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फैमिली मोमेंट वायरल: आमिर खान के साथ दिखीं गौरी, आयरा ने बढ़ाया अपनापन

नई दिल्ली | मुंबई में 28 अप्रैल को एक्टर जुनैद खान की अपकमिंग फिल्म ‘एक दिन’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां पूरा खान परिवार उन्हें सपोर्ट करने पहुंचा। इस मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे आमिर खान, जो अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ पहुंचे और दोनों की बॉन्डिंग ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान की बेटी आयरा खान और दामाद नुपुर शिखरे भी मौजूद रहे। खास बात यह रही कि आयरा और गौरी स्प्रैट के बीच गर्मजोशी से गले मिलने का पल कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इवेंट के कई वीडियो और तस्वीरों में पूरा परिवार एक साथ पोज देता नजर आया। आमिर खान, गौरी स्प्रैट का हाथ थामे हुए दिखाई दिए और दोनों स्क्रीनिंग हॉल तक भी साथ-साथ पहुंचे। परिवार के अन्य सदस्य आयरा, नुपुर और जुनैद भी इस दौरान काफी खुश नजर आए। एक और वीडियो में सभी ने मिलकर पैपराजी के सामने ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान आयरा और नुपुर ने भी साथ में तस्वीरें क्लिक कराईं, जबकि आमिर और जुनैद मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने पोज देते दिखे। फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर आमिर खान ने इवेंट में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के अभिनय की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश की बेहतरीन एक्ट्रेस बताया। वहीं जुनैद के काम पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अच्छा काम किया है, लेकिन वह उनके बेटे हैं इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। यह फिल्म One Day का हिंदी रीमेक है और इसका निर्देशन सुनील पांडे ने किया है। इसे आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले मंसूर खान, आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स की है जो अपनी ऑफिस कलीग से प्यार करता है लेकिन अपने जज़्बात जाहिर नहीं कर पाता और बस एक दिन उसके साथ बिताने की ख्वाहिश रखता है, जो एक अनोखे मोड़ पर पूरी होती है।‘एक दिन’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसके लिए एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।

बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग के बीच हिंसा, नादिया में BJP प्रत्याशी पर हमला, हावड़ा में बवाल

नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान हालात कई जगहों पर तनावपूर्ण हो गए। जहां एक ओर 142 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों से हिंसा और हंगामे की खबरों ने माहौल गरमा दिया है। सबसे गंभीर घटना नादिया जिले से सामने आई, जहां मतदान के बीच एक बीजेपी प्रत्याशी पर हमले की सूचना मिली है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। वहीं हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में स्थित डॉन बॉस्को लिलुआ सहनलाल विद्यालय के एक मतदान केंद्र पर EVM में तकनीकी खराबी आ गई। मशीन खराब होने के कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे मतदाताओं में नाराजगी फैल गई। स्थिति बिगड़ने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया गया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने आसपास के बूथों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। जानकारी के अनुसार, 152, 153 और 154 नंबर बूथों पर भी EVM से जुड़ी शिकायतें और गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें लेकर चुनाव अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।  राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेजघटनाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय सुरक्षा बल चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं और उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी दावा किया है कि उनकी पार्टी को इस बार भारी जनसमर्थन मिल रहा है और सत्ता में वापसी तय है। कई सीटों पर हाई-प्रोफाइल मुकाबलाचुनाव के इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कोलकाता, हावड़ा, नदिया और अन्य जिलों में मतदान प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। स्थिति पर नजरहालांकि अधिकांश जगहों पर मतदान सामान्य रूप से जारी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हुई हिंसा और तकनीकी गड़बड़ियों ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन घटनाओं का असर अंतिम नतीजों पर कितना पड़ता है।

शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली | हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरा बाजार सकारात्मक रुख में आ गया। BSE Sensex में आज करीब 358 अंकों की तेजी देखने को मिली और यह मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी 101 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहा। बाजार में खरीदारी का दबदबासुबह से ही बाजार में बैंकिंग, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। कई लार्जकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का मूड सकारात्मक रहा।  वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असरवैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और तेल बाजार में हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। अमेरिकी बाजारों में हाल की गिरावट जहां Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average में कमजोरी देखने को मिली उसका भी हल्का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव सीमित रहा। एशियाई बाजारों का रुखएशिया के अन्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। निवेशकों के लिए संकेतविशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

