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संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?

नई दिल्ली। RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को मिली Z प्लस सुरक्षा को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court.) में याचिका दाखिल हुई। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि सुरक्षा पर हो रहे खर्च का भुगतान संघ की तरफ से ही किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। 40 से 45 लाख रुपये महीने का खर्चउच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि सुरक्षा कवर की लागत कथित तौर पर 40 लाख से 45 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और राज्य के खजाने का नुकसान है क्योंकि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है। याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और जस्टिस अनिल किलोर की पीठ ने याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता के मकसद और इरादे पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी। याचिका में क्यानागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा अपने वकील अश्विन इंगोले के माध्यम से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग ऐसे व्यक्ति को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की वीवीआईपी सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका संगठन ‘पंजीकृत’ नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तरफ से भागवत को दी गई उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए उनसे शुल्क की भरपाई का अनुरोध किया था। मुकेश अंबानी केस का दिया हवालाउन्होंने 2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित एक मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारत सरकार की नीति के अनुसार उन्हें ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा उठाया जाना था। मोहन भागवत को कब मिली थी जेड प्लस सिक्योरिटीजून 2015 में संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा को बढ़ाकर जेड प्लस श्रेणी का कर दिया गया था। इसके साथ ही उनके सुरक्षा घेरे को संभालने का जिम्मा CISF यानी सेंट्रल आर्म्ड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज के पास आ गया था। इससे पहले उनकी सुरक्षा में महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ियां तैनात थीं। खास बात है कि पहली बार साल 2012 में यूपीए सरकार के दौरान भागवत को जेड प्लस सिक्योरिटी देने के आदेश दिए गए थे। तब सुशील कुमार शिंदे देश के गृहमंत्री थे।

हॉर्मुज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी फायरिंग के बाद ऐक्शन में भारत…

नई दिल्ली। भारत (India) ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps.- IRGC) के सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी की घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। यह घटना 18 अप्रैल को हुई थी। सरकार ने तत्काल कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और इस घटना पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। अभी भी हॉर्मुज में करीब 14 भारतीय जहाज फंसे हैं जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने प्रयास तेज कर दिए हैं। दूसरी ओर भारतीय नौसेना ने 7 युद्धपोत तैनात कर जहाजों को एस्कॉर्ट करना शुरू कर दिया है। कूटनीतिक प्रतिक्रिया और भारत का रुखगोलीबारी की घटना के बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूत से मुलाकात कर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि भारत ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा- हम भारतीय जहाजों की सुरक्षा के संबंध में ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। यह फायरिंग ईरानी अधिकारियों और स्थानीय IRGC यूनिट के बीच ‘संचार की कमी’ का नतीजा प्रतीत होती है। राहत की बात ये है कि जहाजों को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के दौरान जहाजों के कुछ हिस्सों में शीशे (कांच) टूटने की सूचना मिली है। UKMTO की रिपोर्ट और हमलों का विवरणयूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी अपनी रिपोर्ट में इस घटना का जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अप्रैल को कुल तीन जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनमें से दो भारतीय थे। पहली घटना: एक भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर के पास दो ईरानी सैन्य गनबोट (हथियारबंद नावें) आईं और बिना किसी पूर्व चेतावनी या रेडियो संपर्क के फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बच गया। दूसरी घटना: इसके कुछ ही समय बाद, ओमान के तट के पास एक अन्य भारतीय सुपरटैंकर को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (गोला/मिसाइल) टकराने की खबर है, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस गंभीर घटना के बीच, भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में 7 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। फंसे जहाजों को लारक आइलैंड से दूर रहने और केवल अनुमति मिलने पर आगे बढ़ने की एडवाइजरी जारी की गई है। नौसेना जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है। वर्तमान स्थिति और भारतीय जहाजों की मौजूदगीइस समय स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। हॉर्मुज स्ट्रेट में कम से कम 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी लंगर डाले हुए हैं, जिनमें तीन बड़े तेल टैंकर और एक एलपीजी (LPG) कैरियर शामिल हैं। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद से भारत पहले ही 10 भारतीय एलपीजी और तेल टैंकरों को इस क्षेत्र से सुरक्षित निकाल चुका है। अब बाकी बचे 14 जहाजों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। ईरान में भारी संख्या में भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नई दिल्ली की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। भारत लगातार ईरान पर कूटनीतिक दबाव बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी मिल सके।

ब्रह्मा जी के आंसुओं से बना दिव्य फूल: ब्रह्म ऊर्जा और धन का स्रोत, जानें सही दिशा और नियम

