Chambalkichugli.com

तेल कारोबार पर शिकंजा अमेरिका का बड़ा एक्शन ईरानी शैडो फ्लीट और चीनी रिफाइनरी पर बैन


नई दिल्ली । अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क पर बड़ा आर्थिक प्रहार करते हुए चीन की एक प्रमुख रिफाइनरी और दर्जनों शिपिंग कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने और उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।

अमेरिकी वित्त विभाग के अधीन कार्यरत ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने चीन में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी कंपनी लिमिटेड को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। यह कंपनी ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाली बड़ी रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है और इस पर अरबों डॉलर के तेल लेनदेन का आरोप है।

इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आर्थिक दबाव ईरान के शासन की वित्तीय क्षमता को कमजोर कर रहा है और इससे उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों तथा परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका आगे भी उन सभी नेटवर्कों पर कार्रवाई जारी रखेगा जो ईरानी तेल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करते हैं।

इस प्रतिबंध अभियान में लगभग 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों को भी निशाना बनाया गया है जिन्हें ईरान की तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया है। इन जहाजों पर आरोप है कि वे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाकर ईरान सरकार के लिए भारी राजस्व उत्पन्न करते हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां जिन्हें “टीपॉट्स” कहा जाता है ईरान के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खरीदती हैं और हेंगली उनमें दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदकर प्रतिबंधित नेटवर्क को आर्थिक मजबूती दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक कई जहाजों ने समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल ट्रांसफर कर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की। कुछ जहाजों ने ईरान से तेल चीन, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश जैसे देशों तक पहुंचाया। इन जहाजों के पनामा, हांगकांग और बारबाडोस जैसे देशों के झंडे के तहत संचालित होने की भी जानकारी दी गई है।

यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन के उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। फरवरी 2025 से अब तक इस अभियान के तहत 1000 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।

अमेरिकी कानून के अनुसार जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है उनकी संपत्तियां अमेरिका में फ्रीज कर दी जाती हैं और अमेरिकी नागरिकों के लिए उनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापार करना प्रतिबंधित होता है। इसके अलावा विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई का खतरा बना रहता है यदि वे ऐसे नेटवर्क से जुड़े पाए जाते हैं।

वित्त विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर सिविल और आपराधिक दोनों प्रकार की कार्रवाई हो सकती है जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News