलर का इंतजार तेजी से बढ़ रहा है। विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की शैली को देखते हुए यह फिल्म दर्शकों को एक अलग तरह का अनुभव देने की क्षमता रखती है और सामाजिक व ऐतिहासिक विमर्श को नई दिशा देने की संभावना भी जगाती है।

सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। यह है मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई। इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। हमले में 4 लोग घायल हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मार्च महीने के लिए International Cricket Council (ICC) के ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ का खिताब अपने नाम कर लिया। यह सम्मान उन्हें टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में निभाई गई अहम भूमिका के लिए दिया गया। सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन पारियां खेलीं और टीम को मुश्किल हालात से निकालते हुए खिताब दिलाया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है। विश्व कप जीत में निभाई निर्णायक भूमिकाटी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने लगातार तीन मैचों में मैच जिताऊ पारियां खेलकर टीम इंडिया को खिताब तक पहुंचाया। क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया। उनके इस लगातार प्रदर्शन ने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बनाया और अब उसी का इनाम ICC के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के रूप में मिला है।  अवॉर्ड मिलने पर बोले सैमसनइस सम्मान को हासिल करने के बाद संजू सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर का सबसे खास पल है। उन्होंने बताया कि विश्व कप जीत में योगदान देना किसी सपने के सच होने जैसा था और इस उपलब्धि को समझने में उन्हें थोड़ा समय लगा। सैमसन ने टीम के साथियों और कोचिंग स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि उनके भरोसे और समर्थन ने ही उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा दी। कड़ी टक्कर में जीता खिताबइस अवॉर्ड की दौड़ में जसप्रीत बुमराह और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन भी शामिल थे। बुमराह ने फाइनल में शानदार गेंदबाजी करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता था, वहीं एस्टरहुइजन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बावजूद सैमसन ने अपने लगातार मैच-विनिंग प्रदर्शन के दम पर दोनों को पीछे छोड़ दिया। भारतीय क्रिकेट के लिए सुनहरा दौरसंजू सैमसन की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बना हुआ है, जो बड़े मंच पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। सैमसन जैसे खिलाड़ियों का उभरना आने वाले समय में टीम इंडिया को और मजबूती देगा।

पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन के बीच सलमान खान का संदेश बना चर्चा का केंद्र, सोशल मीडिया पर छिड़ी मजेदार बहस

नई दिल्ली:  इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक सीजन के बीच एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। मामला तब शुरू हुआ जब उन्होंने पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन पर टीम की सह मालिक प्रीति जिंटा को बधाई दी। उनका यह संदेश तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते यह चर्चा का विषय बन गया। हालांकि शुरुआत में इसे एक सामान्य बधाई संदेश के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में यह यूजर्स के मजाक और मीम्स का कारण बन गया। इस सीजन में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। टीम ने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए अंक तालिका में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। ऐसे में फिल्म जगत से भी टीम को समर्थन मिलना स्वाभाविक था। सलमान खान ने भी इसी क्रम में प्रीति जिंटा के लिए एक छोटा सा संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उनका यह संदेश सामान्य था, लेकिन डिजिटल दुनिया में हर बात का अलग ही अर्थ निकाल लिया जाता है। यूजर्स ने सलमान खान के इस संदेश को उनके पुराने बयान से जोड़ते हुए मजाक बनाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उनके एक पुराने पोस्ट की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने सालों पहले टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया था। इसी संदर्भ में यूजर्स ने इसे एक तरह का सीक्वल बताते हुए व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे समय के अंतर से जोड़कर हास्य पैदा किया तो कुछ ने अभिनेता की स्मरण शक्ति पर चुटकी ली। मीम्स और मजेदार टिप्पणियों की बाढ़ के बीच यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। कई यूजर्स ने रचनात्मक अंदाज में इस पूरे घटनाक्रम को पेश किया, जिससे यह एक मनोरंजक बहस में बदल गया। कुछ प्रतिक्रियाएं हल्की फुल्की थीं, जबकि कुछ में तंज भी शामिल था। इस तरह की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि आज के डिजिटल दौर में सार्वजनिक हस्तियों के हर बयान को किस तरह अलग अलग नजरिए से देखा जाता है। ट्रोलिंग का यह सिलसिला नया नहीं है, खासकर तब जब कोई बड़ा नाम किसी लोकप्रिय विषय से जुड़ता है। क्रिकेट और सिनेमा दोनों ही भारत में अत्यधिक लोकप्रिय हैं और जब ये दोनों क्षेत्र एक साथ आते हैं तो प्रतिक्रिया और भी तीव्र हो जाती है। सलमान खान का यह मामला भी इसी का उदाहरण है, जहां एक साधारण बधाई संदेश ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया। यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए हर शब्द और हर प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। दर्शकों की अपेक्षाएं और उनकी प्रतिक्रियाएं अक्सर अप्रत्याशित होती हैं, जो किसी भी सामान्य स्थिति को भी असाधारण बना सकती हैं।

