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gold silvre price today : सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती

  gold silvre price today : नई दिल्ली । सोना और चांदी की कीमतों में आज 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 927 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया। एक दिन पहले यानी 22 अप्रैल को यह 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी कमी आई है और यह 4,700 रुपए गिरकर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है, जो पहले 2.48 लाख रुपए थी। इस साल अब तक महंगा ही रहा सोना-चांदी हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर बढ़त बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच चुका है, यानी करीब 18 हजार रुपए की तेजी। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। ऊंचाई से नीचे आए दाम इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब 25 हजार रुपए और चांदी लगभग 1.42 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है। वैश्विक संकेतों का असर, बाजार में उतार-चढ़ाव विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आई ताजा गिरावट ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कुछ राहत जरूर लेकर आई है।

forest guard bribe case : टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार

  forest guard bribe case : टीकमगढ़ । टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है यह कार्रवाई वनरक्षक अरुण अहिरवार के खिलाफ की गई है जिसे 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दबोचा गया पूरा मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी लकड़ी व्यापारी अरबाज खान की शिकायत से जुड़ा है उन्होंने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वनरक्षक द्वारा उनके वाहन को छोड़ने और कार्य में किसी प्रकार की बाधा न डालने के एवज में पहले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 10 हजार रुपये पर तय हो गई लेकिन आरोपी ने पहले किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देने की मांग की थी इसी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 5 हजार रुपये दिए उसी समय लोकायुक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वनरक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया और आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई सूत्रों के मुताबिक आरोपी वनरक्षक पर लंबे समय से वाहन चालकों और छोटे व्यापारियों से अवैध वसूली करने के आरोप लगते रहे हैं जिससे क्षेत्र में लोगों में काफी नाराजगी थी लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं फिलहाल लोकायुक्त टीम मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्ती बरती जा रही है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Mirzapur accident : ट्रक की टक्कर के बाद कार बनी आग का गोला, एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत

   Mirzapur accident :नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हलिया थाना क्षेत्र के मड़िहान-राजगढ़ मार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही बोलेरो और एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बोलेरो का फ्यूल टैंक फट गया और वाहन कुछ ही सेकंड में आग की लपटों में घिर गया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई लोग एक ही परिवार या करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद बोलेरो में सवार नौ लोग मौके पर ही आग की चपेट में आ गए और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका। वहीं दूसरी ओर कार में सवार दो लोगों की भी गंभीर चोटों और मलबे में दबने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो किसी पारिवारिक या धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में भीषण आग लग गई और लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई हुई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और कटर की मदद से वाहन में फंसे शवों को बाहर निकाला। शवों की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया, जिसके लिए प्रशासन ने डीएनए परीक्षण कराने की बात कही है। Heatwave Alert: बढ़ते तापमान और लू से बढ़ रही परेशानी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी प्रारंभिक जांच में इस हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार और संभावित ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर जांच तेज कर दी है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर मार्ग पर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

west bengal election 2026: पश्चिम बंगाल में 1 बजे तक 60% से ज्यादा मतदान, तमिलनाडु थोड़ा पीछे, देंखे अब तक के आंकड़े

  west bengal election 2026: नई दिल्ली। चिलचिलाती गर्मी और छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद पश्चिम बंगाल में मतदान को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर एक बजे तक राज्य में 62.18% वोटिंग दर्ज की गई, जो तेज रफ्तार को दर्शाती है। वहीं तमिलनाडु में इसी समय तक 56.81% मतदान हुआ, जो बंगाल के मुकाबले थोड़ा कम है। जिलों में वोटिंग का अलग-अलग रुझान चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मतदान 60% के आसपास या उससे अधिक रहा। मालदा में 58.45%, मुर्शिदाबाद में 62.71%, पश्चिम वर्धमान में 60.37%, पश्चिम मेदिनीपुर में 65.77% और पूर्वी मेदिनीपुर में 62.90% मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा पुरुलिया में 59.83%, उत्तरी दिनाजपुर में 60%, झारग्राम में 65.31%, कैलिम्पोंग में 59.52%, अलीपुरद्वार में 60.03%, बांकुरा में 64.58%, बीरभूम में 63.93%, कूचबिहार में 60.75%, दक्षिण दिनाजपुर में 63.05%, दार्जिलिंग में 59.81% और जलपाईगुड़ी में 60.84% वोटिंग हुई। तमिलनाडु में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी तमिलनाडु के जिलों में भी मतदान जारी है, लेकिन कई जगहों पर आंकड़ा 60% से नीचे बना हुआ है। इरोड में 61.79%, करूर में 60.77% जैसे कुछ जिलों को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर वोटिंग अपेक्षाकृत कम रही। कल्लाकुरिची में 57.15%, कांचीपुरम में 58.98%, कन्याकुमारी में 50.35%, मदुरै में 54.75%, चेन्नई में 54.58% और कोयंबटूर में 58.24% मतदान दर्ज किया गया। चुनावी चरण और नतीजों की तारीख पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग कराई जा रही है। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। बंगाल में कड़ा मुकाबला, 1478 उम्मीदवार मैदान में चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन सीटों पर करीब 3.60 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सभी 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 148 सीटों पर मैदान में है। पहले चरण का मतदान खासतौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र उत्तर बंगाल, जंगलमहल और मतुआ बहुल इलाकों तक फैला है, जहां चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है।

