दिल दहला देने वाला सड़क हादसा: टक्कर के बाद सड़क पर तड़पता रहा बुजुर्ग, ज्यादा खून बहने से गई जान

नई दिल्ली । अनूपपुर जिले में नेशनल हाईवे-43 पर बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार ट्रक ने एक बुजुर्ग को कुचल दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें हादसे की भयावह तस्वीर सामने आई है। सड़क पर तड़पते रहे बुजुर्ग, नहीं रुका ट्रकघटना रामनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मृतक की पहचान 56 वर्षीय जमुना विश्वकर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वे बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पैदल जा रहे थे, तभी नगर परिषद डोला कार्यालय के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोटें आईं और माथे की हड्डियां तक टूट गईं। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। घायल बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे, लेकिन काफी देर तक कोई उनकी मदद के लिए नहीं रुका। यह दृश्य मानवता को झकझोर देने वाला रहा। अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालतस्थानीय लोगों ने कुछ समय बाद घायल को एंबुलेंस के जरिए बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गहरी चोटें थीं और काफी खून बह चुका था। हालत नाजुक होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। CCTV से ट्रक की पहचान, पुलिस जांच में जुटीरामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की है। फुटेज में एक संदिग्ध ट्रक की पहचान हुई है, जो अनूपपुर से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा था। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। लोगों में आक्रोश, सड़क सुरक्षा पर सवालघटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।
गर्मी में हजारों वाहन सील: खखान नदी इलाके में जाम हटाने में जीती पुलिस-प्रशासन टीम

नई दिल्ली । Singrauli जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-39 पर खाखंन नदी के पास बुधवार रात हुए सड़क हादसे ने यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी। एक भारी वाहन के पीछे लुढ़कने से दो गाड़ियों की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहन सड़क पर पलट गए। हादसे में ड्राइवर सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन सड़क पूरी तरह बाधित हो जाने से लंबा जाम लग गया। 10 किलोमीटर लंबा जाम, हजारों वाहन फंसेहादसे के बाद देवसर से बरगवां मार्ग और सीधी-सिंगरौली रोड पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस जाम में हजारों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं। ट्रक, बस और निजी वाहन घंटों से सड़क पर खड़े हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोग बेहालगर्मी के इस मौसम में जाम में फंसे लोगों की हालत खराब हो गई है। कई यात्रियों के पास पीने का पानी और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। कई लोग वाहनों से उतरकर सड़क किनारे छांव तलाशते दिखे। प्रशासन जुटा, लेकिन राहत में देरीघटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। Bargawan थाना प्रभारी मोहम्मद समीर के अनुसार, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण क्रेन को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इसी वजह से राहत कार्य में देरी हो रही है। क्रेन पहुंचाने की कोशिश, धीरे-धीरे हटाए जा रहे वाहनप्रशासन की टीम एक-एक कर वाहनों को किनारे कर रही है, ताकि क्रेन को रास्ता मिल सके और पलटे वाहनों को हटाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़क को पूरी तरह साफ कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। हाईवे प्रबंधन पर उठे सवालइस घटना के बाद हाईवे पर आपातकालीन व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर क्रेन और राहत दल पहुंच जाते, तो इतना लंबा जाम नहीं लगता।
विकेट लेने के बाद 'आक्रामक जश्न' मनाना राजस्थान रॉयल्स के नांद्रे बर्गर को पड़ा भारी, बीसीसीआई ने ठोका जुर्माना।

