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सिलवानी इलाके में संवेदना यात्रा विधायक ने कई गांवों में पहुंचकर परिजनों को दिया संबल

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के जैथारी क्षेत्र में हाल ही में हुए निधन के मामलों के बाद शोक का माहौल बना हुआ है। इसी बीच देवेंद्र पटेल ने आदिवासी अंचल का दौरा कर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उनके इस दौरे को स्थानीय स्तर पर संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है जहां जनप्रतिनिधि सीधे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। दौरे की शुरुआत ग्राम छींद से हुई जहां विधायक ने ब्रजकिशोर ठाकुर के पुत्र अमित ठाकुर के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इसके बाद वे ग्राम फुलमार पहुंचे जहां भूरा आदिवासी के बालक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी। दौरे के दौरान जैथारी क्षेत्र के अन्य गांवों में भी विधायक ने पहुंचकर लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में समाज और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहें और उन्हें हर संभव सहारा दें। ग्राम फुलमार में उन्होंने सरपंच केशव धुर्वे के निवास पर भी पहुंचकर उनके पिता के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। स्थानीय लोगों ने इस दौरे को सराहा और कहा कि जनप्रतिनिधि का इस तरह गांवों में आकर लोगों के दुख में शामिल होना विश्वास और भरोसे को मजबूत करता है। इस पहल से क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना भी देखने को मिली है।

बाबा बागेश्वर की हिन्दुओं से अपील… बोले- चार बच्चे पैदा करो…. एक RSS को समर्पित करो

नागपुर। महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) ने एक बड़ा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वो चार बच्चे पैदा करें और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के लिए समर्पित करें. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे चार पैदा करो, जिस में एक स्वयंसेवक संघ को दो. उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत खुद मौजूद थे. इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में कई साधु संतों की भी मौजूदगी रही। बयान के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईंभारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. बागेश्वर बाबा के बयान के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है. फिलहाल उनके इस बयान को लेकर अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

जनपद कार्यालय में हंगामा मंत्री के भाई ने सीईओ को दी जान से मारने की धमकी

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में एक बार फिर सत्ता से जुड़े लोगों के परिजनों की कथित दबंगई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार मामला नागर सिंह चौहान के भाई इंदरसिंह चौहान से जुड़ा है, जिन पर जनपद पंचायत कार्यालय में महिला सीईओ को धमकाने और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना ने प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अधिकारियों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार यह घटना 22 अप्रैल की है, जब प्रिया काग अपने कार्यालय पहुंचीं। आरोप है कि कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर इंदरसिंह चौहान नाराज हो गए। इसी बात को लेकर उन्होंने कार्यालय में हंगामा किया और सीईओ के साथ अभद्रता की। सीईओ प्रिया काग का कहना है कि इंदरसिंह चौहान ने उन्हें न सिर्फ धमकाया बल्कि मारने के लिए दौड़े भी। उन्होंने कथित रूप से कहा कि तेरे दांत तोड़ दूंगा तुझे जिंदा गाड़ दूंगा और यहां सब कुछ उनकी मर्जी से चलेगा। इस दौरान उन्होंने उनका रास्ता भी रोका जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद लेखाधिकारी सावन भिंडे ने बीच बचाव कर स्थिति को संभाला। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदरसिंह चौहान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि इंदरसिंह चौहान पहले भी विवादों में रह चुके हैं। खाद वितरण को लेकर एक सेल्समैन से मारपीट और कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे हटवाने जैसे आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह नया मामला उनके पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ले आया है। वहीं इस पूरे विवाद पर मंत्री नागर सिंह चौहान ने खुद को अलग बताते हुए कहा कि उनका अपने भाई से लंबे समय से कोई संबंध नहीं है और वह अपने निजी मामलों के लिए खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी। यह मामला न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है बल्कि इससे कार्यस्थल पर महिला अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को भी कई बार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ता है, जो व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

