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Umaria में सेंट्रल स्कूल का निरीक्षण: कलेक्टर ने नए भवन की जमीन देखी

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में मंगलवार को प्रशासनिक गतिविधि तेज हो गई जब कलेक्टर राखी सहाय ने केंद्रीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ वर्तमान स्कूल की स्थिति देखी, बल्कि प्रस्तावित नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी जायजा लिया। अचानक निरीक्षण से स्कूल में हलचलकलेक्टर के अचानक पहुंचने से विद्यालय परिसर में हलचल मच गई। उन्होंने प्राचार्य और स्टाफ के साथ बैठक कर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं की छत पर सफेद चादर लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि तापमान नियंत्रित रहे। नए भवन की जमीन का निरीक्षणनिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन के टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जबलपुर संभागीय आयुक्त से समन्वय कर निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि स्कूल भवन जल्द बन सके। सुविधाओं में सुधार के निर्देशछात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में वाटर कूलर और वाटर फिल्टर लगाने के साथ-साथ हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।इसके अलावा पीएचई विभाग को बोरवेल के पानी को टंकी में संग्रहित कर आरओ सिस्टम के माध्यम से शुद्ध करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। खेल और बुनियादी ढांचे पर जोरकलेक्टर ने विद्यालय में खेल गतिविधियों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने आरआई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

टेंडर प्रक्रिया पूरी, फिर भी रुका काम: पार्षद ने उठाए सवाल, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में मंगलवार सुबह स्थानीय समस्याओं से नाराज लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। वार्ड क्रमांक-1 सुबखार के निवासियों ने जबलपुर–अमरकंटक मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े लोगप्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।पूर्व भाजपा विधायक दुलीचंद उरैती भी प्रदर्शन में शामिल रहे और उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड की सड़क, घाट, सीवरेज लाइन और अन्य विकास कार्य लंबे समय से अटके हुए हैं। 10 साल से अधूरी समस्याएं, लोगों में नाराजगीस्थानीय लोगों का कहना है कि इमली कुटी से जबलपुर मार्ग तक सड़क निर्माण, मुक्तिधाम रोड, डैम घाट के पास स्नान घाट और सीवरेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि दो साल से लगातार आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मौके पर प्रशासन, समझाइश के बाद खुला जामस्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार और नगर पालिका अमले ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर के आने की मांग पर अड़े रहे।बाद में एसडीएम राम बाबू देवांगन मौके पर पहुंचे और वार्ड का निरीक्षण किया। उनकी समझाइश और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर सड़क जाम खोल दिया गया। पार्षद का आरोप टेंडर होने के बावजूद काम रुकाभाजपा पार्षद भागीरथ उरैती ने कहा कि सड़क कायाकल्प योजना के तहत कार्य की स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण विकास कार्य अटका हुआ है। प्रशासन ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसाएसडीएम ने आश्वासन दिया है कि सभी लंबित कार्यों की समीक्षा कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

विधायक-मंत्री पर मनमानी का आरोप: पूर्व विधायक ने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम सियासी बयानबाजी का मंच बन गया। नैनपुर जनपद के इंद्री गांव में सोमवार को हुए इस आयोजन में 130 जोड़ों का विवाह तो संपन्न हुआ, लेकिन कई जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने विवाद खड़ा कर दिया। मंच से उठे सवाल, जनपद सदस्यों की अनुपस्थिति पर नाराजगीकार्यक्रम में पहुंचे पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम ने मंच से ही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि यह जनपद स्तर का कार्यक्रम होने के बावजूद जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य तक मौजूद नहीं हैं।उन्होंने जनपद सीईओ को भी सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष तरीके से काम करें। विधायक-मंत्री पर लगाए भेदभाव के आरोपसैयाम ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक और प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में भेदभाव किया जा रहा है और सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान नहीं दिया जा रहा। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर जनप्रतिनिधि की भागीदारी जरूरी है, लेकिन यहां कुछ लोगों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। पुराने कार्यक्रम का भी किया जिक्रपूर्व मंत्री ने पिछले साल टिकरवारा में हुए सामूहिक कन्यादान कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपेक्षा बताते हुए कहा कि जिस योजना की शुरुआत उन्होंने मंत्री रहते की थी, उसी में उन्हें दरकिनार किया गया। सरपंचों की समस्याओं को भी उठायाअपने संबोधन में सैयाम ने सरपंचों की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से कई सरपंच आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सामग्री भुगतान के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में पहले के कार्यकाल के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपए वापस चले गए, जिन्हें अब तक वापस नहीं लाया जा सका है। 130 जोड़ों का हुआ विवाह, सरकार ने दी सहायताविवाद के बीच कार्यक्रम में 130 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। नवविवाहितों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान भी प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य विभाग अनजान: डिग्री का खेल उजागर, असली-नकली डॉक्टर का चौंकाने वाला मामला

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही एमबीबीएस डिग्री के आधार पर दो अलग-अलग लोग वर्षों से सरकारी डॉक्टर बनकर काम कर रहे हैं। इनमें से एक असली डॉक्टर है, जबकि दूसरा बिना मेडिकल पढ़ाई के ही 15 साल से मरीजों का इलाज करता रहा और हैरानी की बात यह है कि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। बालाघाट से शुरू हुई जांच, खुलने लगे राजपूरे मामले की परतें बालाघाट जिले से खुलनी शुरू हुईं। यहां बिरसा के सरकारी अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर की पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टर कभी अस्पताल में तो कभी अपने गांव में निजी क्लीनिक चलाते हैं। स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि वे बिना किसी बोर्ड या आधिकारिक पहचान के घर के पास मरीजों का इलाज करते रहे हैं। दस्तावेजों में बड़ा खेल, अलग-अलग जगहों का जिक्रजब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो कई विसंगतियां सामने आईं। कहीं उनका गृह जिला रीवा बताया गया, तो कहीं मुरैना और बालाघाट। इतना ही नहीं, उनके पास केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन पाया गया, जबकि परमानेंट रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड गायब था। देवास में मिला असली डॉक्टरजांच टीम ने देवास में पदस्थ दूसरे डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने अपनी ओरिजिनल एमबीबीएस डिग्री और परमानेंट रजिस्ट्रेशन दिखाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालाघाट में उपयोग की जा रही डिग्री उनकी ही है, लेकिन उस व्यक्ति को वे नहीं जानते। इससे साफ हो गया कि एक ही डिग्री की कॉपी का इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति सरकारी नौकरी कर रहा है। मेडिकल काउंसिल ने किया खुलासामध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज है और वह देवास में कार्यरत डॉक्टर का है। इससे बालाघाट वाले डॉक्टर की स्थिति पूरी तरह संदिग्ध हो गई है। जिम्मेदार अधिकारी भी अनजानबालाघाट के सीएमएचओ ने माना कि उन्हें हाल ही में इस मामले की शिकायत मिली है और जांच जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी।विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में बड़ी चूक को दर्शाता है। अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो ऐसे कई और फर्जी डॉक्टर सिस्टम में सक्रिय हो सकते हैं। बड़ा सवाल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़?सबसे गंभीर बात यह है कि जिस व्यक्ति के पास असली डिग्री नहीं है, वह वर्षों से मरीजों का इलाज करता रहा। इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ गए हैं।

नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली। दिल्ली से जुड़े व्यापक राजनीतिक माहौल के बीच लखनऊ में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एक विशाल जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम ने राजनीतिक स्तर पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसमें हजारों महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विधानसभा तक पैदल मार्च किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ इस पदयात्रा में शामिल हुए और पूरे समय जनता के बीच सक्रिय रूप से मौजूद रहे। लगभग एक दशमलव सात पांच किलोमीटर लंबी इस यात्रा ने राजनीतिक वातावरण को और अधिक गरमा दिया। विधानसभा के बाहर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी संकीर्ण सोच के कारण इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और उन्हें राजनीति एवं निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिला, युवा, गरीब और किसान चार प्रमुख आधार हैं जिनमें महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दलों को जनता भविष्य में जवाब देगी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस प्रदर्शन को महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और शक्ति का प्रतीक बताया।

शादी में आया मासूम नाले में गिरा: ग्रामीण पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के दुगलई गांव में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। मामा के यहां शादी में शामिल होने आए 15 वर्षीय दिव्यांश इनवाती की नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना सोमवार शाम की है, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। शादी की खुशियां पल भर में बदलीं गम मेंजानकारी के अनुसार, टाकाबर्रा निवासी दिव्यांश अपने माता-पिता और बहन के साथ 14 अप्रैल को मामा के यहां शादी समारोह में शामिल होने दुगलई आया था। 20 अप्रैल को माता-पिता और बहन वापस लौट गए, जबकि दिव्यांश मामा के यहां ही रुक गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित होगा। दोस्तों के साथ गया था नाले परसोमवार दोपहर दिव्यांश अपने हमउम्र दोस्तों के साथ बकरियां चराने नाले की ओर गया था। इसी दौरान बकरियां दूर चली गईं, जिन्हें वापस लाने के लिए एक दोस्त वहां से चला गया। मौके पर मौजूद दिव्यांश और उसका साथी रोहित नाले में नहाने लगे। गहरे पानी में गया, नहीं बच सकी जाननहाते समय अचानक दिव्यांश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथी रोहित ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। घबराकर वह गांव पहुंचा और परिजनों को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजनों ने निकाला शव, पुलिस को दी सूचनापरिजनों ने ग्रामीणों की मदद से नाले से दिव्यांश का शव बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रात अधिक होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अगले दिन हुआ पोस्टमार्टम, जांच जारीमंगलवार को जिला अस्पताल में पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। सावधानी की जरूरत, बार-बार हो रहे ऐसे हादसेगर्मी के मौसम में नदियों और नालों में नहाने के दौरान इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बिना निगरानी के जल स्रोतों के पास नहीं जाने देना चाहिए, क्योंकि गहराई का अंदाजा न होने से ऐसे हादसे हो सकते हैं।

5 दमकल वाहनों ने पाया काबू: Junnardeo में आग से भारी नुकसान

नई दिल्ली। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई, जहां एक किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को बचा लिया गया।  अचानक भड़की आग, मच गया हड़कंपघटना देर रात की है, जब लोगों ने दुकान से उठती लपटें देखीं। आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही देर में पूरी दुकान धू-धू कर जलने लगी। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।  5 दमकल वाहन, 3 घंटे की मशक्कतसूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए एक-दो नहीं बल्कि 5 दमकल वाहनों को लगाना पड़ा। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास की दुकानें और मकान सुरक्षित बच गए। लाखों का नुकसान, कारण अज्ञातइस हादसे में दुकान मालिक को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है, क्योंकि दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जल गया। हालांकि, फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है। जांच में जुटी पुलिस और प्रशासनघटना की सूचना के बाद पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।  समय रहते टला बड़ा हादसायदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती, तो यह आसपास की कई दुकानों और मकानों को अपनी चपेट में ले सकती थी। स्थानीय लोगों और दमकल टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी

नई दिल्ली। सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक फिल्मी अंदाज में चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई। बगदरा घाटी में 4-5 बदमाशों ने दो गाड़ियों से पीछा करते हुए कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की और मौका मिलते ही युवक के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले।  घाटी में पीछा, टक्कर मारकर रुकवाने की कोशिशजानकारी के मुताबिक, रैपुरा निवासी प्रदीप कुमार अपने तीन दोस्तों के साथ सीधी से चित्रकूट लौट रहे थे। जब उनकी कार बगदरा घाटी से गुजर रही थी, तभी पीछे से आई दो संदिग्ध गाड़ियों ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, खतरा भांपते हुए प्रदीप ने घाटी में वाहन नहीं रोका और सीधे गोदावरी मोड़ तक पहुंच गए।  गाड़ी रुकते ही झपटी चेनजैसे ही पीड़ित गोदावरी मोड़ पर रुके, दोनों संदिग्ध गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं। एक वाहन के पास आते ही उसमें सवार बदमाश ने झटके से प्रदीप के गले से सोने की चेन छीन ली और तुरंत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गाड़ियों में 4 से 5 आरोपी सवार थे, जिन्होंने पूरी वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया।  पुलिस को चकमा देकर बॉर्डर पारघटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने जानकीकुंड अस्पताल के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपी मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश में दाखिल हो गए। पीड़ित पक्ष ने भी अपनी कार से उनका पीछा किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।  CCTV और वीडियो के आधार पर जांच तेजइस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी वाहन भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहनों के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।  हाईवे पर बढ़ती वारदातें, सुरक्षा पर सवालइस तरह की घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सीमा पार समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है।

मुंबई के सामने गुजरात का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फेल, मैथ्यू हेडन ने हार के बाद खोली टीम की पोल

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस को मुंबई इंडियंस के हाथों 99 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में गुजरात की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा टीम का मध्यक्रम, जिसने दबाव में आकर कोई भी मजबूत जवाब नहीं दिया। मैच के बाद टीम के बल्लेबाजी कोच मैथ्यू हेडन ने स्वीकार किया कि इस मुकाबले में मिडिल ऑर्डर की असल कमजोरी सामने आ गई और टीम की संरचना की सीमाएं उजागर हो गईं। हेडन ने कहा कि मैच की शुरुआत में ही टॉप ऑर्डर के जल्दी आउट होने से पूरी बल्लेबाजी लाइनअप पर भारी दबाव बन गया। उन्होंने माना कि पावरप्ले में मिली शुरुआती असफलता ने टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनके अनुसार पावरप्ले वह चरण होता है जहां मैच जीता नहीं जाता लेकिन काफी हद तक गंवाया जा सकता है और इस मुकाबले में यही हुआ। गुजरात टाइटंस के प्रमुख बल्लेबाज साई सुदर्शन, जोस बटलर और शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम की स्थिति शुरू में ही कमजोर पड़ गई। मैथ्यू हेडन ने यह भी कहा कि मध्यक्रम पर बहुत अधिक जिम्मेदारी डालना हमेशा आसान नहीं होता क्योंकि उनकी भूमिका टॉप ऑर्डर से अलग होती है। उन्होंने बताया कि मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को अक्सर कम गेंदें खेलने का अवसर मिलता है और उनसे तुरंत प्रभाव डालने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में लगातार प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने शाहरुख खान, राहुल तेवतिया और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों को हर मैच में लंबी पारी खेलने का अवसर नहीं मिलता, लेकिन उनसे तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है, जो हर बार संभव नहीं होता। हेडन ने यह भी स्वीकार किया कि टीम की रणनीति और बल्लेबाजी भूमिकाएं तय होने के बावजूद इस मुकाबले में उनका सही इस्तेमाल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की भूमिका स्पष्ट है, लेकिन इस मैच में परिस्थितियों के अनुसार उसे निभाने में टीम असफल रही। मध्यक्रम के बल्लेबाज न तो क्रीज पर समय बिता सके और न ही स्थिति को संभाल सके, जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में पूरी तरह नाकाम रही। मैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तिलक वर्मा के नाबाद शतक की बदौलत पांच विकेट पर 199 रन बनाए। जवाब में गुजरात टाइटंस की पूरी टीम केवल 100 रन पर सिमट गई। मुंबई की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां तेज गेंदबाज ने चार ओवर में 24 रन देकर चार विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने जोरदार वापसी की, जबकि गुजरात टाइटंस के लिए यह हार कई गंभीर सवाल छोड़ गई।

Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। रीवा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात संयुक्त पुलिस टीम ने की, जिसमें बिछिया, रायपुर कर्चुलियान और गुढ़ थाना पुलिस शामिल रही। आरोपी दो लग्जरी कारों में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे और पूरे विंध्य क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला चुके थे।  घेराबंदी कर रंगे हाथ पकड़े गए तस्करपुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांजा की बड़ी खेप लेकर सौदे के लिए पहुंचने वाले हैं। इसके बाद खड्डा रीठी तलाब भीटा के पास घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी वहां लेनदेन के लिए रुके, पुलिस टीम ने दबिश देकर सभी को मौके से पकड़ लिया।  दो लग्जरी कारों से भारी मात्रा में गांजा बरामदतलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों कारों से कुल 28 किलो 930 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इसके साथ ही आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन सहित करीब 4 लाख 20 हजार रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो।  यूपी और एमपी के आरोपी शामिलगिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई लोग शामिल हैं। इनमें रीवा, सीधी और बांदा जिले के निवासी आरोपी शामिल हैं, जो आपस में मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।बताया जा रहा है कि यूपी के कुछ आरोपी खासतौर पर खरीददारी के लिए रीवा आए थे।  पूरे विंध्य में फैला था नेटवर्कप्रशिक्षु आईपीएस एवं बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल के अनुसार, यह सिर्फ एक सप्लाई नहीं बल्कि बड़ा नेटवर्क है, जो विंध्य क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी।  एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्जपुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है।  संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाईइस कार्रवाई को विंध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।