नई दिल्ली। कल्पना कीजिए एक ऐसे फूल की, जो साल में सिर्फ एक बार खिले, वह भी आधी रात को… और सुबह होते ही मुरझा जाए। यही अद्भुत विशेषता ब्रह्म कमल को सामान्य फूलों से अलग बनाती है। हिमालय की ऊंचाइयों में पाया जाने वाला यह दुर्लभ पुष्प न केवल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता भी बहुत गहरी है। मान्यता है कि यह फूल घर में हो तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण पवित्र बना रहता है।  आस्था और पौराणिक महत्व से जुड़ा फूलधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा का संबंध कमल से है और इसी कारण ब्रह्म कमल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह फूल भगवान शिव, भगवान विष्णु और नंदा देवी को भी प्रिय बताया गया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में इसे प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि ब्रह्म कमल के दर्शन मात्र से व्यक्ति की एक मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही वजह है कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।  घर में ब्रह्म कमल लगाने के चमत्कारी लाभब्रह्म कमल को घर में लगाना आसान नहीं होता, लेकिन जहां यह स्थापित हो जाता है, वहां कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। घर का वातावरण शुद्ध और शांत रहता हैनकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैमानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती हैपरिवार में सामंजस्य और आध्यात्मिक उन्नति होती हैधन और समृद्धि के योग मजबूत होते हैंधार्मिक मान्यता के अनुसार यह फूल चंद्र ऊर्जा से जुड़ा होता है, जिससे घर के लोगों का मन शांत और संतुलित रहता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार महत्ववास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म कमल को सही दिशा में रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। यहां रखने से घर की नकारात्मकता खत्म होती है और धन के रास्ते खुलते हैं।ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह फूल बेहद खास है। माना जाता है कि इसके घर में होने से ग्रह दोष, खासकर चंद्र और शनि से जुड़े दोष कम होते हैं और जीवन में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं। ब्रह्म कमल लगाने की सही दिशा और नियमब्रह्म कमल की ऊर्जा का पूरा लाभ लेने के लिए इसे सही स्थान पर लगाना जरूरी है— घर का केंद्र (ब्रह्म स्थान) सबसे उत्तम माना गया है उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना शुभ होता है पूजा घर या ध्यान स्थल के पास रखना लाभकारी हैपूर्व दिशा में लगाने से नए अवसर और सफलता मिलती है वहीं, इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बाधाएं और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। देखभाल से जुड़े जरूरी नियमब्रह्म कमल ठंडे और छायादार वातावरण में ही पनपता हैतेज धूप से इसे बचाना चाहिएपौधे को साफ-सुथरी जगह पर रखेंनियमित रूप से हल्का पानी देना जरूरी है

लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में चार जनसभाओं के बीच झालमुड़ी (Jhalmuri) की एक दुकान पर जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा जा चुका है। सूत्रों ने यह भी बताया कि “झालमुड़ी” के लिए गूगल सर्च पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार दौरे के दौरान अचानक रुके और झाड़ग्राम में लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। झालमुड़ी मुरमुरे, हरी मिर्च और अन्य मसालों से बनाया जाती है। एक सूत्र ने बताया, ”प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी की एक दुकान पर जाने के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा गया।” मोदी ने झालमुड़ी का स्वाद लिया और बाद में उसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीन पोस्ट किये जिसमें उन्होंने अपने दौरे का एक वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”एक व्यस्त रविवार को पश्चिम बंगाल में चार सार्वजनिक सभाओं के बीच, मैंने झाड़ग्राम में स्वादिष्ट मसालेदार मुरमुरे (झालमुड़ी) का आनंद लिया।” ममता बोलीं- ये नौटंकी थादूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक “झालमुरी” खरीदने के लिए रुकना सिर्फ एक “नौटंकी” था। बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक झालमुरी खरीदने के लिए रुके थे, तो उस समय वहां कैमरे कैसे मौजूद थे?” उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम पहले से तय था। पीएम ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया थाप्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह झाड़ग्राम की एक साधारण-सी दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साथ थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी ‘झालमुरी’ के लिए दुकानदार को भुगतान करते हैं और जब ​​दुकानदार रुपये लेने से इनकार करता है, तो वह जोर देकर कहते हैं कि उसे रुपये स्वीकार करने चाहिए। पूरे घटनाक्रम की सहजता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “वहां कैमरे पहले से ही लगा दिए गए थे। एसपीजी (प्रधानमंत्री को निकट सुरक्षा प्रदान करने वाला बल) ने पूरी व्यवस्था की थी।” जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया थाउन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री को अपनी जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था। क्या यह विश्वास करने लायक है? यह सब नौटंकी है।” ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय से निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारने में कुछ गद्दारों की गुप्त रूप से मदद करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे इलाके भाबानीपुर में भी ऐसा ही हुआ है। वे मुर्शिदाबाद और मालदा से आए हैं।” ममता ने कहा, “उन्होंने (भाजपा नेताओं) धर्म का व्यवसायीकरण कर दिया है। मैं मानवता का सम्मान करती हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हूं। मैं हर धर्म, जाति, पंथ और भाषा का सम्मान करती हूं। लेकिन जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है, हमारी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता अस्वीकार कर देगी।”