MP: कान्हा में मृत मिला एक और बाघ शावक…. राज्य में इस साल अब तक 22 बाघों की मौत

मंडला। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कान्हा रिजर्व (Kanha Reserve) के कोर एरिया में एक शावक (Tiger Cub.) मृत पाया गया, जिससे इस साल जनवरी से अब तक राज्य में बाघों (Tigers) की मौत की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. यह रिजर्व मंडला और बालाघाट जिलों में फैला हुआ है. कान्हा टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर अमिता बी ने बताया कि एक से डेढ़ साल के इस बच्चे का शव गुरुवार शाम को रिजर्व के मुख्य क्षेत्र के सरगी इलाके में मिला. शावक का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को किया गया और हम इसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौत का सही कारण पता चल सके. अफसर ने आगे बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि बच्चे को उसकी मां ने दूध नहीं पिलाया होगा, जिसके कारण भूख से उसकी मौत हो गई. इसी बाघिन का एक और बच्चा तीन दिन पहले मर गया था. उन्होंने कहा, “बाघिन ने चार बच्चों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है. हम बाघिन और बाकी बचे दो बच्चों पर कड़ी नजर रख रहे हैं.” राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में जहां 9 बाघ अभयारण्य हैं, इस साल अब तक बाघों की 22 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें शावकों की मौतें भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि 2026 की पहली मौत 7 जनवरी को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में दर्ज की गई थी. विशेषज्ञों की चिंता और जवाबदेहीजाने-माने वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने राज्य में बाघों की बढ़ती मौतों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, “बाघों की मौतों के मामले में, जिनमें अप्राकृतिक मौतें भी शामिल हैं, मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, जो चिंता का विषय है.” दुबे ने आरोप लगाया कि निगरानी और गश्त की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की. उन्होंने पन्ना बाघ अभयारण्य के एक हालिया मामले का जिक्र किया, जहां बाघ की मौत के लगभग 20 दिन बाद उसका सड़ा-गला शव मिला था.

किसानों के लिए बड़ा फैसला भू अर्जन पर चार गुना मुआवजा भाजपा किसान मोर्चा ने जताया आभार

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में किसानों के हित में लिए गए एक बड़े फैसले के बाद उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा भू अर्जन के मामलों में किसानों को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा के बाद किसान वर्ग के साथ साथ भाजपा कार्यकर्ताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। इस फैसले को किसानों के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला न केवल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम है बल्कि उनके सम्मान और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत लिए गए इस निर्णय की खुशी में आगर मालवा के छावनी नाका क्षेत्र में भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इस दौरान पटाखे फोड़े गए और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए नई उम्मीद का प्रतीक बताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से किसान उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे और यह निर्णय उनकी उस मांग को पूरा करता है। भू अर्जन के दौरान किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। अब चार गुना मुआवजा मिलने से किसानों को राहत मिलेगी और वे अपनी आजीविका को बेहतर तरीके से संभाल सकेंगे। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह यादव और किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दिनेश परमार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और आने वाले समय में ऐसे और भी फैसले लिए जाएंगे। यह फैसला प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के इस कदम से किसानों में भरोसा बढ़ा है और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कराने में मदद मिलेगी।

GWALIOR HEATWAVE: ग्वालियर में लू का कहर, पारा 42 डिग्री के पार; हीटवेव का येलो अलर्ट जारी

GWALIOR HEAT WAVE

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस पार राजस्थान की गर्म हवाओं से बढ़ी लू मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया दोपहर में सड़कों पर दिखा सन्नाटा अगले दो दिन और भी गर्मी बढ़ने की संभावना   GWALIOR HEATWAVE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बता दें कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण शहर में तापमान तेजी से बढ़ गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक है। इससे दिन के समय तेज गर्मी और उमस का असर साफ महसूस किया गया। BHIND PROTEST: भिंड में थाने के बाहर हंगामा, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप हीटवेव का येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ग्वालियर में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। दोपहर के समय हालात ऐसे रहे कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर निकले। World Malaria Day: मलेरिया के साथ दूसरी बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, मल्टी-इंफेक्शन ने बढ़ाई इलाज की चुनौती सुबह से दोपहर तक बढ़ता पारा शनिवार सुबह 8:30 बजे तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो दोपहर 2:30 बजे तक बढ़कर 42 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान से आने वाली शुष्क हवाएं इस तेज गर्मी का मुख्य कारण हैं। हवा में नमी का स्तर केवल 31 प्रतिशत रहने से गर्मी का असर और अधिक महसूस किया गया। BHIND PROTEST: भिंड में थाने के बाहर हंगामा, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक लू की स्थिति और तेज होने की चेतावनी दी है। लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।  

