खीर वाला मासूम बच्चा अब बड़ा स्टार: ‘सूर्यवंशम’ के चाइल्ड आर्टिस्ट का 27 साल बाद बदला हुआ रूप

नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘सूर्यवंशम’ आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है जितनी अपने शुरुआती दौर में थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन का डबल रोल और पारिवारिक भावनाओं से भरी कहानी ने इसे एक कालजयी पहचान दी। लेकिन इस फिल्म का एक छोटा सा किरदार भी दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया था, जो था एक मासूम बच्चा, जिसने अपने दादा को खीर खिलाने वाला भावुक दृश्य निभाया था। यही छोटा किरदार आज एक बड़े और सफल कलाकार के रूप में सामने आया है, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए हैं। इस किरदार को निभाने वाले चाइल्ड आर्टिस्ट का नाम आनंद वर्धन है। उस समय वह बेहद कम उम्र के थे और उनकी मासूम मुस्कान और सहज अभिनय ने उस दृश्य को बेहद खास बना दिया था। खासकर खीर वाला सीन दर्शकों के दिलों में आज भी ताजा है, जिसे लोग बार-बार याद करते हैं। उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी इतनी प्रभावशाली थी कि वह फिल्म के सबसे यादगार चेहरों में से एक बन गए थे। अब सालों बाद आनंद वर्धन पूरी तरह बदल चुके हैं। उनका रूप, व्यक्तित्व और अंदाज पहले से बिल्कुल अलग हो चुका है। हाल ही में सामने आई उनकी तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी, जहां फैंस यह देखकर चौंक गए कि वही मासूम बच्चा अब एक लंबे-चौड़े और बेहद हैंडसम युवा अभिनेता में बदल चुका है। उनका यह बदलाव किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता, जहां समय के साथ एक किरदार पूरी तरह नई पहचान हासिल कर लेता है। आनंद वर्धन ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी और उन्होंने कई फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए। धीरे-धीरे उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनानी शुरू की और कई प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बने। बताया जाता है कि उन्होंने अपने करियर में 20 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिससे उनकी अभिनय क्षमता और अनुभव दोनों मजबूत हुए। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली थी। शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कई वर्षों तक अभिनय से ब्रेक लिया और खुद को एक सामान्य जीवन में व्यस्त रखा। बाद में उन्होंने फिर से इंडस्ट्री में वापसी की कोशिश की और अब एक बार फिर एक्टिंग के क्षेत्र में सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी कला से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में संगीत और सिनेमा की परंपरा रही है, जिसने उनके भीतर भी कला के प्रति रुचि को जन्म दिया। कहा जाता है कि बचपन से ही उन्हें अभिनय की ओर आकर्षित करने में इस माहौल का बड़ा योगदान रहा। आज ‘सूर्यवंशम’ का वह छोटा सा चेहरा केवल एक याद भर नहीं है, बल्कि एक ऐसे कलाकार की कहानी बन चुका है जिसने समय के साथ खुद को बदला, सीखा और फिर से अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। उनका यह सफर दर्शकों के लिए न केवल भावनात्मक है, बल्कि प्रेरणादायक भी है, क्योंकि यह दिखाता है कि बचपन की छोटी सी शुरुआत भी आगे चलकर एक लंबा और सफल करियर बन सकती है।
तेल कारोबार पर शिकंजा अमेरिका का बड़ा एक्शन ईरानी शैडो फ्लीट और चीनी रिफाइनरी पर बैन