‘ये मेरी आखिरी फिल्म…’ David Dhawan का बड़ा इशारा, बेटे Varun Dhawan को लेकर हुए इमोशनल

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्ममेकर David Dhawan इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे एक बार फिर अपने बेटे Varun Dhawan के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच उनके एक बयान ने फैंस को भावुक कर दिया है। डेविड धवन ने संकेत दिया है कि यह फिल्म उनके करियर की आखिरी फिल्म हो सकती है। उनका कहना है कि अब वे धीरे-धीरे काम से दूरी बनाकर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। बेटे वरुण के साथ खास बॉन्डिंग, सेट पर सिर्फ एक्टर-डायरेक्टर रिश्ताएक इंटरव्यू में डेविड धवन ने अपने और वरुण के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच शानदार समझ और तालमेल है। “डायरेक्टर को सबसे पहले एक अच्छा एक्टर चाहिए होता है। वरुण सिर्फ मेरा बेटा नहीं, बल्कि एक समझदार कलाकार है, जो हर चीज को गहराई से समझता है।”डेविड ने यह भी बताया कि सेट पर वे वरुण को बेटे की तरह नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल एक्टर की तरह देखते हैं। उनका मानना है कि काम के दौरान रिश्तों को अलग रखना जरूरी होता है, ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके। पुराने दौर को किया याद, बदले फिल्म बनाने के तरीकेडेविड धवन ने फिल्म इंडस्ट्री के पुराने दौर को याद करते हुए बताया कि पहले फिल्मों के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा कि उस समय पूरी स्क्रिप्ट सुनाने का चलन नहीं था। Salman Khan, Govinda और Sanjay Dutt जैसे बड़े स्टार्स भी कई बार पूरी स्क्रिप्ट नहीं सुनते थे।सीन-टू-सीन समझाकर फिल्म बनाई जाती थी और भरोसे के आधार पर काम होता था। हालांकि आज का दौर बदल चुका है, लेकिन डेविड आज भी उसी पुराने अंदाज को पसंद करते हैं। वरुण के काम की तारीफ, बोले- अब कंप्लीट एक्टर बन चुका हैडेविड धवन ने वरुण के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने खासतौर पर Border 2 में उनके रोल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “उस फिल्म में वरुण ने शानदार काम किया है। उसका किरदार इमोशनल है, जिसमें उसने दर्शकों को हंसाया भी और रुलाया भी।”डेविड के मुताबिक, वरुण अब एक ‘कंप्लीट एक्टर’ बन चुका है, जो हर तरह के रोल में फिट बैठता है। शूटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, बेटे ने संभाली जिम्मेदारीइस दौरान डेविड धवन ने अपनी सेहत को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वे काफी बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। उस समय वरुण ने एक जिम्मेदार बेटे की तरह उनका पूरा ख्याल रखा। डॉक्टरों से लगातार संपर्क में रहकर उन्होंने हर स्थिति को संभाला। 3 दशक का शानदार सफर, अब संतुष्ट नजर आए डेविडकरीब 30 साल के करियर में 45 से ज्यादा फिल्में बनाने वाले डेविड धवन अपने सफर से संतुष्ट नजर आते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत अच्छा सफर देखा है, अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए।” उन्होंने अपने गुरु Manmohan Desai को भी याद किया और बताया कि उन्होंने उनसे ही मसाला एंटरटेनमेंट सिनेमा की बारीकियां सीखी हैं। 12 जून को रिलीज होगी फिल्म, फैंस को बड़ी उम्मीदअब Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai 12 जून को रिलीज होने जा रही है, जिसमें वरुण धवन के साथ Pooja Hegde और Mrunal Thakur नजर आएंगी।फैंस इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म डेविड धवन की पिछली कॉमेडी फिल्मों की तरह बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा पाएगी या वाकई यह उनके शानदार करियर का आखिरी पड़ाव साबित होगी।

