रिएलिटी शोज का महाकुंभ शुरू बिग बॉस 20 और नए शोज के साथ एंटरटेनमेंट का डबल डोज

नई दिल्ली । टीवी और ओटीटी की दुनिया में रिएलिटी शोज का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और साल 2026 के आने वाले महीने दर्शकों के लिए जबरदस्त एंटरटेनमेंट लेकर आने वाले हैं एक तरफ जहां नए कॉन्सेप्ट वाले शोज लॉन्च होने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी ओर पुराने हिट शोज नए सीजन के साथ वापसी करने जा रहे हैं ऐसे में दर्शकों के पास देखने के लिए कंटेंट की कोई कमी नहीं रहने वाली सबसे पहले बात करते हैं नए रिएलिटी शो ट्राइबवर्स की जो 17 अप्रैल से स्ट्रीम होने जा रहा है इस शो को अभिषेक मल्हान और खुशबू पाटनी होस्ट करेंगे यह शो अपने यूनिक कॉन्सेप्ट और नए अंदाज के चलते पहले ही चर्चा में आ चुका है इसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है और ट्रेलर को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है माना जा रहा है कि यह शो युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है इसके बाद बारी आती है लॉकअप के दूसरे सीजन की जिसका पहला सीजन काफी चर्चा में रहा था अब खबरें हैं कि इसका दूसरा सीजन इस बार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नए अंदाज में देखने को मिलेगा हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी तक ऑफिशियली सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि यह अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में आ सकता है इसी कड़ी में द ट्रेटर्स इंडिया का दूसरा सीजन भी सुर्खियों में है इस शो को करण जौहर होस्ट करते हैं और पहले सीजन को दर्शकों ने काफी पसंद किया था खबरों के मुताबिक नए सीजन में उर्फी जावेद रिया चक्रवर्ती मुनव्वर फारुकी और मल्लिका शेरावत जैसे सेलेब्स नजर आ सकते हैं हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है अब बात उस शो की जिसका इंतजार हर साल बेसब्री से होता है यानी बिग बॉस मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार बिग बॉस का 20वां सीजन अगस्त की बजाय जुलाई में ही शुरू हो सकता है हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अगर ऐसा होता है तो फैंस को पहले ही एंटरटेनमेंट का डोज मिल जाएगा वहीं स्टंट बेस्ड शो खतरों के खिलाड़ी भी इस साल अपने 15वें सीजन के साथ वापसी करने जा रहा है मेकर्स ने इसका ऐलान कर दिया है और खबरें हैं कि जून 2026 में यह शो ऑन एयर हो सकता है इसके लिए कई टीवी सेलेब्स को अप्रोच किया जा रहा है जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले महीनों में रिएलिटी शोज का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा जहां हर शो अपने अलग कॉन्सेप्ट और स्टार पावर के साथ दर्शकों को बांधने की कोशिश करेगा अब देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से कौन सा शो दर्शकों के दिलों पर राज करता है और कौन पीछे रह जाता है
बॉलीवुड का कड़वा सच सामने, धुरंधर को लेकर कुणाल कोहली ने खोले इंडस्ट्री की सोच के राज

नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री की चमक दमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाइयां अक्सर सामने नहीं आ पातीं लेकिन जब कोई इन पर खुलकर बात करता है तो कई भ्रम टूट जाते हैं हाल ही में फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने ऐसी ही एक सच्चाई उजागर की है जिसने बॉलीवुड के भीतर की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं उन्होंने बताया कि कैसे फिल्म धुरंधर की रिलीज से पहले ही इंडस्ट्री के बड़े बड़े लोग इसकी असफलता का इंतजार कर रहे थे कुणाल कोहली के मुताबिक धुरंधर जब रिलीज होने वाली थी तब किसी को भी इस पर भरोसा नहीं था यहां तक कि इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों ने भी इसे लेकर नकारात्मक राय दी थी उन्होंने खुलासा किया कि कई बड़े डायरेक्टर्स से बातचीत के दौरान उन्हें साफ कहा गया था कि यह फिल्म सोमवार तक टिक नहीं पाएगी और बॉक्स ऑफिस पर बैठ जाएगी लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा फिल्म ने उम्मीदों को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का दिल जीत लिया कुणाल कोहली ने यह भी कहा कि जब तक फिल्म ने सफलता हासिल नहीं कर ली तब तक इंडस्ट्री से इसे कोई समर्थन नहीं मिला यह स्थिति सिर्फ धुरंधर के साथ ही नहीं बल्कि कई बड़ी फिल्मों के साथ देखी गई है उन्होंने उदाहरण देते हुए फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र किया और बताया कि इस फिल्म को लेकर भी शुरुआत में नकारात्मक बातें कही गई थीं लेकिन बाद में इसी फिल्म ने 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया उन्होंने अपनी फिल्म हम तुम का अनुभव भी साझा किया और बताया कि रिलीज से पहले प्रिव्यू शो के दौरान इंडस्ट्री के लोगों को यह फिल्म खास पसंद नहीं आई थी इस वजह से वह काफी निराश हो गए थे उस समय आदित्य चोपड़ा ने उन्हें समझाया था कि यह फिल्म हर किसी की समझ में आने वाली नहीं है और यही इसकी खासियत है बाद में यही फिल्म दर्शकों के बीच बड़ी हिट साबित हुई कुणाल कोहली ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि इंडस्ट्री के 99 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि दूसरा व्यक्ति सफल न हो यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिस्पर्धी माहौल की सच्चाई भी बयां करता है जहां सफलता से ज्यादा असफलता की चर्चा होती है इस पूरे मुद्दे पर कॉमेडियन जाकिर खान का बयान भी चर्चा में रहा था उन्होंने एक अवॉर्ड शो में मजाकिया अंदाज में कहा था कि लोग भले ही धुरंधर की तारीफ करें लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें जलन जरूर होगी इस बयान पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे नकारात्मक सोच बताया था कुणाल कोहली की यह बात साफ करती है कि फिल्म की असली परीक्षा दर्शकों के बीच होती है न कि इंडस्ट्री के पूर्वाग्रहों में धुरंधर की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर कंटेंट मजबूत हो तो वह हर तरह की आलोचना को पीछे छोड़ सकता है और यही सिनेमा की असली ताकत भी है
सरहदों से परे संगीत आशा भोसले और अदनान सामी का अनोखा संगम जिसने रच दिया इतिहास

नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में पहचान बनाई थी लेकिन उनकी कला का विस्तार सरहदों से कहीं आगे तक फैला हुआ था कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी अपनी आवाज दी थी और वहां भी अपने सुरों का जादू बिखेरा था साल 1995 में रिलीज हुई पाकिस्तानी उर्दू म्यूजिकल फिल्म सरगम इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है इस फिल्म का निर्देशन सयेद नूर ने किया था और इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी मशहूर गायक अदनान सामी और अभिनेत्री ज़ेबा बख्तियार ने खास बात यह रही कि इस फिल्म से अदनान सामी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी जबकि ज़ेबा पहले ही भारतीय दर्शकों के बीच फिल्म हिना से लोकप्रिय हो चुकी थीं इस फिल्म में कुल ग्यारह गाने शामिल थे जिनमें से दो गानों को अपनी आवाज दी थी आशा भोसले ने ये गाने थे क्या है ये उलझन और जरा ढोलकी बजाओ गोरियों ये दोनों गीत उस दौर में काफी लोकप्रिय हुए थे और आज भी संगीत प्रेमियों के बीच सुकून देने वाले गीतों के रूप में सुने जाते हैं खास बात यह भी थी कि इन गानों को फिल्म के हीरो अदनान सामी ने ही कंपोज किया था इस तरह यह फिल्म संगीत और अभिनय दोनों ही स्तर पर एक खास सहयोग का उदाहरण बन गई फिल्म की कहानी जितनी दिलचस्प थी उतनी ही रोचक इसकी कास्ट की असल जिंदगी भी थी बहुत कम लोगों को पता है कि फिल्म के रिलीज होने से पहले ही यानी 1993 में अदनान सामी और ज़ेबा बख्तियार ने शादी कर ली थी दोनों की यह जोड़ी पर्दे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी साथ थी हालांकि यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और 1997 में दोनों अलग हो गए आशा भोसले का करियर अपने आप में एक मिसाल रहा उन्होंने करीब आठ दशकों तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहकर हजारों गाने गाए उन्होंने अलग अलग भाषाओं में अपनी आवाज दी और हर शैली में खुद को साबित किया अपनी बहन लता मंगेशकर से अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने अपनी गायकी में विविधता और प्रयोग को अपनाया यही कारण रहा कि उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ आज भले ही आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा जीवित रहेंगे पाकिस्तान की फिल्म सरगम में गाए उनके गीत इस बात का प्रमाण हैं कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती यह दिलों को जोड़ता है और सरहदों को पार कर जाता है
अनिश्चितता के दौर में गोल्ड ETF बना सुरक्षित विकल्प, AUM पहुंचा 1.7 लाख करोड़