ऑटो सेक्टर में रफ्तार: मार्च में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 16% बढ़ी, बाजार में लौटी मजबूती

नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर से राहत भरी खबर सामने आई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) की थोक बिक्री सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 4,42,460 यूनिट्स तक पहुंच गई। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,81,358 यूनिट्स था। यह उछाल दर्शाता है कि बाजार में उपभोक्ताओं का भरोसा फिर मजबूत हुआ है और खरीदारी का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। दोपहिया और तिपहिया में भी शानदार प्रदर्शनऑटो सेक्टर के अन्य सेगमेंट्स में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मार्च में दोपहिया वाहनों की बिक्री 19.3 प्रतिशत बढ़कर 19,76,128 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल यह 16,56,939 यूनिट्स थी। वहीं तिपहिया वाहनों की बिक्री में 21.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 76,273 यूनिट्स तक पहुंच गई। इन आंकड़ों से साफ है कि शहरी ही नहीं, ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में भी मांग मजबूत बनी हुई है। डीलरशिप स्टॉक और मांग बनी बड़ी वजहविशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण रहे—एक, डीलरों के पास पर्याप्त इन्वेंट्री उपलब्ध होना और दूसरा, ग्राहकों की बढ़ती मांग। फरवरी महीने में भी यात्री वाहनों की बिक्री में 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो इस सकारात्मक ट्रेंड को और मजबूत करती है। आने वाले समय के संकेत भी सकारात्मकरिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में ऑटो सेक्टर की थोक बिक्री 7 से 9 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। इसके पीछे त्योहारों की मजबूत मांग, हाल में जीएसटी दरों में कटौती और नए मॉडलों की लॉन्चिंग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 में उच्च आधार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के चलते वृद्धि दर घटकर 4 से 6 प्रतिशत रह सकती है। SUV और प्रीमियम कारों का बढ़ता क्रेजऑटो इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। अब ग्राहकों का झुकाव यूटिलिटी व्हीकल (SUV) और प्रीमियम सेगमेंट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कुल यात्री वाहन बिक्री में SUV की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत हो गई है, जो यह दिखाती है कि लोग अब ज्यादा फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारीसीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाजार में विविधता आई है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को भी बढ़ावा मिल रहा है। ऑटो सेक्टर में जारी है बदलाव का दौरविशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय ऑटो बाजार अब एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा है, जहां पारंपरिक वाहनों के साथ-साथ नए फ्यूल और टेक्नोलॉजी आधारित विकल्प तेजी से जगह बना रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह बदलाव और स्पष्ट नजर आएगा।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बढ़ेगी रफ्तार, गडकरी बोले-रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। करीब 213 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया गया है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है। 6 घंटे का सफर अब सिर्फ ढाई घंटेइस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से नई दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। ‘सिर्फ सड़क नहीं, आर्थिक विकास का इंजन’केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को देश के आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा। पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावाइस कॉरिडोर से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। खासतौर पर उत्तराखंड जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए यह परियोजना बेहद लाभकारी साबित होगी। आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए अवसरबेहतर कनेक्टिविटी से: उद्योगों को बढ़ावा मिलेगानिवेश आकर्षित होगास्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगेक्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईवेयह कॉरिडोर अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार किया गया है: 10 इंटरचेंज3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)4 बड़े पुल12 रोडसाइड सुविधाएंएडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATM) पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यानइस परियोजना में पर्यावरण संतुलन को विशेष महत्व दिया गया है।12 किमी लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर (एशिया के सबसे लंबे में से एक) 8 पशु मार्ग2 हाथी अंडरपास370 मीटर लंबी सुरंग (दात काली मंदिर के पास)इन सुविधाओं से वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा। आगे और मजबूत होगी कनेक्टिविटीमंत्री ने बताया कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किमी लंबा 6-लेन सुपररोड भी जल्द शुरू किया जाएगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत

धार। मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को लगातार तीन धमाके होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।तीन जोरदार विस्फोट हुए यह घटना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित तारपुरा इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, कंपनी परिसर में अचानक एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पास के तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में लोगों ने झटके महसूस किए। ग्रामीणों ने बताया कि धमाकों के कारण उनके घरों में रखे बर्तन, टीवी और अन्य सामान तक हिल गए और कई चीजें स्टैंड से नीचे गिर गईं। तेज आवाज से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।पुलिस बल मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सीएसपी रवि सोनेर ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने भी बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से भी किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया गया है। गौरतलब है कि यह वही कंपनी है, जहां पहले भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान का काम किया गया था। इस कारण यह कंपनी पहले भी चर्चा में रह चुकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कंपनी परिसर में मौजूद है और खबर लिखे जाने तक धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 16 प्रतिशत उछली

नई दिल्ली:भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग में एक बार फिर सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जहां मार्च में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल बिक्री बढ़कर 4 लाख 42 हजार 460 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में स्पष्ट रूप से मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। यह वृद्धि बाजार में बढ़ती मांग, बेहतर सप्लाई और डीलरशिप स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के कारण मानी जा रही है। पिछले वर्ष मार्च में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 3 लाख 81 हजार 358 यूनिट्स रही थी, जिसके मुकाबले इस साल का आंकड़ा बाजार की रिकवरी और उपभोक्ता विश्वास में सुधार को दर्शाता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार त्योहारी सीजन से पहले खरीदारी गतिविधियों में तेजी ने भी इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोपहिया वाहनों के सेगमेंट में भी मजबूत उछाल देखने को मिला है। मार्च में इनकी थोक बिक्री 19.3 प्रतिशत बढ़कर 19 लाख 76 हजार 128 यूनिट्स तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 16 लाख 56 हजार 939 यूनिट्स था। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में सुधार और शहरी क्षेत्रों में आवागमन की बढ़ती जरूरतें इस वृद्धि का प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। तिपहिया वाहनों के बाजार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सेगमेंट की बिक्री 21.4 प्रतिशत बढ़कर 76 हजार 273 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 62 हजार 813 यूनिट्स था। इससे यह संकेत मिलता है कि छोटे व्यवसायों और शहरी परिवहन व्यवस्था में इन वाहनों की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। हाल के महीनों के आंकड़े भी बाजार की मजबूती को दर्शाते हैं, जहां फरवरी में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी और यह 4 लाख 17 हजार 705 यूनिट्स तक पहुंच गई थी। लगातार दूसरी अवधि में वृद्धि यह संकेत देती है कि ऑटो सेक्टर स्थिर और सकारात्मक गति में बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में इस क्षेत्र में 7 से 9 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। इसका कारण त्योहारी मांग, नए मॉडलों की लॉन्चिंग और कुछ हद तक आर्थिक स्थिरता को माना जा रहा है। हालांकि वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर घटकर 4 से 6 प्रतिशत तक रह सकती है, जिसका कारण उच्च आधार प्रभाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में संरचनात्मक बदलाव भी तेजी से हो रहे हैं। बाजार में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो उपभोक्ताओं की प्रीमियम और आरामदायक वाहनों की ओर बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाती है। साथ ही सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग भी इस सेक्टर को नए रूप में ढाल रही है, जिससे भविष्य में विविधता और तकनीकी बदलाव और तेज होने की संभावना है।

