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एमएस धोनी की चोट के बाद वापसी की संभावित तारीख 23 अप्रैल तय की गई है, जब उनकी टीम मुंबई का सामना करेगी।

नई दिल्ली: क्रिकेट प्रेमियों और विशेष रूप से चेन्नई की टीम के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अपने मार्गदर्शक और पूर्व कप्तान एमएस धोनी की मैदान पर वापसी का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अब तारीख स्पष्ट हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, एमएस धोनी आईपीएल 2026 के इस सीजन में अपना पहला मुकाबला मुंबई के खिलाफ 23 अप्रैल को खेल सकते हैं। यह मैच मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, जो धोनी के करियर के लिए बेहद खास रहा है। इसी मैदान पर उन्होंने साल 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाया था और अब यहीं से उनके इस सीजन के सफर की शुरुआत होने की प्रबल संभावना है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से रहे बाहरएमएस धोनी इस सीजन के शुरुआती पांच मुकाबलों में अपनी टीम की अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन पाए थे। सीजन शुरू होने से ठीक पहले अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई थी, जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने अब तक पांच मैच खेले हैं, जिनमें से शुरुआती तीन मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, पिछले दो मैचों में टीम ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की है। धोनी की गैरमौजूदगी में अन्य खिलाड़ी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनकी मैदान पर मौजूदगी टीम के मनोबल के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मांसपेशियों के खिंचाव से उबरने के बाद एमएस धोनी 23 अप्रैल को मुंबई के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले से मैदान पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।धोनी की फिटनेस को लेकर आ रही ताजा रिपोर्टों के अनुसार, वह अब पूरी तरह स्वस्थ होने के करीब हैं। हाल ही में उन्हें अभ्यास सत्र के दौरान मैदान पर जमकर पसीना बहाते देखा गया था। उन्होंने नेट सत्र में लंबा समय बिताया और तेज गेंदों पर अपने पुराने अंदाज में प्रहार किए। उनके फुटवर्क और शॉट चयन में किसी भी प्रकार की परेशानी नजर नहीं आई, जो उनके पूरी तरह फिट होने का संकेत है। इसके अलावा वह टीम के युवा खिलाड़ियों और गेंदबाजों को विशेष रणनीति सिखाते हुए भी नजर आए, जिससे यह स्पष्ट है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।वानखेड़े स्टेडियम का विशेष महत्वधोनी की वापसी के लिए वानखेड़े स्टेडियम का चयन रणनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। 23 अप्रैल को होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट की दो सबसे सफल टीमों के बीच होगा। क्रिकेट जगत में इस भिड़ंत को सबसे बड़ा मुकाबला माना जाता है। धोनी का इस हाई-वोल्टेज मैच में वापसी करना न केवल दर्शकों के रोमांच को दोगुना कर देगा, बल्कि उनकी टीम को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा। वानखेड़े की पिच और वहां का माहौल हमेशा से धोनी के अनुकूल रहा है, जहां उन्हें खेल के हर प्रेमी का भरपूर समर्थन मिलता है। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भूमिका की संभावनाविशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान धोनी को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भी आजमाया जा सकता है। यदि वह पूरे 20 ओवर विकेटकीपिंग करने में थोड़ा भी संकोच महसूस करते हैं, तो टीम उन्हें केवल बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतार सकती है। उनकी वापसी के बाद टीम के बल्लेबाजी क्रम में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। टीम वर्तमान में अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है और धोनी की वापसी उन्हें प्ले-ऑफ की दौड़ में मजबूती से खड़ा कर सकती है। प्रशंसकों की नजरें अब 23 अप्रैल की उस तारीख पर टिकी हैं, जब सात नंबर की जर्सी में यह दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर मैदान पर कदम रखेगा।

चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत

कोटा । राजस्थान के कोटा जिले में दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। चंबल नदी के पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में घायल दूसरे युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा बुधवार सुबह हुआ था, जिसमें पहले ही एक युवक की मौके पर मौत हो चुकी थी। आमने-सामने भिड़ीं बाइक, तीन युवक गंभीरपुलिस के अनुसार, स्टेट हाईवे 120 पर सुबह करीब 7:30 बजे दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर करीब 10-12 फीट दूर पुल की रेलिंग से जा टकराए। मौके पर एक की मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दमइस हादसे में कोटा खुर्द निवासी शिवम मीना की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल अक्षय मीना और भीमसिंह गुर्जर को इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया।इलाज के दौरान अक्षय मीना ने भी दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक का इलाज जारी है।  एग्जाम देने जा रहा था अक्षयमृतक अक्षय मीना इटावा के किशनवास गांव का रहने वाला था और वह टोंक में बीएड का पेपर देने जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया, जिससे उसका सपना अधूरा रह गया।  पुलिस जांच में जुटीपुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। दोनों वाहनों की टक्कर कैसे हुई, इसकी पड़ताल जारी है।  हादसे की गंभीरता ने चौंकायाटक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक बाइक से उछलकर पुल की रेलिंग से जा टकराए। यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

