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बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक खतरा है..

नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीटवेव की स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे मौसम में सबसे अधिक जोखिम बच्चों और बुजुर्गों को होता है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को सामान्य रूप से नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होता। इसके कारण वे जल्दी डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं, जो कई बार गंभीर स्थिति भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता और उनकी पसीने की ग्रंथियां भी कम सक्रिय होती हैं, जिससे शरीर से गर्मी बाहर निकलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। दूसरी ओर, बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ शरीर की सहनशीलता कम हो जाती है और कई बार स्वास्थ्य समस्याओं या दवाइयों के प्रभाव के कारण भी शरीर तापमान को संतुलित नहीं कर पाता। यही कारण है कि ये दोनों वर्ग गर्मी के मौसम में अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। लू लगने की स्थिति में कई शुरुआती संकेत दिखाई देते हैं, जैसे तेज सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना और मतली जैसी समस्या। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए समय पर सावधानी और इलाज बेहद जरूरी है। इस मौसम में सबसे महत्वपूर्ण उपाय पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन है। बच्चों और बुजुर्गों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। धूप से बचाव भी उतना ही जरूरी है। बाहर निकलते समय हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए, सिर को ढकना चाहिए और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि दोपहर के समय, जब धूप सबसे तेज होती है, बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखा जाए। खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। भारी, तैलीय और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए और हल्का, पौष्टिक तथा आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां और दही शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। साथ ही, अत्यधिक कैफीन और शराब जैसे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं। घर के वातावरण को ठंडा रखना भी महत्वपूर्ण है। पंखे, कूलर या एसी का उपयोग करके कमरे का तापमान नियंत्रित किया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों की नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके। यदि किसी को लू लगने का संदेह हो तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए और चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

लोन दिलाने के नाम पर टीचर से 9 लाख की ठगी, दलाल ने नकद और जेवर लेकर किया फरार

नई दिल्ली । डिंडोरी जिले में लोन दिलाने के नाम पर एक शिक्षक से लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में दलालों के जाल में फंसे शिक्षक से करीब 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने एक लाख रुपए नकद और करीब 8 लाख रुपए के जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर की ईएमआई के चलते फंसे शिक्षकमेहदवानी जनपद के कलगी टोला निवासी शिक्षक नारायण पन्द्राम आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। उनके ट्रैक्टर की ईएमआई लगातार बाउंस हो रही थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के दुर्गेश सोनवानी से हुई, जिसने पहले एक परिचित को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से लोन दिलवाया था। भरोसे में आकर शिक्षक ने उससे मदद मांगी। KCC लोन का झांसा देकर वसूले पैसेदुर्गेश ने शिक्षक को केसीसी लोन दिलाने का झांसा दिया और सर्च रिपोर्ट बनवाने के नाम पर 20 हजार रुपए ले लिए। जब लोन नहीं मिला और शिक्षक ने पैसे वापस मांगे, तो दुर्गेश ने उन्हें एक अन्य दलाल ब्रजेश टांडिया से मिलवाया, जो कथित रूप से बड़े बैंक अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करता था। जेवर गिरवी रखकर लिया गया पैसाब्रजेश ने शिक्षक को बड़ा लोन दिलाने का भरोसा दिलाते हुए बैलेंस ट्रांसफर कराने की बात कही। इसके बाद उसने शिक्षक को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में बुलाकर उनके जेवरात की जानकारी ली। फिर मंडला बस स्टैंड के पास अपने परिचित जनक राठौर के पास 414 ग्राम सोना और 20 ग्राम चांदी के जेवर अमानत के रूप में रखवा दिए, जिसके बदले में 1.45 लाख रुपए दिलाए गए। नकद रकम भी ठगी, फिर बंद किया संपर्कइसके बाद आरोपी ने 13 और 14 फरवरी को ट्रैक्टर की ईएमआई भरने के नाम पर शिक्षक से 50-50 हजार रुपए, कुल 1 लाख रुपए नकद भी ले लिए। यह रकम शिक्षक ने उधार लेकर दी थी। कुछ दिनों बाद जब शिक्षक ने संपर्क करना चाहा, तो ब्रजेश ने फोन उठाना बंद कर दिया। सच सामने आते ही पहुंचा पुलिस के पासजब शिक्षक मंडला जाकर जनक राठौर से मिले, तो उन्हें भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारीसिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोन के नाम पर सक्रिय दलालों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, विकास और सुशासन पर उठाए सवाल

