ईरान अमेरिका तनाव के बीच इजरायल लेबनान वार्ता क्या बदलने वाली है मध्य पूर्व की तस्वीर

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में जारी भू राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है जहां इजरायल और लेबनान के बीच करीब 33 साल बाद सीधी बातचीत शुरू हुई है। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। इस पूरी बातचीत को एक बड़े कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है जिसकी मध्यस्थता अमेरिका कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। दरअसल इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है जिसकी एक बड़ी वजह दक्षिणी लेबनान में सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह है। यह संगठन ईरान का समर्थक माना जाता है और समय समय पर इजरायल पर हमले करता रहा है। विशेष रूप से 7 अक्टूबर 2023 हमास हमला के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था जब हमास के हमलों के साथ ही हिजबुल्लाह ने भी इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हाल के घटनाक्रमों में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की स्थिति कुछ कमजोर मानी जा रही है। ऐसे में अमेरिका और इजरायल इस मौके का फायदा उठाकर क्षेत्रीय समीकरण बदलने की कोशिश में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान के साथ सीधी बातचीत का मकसद हिजबुल्लाह के प्रभाव को कम करना है। यदि लेबनानी सरकार इस दिशा में सख्त कदम उठाती है तो यह ईरान के लिए बड़ा झटका हो सकता है क्योंकि हिजबुल्लाह को उसका प्रमुख सहयोगी माना जाता है। हाल ही में लेबनान सरकार ने गैर सरकारी हथियारों को हटाने के निर्देश दिए हैं जिसकी सराहना बेंजामिन नेतन्याहू ने भी की है। यह संकेत देता है कि लेबनान धीरे धीरे हिजबुल्लाह के प्रभाव को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। इसके साथ ही अमेरिका और इजरायल अन्य मोर्चों पर भी ईरान को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं जिसमें समुद्री मार्गों पर दबाव बनाना भी शामिल है।हालांकि इजरायल ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीजफायर का असर लेबनान पर नहीं पड़ेगा यानी दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। कुल मिलाकर यह वार्ता केवल दो देशों के बीच संवाद नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की राजनीति को प्रभावित करने वाला बड़ा कदम है। अगर यह बातचीत सफल होती है तो इससे क्षेत्र में लंबे समय से जारी संघर्ष की दिशा बदल सकती है और हिजबुल्लाह के प्रभाव को कमजोर किया जा सकता है।
मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने

मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर चालाकी से उसे गुमशुदा दिखाने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार आरोपी पंकज चौधरी और मृतक की पत्नी धापुबाई के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध की जानकारी जब पति धनराज नाथ को लगी तो उसने इसका विरोध किया और पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने रास्ते से हटाने के लिए धनराज की हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत 10 अप्रैल की शाम पंकज चौधरी मोटरसाइकिल से धनराज के घर पहुंचा और उसे भरोसे में लेकर अपने साथ खेत पर ले गया। वहां पहुंचकर उसने पहले उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और पेट्रोल पंप से डीजल लाकर उसे जला दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने शव को बोरे में भरकर जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर खेत में दफना दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद भी दोनों आरोपियों ने अपनी चालाकी जारी रखी और भानपुरा थाने पहुंचकर खुद ही धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि शक से बचा जा सके। हालांकि तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने जब जांच तेज की और मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाले तो मामला संदिग्ध लगा। सख्त पूछताछ में पंकज चौधरी ने आखिरकार हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत तक पहुंची और वहां से शव के अवशेष बरामद किए गए। मौके पर एफएसएल टीम ने भी जांच की और साक्ष्य एकत्रित किए गए। घटना का खुलासा होते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गरोठ भानपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजन आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की गहन जांच की मांग पर अड़े रहे। करीब 8 घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। पुलिस ने इस मामले में पंकज चौधरी और धापुबाई के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में उपजे विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।
शहरी विकास को मिलेगा बूस्ट: अर्बन फंड से बढ़ेगी बाजार आधारित फाइनेंसिंग

नई दिल्ली। देश के शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar ने बुधवार को 1 लाख करोड़ रुपए के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ (UCF) और क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी सब-स्कीम (CRGSS) की गाइडलाइंस लॉन्च कीं। इस फंड का मकसद बाजार आधारित फाइनेंसिंग के जरिए करीब चार गुना यानी 4 लाख करोड़ रुपए तक निवेश जुटाना है। सरकारी पैसे से खींचेंगे निजी निवेशकार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि यह फंड शहरी विकास के तरीके में बड़ा बदलाव लाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी पूंजी का उपयोग कर निजी और संस्थागत निवेश को आकर्षित करना है।Government of India की इस पहल से शहरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएगा। ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में बड़ा कदममंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहर अब आर्थिक विकास, इनोवेशन और रोजगार के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ऐसे में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर प्लानिंग, फाइनेंसिंग और गवर्नेंस बेहद जरूरी है। कहां खर्च होगा पैसा?इस 1 लाख करोड़ रुपए के फंड का इस्तेमाल कई अहम प्रोजेक्ट्स में किया जाएगा—पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकासशहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटीगैर-मोटर चालित परिवहन (साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग)पानी, स्वच्छता और क्लाइमेट-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग मॉडल क्या होगा?इस योजना की खास बात इसका फाइनेंसिंग मॉडल है-केंद्र सरकार केवल 25% तक ही फंड देगीकम से कम 50% राशि म्यूनिसिपल बॉन्ड, बैंक लोन और PPP मॉडल से जुटाई जाएगीइससे शहरों को आत्मनिर्भर बनने और बाजार से पूंजी जुटाने की दिशा में बढ़ावा मिलेगा। बजट का पूरा ब्रेकअप₹90,000 करोड़ – इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स₹5,000 करोड़ – प्रोजेक्ट तैयारी और क्षमता निर्माण₹5,000 करोड़ – CRGSS (गारंटी स्कीम) छोटे शहरों को भी मिलेगा फायदाCRGSS स्कीम का खास फोकस टियर-2, टियर-3 शहरों और पहाड़ी व उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों पर रहेगा। इसका उद्देश्य इन शहरों को भी बाजार से फंड जुटाने में सक्षम बनाना है, ताकि विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे। ULBs की भूमिका होगी अहममंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को अपनी वित्तीय क्षमता बढ़ाने और आधुनिक फाइनेंसिंग मॉडल अपनाने पर जोर दिया। इससे शहर खुद अपने विकास के लिए संसाधन जुटा सकेंगे। डिजिटल कनेक्टिविटी और साझेदारी को बढ़ावाइस मौके पर शहरों को बैंकों, वित्तीय संस्थानों और क्रेडिट एजेंसियों से जोड़ने के लिए एक ई-डायरेक्टरी भी लॉन्च की गई। साथ ही राज्यों और मंत्रालय के बीच MoU तथा निजी क्षेत्र के साथ सहयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किए गए। कब तक लागू रहेगा फंड?सरकार के अनुसार, यह फंड वित्त वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहेगा और इसका लक्ष्य भारतीय शहरों को ‘ग्रोथ हब’ में बदलना है।
बातचीत चाहते हैं, दबाव नहीं सहेंगे: ईरानी राष्ट्रपति की अमेरिका इजरायल को कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ किया है कि ईरान युद्ध नहीं बल्कि बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। हालांकि उन्होंने अमेरिका और इजरायल को सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी तरह का दबाव या शर्तें थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा ईरान ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश कभी भी टकराव या अस्थिरता का समर्थक नहीं रहा है। लेकिन यदि किसी ने ईरान को झुकाने या उस पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश की तो वह पूरी तरह विफल होगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान अपनी संप्रभुता से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगा। नागरिकों पर हमलों पर उठाए सवाल ईरानी न्यूज एजेंसी के हवाले से राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के तहत नागरिकों बच्चों और बौद्धिक वर्ग को निशाना बनाना साथ ही स्कूलों और अस्पतालों जैसे संस्थानों को नुकसान पहुंचाना किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। संवाद ही रास्ता लेकिन दबाव नहीं राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान का रुख हमेशा से संवाद और सहयोग का रहा है। उन्होंने कहा कि देश न तो युद्ध चाहता है और न ही अस्थिरता लेकिन अगर उसकी संप्रभुता पर दबाव बनाया गया तो ईरानी जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को झुकाने या सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की हर कोशिश नाकाम रहेगी। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। इस दौरान तेहरान सहित कई बड़े शहरों पर हमले हुए। इसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इजरायल के ठिकानों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया। इस्लामाबाद वार्ता रहीं बेनतीजा तनाव कम करने के लिए 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत हुई। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने नेतृत्व किया जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की। कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों ने माना कि कई अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं जिससे दीर्घकालिक समाधान फिलहाल संभव नहीं हो पाया है।
रोजाना शहद का सेवन क्यों है जरूरी? जानिए इसके जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित उपायों की तलाश में रहते हैं। इन्हीं में एक बेहद असरदार चीज है Honey, जिसे सदियों से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में उपयोग किया जाता रहा है। हल्की मिठास और पोषक तत्वों से भरपूर शहद न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में भी मदद करता है। इम्युनिटी बढ़ाने में कारगरशहद में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि रोजाना सीमित मात्रा में शहद का सेवन करने की सलाह दी जाती है। वजन घटाने में सहायकअगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो शहद आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। खास बात यह है कि शहद, रिफाइंड शुगर की तुलना में एक हेल्दी विकल्प है, जिससे मीठा खाने की इच्छा भी संतुलित तरीके से पूरी हो सकती है। शहद-नींबू ड्रिंक: सुबह का हेल्दी स्टार्टवजन घटाने के लिए Honey और Lemon का मिश्रण बेहद लोकप्रिय है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र बेहतर बनता है। इससे दिनभर हल्कापन और ऊर्जा बनी रहती है। दालचीनी के साथ डबल फायदाशहद को Cinnamon के साथ मिलाकर सेवन करने से भी मोटापा कम करने में मदद मिलती है। ग्रीन टी में शहद और दालचीनी मिलाकर पीने से ब्लड शुगर संतुलित रहता है और शरीर को नेचुरल एनर्जी मिलती है। सेवन में रखें सावधानीभले ही शहद प्राकृतिक है, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, खासकर डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्यों बनाएं शहद को डेली रूटीन का हिस्सा?इम्युनिटी बढ़ाता हैपाचन सुधारता हैवजन नियंत्रित करने में मदद करता हैशरीर को नेचुरल एनर्जी देता है
दिल्ली EV पॉलिसी ड्राफ्ट से बढ़ेगी इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार, बिक्री में उछाल के आसार

नई दिल्ली। देश की राजधानी Delhi में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई EV पॉलिसी (2024-2030) का ड्राफ्ट सामने आने के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आ सकता है। करीब 40,000 करोड़ रुपए के प्रावधान वाली इस नीति का मकसद न सिर्फ प्रदूषण कम करना है, बल्कि आम लोगों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से आकर्षित करना भी है। शुरुआती झटका, फिर तेज रफ्तार पकड़ सकता है बाजारAxis Direct की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में कई खरीदार नई नीति के लागू होने का इंतजार करते हुए अपनी EV खरीद को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं। हालांकि, जैसे ही नीति लागू होगी, तब तक जमा हुई मांग (pent-up demand) और स्पष्ट प्रोत्साहनों के कारण बाजार में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है। कब से क्या बदलेगा? बड़े फैसलों की टाइमलाइनइस ड्राफ्ट पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं- जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा यह कदम राजधानी को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है। प्रोत्साहन और स्क्रैपेज से मिलेगा बूस्टनीति में शुरुआती वर्षों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। पहले साल: ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000)दूसरे साल: ₹6,600तीसरे साल: ₹3,300 इसके अलावा, पुराने वाहनों को हटाने (स्क्रैपेज) पर भी लाभ मिलेगा। हालांकि, यात्री वाहनों पर सीधी सब्सिडी खत्म कर दी गई है और कर छूट व अन्य लाभों पर जोर दिया गया है। कंपनियों के लिए बड़ा मौकारिपोर्ट के मुताबिक, वे कंपनियां जो पहले से EV सेगमेंट में निवेश कर चुकी हैं और जिनके पास मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है, उन्हें इस नीति से सबसे ज्यादा फायदा होगा।दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में पहले से मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं, जबकि नई कंपनियां भी इस बाजार में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं। हाइब्रिड वाहनों को भी मिला सहारानीति में हाइब्रिड वाहनों को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। 30 लाख रुपए से कम कीमत वाले मजबूत हाइब्रिड वाहनों पर 50% तक रोड टैक्स छूट दी जाएगी, जिससे ट्रांजिशन को आसान बनाया जा सके। प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में यह EV पॉलिसी न सिर्फ परिवहन को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में शहर के पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर डालेगी। कुल मिलाकर क्या होगा असर?यह नीति लागू होने के बाद EV की मांग में तेज उछाल आएगाबाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगीग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगेप्रदूषण में कमी आएगी
इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा

इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां ब्रांडेड नमक के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।
ईंधन कीमतों पर लगाम की तैयारी, सरकार ला सकती है प्राइस स्टेबिलाइजेशन मैकेनिज्म

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार अब एक बड़े कदम की तैयारी में है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ‘ईंधन मूल्य स्थिरीकरण तंत्र’ (Fuel Price Stabilization Mechanism) पर गंभीरता से विचार कर रही है। क्यों उठी इस तंत्र की जरूरत?पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ते ही घरेलू बाजार में ईंधन महंगा हो जाता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।इसी समस्या से निपटने के लिए Government of India एक ऐसा तंत्र तैयार कर रही है, जो कीमतों में अचानक उछाल को नियंत्रित कर सके। कैसे काम करेगा यह तंत्र?रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था एक “बफर फंड” या रिजर्व सिस्टम पर आधारित होगी। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ेंगी, तब इस फंड के जरिए हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ कम किया जाएगा।यह मॉडल कुछ हद तक कृषि उत्पादों के मूल्य स्थिरीकरण तंत्र जैसा होगा, जहां जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक बाजार में उतारा जाता है। पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे शामिलइस प्रस्तावित योजना में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी तीनों ईंधनों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए एक अलग “ईंधन बफर फंड” बनाने की तैयारी है, जिससे कीमतों के तेज उतार-चढ़ाव को संतुलित किया जा सके। रणनीतिक भंडार से अलग होगा यह सिस्टमयह तंत्र भारत के मौजूदा रणनीतिक कच्चे तेल भंडार से अलग होगा। जहां रणनीतिक भंडार का मकसद आपूर्ति सुनिश्चित करना है, वहीं यह नया सिस्टम कीमतों को स्थिर रखने पर फोकस करेगा। कब होगा हस्तक्षेप? तय होंगे खास मानदंडसरकार इस बात पर भी काम कर रही है कि कब और कैसे हस्तक्षेप किया जाए। इसके लिए कुछ तय सीमाएं (थ्रेशहोल्ड) बनाई जा सकती हैं, जैस कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतवैश्विक बाजार में अस्थिरता का स्तरजब ये सीमाएं पार होंगी, तब सरकार बफर फंड का इस्तेमाल कर कीमतों को काबू में रखने की कोशिश करेगी। स्थायी सब्सिडी नहीं, सिर्फ अस्थायी राहतसरकार का मकसद स्थायी सब्सिडी देना नहीं है, बल्कि सिर्फ अत्यधिक उतार-चढ़ाव के समय अस्थायी राहत देना है। जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तब बफर को फिर से भर दिया जाएगा। आम लोगों को क्या फायदा?इस तंत्र के लागू होने सेपेट्रोल-डीजल के अचानक महंगे होने का झटका कम लगेगामहंगाई पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगीघरेलू बजट पर दबाव घटेगा
रेल नेटवर्क का विस्तार: 741 करोड़ यात्रियों का आंकड़ा पार, इलेक्ट्रिफिकेशन में बड़ी उपलब्धि

नई दिल्ली। देश की लाइफलाइन मानी जाने वाली Indian Railways ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान करीब 741 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन से सफर किया, जो रेलवे की बढ़ती पहुंच और भरोसे को दर्शाता है। वहीं, ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6% हिस्सा अब विद्युतीकृत हो चुका है, जिससे परिचालन और भी तेज, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल बन गया है। आय और माल ढुलाई में भी जबरदस्त बढ़ोतरीसरकारी आंकड़ों के अनुसार, रेलवे की कुल आय बढ़कर लगभग ₹80,000 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं माल ढुलाई भी बढ़कर 1,670 मिलियन टन (MT) हो गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था में रेलवे की अहम भूमिका को मजबूत करता है। विद्युतीकरण में ऐतिहासिक छलांग2014 तक जहां सिर्फ 20% रेलवे नेटवर्क ही विद्युतीकृत था, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 69,873 रूट किलोमीटर (RKM) हो गया है। यह कुल नेटवर्क का 99.6% हिस्सा है। इस उपलब्धि ने भारत को विद्युतीकरण के मामले में United Kingdom (39%), Russia (52%) और China (82%) जैसे देशों से भी आगे पहुंचा दिया है। डीजल की बचत, पर्यावरण को राहतरेलवे विद्युतीकरण के चलते 2024-25 में करीब 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई, जिससे लगभग ₹6,000 करोड़ की लागत बची। साथ ही कच्चे तेल के आयात में कमी आई, जो देश के लिए बड़ी आर्थिक राहत है। सुरक्षा में तकनीकी मजबूतीरेलवे ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए हैं। ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 3,100 किमी से ज्यादा ट्रैक पर लागू हो चुका है और 24,400 किमी पर काम जारी है। इसके अलावा, 1,874 स्टेशनों पर वीडियो सर्विलांस सिस्टम (VSS) लगाया गया है, जिसमें AI आधारित एनालिसिस और फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग हो रहा है। यात्रियों को बेहतर सुविधा1,405 स्टेशनों पर इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (IPIS) लागू किया गया है, जो National Train Enquiry System से जुड़ा है। इससे यात्रियों को समय पर जानकारी और बेहतर कम्युनिकेशन मिल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तारनई पीढ़ी की Vande Bharat Express ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने इसमें सफर किया। अब तक यह सेवा 1 लाख ट्रिप में 9.1 करोड़ यात्रियों को ले जा चुकी है। वहीं, किफायती यात्रा के लिए Amrit Bharat Express भी शुरू की गई है, जिसकी 60 सेवाएं नेटवर्क पर चल रही हैं। ट्रैक और स्पीड में भी सुधारपिछले दशक में 54,600 किमी ट्रैक का नवीनीकरण किया गया है। 110 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड झेलने वाले ट्रैक की लंबाई 31,445 किमी से बढ़कर 85,000 किमी से अधिक हो गई है, जिससे ट्रेनें अब ज्यादा तेज और सुरक्षित हो गई हैं।
टीवी इंडस्ट्री में पॉपुलैरिटी का खेल टॉप 10 स्टार्स की लिस्ट में किसने हासिल किया पहला स्थान

नई दिल्ली । टीवी की दुनिया में हर हफ्ते सितारों की चमक बदलती रहती है और इस बार की टॉप 10 लिस्ट ने एक बार फिर दर्शकों को चौंका दिया है। छोटे पर्दे के कलाकार सिर्फ अपने शो तक सीमित नहीं हैं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए भी फैंस से लगातार जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से ऊपर नीचे होता रहता है। इस हफ्ते जारी हुई लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस स्टार की हो रही है जिसने नंबर वन की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। लिस्ट की शुरुआत नीचे से करें तो दसवें स्थान पर कनिका मान हैं जो नागिन 7 में नजर आ रही हैं। शो में मौजूदगी के बावजूद इस बार वह ज्यादा असर नहीं छोड़ पाईं। नौवें नंबर पर श्रति झा हैं जिनकी एक्टिंग चर्चा में तो रहती है लेकिन इस हफ्ते वह ऊपर नहीं चढ़ सकीं। आठवें स्थान पर शरद केलकर हैं जो अपनी दमदार आवाज और अभिनय के लिए जाने जाते हैं और सोशल मीडिया पर उनके किरदार की खूब चर्चा होती है। सातवें नंबर पर स्मृति ईरानी ने अपनी वापसी के बाद फिर से दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका पुराना जादू फिर देखने को मिल रहा है और इसी वजह से वह लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रही हैं। छठे नंबर पर नमिक पॉल हैं जो नागिन 7 में अपनी केमिस्ट्री को लेकर चर्चा में बने हुए हैं और फैंस का अच्छा रिस्पॉन्स पा रहे हैं। पांचवें स्थान पर रुपाली गांगुली हैं जिनका शो अनुपमा टीआरपी में लगातार टॉप पर बना हुआ है। भले ही शो नंबर वन हो लेकिन इस बार वह पॉपुलैरिटी लिस्ट में थोड़ा पीछे रह गईं। चौथे नंबर पर रोहित पुरोहित हैं जिन्होंने ये रिश्ता क्या कहलाता है में अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है और दर्शकों का भरोसा जीत लिया है। तीसरे स्थान पर पार्थ समथान हैं जो टीवी के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त एक्टिव हैं और उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ रही है। दूसरे नंबर पर समृद्धि शुक्ला हैं जिन्होंने अपने किरदार से घर घर में पहचान बना ली है और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। अब बात करें इस हफ्ते के असली स्टार की तो प्रियंका चाहर चौधरी ने इस बार सबको पीछे छोड़ते हुए नंबर वन का ताज अपने नाम कर लिया है। नागिन 7 से मिली लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। यह लिस्ट साफ बताती है कि आज के दौर में सिर्फ टीवी पर अच्छा प्रदर्शन ही नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया में एक्टिव रहना भी उतना ही जरूरी हो गया है। दर्शकों का प्यार और ऑनलाइन एंगेजमेंट ही किसी स्टार को टॉप तक पहुंचाता है और इस हफ्ते प्रियंका ने यह साबित कर दिया है।