सोमवार का अंक राशिफल: जानें सभी मूलांक के लिए दिन कैसा रहेगा..

नई दिल्ली। 27 अप्रैल 2026 का दिन अंक ज्योतिष के दृष्टिकोण से विशेष माना जा रहा है, क्योंकि आज का भाग्यांक 5 है, जो बुध ग्रह से प्रभावित होता है। बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद, व्यापार और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आज का दिन कई लोगों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है। अंक ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति का मूलांक उसके जीवन की ऊर्जा और स्वभाव को दर्शाता है। आज मूलांक 1 से 9 तक के सभी जातकों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल सकता है, जो उनके करियर, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और निजी जीवन को प्रभावित करेगा। मूलांक 1 के जातकों के लिए आज नेतृत्व और आत्मविश्वास बढ़ने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं, लेकिन अहंकार से बचना जरूरी रहेगा ताकि रिश्तों में संतुलन बना रहे। मूलांक 2 के लोगों के लिए दिन भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। दूसरों के साथ तालमेल बनाए रखना आवश्यक होगा और अनावश्यक बहस से बचना बेहतर रहेगा। मूलांक 3 वालों के लिए आज रचनात्मकता और नए विचारों का दिन है। अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर सफलता मिलने की संभावना है और कार्यस्थल पर प्रशंसा भी मिल सकती है। मूलांक 4 के जातकों को आज मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ना होगा। कुछ कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन निरंतर प्रयास से स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी। मूलांक 5 के लिए आज का दिन विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। नए अवसर, यात्रा और बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। व्यापार और नौकरी दोनों में प्रगति की संभावना मजबूत है। मूलांक 6 वालों के लिए दिन संबंधों में संतुलन और सामंजस्य बनाए रखने का है। पारिवारिक जीवन में शांति बनी रहेगी और पुराने संबंध मजबूत हो सकते हैं। मूलांक 7 के जातकों के लिए आज आत्मचिंतन और मानसिक शांति का समय है। कार्यों की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन योजना बनाने के लिए यह समय उपयोगी रहेगा। मूलांक 8 वालों के लिए जिम्मेदारियों का दबाव रह सकता है। कार्यक्षेत्र में अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा, हालांकि आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं। मूलांक 9 के जातकों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यों में तेजी आएगी और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिल सकते हैं।
आज का राशिफल 27 अप्रैल 2026: मेष और सिंह के लिए सफलता के संकेत, वृषभ और कन्या रहें सतर्क

नई दिल्ली। 27 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चंद्रमा और अन्य ग्रहों की चाल कई राशियों के जीवन में बदलाव के संकेत दे रही है। आज का दिन कुछ लोगों के लिए सफलता, आत्मविश्वास और नए अवसरों का द्वार खोल सकता है, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है। यह दिन खासकर करियर, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के मामलों में मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। सिंह राशि वालों के लिए भी यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक प्रतिष्ठा हासिल करने का है। इन दोनों राशियों को अपने प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। दूसरी ओर वृषभ और कन्या राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। अनावश्यक खर्च या जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है, इसलिए सोच-समझकर आगे बढ़ना जरूरी होगा। मिथुन और तुला राशि के लिए दिन संतुलन बनाने का है। काम और निजी जीवन के बीच तालमेल बनाए रखना जरूरी रहेगा। छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन संवाद और समझदारी से उनका समाधान संभव है। कर्क राशि के जातकों को भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रहना पड़ सकता है, इसलिए परिवार और निजी संबंधों में धैर्य बनाए रखना बेहतर होगा। वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। नए अवसर, यात्राएं और सीखने के मौके मिलने की संभावना है। यह समय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और नई योजनाओं को शुरू करने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। मकर और कुंभ राशि के जातकों को आज संयम और सावधानी से काम लेना होगा, क्योंकि कार्यक्षेत्र में कुछ दबाव या चुनौतियां सामने आ सकती हैं। धैर्य और योजना के साथ काम करने से स्थिति बेहतर होगी। मीन राशि के लिए आज का दिन सहयोग और टीमवर्क पर आधारित रहेगा। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और पुराने संपर्क फिर से सक्रिय हो सकते हैं। यह समय भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है।
सोना पहनने से बदल सकता है भाग्य? इन राशियों को लेकर ज्योतिष में कही गई अहम सावधानियां