समर्थ जुरेल साहसिक रियलिटी शो के आगामी सीजन में एक प्रमुख प्रतियोगी के रूप में शामिल होने के लिए निर्माताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

नई दिल्ली: छोटे पर्दे के लोकप्रिय रियलिटी शोज में अपनी खास पहचान बनाने वाले अभिनेता समर्थ जुरेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी हाजिरजवाबी और मजाकिया अंदाज के लिए मशहूर समर्थ अब अपने डर का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, स्टंट आधारित मशहूर रियलिटी शो के आगामी 15वें सीजन के लिए निर्माताओं ने समर्थ जुरेल से संपर्क किया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो दर्शक जल्द ही उन्हें ऊंचाइयों से लटकते और हैरतअंगेज स्टंट करते हुए देखेंगे। समर्थ ने अपनी पिछली प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया है और अब उनका यह साहसिक अवतार उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।हंसी-मजाक के बाद अब एक्शन और स्टंट का तड़कासमर्थ जुरेल हाल ही में एक कुकिंग शो में अपनी कॉमेडी और बेबाक अंदाज से लोगों को हंसाते नजर आए थे। उनके चुलबुले स्वभाव ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया है। हालांकि, इस नए साहसिक मंच की चुनौतियां पूरी तरह से अलग हैं, जहां मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता की कड़ी परीक्षा होती है। इस शो के संचालक अपनी कड़े अनुशासन और चुनौतीपूर्ण टास्क के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में समर्थ के लिए यह एक बड़ा बदलाव होगा कि वह हंसी-मजाक के माहौल से निकलकर खुद को एक जांबाज खिलाड़ी के रूप में कैसे स्थापित करते हैं। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि समर्थ खुद भी इस तरह के एडवेंचर आधारित कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए काफी उत्साहित हैं।तैयारियों और शारीरिक क्षमता पर विशेष ध्यानसाहसिक रियलिटी शो का हिस्सा बनने के लिए केवल हिम्मत ही काफी नहीं है, बल्कि शारीरिक सौष्ठव और फुर्ती भी अनिवार्य है। बताया जा रहा है कि शो के लिए बातचीत शुरू होने के बाद से ही समर्थ ने अपनी फिटनेस पर काम करना शुरू कर दिया है। वह जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं ताकि कठिन चुनौतियों के दौरान उनका शरीर पूरी तरह साथ दे सके। समर्थ के व्यक्तित्व में एक निडरता देखी गई है, जो इस प्रकार के कार्यक्रमों की प्राथमिक मांग है। उनके प्रशंसकों का मानना है कि उनकी फुर्ती और सकारात्मक ऊर्जा उन्हें इस कड़ी प्रतियोगिता में काफी आगे तक ले जा सकती है। दर्शकों की उम्मीदें और उभरता हुआ उत्साहजैसे ही समर्थ जुरेल के शो में शामिल होने की खबरें सामने आईं, उनके चाहने वालों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रशंसक लगातार उनकी पुरानी उपलब्धियों को साझा कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि वह इस बार भी अपनी गहरी छाप छोड़ने में सफल रहेंगे। समर्थ की लोकप्रियता विशेष रूप से युवा वर्ग में बहुत अधिक है, जो उन्हें एक ऊर्जावान कलाकार के रूप में देखते हैं। रियलिटी शो की दुनिया में समर्थ का ट्रैक रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है, जहां उन्होंने न केवल अच्छा खेल दिखाया है बल्कि दर्शकों के साथ एक सीधा भावनात्मक जुड़ाव भी बनाया है।प्रतियोगिता और आगामी सत्र की कठिन चुनौतीइस शो का 15वां सीजन पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है। निर्माताओं ने इस बार बाधाओं के स्तर को और ऊंचा करने की योजना बनाई है। समर्थ के साथ-साथ कई अन्य बड़े सितारों के नामों की भी चर्चा है, जिससे यह मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। समर्थ के लिए यह शो केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि खुद को साबित करने का एक बड़ा मंच होगा। उनके करियर ग्राफ को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह प्रोजेक्ट उन्हें अभिनय के साथ-साथ एक एक्शन आइकन के रूप में भी स्थापित कर सकता है। अब सबकी निगाहें इस औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं कि समर्थ कब इस रोमांचक सफर की शुरुआत करेंगे।

132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर

शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम बटुरा के पास हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।  35 मीटर ऊंचाई पर घंटों चला ड्रामाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब 25 से 35 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। भीषण गर्मी के बावजूद वह टावर पर ऊपर-नीचे होता रहा। उसकी हरकतें बेहद खतरनाक थीं, जिससे नीचे खड़े लोगों की सांसें थम गईं।  बिजली सप्लाई तुरंत की गई बंदघटना की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत टावर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कर दी। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो करंट लगने से बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके परसूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। टावर के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही। मानसिक स्थिति पर उठे सवालग्रामीणों के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह बार-बार खतरनाक हरकतें कर रहा था और टावर के शीर्ष तक पहुंच गया था। इसी कारण उसे नीचे उतारना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा।  जांच जारीफिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन है और किन कारणों से उसने यह कदम उठाया। साथ ही उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी रहीं।

अहान पांडे और अनीत पड्डा मोहित सूरी के निर्देशन में बनने वाली एक गहन रोमांटिक फिल्म से अपना फिल्मी सफर शुरू करेंगे।

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा में अपनी गहन और भावुक प्रेम कहानियों के लिए विख्यात निर्देशक मोहित सूरी एक बार फिर दर्शकों के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं। लंबे समय के इंतजार के बाद उनके आगामी प्रोजेक्ट के मुख्य कलाकारों के नामों की घोषणा कर दी गई है। इस नई फिल्म के जरिए अहान पांडे और अनीत पड्डा की एक ताजा जोड़ी बड़े पर्दे पर पदार्पण करने जा रही है। फिल्म जगत में इस खबर को लेकर भारी उत्साह है क्योंकि निर्देशक अपनी फिल्मों में नए कलाकारों को एक बहुत ही प्रभावशाली और संवेदनात्मक तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म एक गंभीर प्रेम कहानी होने वाली है जिसमें भावनाओं का गहरा पुट देखने को मिलेगा। बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ निर्देशक का पहला ऐतिहासिक गठबंधनइस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण करने वाली प्रतिष्ठित संस्था है। भारतीय फिल्म उद्योग की एक दिग्गज प्रोडक्शन कंपनी के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। यह पहली बार है जब मोहित सूरी इस बड़े निर्माण गृह के साथ हाथ मिला रहे हैं। इस सहयोग को उद्योग में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है क्योंकि यह फिल्म एक युवा और ताजा प्रेम कहानी को बहुत बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने का इरादा रखती है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर शुरू की जाएगी।अहान पांडे का सिनेमाई दुनिया में बहुप्रतीक्षित प्रवेशफिल्म जगत से ताल्लुक रखने वाले अहान पांडे पिछले काफी समय से अपनी पहली फिल्म के लिए खुद को तैयार कर रहे थे। जानकारी के अनुसार उन्होंने इस भूमिका को हासिल करने के लिए कड़ा प्रशिक्षण लिया है और कई कड़े ऑडिशन के दौर से गुजरने के बाद अपनी जगह पक्की की है। फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं का मानना है कि अहान में वह अभिनय क्षमता और मासूमियत है जो इस विशेष किरदार की मांग थी। उनके साथ मुख्य भूमिका में अनीत पड्डा नजर आएंगी जो इससे पहले कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी अदाकारी का कौशल दिखा चुकी हैं। इन दोनों उभरते सितारों की केमिस्ट्री फिल्म का मुख्य आकर्षण होने वाली है।संगीतमय रोमांटिक ड्रामा की समृद्ध विरासतनिर्देशक मोहित सूरी की फिल्मों की पहचान हमेशा से ही उनके रूहानी और बेहतरीन संगीत से रही है। उनकी पिछली कई सफल फिल्मों ने संगीत जगत को कालजयी गीत दिए हैं। इस नए प्रोजेक्ट के लिए भी यह दावा किया जा रहा है कि संगीत कहानी की आत्मा होगा और इसे तैयार करने के लिए दिग्गज संगीतकारों की एक टीम काम कर रही है। हालांकि फिल्म के शीर्षक को अभी गुप्त रखा गया है लेकिन चर्चा है कि यह कहानी आज के दौर के युवाओं के जटिल रिश्तों और उनके आंतरिक भावनात्मक संघर्षों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारेगी।नई प्रतिभाओं के लिए एक सुनहरा मंचइस भव्य फिल्म की घोषणा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मनोरंजन उद्योग अब नई और ऊर्जावान प्रतिभाओं पर बड़ा दांव लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अहान और अनीत के लिए यह एक ऐसा अवसर है जो उनके करियर को शुरुआती दौर में ही बड़ी ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। निर्देशक अपनी फिल्मों में नायक और नायिका के चरित्रों को बहुत संवेदनशीलता के साथ गढ़ते हैं जिससे दर्शक उनके साथ आसानी से जुड़ाव महसूस करते हैं। फिल्म की पूरी टीम वर्तमान में वर्कशॉप और रिहर्सल में व्यस्त है ताकि शूटिंग शुरू होने से पहले कलाकार अपनी भूमिकाओं में पूरी तरह से रच-बस जाएं।

रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती

मध्य प्रदेश रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी ने तालाब और खाली जमीन को भी गेहूं की फसल बता दिया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तालाब और खाली जमीन पर दिखा दी फसलत्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी ने करीब 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी जमीन को गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब विभाग को शिकायत मिली और जांच शुरू की गई। मौके पर जाकर भी दी गलत रिपोर्टजांच में यह बात सामने आई कि पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी, इसके बावजूद गलत जानकारी दर्ज की गई। इसे गंभीर लापरवाही और कदाचार माना गया। यही वजह रही कि प्रशासन ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया। दोबारा जांच में भी नहीं सुधारी गलतीशिकायत के बाद अधिकारियों ने दोबारा सत्यापन कराया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया। इससे यह साफ हो गया कि गड़बड़ी जानबूझकर की गई थी। फायदा होने से पहले ही पकड़ा गया मामलाप्रशासन की सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया। अगर यह मामला आगे बढ़ता, तो सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ उठाया जा सकता था। कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाईजिले के कलेक्टर सोमवंशी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  नियमों के तहत निलंबनपटवारी पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।  प्रशासन का सख्त संदेशइस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब सरकारी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेराफेरी पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षाकर्मियों की कुल आय का बड़ा हिस्सा उनके निश्चित वेतन के अलावा फिल्म निर्माण और विज्ञापनों के विशेष अनुबंधों से प्राप्त होता है।

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म जगत के सबसे बड़े सितारों के साथ साये की तरह रहने वाले उनके सुरक्षाकर्मियों की आय हमेशा से ही जिज्ञासा का विषय रही है। सोशल मीडिया और विभिन्न चर्चाओं में अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि इन सितारों के बॉडीगार्ड्स को वार्षिक दो से ढाई करोड़ रुपये का वेतन मिलता है। हालांकि, लंबे समय तक एक महानायक की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले उनके पूर्व सुरक्षा प्रमुख ने हाल ही में इन आंकड़ों को पूरी तरह से भ्रामक और वास्तविकता से परे बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की कमाई को लेकर समाज में एक गलत धारणा बनी हुई है, जबकि हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। मासिक वेतन और सोशल मीडिया का भ्रमपूर्व सुरक्षा प्रमुख के अनुसार, किसी भी बड़े सुपरस्टार के साथ काम करने वाले सुरक्षाकर्मी की एक निश्चित मासिक आय होती है। उन्होंने उन दावों पर कड़ा ऐतराज जताया जिनमें कहा जाता है कि ये गार्ड हर महीने 8 से 10 लाख रुपये कमाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पेशेवर दुनिया में भुगतान का तरीका पूरी तरह से पारदर्शी और तार्किक होता है। उनके मुताबिक, एक अनुभवी और उच्च श्रेणी के बॉडीगार्ड की अधिकतम मासिक सैलरी एक लाख रुपये के आसपास हो सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले करोड़ों के आंकड़े केवल सुर्खियां बटोरने का जरिया हैं, लेकिन धरातल पर भुगतान की स्थिति काफी संतुलित होती है। फिल्म निर्माण और अतिरिक्त आय का अनुबंधवेतन के दावों पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने इस पेशे में होने वाली अतिरिक्त कमाई के सही स्रोत के बारे में भी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सितारों के साथ रहने के दौरान जो अतिरिक्त आय होती है, वह मुख्य रूप से फिल्म प्रोजेक्ट्स और विज्ञापनों से जुड़ी होती है। जब भी कोई कलाकार किसी नई फिल्म की शूटिंग शुरू करता है, तो उसके निजी स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के लिए एक अलग अनुबंध तैयार किया जाता है। फिल्म के निर्माता उस विशेष कार्य के लिए एक तय राशि का भुगतान करते हैं। यह राशि हर फिल्म की अवधि और प्रोडक्शन की क्षमता के अनुसार अलग-अलग होती है, जिसे वार्षिक पैकेज का हिस्सा नहीं बल्कि ‘प्रोजेक्ट आधारित आय’ माना जाता है।बदलता दौर और सुरक्षाकर्मियों के अधिकारउन्होंने उस संघर्षपूर्ण समय को भी याद किया जब मनोरंजन जगत में सुरक्षा गार्डों को फिल्म के क्रू का हिस्सा नहीं माना जाता था। पहले केवल तकनीकी टीम और अन्य सहायकों को ही निर्माताओं द्वारा भुगतान किया जाता था। सुरक्षाकर्मियों के अधिकारों की वकालत करते हुए उन्होंने तर्क दिया था कि सुरक्षा व्यवस्था भी फिल्म निर्माण की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है और इसमें शामिल लोगों के श्रम का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनकी इसी पहल और बड़े सितारों के सहयोग से धीरे-धीरे नियमों में बदलाव आया और आज फिल्म निर्माताओं ने सुरक्षाकर्मियों को भी प्रोजेक्ट्स के दौरान भुगतान करना अनिवार्य कर दिया है। अनुभव से उद्यमिता तक का सफरएक दशक से अधिक समय तक सितारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद, अब वह अपनी खुद की निजी सुरक्षा एजेंसी का सफल संचालन कर रहे हैं। उनकी एजेंसी आज खेल जगत की दिग्गज हस्तियों और हाई-प्रोफाइल आयोजनों को विश्वस्तरीय सुरक्षा सेवाएं प्रदान कर रही है। उनका मानना है कि इस पेशे में केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि गोपनीयता और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सुरक्षा का क्षेत्र सम्मान और जिम्मेदारी का है, जिसे केवल धन के चश्मे से देखना गलत होगा। सच्चाई यह है कि यह पेशा कड़ी मेहनत और समर्पण की मांग करता है, न कि केवल कागजों पर दिखने वाले भारी-भरकम वेतन की।

सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला

सागर । मध्य प्रदेश के सागर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक शैलेंद्र जैन के निवास स्थित गौशाला में अचानक एक सांप घुस आया। गौशाला में काम कर रहे कर्मचारियों ने जैसे ही सांप को देखा, वे घबरा गए और तुरंत बाहर निकलकर मदद के लिए कॉल किया। बोरियों के बीच छिपा बैठा था सांपघटना बुधवार की है, जब सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा हुआ मिला। कर्मचारियों को पहले लगा कि यह खतरनाक कोबरा है, जिससे दहशत और बढ़ गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू पवार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ऐसे किया गया सुरक्षित रेस्क्यूस्नेक कैचर ने कर्मचारियों की मदद से धीरे-धीरे बोरियों को हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे। रेड स्नेक निकला, नहीं था खतरनाकरेस्क्यू के बाद पता चला कि यह सांप रेड स्नेक प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। यह जहरीला नहीं था, लेकिन अज्ञानता के कारण लोग इसे कोबरा समझकर डर गए थे। गर्मी से बचने आया था गौशालाविशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या गौशालाओं में घुस आते हैं। यही कारण है कि यह सांप भी ठंडक पाने के लिए वहां पहुंच गया। जंगल में छोड़ा जाएगास्नेक कैचर ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके।

रणबीर कपूर की यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और उनकी व्यक्तिगत कलात्मक सफलता का प्रतीक मानी जा रही है।