higher education UP: योगी सरकार ने 9 साल में खड़ा किया यूनिवर्सिटी नेटवर्क, उच्च शिक्षा को मिली नई रफ्तार..

 higher education UP: नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिसे राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इस अवधि में राज्य में नई यूनिवर्सिटियों की स्थापना के साथ-साथ कई पुराने राजकीय महाविद्यालयों को अपग्रेड कर उन्हें विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, आधुनिक और रोजगारपरक बनाना बताया जा रहा है, ताकि छात्रों को अपने ही जिलों और मंडलों में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।सरकारी प्रयासों के तहत 2017 से 2026 के बीच राज्य में 10 से अधिक नई राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटियां स्थापित की गई हैं। ये विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के लिए बनाए गए हैं, जिनमें चिकित्सा, खेल, कृषि, कानून, आयुष और तकनीकी शिक्षा प्रमुख हैं। इन संस्थानों की स्थापना से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में न केवल सीटों की संख्या बढ़ी है, बल्कि शोध और तकनीकी शिक्षा को भी नई दिशा मिली है। इससे छात्रों को आधुनिक विषयों में पढ़ाई करने और भविष्य के लिए बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिली है। DATIYA BOY RAPED: दतिया में 8 साल के लड़के के साथ दरिंदगी, मेहँदी लाने के बहाने ले गया था आरोपी   इसके साथ ही राज्य सरकार ने कई राजकीय महाविद्यालयों को अपग्रेड कर उन्हें पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से मंडल स्तर पर ही उच्च शिक्षा का ढांचा मजबूत किया गया है, जिससे छात्रों को डिग्री, परीक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक विकेन्द्रीकृत और सुविधाजनक हुई है, जिससे लाखों छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इन सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश प्रक्रिया आसान हुई है और समय पर परिणाम जारी होने की व्यवस्था भी बेहतर हुई है। विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ने से विभिन्न विषयों में नए कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे विषय प्रमुख हैं, जो छात्रों को बदलती हुई नौकरी की दुनिया के लिए तैयार कर रहे हैं। हाल ही में प्रस्तुत किए गए बजट में भी उच्च शिक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके तहत तीन नई राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की योजना है, जिससे उन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा जहां अब तक उच्च शिक्षा की सुविधाएं सीमित थीं। इसके अलावा कई नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए भी बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार होगा। इन सभी प्रयासों का असर यह हुआ है कि छात्रों को अब अपने ही जिलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्हें दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के लिए दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनी है।