“ये धर्मेंद्र और अमिताभ की नकल कर रहा है…” – पहली फिल्म के सेट पर ऋषि कपूर को मिली कड़ी सीख

नई दिल्ली | कपूर खानदान ने चार पीढ़ियों से दर्शकों को एंटरटेन किया है और आज भी कर रही है। इसी खानदान ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्म निर्माता और एक्टर निकले, लेकिन ऋषि कपूर अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने गए। बात चाहे निजी जिंदगी से जुड़ी हो या देश से, उन्होंने हर मामले पर खुलकर राय रखी, लेकिन बेबाक राय रखने वाले ऋषि कपूर को पहली ही फिल्म बॉबी में बड़ी सीख मिली थी, लेकिन पहले उनके हाथ और पैर बुरी तरीके से फूल गए थे। बता दें कि 30 अप्रैल को अभिनेता ऋषि कपूर की पुण्यतिथि है। ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई शानदार और रोमांटिक फिल्में दीं, और जब 70-80 के दशक में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र जैसे अभिनेता पर्दे पर सिर्फ एक्शन कर रहे थे, तब ऋषि कपूर ने सिनेमा को म्यूजिकल और रोमांस से भरी फिल्में दीं और हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई, लेकिन पहली फिल्म के दौरान उनके पिता राज कपूर ने उन्हें खुले समंदर में अकेला हाथ- पैर मारने के लिए छोड़ दिया था। दरअसल ऋषि कपूर की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म ‘बॉबी’ थी और सेट पर उनके लिए काम करना भी मुश्किल था क्योंकि भले ही वे फिल्मी खानदान से थे, लेकिन सेट पर काम करने का अनुभव नहीं था। सेट पर पिता राज कपूर को पिता कहने की भी इजाजत नहीं थी और वे उन्हें साहब बुलाते थे। इसी फिल्म का पहला गाना शूट होना था और अभिनेता को लगा कि गाना फिल्माने के लिए कोई कोरियोग्राफर बुलाया जाएगा, लेकिन काफी इंतजार करने के बाद सेट पर कोई नहीं आया और राज कपूर ने आदेश दिया कि कोई कोरियोग्राफर नहीं आएगा और जो करना है वो तुम्हें खुद करना है। ये सुनकर ऋषि कपूर के हाथ-पैर सुन्न हो गए। पहले तो उन्होंने इनकार किया, लेकिन राज कपूर की एक सीख ने उन्हें जिंदगी की सबसे बड़ी सीख दी। राज कपूर ने कहा कि अगर किसी कोरियोग्राफर को बुलाता तो वो तुम्हें वैसा करने के लिए कहता, जो उसने धर्मेंद्र या अमिताभ ने किया, क्योंकि उसने बहुत सारे लोगों को सिखाया है। ऐसे में लोग कहेंगे कि नया लड़का धर्मेंद्र या अमिताभ की नकल कर रहा है, तो इसलिए जो करना है, वो खुद को करो और पूरी आजादी के साथ करो। उस दिन से लेकर आने वाली फिल्मों में ऋषि कपूर ने गानों की लिप-सिंकिंग, डांस और स्टाइल को खुद से किया और पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाई।

गर्मियों में भी ठंडे हाथ-पैर? शरीर दे रहा है ये चेतावनी संकेत..

