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ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार

नई दिल्ली। सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने ठगता था। आरोपी ने महिला को पति पर संकट का डर दिखाकर पूजा के बहाने उसका मंगलसूत्र रुमाल में रखवाया और मौका मिलते ही फरार हो गया था। पुलिस पूछताछ में उसने एक और वारदात कबूल की है।  ‘संकट’ का डर दिखाकर रचा पूरा खेलभदभदा खमरिया रोड निवासी मालती प्रजापति ने 17 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति बाबा के वेश में घर आया और उनके पति पर संकट आने की बात कहकर डराया।आरोपी ने पूजा का झांसा देते हुए मंगलसूत्र रुमाल में रखने को कहा। महिला जैसे ही पूजा में व्यस्त हुई, वह रुमाल लेकर फरार हो गया। बाद में जब रुमाल खोला गया, तो मंगलसूत्र गायब मिला।  एक और वारदात का भी किया खुलासाजांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी तरह की ठगी 8 अप्रैल को धाऊ गांव में भी हुई थी, जहां हेमलता पटेल के साथ भी आरोपी ने यही तरीका अपनाया था।दोनों मामलों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की और टीमों को सक्रिय किया।  मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, आरोपी गिरफ्तारसोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बेरखेड़ी के पास देखा गया है। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और आरोपी बालमुकुंद उर्फ हलुआ को गिरफ्तार कर लिया।  सोने-चांदी के गहने बरामदथाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों वारदातें कबूल कर लीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने जब्त किए हैं, जिनमें 36 सोने के गुरिया, 2 सोने के पेंडल, 10 इलायची आकार के सोने के दाने, पायल और सोने की चेन शामिल हैं।  अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीदजैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और आशंका है कि वह इस तरह की और भी ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच कर रही है।  सतर्क रहें: ऐसे झांसे से बचेंइस तरह के मामलों में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अजनबी बाबा या साधु के बहकावे में न आएं और घर में कीमती सामान देने से पहले सतर्क रहें।

कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात

नई दिल्ली। जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली चोरी सामने आई है, जहां चोरों ने बड़ी सफाई से किसान का नया ट्रैक्टर पार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि बाड़े में खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने पुराने को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है।  रात में कूलर की हवा में सोता रहा परिवार, चोर ले गए ट्रैक्टरग्राम टिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साहू के अनुसार, 16 अप्रैल की शाम वे खेत से लौटे और अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े कर दिए। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार घर के अंदर कूलर चलाकर सो रहा था।इसी दौरान अज्ञात चोर चुपचाप बाड़े में घुसे और करीब डेढ़ साल पहले 4 लाख रुपए में खरीदे गए नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर ले गए। पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रह गया।  चोरों की नजर सिर्फ नए ट्रैक्टर परइस वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरों ने बिना किसी जल्दबाजी के दोनों ट्रैक्टरों को देखा, लेकिन उनकी नजर सीधे नए ट्रैक्टर पर ही टिकी। उन्होंने आराम से बाड़े का गेट खोला और ट्रैक्टर लेकर निकल गए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी।  100 से ज्यादा CCTV खंगाले, मंडला रूट पर मिला सुराग17 अप्रैल की सुबह जब किसान बाड़े में पहुंचा तो ट्रैक्टर गायब देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।इसके बाद किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर और बरेला तक 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया है। 50 हजार का इनाम घोषित, पुलिस एक्टिव18 अप्रैल को किसान ने पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। साथ ही उसने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर चोरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।  बढ़ रही चोरी की घटनाएं, किसानों में डरइस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर इस तरह घर के पास खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बड़ी चिंता की बात है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद किया जाएगा।

ईरान के लिए ‘परमाणु हथियार’ जैसा है होर्मुज, पूर्व अमेरिकी जनरल ने बताया-इसे खोलना क्यों आसान नहीं