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के एक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर अनुशासनात्मक कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए इस मैच में उनके आक्रामक व्यवहार और मैदान पर दिखाई गई प्रतिक्रियाओं के कारण उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी उनके रिकॉर्ड में जोड़ा गया है। यह कार्रवाई मैच के दौरान हुई उस घटना के बाद सामने आई, जब उन्होंने लखनऊ टीम के कप्तान को शून्य पर आउट करने के बाद अत्यधिक आक्रामक तरीके से जश्न मनाया, जिसे खेल भावना के विपरीत माना गया। मैच के दौरान यह देखा गया कि विकेट लेने के बाद बर्गर ने कुछ ऐसे इशारे और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं दीं, जो सामान्य क्रिकेट आचरण की सीमा से बाहर मानी गईं। इसी कारण मैच अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और उन्हें कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया। इसके बाद उनके खिलाफ लेवल 1 के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें आर्थिक दंड और डिमेरिट पॉइंट शामिल है। नियमों के अनुसार लेवल 1 अपराध उन स्थितियों में माना जाता है, जब कोई खिलाड़ी मैदान पर अनुचित भाषा, आक्रामक इशारे या विरोधी खिलाड़ी को उकसाने वाले व्यवहार करता है। नांद्रे बर्गर ने इस आरोप को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को भी मान लिया, जिससे यह मामला वहीं समाप्त हो गया। अनुशासन प्रणाली के अनुसार, खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके व्यवहार पर भी निगरानी रखी जाती है। डिमेरिट पॉइंट सिस्टम के तहत अगर कोई खिलाड़ी चार अंक जमा कर लेता है, तो उसे एक मैच के लिए प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। यह अंक 36 महीनों तक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में बने रहते हैं, जिससे लगातार अनुशासन बनाए रखना आवश्यक हो जाता है। मैच की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 159 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी और पूरी टीम 18 ओवर में 119 रन पर सिमट गई, जिसके चलते उन्हें 40 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में नांद्रे बर्गर ने गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और चार ओवर में 27 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिनमें एक विकेट लखनऊ के कप्तान का भी शामिल था। हालांकि उनका गेंदबाजी प्रदर्शन प्रभावी रहा, लेकिन मैदान पर उनका अनुशासनहीन व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। यह घटना इस बात को फिर से उजागर करती है कि आधुनिक क्रिकेट में केवल प्रदर्शन ही नहीं बल्कि खेल भावना और आत्मसंयम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
शॉर्ट सर्किट से बड़ा नुकसान: Sidhi में 30–35 पेड़ भी जले, किसानों को भारी क्षति

नई दिल्ली । Sidhi जिले के सिहावल तहसील अंतर्गत कपूरी बेदौलिहान गांव में गुरुवार सुबह एक भीषण आग की घटना ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह करीब 5 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और करीब 4 एकड़ में तैयार खड़ी फसल को जलाकर राख कर दिया। प्रारंभिक जांच में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। खलिहान से उठी चिंगारी बनी बड़ी तबाहीजानकारी के मुताबिक, गांव निवासी सुभाष मिश्रा के खलिहान से आग की शुरुआत हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के खेत और खलिहान इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही देर में वहां रखा गेहूं और अन्य कृषि सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। दमकल नहीं पहुंची, ग्रामीण बने फायरफाइटरघटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन समय पर दमकल वाहन नहीं पहुंच सका। ऐसे में गांव के करीब 20-25 लोग एकजुट हुए और खुद ही आग बुझाने में जुट गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान पानी, मिट्टी और टहनियों का सहारा लेकर आग को फैलने से रोका गया। 30-35 पेड़ भी जले, भारी नुकसानआग ने केवल फसल ही नहीं, बल्कि आसपास के पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। करीब 30 से 35 पेड़ जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। इसके अलावा खलिहान में रखा कृषि उपकरण और अन्य सामान भी राख हो गया। पीड़ित किसान को हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रशासन ने लिया जायजा, मुआवजे का आश्वासनघटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, चुरहट थाना प्रभारी दीपक सिंह बघेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों की पुष्टि की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालइस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्निशमन व्यवस्था की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर दमकल नहीं पहुंचने से नुकसान और बढ़ गया, जिसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
Bhind Transformer Fire: भिंड में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, घरों तक पहुंची आग की लपटें