दर्शकों की बदलती पसंद: कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का नया संगम रच रहा सिनेमा

नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां दर्शक सिर्फ मनोरंजन के लिए कॉमेडी या एक्शन फिल्में देखते थे, वहीं अब वे ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो दिल को छू जाएं और लंबे समय तक याद रहें। अब फिल्मों में इमोशन, गहराई और सच्चाई की मांग बढ़ गई है। यही कारण है कि फिल्म इंडस्ट्री भी अब कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों पर ज्यादा फोकस कर रही है, जहां कहानी और प्रस्तुति को प्राथमिकता दी जा रही है। माइथोलॉजी और लोककथाएं भारतीय समाज का अहम हिस्सा रही हैं। इन कहानियों में हमारी संस्कृति, परंपराएं और आस्था की झलक मिलती है। जब इन्हें आधुनिक अंदाज में फिल्मों या वेब सीरीज के जरिए पेश किया जाता है, तो दर्शकों के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनता है। यही वजह है कि आजकल फिल्ममेकर्स इन विषयों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस ट्रेंड को मजबूत करने में Kantara का बड़ा योगदान रहा है। Rishab Shetty की इस फिल्म ने दिखाया कि जड़ों से जुड़ी सच्ची कहानी भाषा की सीमाओं को पार कर सकती है। फिल्म में लोकदेवता, परंपरा और प्रकृति के रिश्ते को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे पूरे देश के दर्शकों ने सराहा। इसकी सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया और कंटेंट की ताकत को फिर साबित किया।इसी सफलता के बाद फिल्ममेकर्स का भरोसा मजबूत हुआ है और अब वे बड़े सितारों के बजाय दमदार कहानियों पर ध्यान दे रहे हैं। पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित कई नई फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं, जिनमें सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि इंसानी रिश्तों और समाज की सच्चाई को भी दिखाया जा रहा है। दर्शकों को यही ईमानदारी पसंद आ रही है। इसी कड़ी में Ramayana जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसे भव्य सेट्स, आधुनिक वीएफएक्स और नई तकनीक के साथ पेश करने की तैयारी है, ताकि हर वर्ग के दर्शकों को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके। आज के दौर में फिल्मों की भव्यता भी दर्शकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है। इंटरनेशनल स्तर के विजुअल्स, शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक और दमदार प्रेजेंटेशन से फिल्म का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि, केवल भव्यता ही काफी नहीं होतीकहानी में भावनात्मक गहराई और सच्चाई भी उतनी ही जरूरी है, तभी फिल्म दिलों में जगह बना पाती है। अब माइथोलॉजी फिल्मों का क्रेज युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां इन्हें सिर्फ बड़े उम्र के लोगों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब युवा भी इन कहानियों को पसंद कर रहे हैं। नए अंदाज, तेज रफ्तार कहानी और हाई-क्वालिटी विजुअल्स के कारण उन्हें इसमें एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण मिलता है। इस बदलाव में OTT platforms का भी बड़ा योगदान है। ओटीटी ने फिल्ममेकर्स को ज्यादा स्वतंत्रता दी है, जिससे वे अपनी कहानियों को विस्तार से दिखा पा रहे हैं। खासकर पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियां वेब सीरीज के रूप में दर्शकों तक बेहतर तरीके से पहुंच रही हैं। धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली इन कहानियों से दर्शकों का जुड़ाव भी मजबूत होता है। कुल मिलाकर, दर्शकों की बदलती पसंद ने फिल्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा दी है, जहां कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का संतुलन बनाकर ऐसी कहानियां पेश की जा रही हैं, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव बन जाती हैं।

.भारत-यूक्रेन के बीच जल्‍द होगा रक्षा और सुरक्षा को लेकर अहम समझौता, जेलेंस्की ने दी जानकारी