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब बातचीत के दौर में पहुंच चुका है, लेकिन Strait of Hormuz को लेकर हालात अब भी बेहद जटिल बने हुए हैं। Iran ने इस अहम समुद्री मार्ग पर नियंत्रण सख्त कर रखा है, जबकि United States ने ईरानी जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी कर दी है। इस बीच पूर्व अमेरिकी जनरल और नाटो के सुप्रीम अलाइड कमांडर रह चुके Wesley Clark ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जबरन होर्मुज को खोलने की कोशिश करता है, तो यह उसके लिए बेहद महंगा और लंबा सैन्य अभियान साबित हो सकता है। CNN से बातचीत में क्लार्क ने कहा कि मौजूदा हालात 1980 के दशक के “टैंकर युद्ध” से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने साफ किया कि आज का ईरान पहले से कहीं ज्यादा तैयार और रणनीतिक रूप से मजबूत है। ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई की कीमत बहुत भारी हो सकती है। ‘ईरान का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है होर्मुज’ क्लार्क ने होर्मुज की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह तेहरान के लिए किसी परमाणु बम से कम नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान इस जलमार्ग का इस्तेमाल केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक दबाव के तौर पर भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के सामने कई तरह के खतरे मौजूद हैं-समुद्री बारूदी सुरंगें, तेज रफ्तार हमलावर नौकाएं, मिसाइलें और आधुनिक ड्रोन। ये सभी मिलकर किसी भी ऑपरेशन को बेहद जोखिमभरा बना देते हैं। ‘किले में तब्दील हो चुका है यह रास्ता’ क्लार्क के अनुसार, ईरान ने दशकों में होर्मुज को एक किलेबंद क्षेत्र में बदल दिया है। संकरे समुद्री मार्ग और आसपास की पहाड़ियों का फायदा उठाते हुए ईरानी सेना यहां हर गतिविधि पर नजर रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को उन्नत तकनीकी सहयोग, खासकर China से, उसकी सैन्य क्षमता को और मजबूत बनाता है। खोलना ही नहीं, सुरक्षित रखना भी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका किसी तरह इस समुद्री मार्ग को खोल भी ले, तब भी इसे सुरक्षित बनाए रखना आसान नहीं होगा। हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि ईरान ने सीमित हमलों के जरिए ही व्यापारिक जहाजों पर दबाव बना दिया, जिसके बाद कई जहाजों ने खुद ही उसके साथ तालमेल बैठा लिया। असल चुनौती यही है कि जब तक ईरान की सहमति न हो, तब तक Strait of Hormuz को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से चालू रखना लगभग असंभव माना जा रहा है।

वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से भारत में महंगाई का खतरा, दूसरे दौर के प्रभावों पर गहरी नजर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वैश्विक अनिश्चितताओं और भू राजनीतिक तनावों के बीच देश की मौद्रिक नीति को लेकर बेहद सतर्क और संतुलित रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक किसी भी प्रकार के जल्दबाजी वाले निर्णय से बच रहा है और आगे की दिशा आर्थिक आंकड़ों और जोखिमों के विस्तृत आकलन के आधार पर तय की जाएगी। उन्होंने इसे वेट एंड वॉच की स्थिति बताया और कहा कि मौजूदा समय में स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है। अपने एक अंतरराष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी दबावों और वैश्विक घटनाक्रमों के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा और अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत की आर्थिक संरचना पर भी पड़ सकता है क्योंकि इस क्षेत्र की भूमिका भारत के व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और विदेशी आय के प्रवाह में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि पश्चिम एशिया भारत के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार क्षेत्र है, जो देश के निर्यात का बड़ा हिस्सा, आयात का महत्वपूर्ण भाग और कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग आधा हिस्सा उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही उर्वरक आयात और विदेशी रेमिटेंस में भी इस क्षेत्र का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की गहरी आर्थिक निर्भरता के कारण किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है। आरबीआई गवर्नर ने विशेष रूप से दूसरे दौर के प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आपूर्ति व्यवधान यदि लंबे समय तक बने रहते हैं तो उनका असर धीरे धीरे कीमतों और उत्पादन लागत पर फैल सकता है, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। इस प्रकार की स्थिति केवल अस्थायी नहीं होती बल्कि आर्थिक संतुलन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकती है। मौद्रिक नीति को लेकर उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान में तटस्थ रुख बनाए हुए है और हाल के महीनों में की गई ब्याज दरों में कटौती के बाद अब स्थिति का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति पूरी तरह डेटा आधारित दृष्टिकोण अपनाती है और बदलते आर्थिक संकेतकों के अनुसार लगातार जोखिमों का पुनर्मूल्यांकन करती रहती है ताकि नीति निर्णय संतुलित और प्रभावी बने रहें। डिजिटल अर्थव्यवस्था के संदर्भ में उन्होंने देश में बढ़ते डिजिटल लेनदेन की सराहना की और बताया कि यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो भारत की डिजिटल प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि एक नए डिजिटल लोन सिस्टम पर काम चल रहा है जिसका उद्देश्य छोटे किसानों और छोटे व्यवसायों को त्वरित और आसान ऋण उपलब्ध कराना है। वित्तीय अनुशासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश का राजकोषीय घाटा पिछले वर्षों की तुलना में लगातार कम हुआ है, जो आर्थिक प्रबंधन में सुधार का संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकारी ऋण अनुपात में भी धीरे धीरे सुधार देखा जा रहा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलती है।