HIGHLIGHTS: भिंड की शास्त्री कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में आग रात 2 बजे हुआ जोरदार धमाका घरों के इनवर्टर और कांच क्षतिग्रस्त स्थानीय लोगों ने खुद बुझाई आग बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप Bhind Transformer Fire: भिंड। शहर की शास्त्री कॉलोनी (ब्लॉक-ए) में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक बिजली ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। बताया गया कि शाम से ही ट्रांसफार्मर से तेल का रिसाव हो रहा था, जो बाद में आग में बदल गया। हिंदी सिनेमा की पहली प्लेबैक आवाज शमशाद बेगम: एक अनोखा और प्रेरणादायक सफर… आग की लपटें घरों तक पहुंचीं धमाके के बाद आग की लपटें और चिंगारियां आसपास के घरों तक पहुंच गईं। रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी रविंद्र श्रीवास्तव के घर में लगा इनवर्टर जलकर राख हो गया, जबकि अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। पड़ोसी राजेंद्र शर्मा के घर की खिड़कियों के कांच टूट गए, जिससे भारी नुकसान हुआ। 3 MONTH’S GIRL RAPED: तीन महीने की बच्ची से दुष्कर्म, ताऊ को ‘आखिरी सांस तक’ उम्रकैद! इलाके में मची अफरा-तफरी घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों ने खुद ही प्रयास कर आग पर काबू पाया। लोगों ने बताया कि अगर समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। चोट से उबरकर मिचेल स्टार्क की धमाकेदार वापसी तय, दिल्ली कैपिटल्स को मिलेगा बड़ा फायदा बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन रात में कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस लापरवाही को लेकर रहवासियों में भारी नाराजगी है। DNA टेस्ट में पिता नहीं निकले तो नहीं देना होगा गुजारा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला 1 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस हादसे में एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर क्षति का आकलन कर रहे हैं।
एंटी-रेबीज के लिए उमड़ी भीड़: Satna जिला अस्पताल में हड़कंप

नई दिल्ली । Satna शहर में बुधवार शाम एक खौफनाक घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया। एक आक्रामक स्ट्रीट डॉग ने महज तीन घंटे के भीतर करीब 40 लोगों को काट लिया। इस घटना के बाद रीवा रोड से लेकर अस्पताल चौराहा तक हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गहरानाला से शुरू हुआ हमला, शहरभर में फैला डरप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 4 बजे गहरानाला इलाके में एक सफेद रंग का कुत्ता अचानक हिंसक हो गया और राहगीरों पर हमला करने लगा। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जैसे-जैसे हमलों की संख्या बढ़ती गई, हालात गंभीर होते गए। कुत्ते ने गहरानाला से माहेश्वरी स्वीट्स तक 20-25 लोगों को काटा, फिर खेरमाई रोड, खोवा मंडी और अस्पताल चौराहे होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गया। अस्पताल में लगी लंबी कतारें, 3 घंटे बढ़ाया गया समयघटना के बाद शाम 5:30 बजे से घायलों का जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हुआ। देखते ही देखते इंजेक्शन कक्ष मरीजों से भर गया। स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने इंजेक्शन कक्ष को निर्धारित समय से लगभग तीन घंटे अधिक, रात 7:30 बजे तक खुला रखा। सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगाई गई। पीड़ितों में 25 से 60 वर्ष तक के लोग शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ। गंभीर घायलों को लगाया गया इम्युनोग्लोब्युलिनकरीब 25 लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिनके हाथ-पैरों में गहरे घाव हो गए। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में केवल एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त नहीं होता, इसलिए वार्ड क्रमांक-10 में मरीजों को इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन भी दिया गया। यह संक्रमण के उच्च खतरे को कम करने के लिए जरूरी होता है। डॉक्टरों की अपील और प्रशासन पर सवालजिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि सभी घायलों का इलाज किया गया है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि, इस घटना ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में दहशत का माहौलनीरज मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, वंदना केशरवानी, अब्दुल सलीम समेत कई लोग इस हमले का शिकार हुए। घटना के बाद लोग सड़कों से हटकर दुकानों और घरों में छिपने को मजबूर हो गए। फिलहाल इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रात 2 बजे भीषण धमाका, ट्रांसफार्मर फटने से शास्त्री कॉलोनी में दहशत ,और तबाही