नई दिल्ली। अक्सर कुछ लोगों को यह समस्या महसूस होती है कि उनके हाथ और पैर सामान्य मौसम में भी ठंडे बने रहते हैं या कभी-कभी उनमें सुन्नपन जैसा अनुभव होता है। कई लोग इसे मामूली स्थिति मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर के अंदर चल रही कुछ गहरी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। जब शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं होता, तो हाथ और पैरों तक पर्याप्त गर्माहट और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। इसी कारण ये अंग ठंडे महसूस होने लगते हैं। सामान्य परिस्थितियों में रक्त संचार शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखता है, लेकिन इसमें गड़बड़ी होने पर शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। पाचन तंत्र की कमजोरी भी इस समस्या का एक महत्वपूर्ण कारण मानी जाती है। जब शरीर को भोजन से पर्याप्त ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है। ऊर्जा की कमी के कारण हाथ और पैरों में ठंडापन महसूस होना आम लक्षण बन सकता है। इसके साथ ही तनाव और मानसिक दबाव भी इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर की नसों पर असर पड़ता है और रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। इससे हाथ और पैरों में ठंडक के साथ-साथ झुनझुनी या सुन्नपन की समस्या भी महसूस हो सकती है।अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह कुछ गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों की ओर भी इशारा कर सकती है। कई मामलों में नसों के सिकुड़ने की समस्या देखी जाती है, जिसमें रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में हाथ और पैरों में दर्द, कमजोरी और असहजता बढ़ सकती है। इसके अलावा शरीर में आयरन और विटामिन की कमी भी इस समस्या का बड़ा कारण हो सकती है। पोषण की कमी से शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और रक्त निर्माण तथा संचार प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। इस समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी माना जाता है। नियमित रूप से हल्का व्यायाम या पैदल चलना रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और हाथ-पैर सामान्य महसूस होते हैं। संतुलित और पोषक आहार लेना भी इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयरन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को मजबूत बनाता है और ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है। इसके अलावा हल्की मालिश और शरीर को गर्म रखने वाले उपाय भी अस्थायी राहत दे सकते हैं। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे सामान्य समझकर अनदेखा करना उचित नहीं है और समय पर विशेषज्ञ सलाह लेना आवश्यक होता है।

LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल

नई दिल्ली | आईपीएल 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। रियान पराग का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह लाइव मैच के दौरान सिगरेट के छल्ले उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस और क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है। कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ और “शर्मनाक हरकत” बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि वीडियो एडिटेड भी हो सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो बोर्ड के आचार संहिता के तहत कार्रवाई संभव मानी जा रही है। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों से अनुशासन और पेशेवर व्यवहार की उम्मीद की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की विवादित गतिविधि लीग की छवि को प्रभावित कर सकती है। बीसीसीआई आमतौर पर खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाता है और पहले भी कई मामलों में जुर्माना या निलंबन जैसी कार्रवाई की जा चुकी है। रियान पराग, जो राजस्थान रॉयल्स के अहम खिलाड़ी हैं, इस सीजन में अपने प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह विवाद उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। फिलहाल सभी की नजरें बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो पराग को सजा का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर यह फर्जी साबित होता है, तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा। कुल मिलाकर, यह विवाद आईपीएल 2026 के बीच एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां खेल के साथ-साथ खिलाड़ियों के आचरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई, 17 पूर्व छात्रों के आतंकी संगठनों से जुड़े होने पर मदरसा अवैध घोषित

जम्मू-कश्मीर। राज्य में सुरक्षा एजेंसियों ने एक मदरसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शोपियां जिले के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम को गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत की गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस संस्थान के 17 पूर्व छात्र अलग-अलग आतंकी संगठनों में शामिल हो गए थे और बाद में विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए। अधिकारी का कहना है कि यह मामला विचारधारा के प्रभाव और भर्ती के एक पैटर्न की ओर इशारा करता है। कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर यह आदेश जारी किया। जांच में मदरसे की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए उसके प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से कथित संबंधों के प्रमाण होने का दावा किया गया है। इस संगठन पर केंद्र सरकार ने 2019 में प्रतिबंध लगाया था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों का संस्थान के प्रशासन और शैक्षणिक ढांचे पर प्रभाव था। आरोप है कि संस्थान में समय के साथ ऐसा माहौल विकसित हुआ, जिसने कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया और कई छात्र आतंकी गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए। हालांकि, संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि संस्थान का किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह कानून का पालन करने वाला शिक्षण संस्थान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां 814 छात्र अध्ययनरत हैं और संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड तथा कश्मीर स्कूल फेडरेशन से संबद्ध है। लोन के अनुसार, संस्थान को पहले कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसका जवाब दिया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार को संदेह है तो एक स्वतंत्र जांच समिति बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि समय-समय पर मिली रिपोर्टों में संस्थान की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य की अखंडता के लिए खतरा बताया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोग बिचौलियों के माध्यम से गुप्त रूप से सक्रिय थे और संस्थान के जरिए अपना प्रभाव बनाए हुए थे। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग शुरू, 142 सीटों पर जनता कर रही फैसला

नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण शुरू होते ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह से पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर मतदान जारी है, जहां करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस चरण में 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला आज जनता के हाथ में है। चुनाव आयोग ने इस बड़े मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 41 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। वोटर लिस्ट पर जारी विवादइस चुनाव में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 12.90 लाख से ज्यादा आवेदन लंबित थे, लेकिन अब तक बेहद कम आवेदनों को ही मंजूरी मिल सकी है। इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।पहले चरण में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए हैं। क्यों अहम है दूसरा चरण?दूसरे चरण को चुनाव का सबसे निर्णायक चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई शहरी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके शामिल हैं। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और नदिया जैसे जिलों में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।इन्हीं क्षेत्रों को चुनावी परिणामों का “गेम चेंजर” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां के नतीजे अक्सर सत्ता की दिशा तय करते हैं। सियासी दावे और आरोप-प्रत्यारोपचुनाव के इस चरण में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दावा है कि यह उसका मजबूत गढ़ है और यहां से उसे बड़ी जीत मिलेगी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि दक्षिण बंगाल में मजबूत प्रदर्शन के बिना सत्ता तक पहुंचना संभव नहीं है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी विवाद गहरा गया है। कई जिलों में लाखों नाम हटाए जाने का दावा किया गया है, जिस पर टीएमसी ने आरोप लगाया है कि अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया गया है। वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कार्रवाई फर्जी और अवैध नामों को हटाने के लिए की गई है। निर्णायक साबित हो सकता है यह चरणकुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े पैमाने पर मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सियासी घमासान के बीच यह चरण चुनाव के अंतिम परिणामों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पेट्रोल 100 के पार, सोना-चांदी में नरमी-जानिए आज के ताजा भाव

नई दिल्ली |  देशभर में आज 29 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कुछ शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों की नजर बाजार पर बनी हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें: कहां कितना रेट?तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। आज भी कई शहरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन राज्यों के हिसाब से फर्क देखने को मिल रहा है। दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80 | डीजल ₹92.39कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45 | डीजल ₹92.02बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹90.99अमरावती: पेट्रोल ₹110.10 | डीजल ₹97.92जयपुर: पेट्रोल ₹104.88 | डीजल ₹90.36लखनऊ: पेट्रोल ₹94.65 | डीजल ₹87.76 क्या चुनाव के बाद बढ़ेंगी कीमतें?सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कंपनियों के नुकसान को देखते हुए भविष्य में बढ़ोतरी की अटकलें बनी हुई हैं। सोने की कीमत में गिरावटदेश में सोने के भाव में गिरावट आई है। 18 से लेकर 24 कैरेट तक सभी कैटेगरी में कीमतें नीचे आई हैं। दिल्ली: 24 कैरेट: ₹1,51,070 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट: ₹1,38,490 प्रति 10 ग्राममुंबई/कोलकाता: 24 कैरेट: ₹1,50,92022 कैरेट: ₹1,38,340चेन्नई: 24 कैरेट: ₹1,53,81022 कैरेट: ₹1,40,990बेंगलुरु/पुणे: 24 कैरेट: ₹1,50,92022 कैरेट: ₹1,38,340 क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग घटती है। चांदी भी हुई सस्तीचांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है आज का भाव: ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम, अंतरराष्ट्रीय बाजार: $73.18 प्रति औंस, एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, वहीं सोना और चांदी सस्ते हुए हैं। ऐसे में निवेश करने वालों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है, जबकि आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत बनी हुई है।

कश्मीर में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के समर्थन में लगे पोस्टर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच शुरू

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में संदिग्ध पोस्टर सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुल डोडा क्षेत्र की एक दीवार पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के समर्थन में पोस्टर चिपकाए जाने का मामला सामने आया है। इससे जुड़ी एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी। वीडियो में दावा किया गया है कि ‘जम्मू कश्मीर यूथ मूवमेंट’ नाम के एक आजादी समर्थक संगठन ने यह पोस्टर लगाया है। पोस्टर में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की गई है और कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के मुद्दे पर पाकिस्तान के समर्थन के लिए आभार जताया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, डोडा पुलिस ने BNS की धारा 353(1) के तहत केस (FIR नंबर 95/2026) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डोडा के डीएसपी कृष्ण रतन ने बताया कि वीडियो में आपत्तिजनक सामग्री है, जिससे क्षेत्र में तनाव या अफरा-तफरी फैल सकती है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो असली है या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। अब तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है, क्योंकि मौके से ऐसा कोई पोस्टर बरामद नहीं हुआ है। पुलिस वीडियो की जियो-टैग लोकेशन की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना वास्तव में वहीं हुई या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।