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है, जहां मतदान के साथ-साथ चुनावी सभाओं में नेताओं के तीखे बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसी क्रम में कृष्णानगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने राजनीतिक व्यंग्य, विकास के मुद्दों और जनता के मूड को मिलाकर कई अहम बातें कहीं, जिससे सभा में मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने हाल ही में झालमुड़ी का स्वाद लिया है, लेकिन उसकी ‘झाल’ यानी तीखापन तृणमूल कांग्रेस को महसूस हो रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और जनता बड़ी संख्या में मतदान कर रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार चुनावी माहौल अधिक शांतिपूर्ण रहा है और हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चुनावी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और लोग खुलकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास को लेकर भी कई सवाल उठाए और कहा कि पिछले वर्षों में रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वादों के बावजूद औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ है और इसका सीधा असर युवाओं और कामकाजी वर्ग पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कई उद्योग और रोजगार के अवसर कमजोर हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है। अपने संबोधन में उन्होंने विभिन्न वर्गों जैसे किसान, मजदूर, युवा, शिक्षक, दुकानदार और अन्य नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग बेहतर शासन और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता परिवर्तन के मूड में है और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता हर वर्ग को साथ लेकर विकास करना है और वे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन और विकास को लेकर एक नई शुरुआत की जरूरत है, जिसे जनता इस चुनाव में अवसर दे सकती है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग सोच-समझकर करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान यह दर्शाता है कि जनता बदलाव चाहती है और यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेगा।

अपान वायु मुद्रा से मिलेगा पीरियड्स दर्द में आराम, ऐंठन और थकान होगी कम

नई दिल्ली । महिलाओं के लिए मासिक धर्म का समय अक्सर असहजता से भरा होता है। पेट दर्द, ऐंठन, कमर में भारीपन और थकान जैसी समस्याएं कई बार इतनी बढ़ जाती हैं कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी या सही नहीं होता। यही वजह है कि आजकल प्राकृतिक तरीकों जैसे योग और हस्त मुद्राओं की ओर रुझान बढ़ रहा है। क्या है अपान वायु मुद्रा?अपान वायु मुद्रा एक विशेष हस्त मुद्रा है, जिसे योग में शरीर की ऊर्जा संतुलित करने के लिए किया जाता है। यह मुद्रा खासतौर पर पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में मददगार मानी जाती है। कैसे मिलती है पीरियड्स में राहत?पीरियड्स के दौरान जब इस मुद्रा का अभ्यास किया जाता है, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इससे पेट दर्द, ऐंठन और खिंचाव में राहत मिल सकती है। साथ ही यह शरीर को अंदर से शांत करने का काम करती है, जिससे थकान भी कम महसूस होती है। करने का सही तरीकाइस मुद्रा को करना बेहद आसान है-आराम से सुखासन में बैठ जाएंहाथों को घुटनों पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर रहेंतर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे की जड़ से लगाएंमध्यमा और अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे से स्पर्श कराएंछोटी उंगली सीधी रखेंआंखें बंद कर शांत मन से कुछ मिनट तक अभ्यास करेंमानसिक तनाव में भी फायदेमंदपीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव महसूस होता है। यह मुद्रा मन को शांत करने में मदद करती है, जिससे मूड बेहतर हो सकता है और मानसिक संतुलन बना रहता है। पाचन और ऊर्जा पर भी असरअपान वायु मुद्रा पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और भारीपन में भी राहत दे सकती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का स्तर संतुलित रहता है और दिनभर एक्टिव महसूस होता है। ध्यान रखने वाली जरूरी बातेंखाना खाने के तुरंत बाद इस मुद्रा का अभ्यास न करेंशुरुआत में कम समय के लिए करें, धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएंअगर कोई गंभीर समस्या या दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें

आस्था का अद्भुत संगम नीमच में महावीर जिनालय ध्वजारोहण और भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

नीमच । नीमच में जैन समाज की आस्था और परंपरा का भव्य संगम उस समय देखने को मिला जब श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजारोहण विधि विधान के साथ संपन्न हुआ इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण छाया रहा सुबह सात बजे से ही महावीर जिनालय परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी जहां भक्तों ने भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना में भाग लिया विधि विधान से ध्वजारोहण के बाद भव्य वरघोड़ा यानी शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी घोड़े और बैंड बाजों की धुन ने माहौल को और अधिक भव्य बना दिया वहीं चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला रथ के साथ दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार होकर आगे बढ़ रहे थे जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी वरघोड़े के दौरान समाजजनों ने जगह जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया महिलाओं और युवाओं ने ढोल धमाकों की थाप पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा में भाग लिया जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आनंद से भर गया शोभायात्रा विकास नगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम तक पहुंची जहां इसका समापन हुआ पूरे मार्ग में गुरुदेव के जयकारे और दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे जैसे धार्मिक नारे गूंजते रहे जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ प्राप्त किया नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और यह आठ दिवसीय महोत्सव लगातार धार्मिक गतिविधियों से सराबोर है प्रतिदिन विभिन्न अनुष्ठान और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना हुआ है बल्कि समाज में एकता और संस्कारों की परंपरा को भी मजबूत कर रहा है और पूरे नीमच शहर में इस समय भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है

पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।

नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत की बल्लेबाजी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हार का सामना करना पड़ा, जहां टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। खास तौर पर कप्तान ऋषभ पंत की पारी ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं और उनकी बल्लेबाजी पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने पंत के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए कहा कि उनकी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने बताया कि शुरुआती गेंदों पर पंत ने लगातार आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, जो उनकी स्थिति और मैच की परिस्थिति के हिसाब से सही नहीं था। एक अनुभवी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज होने के बावजूद उनका यह रवैया टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। संजय बांगड़ के अनुसार, पंत के शॉट चयन में स्पष्टता की कमी नजर आई। उन्होंने कहा कि एक कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज के रूप में पंत से यह उम्मीद की जाती है कि वह पारी को समझदारी से आगे बढ़ाएं, लेकिन इस मैच में उन्होंने जल्दबाजी में जोखिम भरे शॉट खेले। बांगड़ ने यह भी कहा कि पंत की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि वह अपने ही निर्णयों से खुश नहीं थे और उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका था। मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी बल्लेबाजी क्रम संघर्ष करती नजर आई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रही। राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट निकालते रहे, जिसके कारण एलएसजी की पारी 119 रन पर ही सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से जीत हासिल कर ली। इस हार ने लखनऊ सुपर जायंट्स की रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम के कप्तान होने के नाते ऋषभ पंत पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन मौजूदा फॉर्म में उनका योगदान टीम के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। लगातार अस्थिर प्रदर्शन के कारण टीम को संतुलन बनाने में भी परेशानी हो रही है। संजय बांगड़ ने आगे यह भी कहा कि अगर पंत शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाते और परिस्थिति को समझकर खेलते, तो उनका प्रदर्शन काफी बेहतर हो सकता था। उनके अनुसार, ऐसे बड़े खिलाड़ियों से उम्मीद होती है कि वे दबाव में भी समझदारी से खेलें और टीम को स्थिरता दें, लेकिन इस मैच में ऐसा देखने को नहीं मिला।

काला नमक: छोटी मात्रा में बड़ा फायदा, शरीर का संतुलन बनाए रखने में है बेहद मददगार

नई दिल्ली। काला नमक भारतीय रसोई का एक ऐसा साधारण लेकिन बेहद असरदार घटक है, जो स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद में इसे “सौवर्चला लवण” कहा गया है और सामान्य सफेद नमक की तुलना में इसे अधिक औषधीय गुणों वाला बताया गया है। खास बात यह है कि काला नमक पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। भोजन के बाद होने वाली गैस, पेट फूलना, कब्ज और भारीपन जैसी समस्याओं में यह राहत देने का काम करता है। यह पेट को हल्का रखता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में सहायक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार काले नमक की तासीर गर्म होती है, इसलिए यह शरीर में पित्त को संतुलित करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट एक चुटकी काला नमक गुनगुने पानी के साथ लेने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन क्रिया सक्रिय रहती है। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है। काला नमक सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि सूजन और दर्द में भी राहत देने वाला माना जाता है। जोड़ों के दर्द में इसकी सिकाई उपयोगी हो सकती है। वहीं गर्मियों में छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और पेट की जलन कम होती है। हालांकि हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हड्डियों से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। सही मात्रा में इस्तेमाल किया गया काला नमक शरीर के संतुलन को बनाए रखने में एक सरल और प्राकृतिक सहायक बन सकता है।

काली कोहनी से हैं परेशान? इन घरेलू उपायों से पाएं साफ और चमकदार त्वचा

नई दिल्ली । अक्सर देखने को मिलता है लोग अपने चेहरे का काफी ध्यान रख लेते हैं। लेकिन कोहनी और घुटनों को नजर अंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि समय के साथ इन हिस्सों की स्किन काली और रूखी दिखने लगती है। और धीरे-धीरे हम इतने काफी परेशान हो जाते हैं इसको साफ करने के लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट उसे करने की सोचते हैं लेकिन आप अपने घर में ही इसे आसानी से साफ कर सकते हैं तो चलिए इसके बारे में आपको सारी जानकारी बताते हैं। घर पर ही करें साफआपको बता दें कि ये समस्या बेहद आम है यह अक्सर हर किसी को हो जाता है।धूप, गंदगी, फ्रिक्शन और मॉइस्चर की कमी के कारण होती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इस डार्कनेस को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नींबू और शहदचेहरे के साथ साथ स्क्रीन के लिए भी नींबू और शहद काफी काटकर साबित होते हैं। नींबू में मौजूद नेचुरल ब्लीचिंग गुण स्किन के रंग को हल्का करने में मदद करते हैं। जबकि शहद स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज कर उसे सॉफ्ट बनाता है। इसके लिए एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर कोहनी और घुटनों पर लगाएं और करीब 20 मिनट बाद धो लें। कुछ दिनों में ही इसका इस्तेमाल करने से साफ असर नजर आने लगता है। एलोवेरा जेलएलोवेरा जेल काफी अच्छा होता है आपको इस गर्मी में जरूर लगाना चाहिए अपने आपके चेहरे को ठंडक भी पहुंचना है साथ ही आपकी स्किन ब्राइट बनता है। ये स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ डार्कनेस कम करने में भी मदद करता है। रोज रात को सोने से पहले ताजा एलोवेरा जेल को कोहनी और घुटनों पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। कुछ ही दिनों में स्किन मुलायम और साफ नजर आने लगेगी। स्क्रबिंगडेड स्किन सेल्स जमा होने से भी कोहनी और घुटने काले पड़ने लगते हैं। इसलिए हफ्ते में कम से कम दो बार स्क्रब करना जरूरी है। इसके लिए चीनी और तेल को मिलाकर नेचुरल स्क्रब तैयार करें और हल्के हाथों से रगड़ें। इससे भी जल्दी ठीक हो जाएगा और आप की समस्या दूर हो जाएगी।

भूतों की दुनिया की सबसे मशहूर ‘दादी अम्मा’, आज भी पर्दे पर कायम है खौफ..

नई दिल्ली । हॉरर सिनेमा की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी एक अलग पहचान बनाकर इतिहास में अमर हो जाते हैं। ऐसी ही एक दिग्गज अभिनेत्री हैं लिन शाय, जिन्हें हॉरर फिल्मों की ‘गॉडमदर’ और ‘डरावनी फिल्मों की दादी अम्मा’ कहा जाता है। 82 वर्ष की उम्र में भी उनकी मौजूदगी पर्दे पर दर्शकों के लिए रोमांच और डर दोनों का अनुभव कराती है। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने अपने लंबे करियर में लगातार हॉरर शैली की फिल्मों में काम किया और इस जॉनर की सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित चेहरों में अपनी जगह बनाई। लिन शाय का जन्म 12 अक्टूबर 1943 को अमेरिका के डेट्रॉइट शहर में हुआ था। बचपन से ही उनकी रुचि कला और अभिनय में थी, जिसके चलते उन्होंने उच्च शिक्षा में आर्ट हिस्ट्री का अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने थिएटर की दुनिया में कदम रखा, जहां से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई। थिएटर में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने लगीं। उनका शुरुआती फिल्मी करियर छोटे रोल्स से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही उन्हें हॉरर फिल्मों में काम करने का मौका मिला। इसी शैली ने उन्हें असली पहचान दी। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई हॉरर फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, भावनात्मक अभिव्यक्ति और डरावने दृश्यों में स्वाभाविक अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच खास बना दिया। धीरे-धीरे उन्हें ‘स्क्रीम क्वीन’ कहा जाने लगा, जो हॉरर फिल्मों में महिला कलाकारों के लिए एक सम्मानजनक उपाधि मानी जाती है। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ उस समय आया जब उन्होंने एक प्रसिद्ध हॉरर फिल्म सीरीज में एलिस रेनियर नाम की पात्र का किरदार निभाया। यह किरदार एक ऐसी महिला का था जो आत्माओं और परालौकिक शक्तियों से जुड़ी घटनाओं को समझती और उनसे लोगों को बचाने की कोशिश करती है। इस भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई और यह किरदार उनकी पहचान बन गया। आगे चलकर इस सीरीज की कई फिल्मों में उनके किरदार को और विस्तार दिया गया और दर्शकों ने उन्हें बेहद पसंद किया। लिन शाय की खासियत यह रही कि उन्होंने उम्र को कभी अपनी कला के आड़े नहीं आने दिया। 80 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी यह अभिनेत्री आज भी सक्रिय हैं और हॉरर फिल्मों में उनकी मौजूदगी को दर्शक उत्साह के साथ देखते हैं। उनके अभिनय की गहराई और भावनात्मक पकड़ ने उन्हें इस शैली की सबसे मजबूत अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया है। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में करोड़ों दर्शकों को आकर्षित किया और बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी सफलता हासिल की। निजी जीवन में लिन शाय ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने दो शादियां कीं और एक बेटे की मां हैं। जीवन में कई व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने करियर से समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी और अभिनय को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत माना। समय के साथ उन्होंने अपने निजी जीवन को काफी निजी रखा और सार्वजनिक रूप से कम ही चर्चा में रहीं। आज 82 साल की उम्र में भी लिन शाय हॉरर सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और सक्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर जुनून और समर्पण हो तो उम्र केवल एक संख्या रह जाती है। उन्होंने हॉरर फिल्मों की दुनिया में जो पहचान बनाई है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

रिजल्ट का इंतजार खत्म: 12वीं के नतीजे आज, जानें कब, कहां और कैसे देखें स्कोर

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज यानी 23 अप्रैल 2026 को कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। रिजल्ट शाम 4 बजे घोषित किया जाएगा, जिसके बाद छात्र-छात्राएं अपने अंक ऑनलाइन देख सकेंगे। इन वेबसाइट्स पर चेक करें रिजल्टरिजल्ट जारी होते ही छात्र नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं, upmsp.edu.inupresults.nic.in रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा। परीक्षा का शेड्यूलयूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस बार मार्कशीट में बदलावइस साल बोर्ड ने मार्कशीट को और सुरक्षित और आधुनिक बनाया है। मार्कशीट A-4 साइज में होगी और उसमें एक खास मोनोग्राम दिया जाएगा, जो धूप में लाल रंग का दिखाई देगा और छांव में रंग बदल देगा। इससे मार्कशीट की असली पहचान करना आसान होगा और किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी। जल्दी रिजल्ट देखने के आसान तरीकेरिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ सकता है, जिससे साइट धीमी या बंद हो सकती है। ऐसे में छात्र ये उपाय अपना सकते हैं: एक से ज्यादा डिवाइस पर वेबसाइट खोलकर रखें रिजल्ट लिंक एक्टिव होते ही तुरंत रोल नंबर डालें अलग-अलग वेबसाइट्स पर भी कोशिश करते रहें छात्रों के लिए जरूरी क्यारिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट की सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। अगर कोई गलती मिलती है, तो तुरंत अपने स्कूल या बोर्ड से संपर्क करें। UP Board Result 2026 आज जारी होने जा रहा है, जिससे लाखों छात्रों का इंतजार खत्म होगा। छात्र तैयार रहें और बताए गए तरीकों से आसानी से अपना रिजल्ट चेक करें।