भिंड । भिंड शहर की शास्त्री कॉलोनी ब्लॉक ए में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब दो बजे उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लगने के बाद जोरदार धमाका हो गया इस हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया और आसपास के घरों में भारी नुकसान पहुंचा स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय से ही ट्रांसफार्मर से तेल का रिसाव हो रहा था जिसे नजरअंदाज किया गया देर रात लगभग दो बजे उसी रिसते तेल में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू धू कर जलने लगा आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही पलों में स्थिति बेकाबू हो गई आग बढ़ने के साथ ही अचानक जोरदार धमाका हुआ जिससे चिंगारियां और आग की लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच गईं इस घटना में शास्त्री कॉलोनी निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी रविंद्र श्रीवास्तव के घर में लगा इनवर्टर पूरी तरह जलकर खाक हो गया वहीं घर में रखा अन्य घरेलू सामान भी आग की चपेट में आकर खराब हो गया पड़ोसी राजेंद्र शर्मा के घर की खिड़कियों के कांच तेज धमाके के कारण टूटकर बिखर गए जिससे घरों की दीवारों और आसपास के हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हादसे में करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है हालांकि नुकसान का अंतिम आंकलन अभी किया जा रहा है घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप और डर का माहौल बन गया लोग घरों से बाहर निकल आए और किसी तरह मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना तत्काल बिजली विभाग को दी गई थी लेकिन इसके बावजूद रात के समय कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ट्रांसफार्मर की खराबी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बिजली विभाग इस पूरे मामले की जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
सख्त पुलिस कार्रवाई: Satna में तीन संगीन मामलों का खुलासा, आरोपियों को पकड़ा

नई दिल्ली । Satna जिले में अपहरण और दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में नाबालिग से लेकर महिला तक को शादी का झांसा देकर शोषण और किडनैपिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, साथ ही मेडिकल जांच और डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। नाबालिग के अपहरण का खुलासा, गुरुग्राम से बरामदपहला मामला Nagod थाना क्षेत्र का है, जहां 30 मार्च को एक नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। करीब तीन सप्ताह की तलाश और साइबर सेल की मदद से पुलिस को सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम हरियाणा के Gurugram पहुंची। वहां से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया गया और आरोपी पवन ढीमर (22) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दैहिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाई गईं। विधवा महिला को शादी का झांसा, चार साल तक शोषणदूसरा मामला भी नागौद थाना क्षेत्र का है, जहां दो बच्चों की मां के साथ रिश्तेदार द्वारा धोखा देने का मामला सामने आया। पति की मौत के बाद अकेली रह रही महिला को सूरज पटेल (36), निवासी Rewa ने सहारा देने के बहाने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने शादी का वादा कर महिला के साथ संबंध बनाए और लंबे समय तक उसके घर में रहकर शोषण करता रहा। चार साल तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब महिला ने शादी की बात की तो आरोपी मुकर गया और धमकाने लगा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शादी समारोह से दबोचा गया तीसरा आरोपीतीसरा मामला Kolgawan थाना क्षेत्र का है। यहां एक युवती ने 8 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि सतेन्द्र सिंह पटेल (32) ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका दैहिक शोषण किया। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी पीछे हट गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन करीब साढ़े चार महीने की तलाश के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे एक शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांचतीनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल भी लिए हैं, ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस पूरी तरह सख्त है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
हिंदी सिनेमा की पहली प्लेबैक आवाज शमशाद बेगम: एक अनोखा और प्रेरणादायक सफर…

नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में जब पार्श्व गायन यानी प्लेबैक सिंगिंग अपने विकास के चरण में थी, उस समय एक ऐसी आवाज उभरी जिसने भारतीय फिल्म संगीत को नई पहचान और दिशा दी। यह आवाज थी शमशाद बेगम की, जिन्हें भारत की पहली प्रमुख प्लेबैक सिंगर के रूप में जाना जाता है। उनका जीवन संघर्ष, परंपरा और प्रतिभा का ऐसा संगम था, जिसने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास में एक अमिट स्थान दिलाया। उनकी गायकी ने न केवल उस दौर के श्रोताओं को प्रभावित किया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी। 14 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में जन्मी शमशाद बेगम एक पारंपरिक परिवार से थीं, जहां सार्वजनिक रूप से गायन को लेकर सख्त नियम थे। उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह मंच पर या सार्वजनिक रूप से गाएं, लेकिन उनकी असाधारण प्रतिभा को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों और परिचितों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अंततः एक विशेष शर्त के साथ उन्हें गायन की अनुमति मिली, जिसमें यह तय किया गया कि वह कभी अपनी तस्वीर सार्वजनिक नहीं कराएंगी। शमशाद बेगम ने इस शर्त को स्वीकार किया और यहीं से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई। बचपन से ही उनकी आवाज में एक अलग तरह की मिठास और आकर्षण था, जिसने उन्हें बहुत कम उम्र में ही पहचान दिला दी। स्कूल के दिनों में उन्हें हेड सिंगर बनाया गया और यहीं से उनके गायन कौशल को और निखरने का अवसर मिला। धीरे-धीरे वह पारिवारिक आयोजनों और छोटे कार्यक्रमों में गाने लगीं, जहां उनकी आवाज की चर्चा दूर-दूर तक फैलने लगी। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें रेडियो पर गाने का अवसर मिला, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी। उनकी किस्मत तब बदली जब एक प्रसिद्ध संगीतकार ने उनकी आवाज को पहचाना और उन्हें फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा अवसर दिया। वर्ष 1941 में फिल्म ‘खजांची’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की और यहीं से उनका सफर इतिहास बन गया। उनकी आवाज ने तुरंत ही दर्शकों और श्रोताओं को प्रभावित किया और वह उस समय की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल हो गईं। उनकी गायकी में एक खास चंचलता, सादगी और ऊर्जा थी, जो हर उम्र के लोगों को आकर्षित करती थी। इसके बाद उन्होंने कई प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया और हिंदी फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी आवाज को उस दौर के महान संगीतकारों ने बेहद खास माना और इसका उपयोग कई यादगार गीतों में किया गया। उनकी गायकी में एक ऐसा जादू था, जो हर गीत को जीवंत बना देता था। “कभी आर कभी पार”, “लेके पहला पहला प्यार” और “सैयां दिल में आना रे” जैसे गीत आज भी लोगों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने उस समय थे। उस दौर में जब लता मंगेशकर, आशा भोसले और गीता दत्त जैसी महान गायिकाएं भी सक्रिय थीं, तब शमशाद बेगम ने अपनी अलग शैली और अनोखी आवाज के दम पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी गायकी किसी भी प्रतिस्पर्धा से परे थी और उन्होंने अपने अंदाज से संगीत जगत में एक अलग स्थान स्थापित किया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक से सम्मानित किया गया, जो उनके लंबे और सफल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
Rewa में ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, आदिवासी युवक को अवैध शराब बेचने का दबाव

नई दिल्ली । रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के बदबार गांव में शराब ठेकेदार से जुड़े लोगों की दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार के गुर्गों ने एक आदिवासी युवक के घर पहुंचकर उसे अवैध शराब बेचने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। बोलेरो में पहुंचे आरोपी, घर में घुसकर बनाया दबावजानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ठेकेदार से जुड़े कुछ लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर बदबार गांव पहुंचे। आरोप है कि ये लोग सीधे एक आदिवासी युवक के घर पहुंचे और उसे अपने क्षेत्र में अवैध शराब बेचने का दबाव बनाने लगे। युवक ने इसका विरोध किया और पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। कैमरा देखते ही मुंह छिपाकर भागेवीडियो में युवक साफ तौर पर आरोप लगाता नजर आ रहा है कि उस पर जबरन शराब बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जैसे ही उसने कैमरा आरोपियों की ओर घुमाया, वे अपना चेहरा छिपाने लगे और जल्दबाजी में बोलेरो में बैठकर मौके से फरार हो गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। ग्रामीणों में आक्रोश, पहले भी लग चुके हैं आरोपघटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेकेदार के लोग अक्सर गांवों में आकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बनाते हैं।आदिवासी युवक के साथ हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेकेदार पक्ष खामोश, पुलिस की कार्रवाई का इंतजारपूरे मामले में ठेकेदार पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से औपचारिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। कानून व्यवस्था पर उठे सवालइस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अवैध गतिविधियों और उन पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।