Gwalior theft news: 100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी

  Gwalior theft news: ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की ईमानदारी और तेज कार्यप्रणाली की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है जहां मुरार बाजार में सड़क पर गिरे करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने पुलिस ने न केवल बरामद किए बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से असली मालिक तक भी पहुंचा दिया यह पूरी घटना 20 अप्रैल की है जब आदित्यपुरम निवासी कृपाल सिंह गुर्जर अपनी बहन के साथ शादी की खरीदारी के लिए मुरार बाजार पहुंचे थे खरीदारी के दौरान कार से उतरते समय उनकी बहन के हाथ से गहनों से भरा बैग अनजाने में सड़क पर गिर गया इस बैग में एक सोने का हार और तीन अंगूठियां थीं जिनका कुल वजन लगभग 15 तोला बताया गया और कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई बैग खोने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत मुरार थाना पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाजार क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की लगातार जांच के दौरान फुटेज में दो महिलाएं सड़क से बैग उठाकर ले जाती हुई दिखाई दीं इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और रूट ट्रैकिंग के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान की और उनके घर तक पहुंच बनाई जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची तो वहां रहने वाली दोनों महिलाएं जो रिश्ते में देवरानी और जेठानी बताई जा रही हैं उन्होंने गहनों से भरा बैग बिना किसी विवाद के पुलिस के सुपुर्द कर दिया महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बैग खोला भी नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि मामला संदिग्ध हो सकता है पुलिस ने मौके पर बैग की जांच की तो सभी गहने सुरक्षित और ज्यों के त्यों पाए गए इसके बाद फरियादी परिवार को थाने बुलाकर पूरे गहने विधिवत रूप से वापस सौंप दिए गए अधिकारियों के अनुसार महिलाओं से पूछताछ भी की गई लेकिन उनकी नीयत में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई इसलिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई यह घटना न केवल ग्वालियर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी का भी उदाहरण पेश करती है जिससे समाज में भरोसे और नैतिकता का संदेश मजबूत हुआ है

BJP vs TMC election news : चुनावी माहौल गरम: तृणमूल कांग्रेस का दावा-डर के बिना करें मतदान, विपक्ष पर साधा निशाना

 BJP vs TMC election news : नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान जारी है। दोनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और कई बड़े नेताओं ने जनता से मतदान करने की अपील की है। BJP नेता का विवादित बयान पश्चिम बंगाल में वोटिंग के बीच बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी चुनाव जीतती हैं, तो राज्य अलग देश बन सकता है। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी की आशंका भी जताई और इसे “संस्कृति बचाने की लड़ाई” बताया। TMC की अपील – डर के बिना करें मतदान वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जनता से अपील की है कि वे बिना किसी डर के मतदान करें। पार्टी ने कहा कि हर मतदाता को अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए राज्य के विकास और सम्मान के लिए वोट देना चाहिए। राजनाथ सिंह ने की ज्यादा मतदान की अपील रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मतदाताओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। उन्होंने खासकर महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट करने वालों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में भागीदारी करने को कहा। तमिलनाडु में सितारों ने डाला वोट तमिलनाडु में भी मतदान के दौरान कई बड़े फिल्मी सितारे मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सुपरस्टार रजनीकांत ने वोट डाला, वहीं अभिनेता-राजनेता कमल हासन अपनी बेटी श्रुति हासन के साथ वोट देने पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव समानता, न्याय और स्वतंत्रता को बनाए रखने का अवसर है। विजय ने कड़ी सुरक्षा में किया मतदान अभिनेता-राजनेता विजय ने चेन्नई में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान किया। उनके मतदान केंद्र पर भारी भीड़ देखने को मिली। सुवेंदु अधिकारी का बयान बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में वोट डालने के बाद कहा कि राज्य में बदलाव जरूरी है। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए और सख्त कार्रवाई की मांग की। हाई-वोल्टेज सीट बना नंदीग्राम नंदीग्राम सीट इस चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला बनी हुई है, जहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। बंगाल और तमिलनाडु में जारी मतदान के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ बड़े-बड़े बयान और आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, तो दूसरी ओर सभी दल मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। अब सबकी नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

Bargi Canal Incident: जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

 Bargi Canal Incident: जबलपुर । जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है जहां बरगी नहर में नहाने गई तीन लड़कियां डूब गईं यह हादसा बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से तीनों लड़कियां तेज बहाव वाले पानी में बह गईं और देखते ही देखते गहराई में समा गईं जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंच गया रेस्क्यू टीम ने तत्काल सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया लेकिन पानी का बहाव और गहराई राहत कार्य में बाधा बन रही थी Illegal Conversion Allegation : डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद स्थिति को देखते हुए बरगी बांध से नहर का पानी बंद कराया गया ताकि सर्चिंग ऑपरेशन को तेज किया जा सके और डूबे हुए लोगों की तलाश आसान हो सके मौके पर मौजूद बचाव दल लगातार नहर में खोजबीन कर रहा है लेकिन अभी तक तीनों लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है बताया जा रहा है कि डूबी हुई तीनों लड़कियां शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थीं और गुरुवार को नहाने के लिए बरगी नहर पहुंची थीं जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है घटना के बाद से ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे इलाके में मातम का माहौल है प्रशासन की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है एनडीआरएफ की टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द लड़कियों का पता लगाया जा सके फिलहाल बरगी नहर क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है यह हादसा एक बार फिर जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करता है