नई दिल्ली। वैश्विक अस्थिरता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सोने पर मजबूत होता दिख रहा है। खासतौर पर डिजिटल निवेश के रूप में Gold ETF ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। मार्च 2026 में गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹1,71,468 करोड़ हो गया, जो सालाना आधार पर लगभग तीन गुना उछाल को दर्शाता है। पांच साल में धमाकेदार ग्रोथ ICRA Analytics की रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड ETF ने पिछले पांच वर्षों में करीब 64.76% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की है। मार्च 2021 में जहां AUM सिर्फ ₹14,122 करोड़ था, वहीं अब यह कई गुना बढ़ चुका है। सिर्फ एक साल में ही AUM ₹58,887 करोड़ (मार्च 2025) से बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया—यानी करीब 191% की जोरदार बढ़ोतरी। इनफ्लो भी मजबूत, लेकिन मासिक आधार पर गिरावट मार्च 2026 में गोल्ड ETF में ₹2,265 करोड़ का शुद्ध निवेश (इनफ्लो) आया, जबकि पिछले साल इसी महीने ₹77 करोड़ की निकासी हुई थी। हालांकि फरवरी 2026 के ₹5,254 करोड़ के मुकाबले मार्च में इनफ्लो करीब 56% घटा है। इस गिरावट की वजह सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी और वैश्विक जोखिम में अस्थायी कमी मानी जा रही है। क्यों बढ़ रहा है गोल्ड ETF में निवेश? विशेषज्ञों के अनुसार, दो बड़े कारण इस उछाल के पीछे हैं— वैश्विक अनिश्चितता और तनाव सोने की लगातार मजबूत कीमतें इन हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में रहते हैं और सोना पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” माना जाता है। इसलिए Gold ETF तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन का पसंदीदा विकल्प फिलहाल बाजार में 26 गोल्ड ETF स्कीम उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 नई स्कीम वित्त वर्ष 2025-26 में लॉन्च हुई हैं। इन फंड्स ने पिछले एक साल में करीब 58% से 62% तक का रिटर्न दिया है, जबकि 5 साल का CAGR रिटर्न लगभग 26% के आसपास रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि गोल्ड ETF निवेश पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और लॉन्ग टर्म रिटर्न के लिए बेहतर विकल्प है, जबकि फिजिकल गोल्ड अधिकतर पारंपरिक उपयोग के लिए खरीदा जाता है। गिरावट के बावजूद भरोसा कायम हालांकि हाल के महीनों में इनफ्लो में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा अब भी इस एसेट क्लास पर कायम है और आगे भी इसमें स्थिर ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।
टी20 टीम का नया कप्तान कौन ईशान हार्दिक या अभिषेक में छिड़ी जबरदस्त रेस

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में टी20 फॉर्मेट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की उम्र को देखते हुए चयनकर्ता अब भविष्य की योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। साल 2028 में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक भारत के लिए बेहद अहम होंगे। उस समय सूर्यकुमार यादव की उम्र करीब 37 साल हो जाएगी ऐसे में टीम मैनेजमेंट एक ऐसे युवा कप्तान की तलाश में है जो लंबे समय तक टीम को संभाल सके और अपने प्रदर्शन से भी मैच जिताने की क्षमता रखता हो। इस रेस में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं जो आने वाले समय में टीम इंडिया के टी20 कप्तान बन सकते हैं। सबसे पहला नाम ईशान किशन का है। विकेटकीपर बल्लेबाज होने का फायदा उन्हें कप्तानी में मिल सकता है क्योंकि वह मैदान पर हर स्थिति को करीब से समझते हैं। उनकी सोच तेज है और फैसले लेने की क्षमता भी मजबूत मानी जाती है। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने झारखंड को खिताब जिताकर अपनी लीडरशिप साबित की है। आईपीएल में भी कप्तानी का अनुभव उन्हें मिला है जिससे उनका दावा और मजबूत होता है। अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह टीम को एक नई दिशा दे सकते हैं। दूसरा बड़ा नाम हार्दिक पांड्या का है जो पहले भी कप्तानी कर चुके हैं और खुद को साबित कर चुके हैं। उनकी अगुवाई में गुजरात टीम ने आईपीएल खिताब जीता था जो उनके नेतृत्व कौशल को दिखाता है। हार्दिक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनका आत्मविश्वास और आक्रामक रवैया टीम में ऊर्जा भरता है। बड़े मैचों में शांत रहकर फैसले लेना उनकी खासियत है जो उन्हें कप्तानी का मजबूत दावेदार बनाती है। तीसरा नाम अभिषेक शर्मा का है जो तेजी से उभरते हुए युवा खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक है और वह शुरुआत से ही विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी उनके पास है। उनकी स्ट्राइक रेट और लगातार रन बनाने की क्षमता उन्हें टी20 का आदर्श खिलाड़ी बनाती है। अगर उन्हें कप्तानी दी जाती है तो वह टीम में नई सोच और निडरता ला सकते हैं जो आने वाले बड़े टूर्नामेंट में फायदेमंद साबित हो सकती है। कुल मिलाकर भारतीय टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही है और आने वाले समय में कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। चयनकर्ताओं के सामने चुनौती यह होगी कि वे ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो न सिर्फ रणनीतिक रूप से मजबूत हो बल्कि अपने प्रदर्शन से भी टीम को जीत दिला सके।
गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर, महंगाई बढ़ी; दरों पर RBI का रुख नरम

नई दिल्ली। देश में बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब महंगाई पर साफ दिखने लगा है। मार्च 2026 में थोक महंगाई दर (WPI) में उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आने वाले समय में Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति पर असर पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। ईंधन बना महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजहरेटिंग एजेंसी ICRA के वरिष्ठ अर्थशास्त्री Rahul Agrawal के अनुसार, थोक महंगाई में यह बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर हुई है, जिसमें क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और ईंधन-ऊर्जा की कीमतों का बड़ा योगदान रहा।उन्होंने बताया कि फरवरी की तुलना में मार्च में मुख्य महंगाई में 175 बेसिस पॉइंट की वृद्धि हुई, जिसमें करीब 150 बेसिस पॉइंट सिर्फ ईंधन और ऊर्जा सेक्टर से आए। खाद्य महंगाई स्थिर, गैर-खाद्य में उछालमार्च में खाद्य महंगाई दर 1.8% पर स्थिर रही, लेकिन गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 3.3% से बढ़कर 3.7% पर पहुंच गई, जो पिछले 41 महीनों का उच्चतम स्तर है। यह संकेत देता है कि उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ने से अन्य वस्तुएं महंगी हो रही हैं। वैश्विक कारणों का असरविशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, शिपिंग और माल ढुलाई लागत में इजाफा और इनपुट लागत बढ़ने से आयात महंगा हो रहा है। इससे अप्रैल में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। डीजल और गैस की कीमतों ने बढ़ाया दबावCareEdge Ratings की मुख्य अर्थशास्त्री Rajani Sinha के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के चलते थोक डीजल और अन्य ईंधनों की कीमतों में तेज उछाल आया है।मार्च में थोक डीजल की कीमतों में 25% से ज्यादा की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर करीब 310 रुपये महंगे हुए।हालांकि खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन थोक स्तर पर बढ़ोतरी का असर उद्योग और परिवहन पर पड़ा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी रहेंगी चुनौतीअनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 85-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती हैं। इससे परिवारों, सरकार और तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बना रहेगा।हालांकि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन के कारण कंपनियां 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक कीमतों को संभाल सकती हैं। ब्याज दरों पर क्या होगा असर?मौजूदा महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि Reserve Bank of India फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।अगर आर्थिक विकास दर कमजोर पड़ती है, तो साल के अंत तक दरों में कटौती पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाई जा सकती है।
वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी 1.6% उछले

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार तेजी दिखाई। कारोबारी सत्र के अंत में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों करीब 1.6% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखा। दिनभर ऐसा रहा बाजार का हाल30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,263.67 अंक (1.63%) चढ़कर 78,111.24 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388.65 अंक (1.63%) की तेजी के साथ 24,231.30 के स्तर पर पहुंच गया।दिन के दौरान सेंसेक्स 77,981.10 पर खुला और 78,270.42 का हाई छुआ, जबकि निफ्टी ने 24,163.80 से शुरुआत कर 24,280.90 का इंट्रा-डे उच्च स्तर हासिल किया। यह पूरे सत्र में मजबूत खरीदारी का संकेत देता है। मिडकैप-स्मॉलकैप में और ज्यादा तेजीमुख्य इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.20% और स्मॉलकैप 100 में 2.35% की बढ़त दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ मिड और स्मॉल कंपनियों में भी भरोसा जता रहे हैं। हर सेक्टर में खरीदारी, आईटी-रियल्टी में जोरदार उछालबुधवार को लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं ऑटो, एफएमसीजी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी 1% से अधिक की बढ़त देखने को मिली। किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजीनिफ्टी 50 के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी रही। खासतौर पर Wipro, Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Larsen & Toubro और Hindalco Industries जैसे दिग्गज शेयरों में 3% से 4% तक की तेजी दर्ज की गई।हालांकि Bharti Airtel, ICICI Bank, Axis Bank और ONGC जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। क्यों आई बाजार में तेजी?विशेषज्ञों के मुताबिक, United States और Iran के बीच तनाव कम होने और शांति वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीदों ने बाजार का मूड पॉजिटिव किया। Donald Trump के बयान ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे बाजार में खरीदारी तेज हुई। कच्चे तेल में नरमी, रुपये को मिला सहाराकच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (94-95 डॉलर के आसपास) से भारत के आयात बिल पर दबाव कम हुआ है। इससे रुपये को मजबूती मिली और यह करीब 93.50 के स्तर तक पहुंच गया। यह भी बाजार की तेजी का एक बड़ा कारण रहा।
छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत

छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां एक युवक की मामूली सी कोशिश उसकी जान पर भारी पड़ गई। बमीठा स्थित खजुराहो हेरिटेज होटल में काम करने वाले एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार के रूप में हुई है जो होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने महज 5 दिन पहले ही इस नौकरी को ज्वाइन किया था और अपने काम की शुरुआत ही की थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के अनुसार होटल परिसर में एक बंदर घुस आया था जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान प्रदीप उसे भगाने के लिए आगे आया। आसपास नजर दौड़ाने पर उसे एक लोहे का पाइप मिला जिसे लेकर वह बंदर को भगाने की कोशिश करने लगा।लेकिन जैसे ही उसने पाइप को ऊपर उठाया वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के जरिए करंट सीधे उसके शरीर में दौड़ गया और तेज चिंगारी के साथ वह जमीन पर गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही लोगों ने उसे गिरते देखा मौके पर चीख पुकार मच गई। तुरंत मदद की कोशिश की गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी कि बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। एक परिवार के सपने उस वक्त टूट गए जब घर का युवा सदस्य जिसने अभी अभी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गया।
झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया

झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालवासा गांव में एक महिला को कथित संबंधों के आरोप में ग्रामीणों ने क्रूर और अपमानजनक सजा दी। महिला के साथ मारपीट की गई, उसका सिर मुंडवाया गया और उसे अपने ही पति को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आए। आरोप के नाम पर क्रूरता जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का आरोप लगाया गया। इसी को लेकर पति और कुछ ग्रामीण उसे जबरन गांव वापस लाए। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। गांव में घुमाकर किया अपमान ग्रामीणों ने महिला को मजबूर किया कि वह अपने पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घूमे। इस दौरान लोग तमाशबीन बने रहे। इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतिपाल सिंह महोबिया के अनुसार, मुख्य आरोपियों—सूर्या डामोर, दिलीप भूरिया, बाबू भूरिया और शैलेश भूरिया—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़िता सुरक्षित, जांच जारी पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों और भीड़ मानसिकता की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।