आगर मालवा में दर्दनाक हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से मां की मौत बेटा घायल

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में 38 वर्षीय सपना माली की मौत हो गई जबकि उनका बेटा रोहित घायल हो गया। घटना आगर और आमला मार्ग पर ग्राम मोयाखेड़ा के पास हुई जब एक अज्ञात वाहन ने पीछे से उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार सपना अपने बेटे रोहित के साथ नलखेड़ा क्षेत्र के बड़ागांव में आयोजित एक मान कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रही थीं। रात का समय होने के कारण सड़क पर दृश्यता कम थी और इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने सपना को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके बेटे रोहित को गंभीर चोटें आई हैं और उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार सपना एक गृहिणी थीं और परिवार की जिम्मेदारियों को संभाल रही थीं। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है जिनमें से बेटी की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही से ड्राइविंग को इस तरह के हादसों की बड़ी वजह बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से वाहन चलते हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मध्य प्रदेश पुलिस के अंतर्गत कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई जिसके बाद सपना का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को उजागर किया है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में प्रचंड गर्मी से लोग बेहाल …. अगले 4 दिन हीटवेव का अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) के मैदानी भागों और मध्य भारत (Central India) में प्रचंड गर्मी (Extreme heat.) ने कोहराम मचा दिया है। आसमान से बरसती आग और औद्योगिक इकाइयों व वाहनों से फैलते प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत बड़े शहरों में दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। ज्यादातर इलाकों में लू चल रही है और सुबह 10 बजे के बाद से ही घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। अभी तीन से चार दिन यही स्थित बनी रहने और लू चलने की प्रबल संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर में गरज-चमक के साथ बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इन राज्यों में चलेगी लू, नहीं मिलेगी गरमी से राहत भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में पिछले कई दिनों से लू चल रही है। इससे लू की स्थिति और भी गंभीर हो गई। आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल, मणिपुर, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर बारिश और तेज हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। गरमी बढ़ाने वाला अल नीनो इस साल फिर ढाएगा कहरसंयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि पिछली बार दुनिया का तापमान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाली मौसमी घटना अल नीनो के इस साल 2026 के मध्य में फिर से लौटने की उम्मीद है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र की मौसम एवं जलवायु एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि आगामी मई से जुलाई के बीच अल नीनो के हालात बनने के पूरे आसार हैं और इसके शुरुआती संकेत भी दिखने लगे हैं। यह मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतह के तापमान को बढ़ाती है। इससे हवाओं, दबाव और वर्षा के पैटर्न में परिवर्तन आता है। मौसम की स्थिति अल नीनो और उसके विपरीत ला नीना और सामान्य स्थिति के बीच बदलती रहती है। पिछले अल नीनो के कारण 2023 अब तक का दूसरा सबसे गर्म साल और 2024 अब तक का सबसे गर्म साल बना। भीषण गर्मी की चपेट में यूपीउत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी अपने पूरे रंग में है। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी के चपेट में रहे। तपिश के प्रकोप से अब जनजीवन और लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। प्रयागराज, वाराणसी, हरदोई, आगरा, मेरठ,अलीगढ़ और शाहजहांपुर जैसे शहरों भयानक लू के थपेड़ों का प्रकोप रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। वहीं 44.3 डिग्री, बांदा और हमीरपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। तेजी से बढ़ रहा समुद्री सतह का तापमानडब्ल्यूएमओ ने कहा कि उसके नवीनतम मासिक वैश्विक मौसमी जलवायु अपडेट में समुद्र की सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जो मई-जुलाई की शुरुआत में अल नीनो की स्थिति की संभावित वापसी की तरफ इशारा करता है। पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि अगले तीन महीनों में दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहेगा। डब्ल्यूएमओ ने कहा कि हालांकि, जलवायु परिवर्तन से अल नीनो घटनाओं की तीव्रता नहीं बढ़ती है, लेकिन यह इससे जुड़े असर को बढ़ा सकता है, क्योंकि गर्म महासागर और वायुमंडल से लू और भारी वर्षा जैसी चरम मौसम घटनाओं के लिए ऊर्जा और नमी की उपलब्धता बढ़ जाती है।़