Gorakhpur Eco Park : गोरखपुर में कूड़े से बना ईको पार्क, यूपी में कचरा प्रबंधन बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

   Gorakhpur Eco Park :नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर को एक नई विकास पहचान देते हुए एक ऐसे मॉडल का लोकार्पण किया है, जिसने कचरा प्रबंधन और शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में नया मानक स्थापित किया है। गोरखपुर में तैयार किया गया भव्य ईको पार्क अब उस सोच का प्रतीक बन चुका है, जिसमें कूड़े और मलबे जैसी समस्या को अवसर में बदलकर एक उपयोगी और सुंदर संरचना का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही योजना से किसी भी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान संभव है। यह स्थान कभी शहर के सबसे बड़े कचरा डंपिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता था, जहां वर्षों से जमा कूड़े और गंदगी ने आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रखा था। दुर्गंध और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार की पहल और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया गया। अब यही स्थान एक सुंदर ईको पार्क के रूप में विकसित हो चुका है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है बल्कि शहरी विकास की नई दिशा भी दिखाता है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मौजूद कचरे और मलबे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उसका पुनः उपयोग किया गया। हजारों टन कचरे को प्रोसेस कर न केवल जमीन को सुरक्षित बनाया गया, बल्कि उसी सामग्री का उपयोग पार्क की संरचना, रास्तों और ऊंचे हिस्सों के निर्माण में किया गया। यह प्रक्रिया ‘कूड़े से कंचन’ की अवधारणा को वास्तविकता में बदलने का उदाहरण बन गई है, जिससे यह साबित होता है कि कचरा भी सही तकनीक के माध्यम से मूल्यवान संसाधन बन सकता है। forest guard bribe case : टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार ईको पार्क के भीतर हरियाली और पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां लगाए गए हजारों पेड़-पौधे अब न केवल वातावरण को शुद्ध कर रहे हैं बल्कि शहर के तापमान और प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पार्क में बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और बैठने की आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें कई संरचनाएं पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की गई हैं। इससे यह संदेश भी मिलता है कि संसाधनों का पुनः उपयोग कर सुंदर और उपयोगी संरचनाएं बनाई जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गोरखपुर के विकास की नई पहचान बताते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो न केवल शहरी समस्याओं का समाधान संभव है, बल्कि उन्हें विकास के अवसर में भी बदला जा सकता है। यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि सही सोच और तकनीक के साथ किसी भी शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह ईको पार्क किसी नए जीवन की शुरुआत जैसा है। जहां पहले कूड़े का ढेर और गंदगी का वातावरण था, वहां अब लोग सुबह की सैर, योग और परिवार के साथ समय बिताने के लिए आते हैं। इस परिवर्तन ने न केवल आसपास के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाई है बल्कि लोगों के जीवन स्तर और संपत्ति मूल्य में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। गोरखपुर का यह ईको पार्क अब सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है, जो यह दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति और सही दृष्टिकोण हो तो सबसे बड़ी समस्याओं को भी सफलता की कहानी में बदला जा सकता है।

West Bengal Elections 2026 के बीच सियासी वार-पलटवार तेज, पीएम मोदी ने TMC को घेरा

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नादिया जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। ‘झालमुड़ी’ बयान से सियासत गरमरैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन मिर्ची तृणमूल कांग्रेस (TMC) वालों को लगी है। उनके इस बयान के बाद चुनावी माहौल और ज्यादा गरमा गया है। ‘4 मई को बंगाल में खिलेगा कमल’पीएम मोदी ने दावा किया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत तय है।उन्होंने कहा कि उस दिन पूरे राज्य में जीत का जश्न मनाया जाएगा और मिठाइयों के साथ झालमुड़ी भी बांटी जाएगी। ‘50 साल में सबसे कम हिंसा वाला चुनाव’प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पिछले 50 वर्षों में पहला चुनाव है, जिसमें हिंसा सबसे कम देखने को मिली है। उन्होंने Election Commission of India की तारीफ करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनापीएम मोदी ने सरकारी कर्मचारियों और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब तक मिले आंकड़ों के अनुसार, इस बार मतदाताओं की भागीदारी भी रिकॉर्ड स्तर पर है। पश्चिम बंगाल में मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पीएम मोदी के बयान ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।