हाटी मोड़ पर बड़ा सड़क हादसा, ऑटो बचाने में अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में हड़कंप

सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जिसने यात्रियों में दहशत फैला दी। सतना से चित्रकूट जा रही नफीस ट्रेवल्स की बस स्टेट हाईवे पर हाटी मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी और जैसे ही वह हाटी मोड़ पर पहुंची तभी सामने अचानक एक ऑटो आ गया। ऑटो को बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और यात्रियों में अफरा तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायलों को 112 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल सतना भेजा जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और बस चालक के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करती है। जरा सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ में महिलाओं को मिलेगा आत्मविश्वास का मंच, प्रोमो ने बढ़ाई भावनात्मक हलचल

नई दिल्ली:अभिनेता राजीव खंडेलवाल एक बार फिर टेलीविजन पर वापसी करने जा रहे हैं। इस बार वह एक नए गेम आधारित रियलिटी शो ‘तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ में होस्ट की भूमिका निभाते नजर आएंगे। लंबे समय बाद उनकी वापसी को लेकर दर्शकों में उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि यह शो उनके करियर का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है। यह कार्यक्रम 28 अप्रैल से प्रसारित होने जा रहा है और इसे पारिवारिक मनोरंजन की श्रेणी में रखा गया है। यह शो मुख्य रूप से घरेलू महिलाओं की प्रतिभा और उनकी अनकही कहानियों को सामने लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें महिलाओं को अपने परिवार के साथ मंच पर आने और अपनी छुपी हुई क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का फोकस उन महिलाओं पर है जिन्होंने जिम्मेदारियों और पारिवारिक जीवन के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ दिया, लेकिन आज भी अपने भीतर आत्मविश्वास और प्रतिभा को जीवित रखे हुए हैं। शो के प्रोमो में एक भावुक कहानी दिखाई गई है जिसमें एक महिला और उसके पति के बीच संवाद के जरिए जीवन के त्याग और समर्पण को दर्शाया गया है। महिला ने अपने करियर को छोड़कर गृहिणी का जीवन अपनाया, जबकि उसके पति ने उसके फैसले को सम्मान देते हुए हमेशा उसका समर्थन किया। इस भावनात्मक प्रस्तुति ने शो की दिशा और उद्देश्य को स्पष्ट किया है, जिसमें रिश्तों की गहराई और आत्मसम्मान को प्रमुखता दी गई है। राजीव खंडेलवाल प्रोमो में प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए नजर आते हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। शो में रैंप जैसे मंचीय प्रारूप का उपयोग किया गया है, जहां प्रतिभागी अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व का प्रदर्शन करती दिखाई देंगी। यह प्रारूप कार्यक्रम को पारंपरिक रियलिटी शोज से अलग बनाता है और इसमें एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृष्टिकोण जोड़ा गया है। राजीव खंडेलवाल का टेलीविजन और मनोरंजन जगत में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और जल्द ही अपनी दमदार अभिनय शैली के कारण लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद उन्होंने कई टेलीविजन प्रोजेक्ट्स और डिजिटल सीरीज में काम किया, जहां उनकी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने सराहा। उन्होंने फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया और अलग-अलग किरदारों के जरिए अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया। इसके अलावा वह कई रियलिटी शोज को होस्ट कर चुके हैं, जहां उनकी सहज प्रस्तुति शैली और दर्शकों से जुड़ने की क्षमता को काफी पसंद किया गया। लंबे अंतराल के बाद उनकी यह वापसी दर्शकों के लिए खास मानी जा रही है। शो के विषय और प्रस्तुति को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन करेगा बल्कि सामाजिक संदेश भी देगा और महिलाओं के आत्मविश्वास को नई पहचान प्रदान करेगा।