AAP को सबसे बड़ा झटका, राघव चड्ढा नहीं, इस सांसद के जाने से हिला केजरीवाल का पूरा संगठन

नई दिल्ली। 24 अप्रैल 2026 आम आदमी पार्टी के इतिहास में एक बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में दर्ज हो गया है। यह दिन सिर्फ राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने के कारण नहीं, बल्कि इसलिए अहम बन गया क्योंकि अरविंद केजरीवाल की टीम में पहली बार इतनी बड़ी टूट देखने को मिली। पार्टी का संसदीय दल बिखर गया और बागी गुट ने एक तिहाई सांसदों के साथ भाजपा में विलय कर लिया। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा नुकसान संदीप पाठक के जाने से हुआ है। उनकी भूमिका सिर्फ एक सांसद की नहीं, बल्कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की रीढ़ के रूप में देखी जाती थी। साल 2022 में जब आम आदमी पार्टी ने हरभजन सिंह और अशोक मित्तल जैसे चेहरों को राज्यसभा भेजा, तब सबसे ज्यादा चर्चा संदीप पाठक को लेकर हुई थी, क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देते थे। लेकिन पर्दे के पीछे उनकी भूमिका बेहद प्रभावशाली थी, जिसे पहचान देते हुए उन्हें उच्च सदन में भेजा गया था। 2016 में पार्टी से जुड़ने वाले संदीप पाठक ने संगठन के भीतर तेजी से अपनी जगह बनाई। उनकी सार्वजनिक उपस्थिति भले कम रही, लेकिन पार्टी की रणनीति और विस्तार में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई। यही वजह रही कि जब तीन राज्यसभा सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया, तो सबसे बड़ा झटका संदीप पाठक के फैसले से लगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, स्वाति मालीवाल या राघव चड्ढा के जाने की आशंका पहले से थी, लेकिन संदीप पाठक का जाना अप्रत्याशित रहा। वहीं अशोक मित्तल और हरभजन सिंह के रुख में बदलाव को उतना चौंकाने वाला नहीं माना गया। रणनीति के मास्टरमाइंड थे पाठकसंदीप पाठक को 2022 में संगठन महासचिव बनाया गया था और वे पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते थे। पंजाब में पार्टी की जीत के पीछे उनकी रणनीति को अहम माना जाता है। इसके अलावा गोवा, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनावी रणनीति तैयार करने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही। उनकी अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब अरविंद केजरीवाल जेल में थे, तब उनसे मिलने के लिए सुनीता केजरीवाल और बिभव कुमार के साथ संदीप पाठक को ही भेजा गया था। कैसे जीता भरोसासंदीप पाठक ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आम आदमी पार्टी में दिल्ली डायलॉग कमीशन से की थी, जहां वे आशीष खेतान के साथ काम करते थे। अपनी रणनीतिक समझ और संगठन क्षमता के दम पर उन्होंने जल्दी ही केजरीवाल का भरोसा जीत लिया और पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक के बाद सबसे अहम पद तक पहुंचे। राघव चड्ढा का जाना क्यों कम असरदारहालांकि राघव चड्ढा की लोकप्रियता आम जनता में ज्यादा रही है, लेकिन पिछले डेढ़ साल में उनकी सक्रियता पार्टी में कम हो गई थी। वे पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य जरूर थे, लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी लगभग खत्म हो चुकी थी। ऐसे में उनका अलग होना अपेक्षित माना जा रहा था।

MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। 6 दिन होगी गेहूं खरीदीअब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजामुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहनतय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है। यूरिया की उपलब्धतावैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।