नई दिल्ली । अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क पर बड़ा आर्थिक प्रहार करते हुए चीन की एक प्रमुख रिफाइनरी और दर्जनों शिपिंग कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने और उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। अमेरिकी वित्त विभाग के अधीन कार्यरत ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने चीन में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी कंपनी लिमिटेड को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। यह कंपनी ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाली बड़ी रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है और इस पर अरबों डॉलर के तेल लेनदेन का आरोप है। इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आर्थिक दबाव ईरान के शासन की वित्तीय क्षमता को कमजोर कर रहा है और इससे उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों तथा परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका आगे भी उन सभी नेटवर्कों पर कार्रवाई जारी रखेगा जो ईरानी तेल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इस प्रतिबंध अभियान में लगभग 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों को भी निशाना बनाया गया है जिन्हें ईरान की तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया है। इन जहाजों पर आरोप है कि वे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाकर ईरान सरकार के लिए भारी राजस्व उत्पन्न करते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां जिन्हें “टीपॉट्स” कहा जाता है ईरान के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खरीदती हैं और हेंगली उनमें दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदकर प्रतिबंधित नेटवर्क को आर्थिक मजबूती दी है। रिपोर्ट के मुताबिक कई जहाजों ने समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल ट्रांसफर कर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की। कुछ जहाजों ने ईरान से तेल चीन, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश जैसे देशों तक पहुंचाया। इन जहाजों के पनामा, हांगकांग और बारबाडोस जैसे देशों के झंडे के तहत संचालित होने की भी जानकारी दी गई है। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन के उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। फरवरी 2025 से अब तक इस अभियान के तहत 1000 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। अमेरिकी कानून के अनुसार जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है उनकी संपत्तियां अमेरिका में फ्रीज कर दी जाती हैं और अमेरिकी नागरिकों के लिए उनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापार करना प्रतिबंधित होता है। इसके अलावा विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई का खतरा बना रहता है यदि वे ऐसे नेटवर्क से जुड़े पाए जाते हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर सिविल और आपराधिक दोनों प्रकार की कार्रवाई हो सकती है जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
सीमा पर बढ़ी हलचल के बीच कूटनीतिक बातचीत नेपाल के पत्रकारों ने भारत को दिया भरोसे का संदेश

नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच जारी सीमा और व्यापारिक तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली जब नेपाल के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब नेपाल में सीमा पार व्यापार और कस्टम ड्यूटी को लेकर असंतोष और राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है। नेपाल में हाल ही में बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भारत से आने वाले सामान पर नए कस्टम नियम लागू किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। इन नियमों के अनुसार भारत से खरीदे गए सामान पर निर्धारित सीमा से अधिक मूल्य होने पर कस्टम ड्यूटी लागू की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों पर सीधा असर पड़ा है। इस मुद्दे पर भारत की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत को नेपाल की तरफ से लागू किए गए इस नियम की जानकारी है और यह मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि निजी उपयोग के लिए ले जाए जाने वाले घरेलू सामान पर रोक नहीं है। नेपाल के पत्रकारों के इस प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव से मुलाकात के दौरान भारत और नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य की साझेदारी पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सीमा पार रिश्तों को स्थिर और संतुलित बनाए रखना दोनों देशों के हित में है। सीमा क्षेत्रों में इस समय स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि स्थानीय लोगों की निर्भरता भारतीय बाजारों पर काफी अधिक है। रोजमर्रा के सामान राशन दवाइयों और कपड़ों के लिए सीमावर्ती इलाकों के लोग भारत पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नए कस्टम नियमों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और नाराजगी भी बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में यह विवाद केवल व्यापारिक नीति तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें आर्थिक प्रबंधन शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी असंतोष शामिल है। यही कारण है कि यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनता जा रहा है। इस बीच पत्रकारों की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है जिससे भविष्य में उत्पन्न होने वाले तनाव को कम किया जा सके और आपसी समझ को बढ़ाया जा सके।
उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, सीएम धामी ने छात्रों को दी बधाई..

नई दिल्ली।उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिससे हजारों छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजों में छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और कुल पास प्रतिशत में भी सुधार देखने को मिला है। परिणाम जारी होने के साथ ही राज्य के टॉपर्स की सूची भी सामने आ गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र इस बार अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए और आगे और अधिक मेहनत के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए। कक्षा 10वीं के परिणामों के अनुसार इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 92.10 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो एक मजबूत शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है। इस परीक्षा में छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.07 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 88.03 प्रतिशत दर्ज किया गया। कक्षा 10वीं में इस बार टॉपर्स की सूची में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। नैनीताल जिले के रामनगर के छात्र ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, दो छात्रों ने 98 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तीसरे स्थान पर 97.80 प्रतिशत अंकों के साथ एक अन्य छात्र रहा। इसी तरह कक्षा 12वीं के परिणामों में कुल पास प्रतिशत 85.11 प्रतिशत रहा है। यहां भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 88.09 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 81.93 प्रतिशत रहा। यह अंतर इस बात को दर्शाता है कि राज्य में लड़कियों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है। इंटरमीडिएट परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला है। बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर की दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, दोनों ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनके प्रदर्शन को राज्य स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन

नई दिल्ली बड़वानी जिले के सिलावद और होलगांव क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गोई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और सड़क निर्माण की परियोजना का शनिवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने पूजा अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत की यह परियोजना क्षेत्र की करीब 30 साल पुरानी मांग को पूरा करती है जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी के निरंतर प्रयासों के बाद गति मिली थी वर्ष 2024 के बजट में मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पुल के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी इसके बाद सेतु विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 12 मार्च 2025 को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई अंततः निर्माण का कार्य सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को सौंपा गया और अब भूमि पूजन के साथ कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है भूमिपूजन कार्यक्रम सिलावद और होलगांव के बीच आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम के बाद मंत्री राकेश सिंह ने खुली जीप में पुराना बस स्टैंड से पुराना थाना मैदान तक रोड शो भी किया जहां लोगों ने उनका स्वागत किया इस दौरान मंच पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई दिशा है उन्होंने कहा कि गोई नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था खासकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा होता था कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं जिसमें जानमाल की हानि हुई है ऐसे में यह पुल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा उन्होंने आगे कहा कि इस पुल के बनने से सिलावद होलगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी वहीं छात्रों और मरीजों के लिए भी यात्रा सुविधाजनक होगी इसके अलावा सिलावद से पाटी की दूरी भी लगभग चार किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में विकास के बड़े वादे तो किए लेकिन जमीन पर परिणाम नहीं दिखे उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल विधायक श्याम बरड़े और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया ग्रामीणों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान है अब उन्हें नदी पार करने की जोखिम भरी स्थिति से राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी
DATIYA MINOR GIRL RAPED: घर में घुसकर सोती बच्ची से दुष्कर्म, पड़ोसी आरोपी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS: 15 वर्षीय किशोरी से घर में घुसकर अपराध पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप घटना रात करीब 11:30 बजे की विरोध करने पर धमकी और मारपीट आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी DATIYA MINOR GIRL RAPED: मध्यप्रदेश। दतिया जिले के उनाव थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ उसके ही घर में घुसकर दुष्कर्म किया गया। घटना 23 अप्रैल की रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बना दिया है। Gwalior Court Case: ग्वालियर में सगी बहन के साथ पति का अफैर, पत्नी ने दिया तलाक! पड़ोसी युवक पर आरोप पीड़िता के परिवार की शिकायत के अनुसार, आरोपी पड़ोस में रहने वाला युवक रिषभ कुशवाहा है। आरोप है कि वह रात में घर के अंदर घुस आया और कमरे में अकेली सो रही किशोरी को निशाना बनाया। उस समय कमरे की लाइट जल रही थी और दरवाजा बंद था, बावजूद इसके आरोपी अंदर पहुंच गया। एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित विरोध करने पर दबाया मुंह जब किशोरी ने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसके साथ मारपीट भी की। घटना को अंजाम देने के बाद उसने पीड़िता को धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के कारण पीड़िता पूरी रात सहमी रही। राज्यसभा में NDA मजबूत, AAP सांसदों के दल-बदल से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन अगले दिन दर्ज हुई शिकायत घटना के बाद किशोरी इतनी डरी हुई थी कि उसने रातभर किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन उसने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार के साथ थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। GUNA SON MURDERED FATHER: बाइक की चाबी के पीछे हुआ विवाद, तो बेटे ने अपने पिता को ही मारदी गैंती; बाप की मौत आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Gwalior Court Case: ग्वालियर में सगी बहन के साथ पति का अफैर, पत्नी ने दिया तलाक!