होर्मुज पर पहली बार खुलकर बोला चीन, अमेरिका-ईरान दोनों को दी नसीहत-क्या कहा बीजिंग ने?

बीजिंग। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच China ने पहली बार खुलकर Strait of Hormuz को लेकर अपना रुख सामने रखा है। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताते हुए साफ किया कि यहां जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए। चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बातचीत में कहा कि होर्मुज को फिर से सामान्य नौवहन के लिए खोला जाना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि यह कदम न केवल क्षेत्रीय देशों बल्कि पूरी दुनिया के साझा हितों से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि Iran द्वारा होर्मुज बंद करने और United States की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के बाद यह चीन का पहला आधिकारिक बयान है। इस टकराव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है, खासकर एशियाई देशों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चीन, जो ईरानी तेल का बड़ा आयातक है, लंबे समय तक चलने वाले इस संघर्ष से चिंतित है। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन क्षेत्र में शांति, विकास और सहयोग पर आधारित व्यवस्था का समर्थन करता है, ताकि स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस बयान की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि चीन ने 2023 में Saudi Arabia और ईरान के बीच रिश्तों को बहाल कराने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसे पश्चिम एशिया में बड़ी कूटनीतिक सफलता माना गया था। इसी बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने एक चीनी-सम्बद्ध मालवाहक जहाज को अमेरिकी नौसेना द्वारा रोके जाने और उस पर गोलीबारी की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और हालात को और बिगड़ने से बचाना चाहिए। भारतीय झंडे वाले जहाजों पर कथित हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी चीन ने दोहराया कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय मार्ग है और इसे सुरक्षित तथा खुला रखना सभी देशों के हित में है। चीन ने साफ संकेत दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने की दिशा में काम करने को तैयार है।

चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म: ABV-IIITM मामले में जॉइनिंग के बाद जांच पर रोक

नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो और उसे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिल चुकी हो, तब बार-बार जांच के दायरे में लाना न सिर्फ अनुचित है बल्कि कर्मचारी के अधिकारों का उल्लंघन भी है।  चयन प्रक्रिया पूरी, अब विवाद खत्मकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी भी नियुक्ति को वैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिए जाने के बाद उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है और सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति मिल चुकी है, तो बाद में तकनीकी आधार पर उसे चुनौती देना न्यायसंगत नहीं है। इंटरव्यू आधारित चयन को सही ठहरायासुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सहायक रजिस्ट्रार पद के लिए लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया। कोर्ट ने इसे नियमों के अनुरूप माना और कहा कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी सामने नहीं आई।  किसी अभ्यर्थी ने नहीं दी चुनौतीअदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि चयन प्रक्रिया के खिलाफ न तो किसी असफल उम्मीदवार ने आपत्ति जताई और न ही पक्षपात या अनियमितता का कोई ठोस प्रमाण पेश किया गया। ऐसे में बार-बार जांच बैठाना उचित नहीं है।  SBI नौकरी छोड़कर जॉइन किया था पदयह मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर वर्ष 2019 में इस पद को जॉइन किया था। जॉइनिंग के बाद संस्थान में कुछ शिकायतों के आधार पर कई जांच समितियां बनाई गईं, जिन्होंने चयन प्रक्रिया, वेतन सुरक्षा (पे प्रोटेक्शन) और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए।  जांच समितियों की सिफारिशों पर कोर्ट सख्तकुछ समितियों ने नियुक्ति रद्द करने तक की सिफारिश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नियुक्ति के बाद इस तरह की बार-बार जांच कर्मचारी के लिए अस्थिरता पैदा करती है और यह न्यायसंगत नहीं है।  कर्मचारियों के अधिकारों को दी प्राथमिकताकोर्ट ने अपने फैसले में यह संदेश भी दिया कि एक बार चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी को स्थिरता और सुरक्षा मिलनी चाहिए। बार-बार जांच से न सिर्फ संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी गिरता है।

Gold Rate: ट्रंप के सख्त रुख से सोने पर दबाव, चांदी अब तक 1.87 लाख रुपये तक टूटी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ताजा बयान के बाद सोने की कीमतों में एक बार फिर नरमी देखने को मिली है। वहीं चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.87 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है। दरअसल, मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते बाजार लगातार प्रभावित हो रहा है। अमेरिका और Iran के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान के साथ समझौता नहीं होता, तब तक ब्लॉकेड हटाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी ओर ईरान ने भी संकेत दिया है कि यदि ब्लॉकेड जारी रहा, तो वह Strait of Hormuz को नहीं खोलेगा। इस तनातनी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसी माहौल का असर सोने पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 21 अप्रैल, मंगलवार को कॉमैक्स गोल्ड करीब 4 डॉलर टूटकर 4,816.77 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर भी कमजोरी देखने को मिली। 5 जून डिलीवरी वाला सोना 41 रुपये फिसलकर 1,52,799 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में गिरावट और ज्यादा तेज रही। MCX पर चांदी 4,568 रुपये टूटकर 2,52,574 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। सोमवार को बाजार खुलते ही चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। अगर इसके ऑल टाइम हाई से तुलना करें, तो कीमत करीब 1,87,552 रुपये तक नीचे आ चुकी है। उल्लेखनीय है कि MCX पर चांदी इससे पहले 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव और अमेरिकी नीति संकेतों के चलते आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

तिलक वर्मा ने किया खुलासा, हार्दिक पांड्या के शब्दों ने बदला मैच का रुख और बढ़ाया आत्मविश्वास..

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रन से हराकर न सिर्फ अपनी जीत का खाता खोला बल्कि टीम के भीतर आत्मविश्वास और संयम की नई कहानी भी लिखी। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण रहा तिलक वर्मा का नाबाद शतक, जिसने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और विपक्षी टीम को पूरी तरह दबाव में ला दिया। मैच के बाद तिलक वर्मा ने कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ क्रीज पर हुई बातचीत और उनके प्रेरक शब्दों का खुलासा किया, जिसने उनके प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई। तिलक वर्मा ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे और हार्दिक पांड्या उनके साथ क्रीज पर मौजूद थे, तो कप्तान लगातार उन्हें प्रोत्साहित कर रहे थे। हार्दिक का ऊर्जा से भरा अंदाज उन्हें और बेहतर खेलने के लिए प्रेरित कर रहा था। तिलक के अनुसार हार्दिक बार बार यह कह रहे थे कि तुम कर सकते हो, तुम करोगे। इस पर तिलक ने भी शांत रहकर अपने खेल पर ध्यान देने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वह स्थिति को संभाल लेंगे। यह संवाद मैदान पर टीम के भीतर मौजूद विश्वास और सकारात्मक माहौल को दर्शाता है। तिलक ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ मैचों में वह लंबे समय तक क्रीज पर नहीं टिक पाए थे, जिससे उनके मन में एक तरह का दबाव था। इस मैच में उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा गेंदों का सामना करना और परिस्थिति के अनुसार अपने खेल को ढालना था। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए टीम की जरूरत के अनुसार अपनी पारी को आगे बढ़ाया और यही उनकी सफलता की कुंजी बनी। अहमदाबाद की पिच को लेकर तिलक वर्मा ने बताया कि यह आमतौर पर काली मिट्टी की होती है, जो धीमी गति से खेलती है और बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि इस बार भी पिच थोड़ी धीमी और नीची थी, इसलिए उन्हें अपने शॉट चयन में संयम रखना पड़ा। उन्होंने हालात को समझते हुए सीधे और सटीक शॉट खेलने पर ध्यान दिया, जिसका फायदा उन्हें शतक के रूप में मिला। तिलक ने यह भी कहा कि उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद है, हालांकि वह टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी स्थान पर खेलने के लिए तैयार रहते हैं। तिलक वर्मा की नाबाद 101 रन की पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने पांच विकेट पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम केवल 100 रन पर ढेर हो गई और मुंबई ने यह मुकाबला बड़े अंतर से जीत लिया। इस प्रदर्शन के लिए तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। यह जीत मुंबई इंडियंस के लिए बेहद अहम रही क्योंकि लगातार हार के बाद यह टीम के आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने वाली साबित हुई।