नई दिल्ली। सोने के आभूषण भारतीय परंपरा और संस्कृति में विशेष महत्व रखते हैं। इसे केवल एक कीमती धातु नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों से जुड़ा शक्तिशाली तत्व भी माना जाता है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार सोने का संबंध सूर्य और गुरु ग्रह से जोड़ा जाता है, जिन्हें जीवन में ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान का कारक माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार सोना हर व्यक्ति के लिए समान परिणाम नहीं देता। इसका प्रभाव व्यक्ति की राशि, ग्रहों की स्थिति और जन्म कुंडली पर निर्भर करता है। यही कारण है कि कुछ परिस्थितियों में सोना अत्यंत शुभ माना जाता है, जबकि कुछ मामलों में इसे पहनने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यताओं के अनुसार मेष, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए सोने की अंगूठी पहनने को लेकर विशेष सावधानी बताई जाती है। कहा जाता है कि इन राशियों पर सोने का प्रभाव कभी-कभी असंतुलित परिणाम दे सकता है। ऐसी धारणा है कि गलत तरीके से सोना पहनने पर जीवन में आर्थिक उतार-चढ़ाव, मानसिक तनाव या कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि यह सभी विचार पूरी तरह परंपरागत और मान्यताओं पर आधारित हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। आधुनिक दृष्टिकोण में इन्हें आस्था और सांस्कृतिक विश्वास का हिस्सा माना जाता है। ज्योतिष में सोना पहनने को लेकर कुछ नियम भी बताए गए हैं। कुछ परंपराओं में कहा जाता है कि सोने की अंगूठी को तर्जनी उंगली में पहनना शुभ होता है, जबकि कुछ स्थितियों में बाएं हाथ में सोना पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गले में सोने की चेन पहनने को सकारात्मक ऊर्जा और संबंधों में स्थिरता से जोड़ा जाता है। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी समस्याओं में सोने के आभूषण सहायक माने जा सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह विश्वास पर आधारित है और चिकित्सा विज्ञान इसका समर्थन नहीं करता।
BHIND VIRAL VIDEO: भिंड में सांप के साथ क्रूरता का VIDEO VIRAL; शादी में भीम आर्मी नेता ने कुचलकर मारा, 3 पर केस दर्ज

HIGHLIGHTS: शादी समारोह में सांप के साथ क्रूरता का मामला डीजे पर नाचते समय निकला था सांप का बच्चा युवकों ने पैरों से कुचलकर किया घायल वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत केस दर्ज BHIND VIRAL VIDEO: भिंड। जिले के अटेर वन मंडल के सोनेलाल का पुरा गांव में एक शादी समारोह के दौरान सांप के बच्चे के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि डीजे पर नाच-गाने के दौरान करीब ढाई फीट लंबा सांप का बच्चा वहां आ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला पैरों से कुचलकर किया घायल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ युवकों ने सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय उसे पैरों से कुचल दिया और उसका फन दबाकर हवा में लटकाए रखा। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी नेता देशराज धारिया भी इसमें शामिल थे, इस दौरान सांप गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने इसे रोकने के बजाय तमाशा बना लिया। Ashoknagar Farmers Protest : अशोकनगर में खाद संकट पर हंगामा, सड़कों पर उतरे व्यापारी; ऑनलाइन टोकन सिस्टम बंद करने की मांग वीडियो वायरल होने से बढ़ा आक्रोश घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश फैल गया और कार्रवाई की मांग तेज हो गई। DATIYA GOVANSH PROTEST: गोवंश को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग, दतिया में सड़कों पर उतरे गोभक्त वन विभाग की कार्रवाई, केस दर्ज मामले में वन विभाग ने संज्ञान लेते हुए भीम आर्मी के स्थानीय नेता देशराज धारिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। जांच में सांप की मौत की पुष्टि हुई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव तय, यश की ‘टॉक्सिक’ और महेश बाबू की फिल्म आमने-सामने

नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़े बॉक्स ऑफिस क्लैश की स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जहां यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज को लेकर चर्चा के केंद्र में है। पहले भी इस फिल्म की रिलीज डेट कई बार बदली जा चुकी है, लेकिन अब एक बार फिर नई परिस्थितियों के कारण इसकी रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा स्थिति के अनुसार ‘टॉक्सिक’ की संभावित रिलीज खिड़की पर एक नई बड़ी फिल्म के आने से टकराव की स्थिति बन गई है। यह नई फिल्म महेश बाबू से जुड़े प्रोजेक्ट के रूप में सामने आ रही है, जिसे ‘राव बहादुर’ नाम से जाना जा रहा है। दोनों फिल्मों की रिलीज समय के बेहद करीब होने के कारण बॉक्स ऑफिस पर सीधा मुकाबला लगभग तय माना जा रहा है। ‘टॉक्सिक’ को लेकर पहले भी कई बार अनिश्चितता बनी रही है। कभी प्रोडक्शन से जुड़े कारण, तो कभी रिलीज रणनीति में बदलाव के चलते इसकी रिलीज आगे खिसकती रही। हर बार फिल्म किसी न किसी बड़े प्रोजेक्ट से टकराने की स्थिति में आ जाती है, जिससे इसकी रिलीज योजना लगातार प्रभावित होती रही है। दूसरी ओर, ‘राव बहादुर’ भी अपने अनोखे विषय और प्रस्तुति को लेकर चर्चा में है। फिल्म की कहानी एक अलग और गंभीर पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें रहस्य और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। इसकी घोषणा के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। दोनों फिल्मों की शैली और विषय अलग होने के बावजूद रिलीज का समय इतना करीब है कि दर्शकों का बंटना तय माना जा रहा है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार से जुड़े विशेषज्ञ इसे एक बड़ा क्लैश मान रहे हैं, जिसका असर दोनों फिल्मों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। यश की ‘टॉक्सिक’ अपने बड़े बजट, एक्शन और स्टार पावर के कारण चर्चा में रहती है, जबकि दूसरी ओर ‘राव बहादुर’ अपनी कहानी और गंभीर ट्रीटमेंट के कारण एक अलग दर्शक वर्ग को आकर्षित कर सकती है। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ फिल्मों का नहीं, बल्कि दर्शकों की पसंद और बाजार की दिशा का भी बन सकता है। फिलहाल दोनों फिल्मों की रिलीज डेट को लेकर अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा आमना-सामना देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, ‘टॉक्सिक’ एक बार फिर बड़े टकराव के केंद्र में आ गई है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में रिलीज रणनीति में कोई बदलाव होता है या फिर यह सीधा मुकाबला सिनेमाघरों में देखने को मिलेगा।
पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक बार फिर ‘अननोन गनमैन’ की कार्रवाई सामने आई है। इस बार निशाना आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वरिष्ठ कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी बने, जिन्हें अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अफरीदी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हाफिज सईद का करीबी बताया जाता था शेख यूसुफ अफरीदी को हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था। बताया जाता है कि वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा था और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में नेटवर्क संभालता था। आरोप है कि वह युवाओं को तैयार कर उन्हें कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में भेजने में सक्रिय भूमिका निभाता था। अफरीदी कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सईद के साथ नजर आ चुका था। टारगेट किलिंग का शक, जांच जारी स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला टारगेट किलिंग का प्रतीत होता है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ‘अननोन गनमैन’ की घटनाएं बढ़ीं गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कई विवादित और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। भारत का स्पष्ट रुख इन घटनाओं को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने हमेशा साफ किया है कि वह किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान करती है और ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है। कुल मिलाकर, अफरीदी की हत्या ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क से जुड़े समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे। तीन दिन पहले हुए थे लापता स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। समुदाय ने उठाए सवाल घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है। वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

नई दिल्ली। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए एक बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय और गर्मा गया जब अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रितेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ शब्दों में कहा कि महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में इस तरह की बातें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक कथन सामने आया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। इस कथन में महाराज के संघर्ष और उनके निर्णयों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसे उनके समर्थकों और इतिहास से जुड़े जानकारों ने गलत और भ्रामक बताया। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। रितेश देशमुख, जो खुद शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों से गहरी प्रेरणा लेने की बात करते रहे हैं, इस बयान से काफी आहत नजर आए। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर करने या गलत तरीके से पेश करने की कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी। उनके अनुसार, शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्वाभिमान का प्रतीक हैं, जिनका सम्मान हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किया गया। कहा गया कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। इसके बावजूद मामला शांत होता नहीं दिखा और सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस जारी रही। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इतिहास से जुड़े विषय केवल तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके। इसी बीच, रितेश देशमुख अपनी आगामी ऐतिहासिक फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, और यह विवाद इसे और अधिक सुर्खियों में ले आया है। पूरा मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इतिहास, भावनाओं और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।
कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला

नई दिल्ली! दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में शनिवार को एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक यात्री घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है। यह धमाका काउका क्षेत्र के काजिबियो नगर स्थित पैनअमेरिकन हाईवे पर उस समय हुआ, जब बस वहां से गुजर रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका दहल उठा। घायलों में बच्चे भी शामिल काउका क्षेत्र की स्वास्थ्य अधिकारी कैरोलिना कामार्गो ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आतंकी गुटों पर आरोप कोलंबिया सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने हमले के लिए इवान मोर्दिस्को गिरोह और जैमी मार्टिनेज गुट को जिम्मेदार ठहराया है। ये दोनों गुट पूर्व विद्रोही संगठन एफएआरसी (FARC) के असंतुष्ट धड़े माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 के शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था। राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाना आतंकवाद है। उन्होंने हमलावरों को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हिंसक गिरोह बताया। क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में ही क्षेत्र में 26 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सार्वजनिक ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। मेक्सिको में भी गोलीबारी इसी बीच मेक्सिको में भी एक अलग घटना सामने आई है। टियोटिहुआकन पिरामिड परिसर में एक हथियारबंद व्यक्ति ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाद में हमलावर ने खुद को गोली मार ली। घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं और सभी का उपचार जारी है।
आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र 'गरुड़ घंटी': जानिए पूजा के दौरान इसे बजाने के पीछे छिपे गहरे रहस्य

नई दिल्ली। सनातन संस्कृति में पूजा-पाठ के दौरान घंटी बजाने का विधान सदियों पुराना है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के छोटे से मंदिर में इस्तेमाल होने वाली घंटी का भी अपना एक विशेष विज्ञान और महत्व है? हिंदू परिवारों में मुख्य रूप से ‘गरुड़ घंटी’ का उपयोग किया जाता है, जिसके ऊपरी भाग पर भगवान विष्णु के वाहन और संदेशवाहक गरुड़ देव की आकृति बनी होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ देव को भगवान विष्णु का द्वारपाल माना गया है, इसलिए घर में इस घंटी का होना और इसे बजाना साक्षात श्रीहरि और माता लक्ष्मी को आमंत्रित करने के समान है। धार्मिक ग्रंथों में इस विशेष घंटी की ध्वनि को ‘ब्रह्म नाद’ की संज्ञा दी गई है। माना जाता है कि जब सृष्टि का निर्माण हुआ था, तब जो पहली आवाज गूँजी थी, घंटी की ध्वनि उसी का सूक्ष्म रूप है। यही कारण है कि पूजा के दौरान इसे बजाने से वातावरण शुद्ध हो जाता है और व्यक्ति का मन संसार की मोह-माया से हटकर सीधे ईश्वर की ओर केंद्रित होने लगता है। गरुड़ घंटी बजाने से घर में मौजूद नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिन घरों में नियमित रूप से गरुड़ घंटी का नाद होता है, वहां कभी दरिद्रता का वास नहीं होता और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी घंटी बजाने के कई फायदे बताए गए हैं। घंटी से निकलने वाली विशेष तरंगें और सूक्ष्म कंपन वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा, इसकी सुरीली आवाज हमारे मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को सक्रिय कर देती है, जिससे मानसिक तनाव और थकान कम होती है। आरती के समय घंटी बजाना हमारे एकाग्रता स्तर को बढ़ाता है, जिससे भक्त पूरी तरह से पूजा में लीन हो जाता है। गरुड़ जी की उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि हमारी प्रार्थनाओं को भगवान तक पहुँचाने का कार्य स्वयं उनके संदेशवाहक कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, घंटियों के मुख्य रूप से चार प्रकार होते हैं। ‘गरुड़ घंटी’ का प्रयोग व्यक्तिगत पूजा और छोटे मंदिरों में किया जाता है। इसके अलावा ‘द्वार घंटी’ होती है जो घरों या मंदिरों के प्रवेश द्वार पर शुभता के लिए लगाई जाती है। ‘हाथ घंटी’ पीतल की एक गोलाकार प्लेट की तरह होती है जिसे लकड़ी के डंडे से बजाया जाता है, जबकि ‘बड़ा घंटा’ मंदिरों के विशाल प्रांगण में स्थापित किया जाता है जिसकी गूँज मीलों दूर तक सुनाई देती है। इन सभी में गरुड़ घंटी को घर की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे उत्तम और प्रभावी माना गया है। घर में नियमित इसका प्रयोग न केवल सौभाग्य लाता है बल्कि जीवन में अनुशासन और शांति का भी संचार करता है।