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया जब विश्व की प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने साल 2026 के लिए दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची जारी की। इस प्रतिष्ठित सूची में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर ने अपनी जगह बनाकर न केवल अपने प्रशंसकों को गौरवान्वित किया है, बल्कि वह इस वर्ष इस सूची में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय अभिनेता बन गए हैं। मनोरंजन की दुनिया से वैश्विक स्तर पर गिने-चुने नामों को ही यह सम्मान प्राप्त होता है, और रणबीर का चयन उनकी कलात्मक प्रतिभा और भारतीय सिनेमा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। रणबीर कपूर का इस सूची में शामिल होना उनकी हालिया फिल्मों की अभूतपूर्व सफलता और उनके अभिनय की विविधता का परिणाम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने जिस तरह की चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं चुनी हैं, उसने वैश्विक दर्शकों और आलोचकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। टाइम पत्रिका ने उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में परिभाषित किया है जो न केवल अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपनी अदाकारी से सिनेमा के मानदंडों को भी बदल रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि भारतीय कहानियों और कलाकारों की गूंज अब सात समंदर पार भी मजबूती से सुनाई दे रही है। इस सूची में स्थान पाने के पीछे उनकी फिल्म एनिमल की वैश्विक सफलता का बड़ा हाथ माना जा रहा है, जिसने कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित किए और दुनिया भर में चर्चा बटोरी। इसके अलावा उनकी आगामी फिल्म रामायण को लेकर बना माहौल भी उनकी प्रभावशाली छवि को मजबूती दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रणबीर ने जिस तरह से व्यावसायिक सफलता और गंभीर अभिनय के बीच संतुलन बनाया है, वह उन्हें अपने समकालीन अभिनेताओं से अलग खड़ा करता है। वह अब केवल एक फिल्म स्टार नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक आइकन के रूप में उभर रहे हैं। प्रतिष्ठित सूची में रणबीर कपूर के साथ विश्व के कई बड़े राजनेता, खिलाड़ी और वैज्ञानिक शामिल हैं, जो उनके बढ़ते कद की पुष्टि करता है। इससे पहले भी कई भारतीय हस्तियों को यह सम्मान मिल चुका है, लेकिन इस वर्ष मनोरंजन श्रेणी में एकमात्र भारतीय नाम होना रणबीर के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का फल है, बल्कि यह हिंदी फिल्म उद्योग की उस ताकत को भी दर्शाती है जो भाषा की सीमाओं को तोड़कर दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रही है। रणबीर कपूर की इस वैश्विक पहचान पर पूरे फिल्म जगत से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं। उनके सहयोगियों और वरिष्ठ कलाकारों का कहना है कि रणबीर ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि यदि कंटेंट में दम हो और अभिनय में ईमानदारी, तो विश्व मंच पर पहचान मिलना निश्चित है। आने वाले समय में उनकी कई बड़ी फिल्में कतार में हैं, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। यह सम्मान निश्चित रूप से उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 5 लाख से ज्यादा संविदा कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में वर्षों से काम कर रहे संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और स्थाई कर्मचारियों जैसी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। कोर्ट के इस आदेश से प्रदेश के 5 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।  10 साल से ज्यादा सेवा वालों को मिलेगा लाभकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी 10 साल या उससे अधिक समय से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें स्थाई श्रेणी के लाभ से वंचित करने का कोई ठोस कारण नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को वर्गीकरण (classification) और उससे जुड़े लाभ मिलना चाहिए। न्यूनतम वेतन देना जरूरीहाईकोर्ट ने कहा कि आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को कम वेतन देना अनुचित है। वर्तमान में कई आउटसोर्स कर्मचारियों को सिर्फ 8 से 10 हजार रुपए तक वेतन मिल रहा है, जबकि उसी पद पर नियमित कर्मचारियों को इससे दोगुना या ज्यादा वेतन मिलता है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।  कितने कर्मचारी होंगे प्रभावितप्रदेश में करीब: 2.5 लाख संविदा कर्मचारी1.5 लाख बिजली कंपनियों में आउटसोर्स कर्मचारी1 लाख अन्य विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी12 हजार अंशकालिक कर्मचारी यानी कुल मिलाकर 5 लाख से ज्यादा कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित होंगे। सरकार को भी दी नसीहतकोर्ट ने यह भी माना कि सरकार हर साल इन कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखती है, जिससे साफ है कि उनकी जरूरत बनी हुई है। ऐसे में उन्हें आर्थिक न्याय, सम्मानजनक जीवन और पर्याप्त वेतन देना जरूरी है। नर्सिंग भर्ती पर भी अहम टिप्पणीसुनवाई के दौरान नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में 100% महिला आरक्षण पर भी सवाल उठे। कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए पुरुष अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दे दी है। हालांकि उनका अंतिम चयन कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।  आगे क्या होगा?अब राज्य सरकार को कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नीति में बदलाव करना होगा। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ सरकारी व्यवस्था में भी स्थिरता आने की उम्मीद है।