पिस्टल दिखाकर प्रताड़ना: Gwalior में कारोबारी से गाली दिलवाकर बनाए वीडियो, पुलिस जांच में जुटी

नई दिल्ली। ग्वालियर में एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक प्रॉपर्टी कारोबारी के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसे बंधक बनाकर अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ जबरदस्ती की, वीडियो बनाए और 30 लाख रुपए के चेक भी साइन करवा लिए।  लेन-देन के बहाने बुलाया, फिर बनाया बंधकपीड़ित 48 वर्षीय कारोबारी ने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन और प्रॉपर्टी का काम करता है। 15 अप्रैल को उसे पुराने परिचित ओमकार सिकरवार ने लेन-देन की बात करने के लिए बुलाया। वह पीतांबरा धर्मकांटा स्थित ऑफिस पहुंचा, जहां पहले से 5-6 लोग मौजूद थे।जैसे ही वह अंदर पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए धमकाया कि अब वह जिंदा नहीं जाएगा।  पिस्टल के दम पर की दरिंदगी, बनाए वीडियोपीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान एक आरोपी मोबाइल से वीडियो बनाता रहा। इतना ही नहीं, उन्होंने कारोबारी से अपने दुश्मन के खिलाफ गालियां दिलवाकर वीडियो रिकॉर्ड किए और उसके मोबाइल से भेज भी दिए।  बेटे से मंगवाई चेक बुक, 30 लाख के चेक साइनबदमाशों ने कारोबारी को धमकाकर उसके बेटे से चेक बुक मंगवाई। इसके बाद 10-10 लाख रुपए के तीन चेक जबरन साइन कराए गए। एक चेक उसकी पत्नी के अकाउंट से और दो उसके खुद के अकाउंट से जुड़े थे।इसके अलावा, आरोपियों ने ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब भी मंगवाई और पीड़ित के साथ मारपीट जारी रखी।  3 घंटे तक बनाया बंधक, फिर छोड़ाकरीब साढ़े तीन घंटे तक कारोबारी को कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे धमकाया और पीटा गया। बाद में आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर कहलवाया कि उसने चेक अपनी मर्जी से दिए हैं।रात करीब 9 बजे उसे छोड़ा गया, जिसके बाद वह सीधे पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।  पुराने विवाद से जुड़ा मामला, आरोपियों की तलाश जारीपुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे पुराना विवाद सामने आया है। आरोपियों और पीड़ित के बिजनेस पार्टनर के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।  कानून-व्यवस्था पर सवालइस घटना ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिनदहाड़े इस तरह की वारदात से लोगों में डर का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

DA की मांग पर सड़क पर उतरे BSNL कर्मचारी, सरकार से जल्द फैसले की मांग

नई दिल्ली। उज्जैन में मंगलवार को Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) के अधिकारी और कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते (आईडीए) को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। All Unions and Associations of BSNL (एयूएबी) के बैनर तले देवासगेट स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने भोजनावकाश के दौरान नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया गया। 5.2 प्रतिशत आईडीए बढ़ोतरी, फिर भी आदेश लंबितएयूएबी के स्थानीय संयोजक मनोज शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से 3.5% और अप्रैल 2026 से 1.7% औद्योगिक महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाया गया है। इस तरह कुल 5.2% की बढ़ोतरी बनती है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से इसके आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगीप्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में भत्ते का समय पर भुगतान न होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द आदेश जारी करने की मांग की, ताकि उन्हें बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिल सके। बड़ी संख्या में शामिल हुए कर्मचारीप्रदर्शन में मनोज शर्मा के अलावा नवीन कारपेंटर, गिरीश राठौर, मदन जुनेजा, हितेश अखंड, आरएस कुशवाह सहित 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। आगे भी जारी रहेगा आंदोलनकर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही महंगाई भत्ते के आदेश जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एयूएबी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।