नई दिल्ली। भारत और यूक्रेन के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर एक अहम समझौता जल्द ही आधिकारिक रूप ले सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। यह घोषणा यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव की हालिया भारत यात्रा के बाद सामने आई, जहां उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की।सैन्य अनुभव साझा करने पर जोररूस के साथ जारी युद्ध के पांचवें वर्ष में पहुंच चुके यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए हैं। अब वह इन अनुभवों को साझेदार देशों के साथ साझा कर रहा है। भारत भी यूक्रेन की इस विशेषज्ञता से लाभ उठाने में रुचि दिखा रहा है।भारत का रुख: संवाद से समाधानबैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक बार फिर भारत की उस नीति को दोहराया, जिसमें किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने पर बल दिया जाता है। शांति प्रयासों में सहयोग की उम्मीदरुस्तम उमेरोव ने स्थायी शांति की दिशा में भारत की भूमिका और समझ की सराहना की। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारत ने संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी रूस और यूक्रेन यात्राओं के दौरान यह स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच ‘चिप से शिप’ तक हुए 15 समझौते, व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे. म्युंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। साथ ही तकनीक, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और पोत निर्माण समेत 15 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और छह अहम घोषणाएं भी हुईं।भरोसे से भविष्य की साझेदारी की ओरबैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया अपने भरोसेमंद रिश्तों को भविष्य की मजबूत साझेदारी में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चिप से लेकर शिप, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी और एनर्जी से लेकर एनवायरमेंट तक हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।” इससे दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि को नई गति मिलेगी। 2030 तक व्यापार दोगुना करने की योजनाप्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार करीब 27 अरब डॉलर है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत-दक्षिण कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। साथ ही औद्योगिक सहयोग समिति का गठन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा वार्ता शुरू की जाएगी। निवेश और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर जोरभारत में दक्षिण कोरिया की कंपनियों, खासकर MSME सेक्टर के लिए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अगले एक साल में अपग्रेड किया जाएगा। एआई, सेमीकंडक्टर, आईटी, पोत निर्माण, स्टील और पोर्ट सेक्टर में सहयोग को भी विस्तार मिलेगा।सांस्कृतिक रिश्तों में भी नई ऊर्जाप्रधानमंत्री मोदी ने भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हजारों साल पुराना जुड़ाव है। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कथा का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि भारत में K-Pop और K-ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में भारतीय सिनेमा की पहचान भी बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।इन क्षेत्रों में हुए प्रमुख समझौतेदोनों देशों के बीच पोत निर्माण, औद्योगिक सहयोग, इस्पात सप्लाई चेन, MSME सहयोग, समुद्री विरासत, व्यापार समझौते का उन्नयन, वित्तीय सिस्टम, विज्ञान एवं तकनीक, अंतरराष्ट्रीय भुगतान, डिजिटल ब्रिज, जलवायु और पर्यावरण, पेरिस समझौते के तहत सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल जैसे क्षेत्रों में समझौते हुए हैं। ये रहीं अहम घोषणाएंबैठक के दौरान आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरुआत, डिस्टिंग्विश्ड विजिटर प्रोग्राम, दक्षिण कोरिया का इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव और सोलर एलायंस में शामिल होना, विदेश मंत्री स्तर की वार्ता शुरू करना और 2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप ईयर के रूप में मनाने जैसे फैसले लिए गए।

MP में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट, रातें भी होंगी गर्म, कई शहरों में दिन का पारा 42 डिग्री के पार

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस सीजन पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति बनने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार रात भोपाल सहित 9 शहरों में रात के समय भी गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, डिंडौरी जिले में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।इन शहरों में रात भी देगी गर्मी का एहसासमंगलवार रात जिन शहरों में ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले रविवार और सोमवार की रात भी भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला और नर्मदापुरम में गर्म रात दर्ज की गई थी। क्या होती है ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति?मौसम विभाग के अनुसार, ‘वॉर्म नाइट’ तब मानी जाती है जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक हो। यदि यह तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहे, तो ऐसी स्थिति बनती है। यदि रात का तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री से ज्यादा बढ़ जाए, तो उसे ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। फिलहाल प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं बनी है। खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म, 43°C पहुंचा पारासोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भीषण गर्मी रही। छतरपुर के खजुराहो में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम और सीधी में 42.2 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा रीवा और श्योपुर में 42 डिग्री, रायसेन में 41.6 डिग्री, नौगांव में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.5 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर और उज्जैन में 39.5 डिग्री तथा जबलपुर में 38.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।दिन में बादल, कहीं बारिश और गरज-चमकरविवार और सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। खरगोन, इंदौर, सीहोर, सागर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, गुना, सतना, मुरैना, हरदा, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन और बैतूल में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिली। भोपाल में सुबह देर से धूप निकली।मौसम में बदलाव की वजह क्या है?पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण बादल छाए रहे और कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, हालांकि इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है।

मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:00 बजे भोपाल से कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे और वहां से रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी की बैठक लेंगे और स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे सायं 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरूगन के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। वे यहां जनसभा को संबोधित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायं 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए वापस रवाना होंगे।