HIGHLIGHTS: 28 साल पुरानी शादी का मामला कोर्ट तक पहुंचा फैमिली फोटो को दूसरी शादी का सबूत बताया गया ननद को ‘सौतन’ बताकर पेश किया गया दावा पति की अनुपस्थिति में एकतरफा तलाक मिला हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी गई Gwalior Court Case: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 1998 में हुई शादी के बाद पत्नी ने पति से तलाक पाने के लिए कोर्ट में विवादित दावा पेश किया है। बता दें कि दंपति पिछले कुछ वर्षों से अलग रह रहे थे और दोनों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा था, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। GUNA SON MURDERED FATHER: बाइक की चाबी के पीछे हुआ विवाद, तो बेटे ने अपने पिता को ही मारदी गैंती; बाप की मौत फैमिली फोटो को बताया दूसरी शादी का सबूत महिला ने कुटुंब न्यायालय में यह दावा किया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। इसके लिए उसने एक फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश किया, जिसमें पति अपनी सगी बहन और अन्य परिजनों के साथ नजर आ रहा था। महिला ने इसी फोटो में मौजूद ननद को पति की “सौतन” बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल कोर्ट से मिला एकतरफा तलाक मामले की सुनवाई के दौरान पति की अनुपस्थिति को देखते हुए कोर्ट ने उसे एकतरफा घोषित कर दिया और महिला के पक्ष में तलाक की डिक्री जारी कर दी। पति उस समय पारिवारिक कारणों, विशेषकर अपनी मां के निधन से जुड़ी जिम्मेदारियों में व्यस्त था, जिसके कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। Uttarakhand Board Result 2026 जारी 10वीं में 98% पास 12वीं में लड़कियों का जलवा हाईकोर्ट में पहुंचा मामला बाद में जब पति को तलाक के फैसले की जानकारी मिली, तो उसने कोर्ट रिकॉर्ड खंगाले और पाया कि जिस फोटो को दूसरी शादी का सबूत बताया गया था, उसमें उसकी सगी बहन थी। इसके बाद उसने इस फैसले को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि उसे गुमराह कर गलत तरीके से एकतरफा फैसला लिया गया।
रीमेक की चर्चा में बड़ा खुलासा: ‘शोला और शबनम’ आज बनी तो कौन होगा नया स्टार कपल, डेविड धवन का चौंकाने वाला जवाब

नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के 90 के दशक की यादगार फिल्मों में शामिल ‘शोला और शबनम’ आज भी दर्शकों के बीच एक खास पहचान रखती है। इस फिल्म ने उस दौर में कॉमेडी, रोमांस और एक्शन का ऐसा मिश्रण पेश किया था, जिसने इसे सुपरहिट बना दिया। गोविंदा और दिव्या भारती की जोड़ी ने इस फिल्म को अलग ही ऊंचाई दी थी, जबकि निर्देशन की कमान संभालने वाले डेविड धवन ने इसे अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया था। अब इसी फिल्म को लेकर डेविड धवन का एक ताजा बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने बताया कि अगर यह फिल्म आज के समय में दोबारा बनाई जाती, तो इसके किरदारों के लिए उनकी सोच क्या होती। डेविड धवन के अनुसार, आज के समय में फिल्मों की कहानी और प्रस्तुति तो वही रह सकती है, लेकिन किरदारों को निभाने के लिए ऐसे कलाकारों की जरूरत होती है जो गंभीरता और कॉमेडी दोनों को संतुलित तरीके से निभा सकें। उन्होंने कहा कि ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्म केवल हंसी-मजाक की कहानी नहीं थी, बल्कि इसके भीतर एक मजबूत भावनात्मक परत भी थी, जिसे समझना और पर्दे पर उतारना बेहद जरूरी है। सबसे खास बात यह रही कि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस रीमेक में अपने बेटे वरुण धवन को लेंगे, तो उन्होंने इस पर सहमति नहीं जताई। इसके बजाय उन्होंने नई पीढ़ी के दो उभरते चेहरों की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, अहान पांडे और अनीता पड्डा इस तरह की कहानी के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। उनका मानना है कि हाल के समय में इन दोनों कलाकारों ने अपनी स्क्रीन उपस्थिति और अभिनय क्षमता से यह साबित किया है कि वे बड़े किरदारों को संभालने में सक्षम हैं। मूल फिल्म की बात करें तो ‘शोला और शबनम’ वर्ष 1992 में रिलीज हुई थी और यह अपने समय की एक बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई थी। फिल्म की कहानी एनसीसी कैडेट करण के जीवन संघर्षों और उसके निजी व भावनात्मक उतार-चढ़ाव के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें रोमांस, ड्रामा और एक्शन का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला था, जिसने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा। गोविंदा और दिव्या भारती की केमिस्ट्री इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। दोनों ने अपने किरदारों में जो सहजता और ऊर्जा दिखाई, उसने फिल्म को यादगार बना दिया। इसके साथ ही सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे फिल्म की प्रभावशीलता और बढ़ गई। उस दौर में यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और साल की सबसे सफल फिल्मों में से एक बन गई। आज भी इसे एक क्लासिक के रूप में याद किया जाता है, जिसे बार-बार देखने का मन करता है। डेविड धवन का यह बयान यह भी दिखाता है कि समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री कैसे बदल रही है। पहले जहां बड़े सितारों का दबदबा हुआ करता था, वहीं अब नई प्रतिभाओं को मौके मिल रहे हैं। यह बदलाव दर्शकों की बदलती पसंद और आधुनिक कहानी कहने के तरीके को भी दर्शाता है। ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्में यह साबित करती हैं कि अच्छी कहानी कभी पुरानी नहीं होती, बस उसे नए कलाकारों और नए अंदाज में पेश करने की जरूरत होती है।
एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित

भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा को लेकर बड़ा संगठनात्मक निर्णय सामने आया है जहां भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने 16 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह फैसला संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन नियुक्तियों की घोषणा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नए चेहरों के माध्यम से किसानों से सीधे संवाद को और बेहतर बनाया जा सकेगा तथा संगठन की पहुंच गांव गांव तक मजबूत होगी। घोषित सूची के अनुसार सुरेश पटेल को नर्मदापुरम महेश्वर सिंह चंदेल को बैतूल राहुल जाधव को बुरहानपुर राधेश्याम जाट को शाजापुर यशवंत लिल्हारे को बालाघाट धर्मवीर रघुवंशी को अशोकनगर हेमंत धाकड़ को मुरैना राजू नागदा मोडी को नीमच राजेंद्र सिंह को खंडवा प्रवीण त्रिपाठी को रीवा प्रदीप अवस्थी को पन्ना राजेंद्र शितोले को बड़वानी कमलेश राजपाल को रायसेन शैलेंद्र रघुवंशी को छिंदवाड़ा घनश्याम कछवाहा को डिंडौरी और मुरालीलाल धाकड़ को गुना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्तियां किसानों के हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है। उन्होंने प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों को चार गुना मुआवजा देने सोलर पंप पर सब्सिडी और मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन जैसी योजनाएं लगातार लागू की जा रही हैं। इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिल रही है। यह संगठनात्मक विस्तार भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी गांव और किसान वर्ग में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है जहां नए जिला अध्यक्ष किसानों के बीच सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन को नई दिशा देंगे।
एमपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 36 निरीक्षकों के तबादले बालाघाट मंडला में नई तैनाती

भोपाल । मध्यप्रदेश में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय ने 36 पुलिस निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए हैं जिससे विभाग में नई ऊर्जा और कार्यकुशलता लाने की कोशिश की जा रही है। जारी आदेश के अनुसार बालाघाट और मंडला जिलों में लंबे समय से पदस्थ 18 पुलिस निरीक्षकों को वहां से हटाकर अन्य जिलों में भेजा गया है। इन अधिकारियों ने इन जिलों में अपनी अनिवार्य दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर ली थी जिसके बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया को अमल में लाया गया। इनकी जगह अन्य जिलों से 18 नए और अनुभवी पुलिस निरीक्षकों को बालाघाट और मंडला में पदस्थ किया गया है। इस तरह कुल 36 निरीक्षकों की नई पदस्थापना की गई है जो राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के इस निर्णय के पीछे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना और विभिन्न जिलों में अनुभव का बेहतर उपयोग करना प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है। अधिकारियों के नियमित अंतराल पर तबादले से न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर नई रणनीतियों के साथ काम करने का अवसर भी मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से पुलिस व्यवस्था में गतिशीलता आती है और अधिकारियों को अलग अलग परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है जिससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। साथ ही संवेदनशील और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर यह तबादला आदेश मध्यप्रदेश पुलिस की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए विभाग को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है जहां नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारी बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे।