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सोना-चांदी में हल्की चमक, फेड के फैसले से पहले बाजार में सतर्कता

नई दिल्ली | अमेरिकी फेड के अहम फैसले से पहले बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। 5 जून 2026 का सोना कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,027 रुपये के मुकाबले 693 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,50,720 रुपये पर खुला। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद इसमें हल्का दबाव भी देखने को मिला। सुबह 9:55 बजे तक सोना 19 रुपये यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,50,008 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिनभर के कारोबार में सोने ने 1,49,720 रुपये का निचला स्तर और 1,51,527 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे यह साफ हुआ कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रेंड की बजाय इंतजार की स्थिति में है। चांदी में भी सीमित तेजी, निवेशकों की नजर फेड के फैसले परचांदी ने भी बुधवार को हल्की मजबूती दिखाई। 3 जुलाई 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,42,763 रुपये के मुकाबले 826 रुपये यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,43,589 रुपये पर खुला। दिन के दौरान चांदी 712 रुपये यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,43,475 रुपये पर कारोबार करती रही। इस दौरान इसका न्यूनतम स्तर 2,42,972 रुपये और अधिकतम स्तर 2,43,835 रुपये दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुखवैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। सोना 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,616 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 73.81 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। फेड का फैसला बना सबसे बड़ा फैक्टरविशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की नजर अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर टिकी है, जो देर रात आने की उम्मीद है। यह फैसला ऐसे समय पर आ रहा है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में बढ़ोतरी के संकेत देता है, तो इसका असर सोने की कीमतों पर नकारात्मक पड़ सकता है और इसमें दबाव बढ़ सकता है। एक साल में शानदार रिटर्न, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पीवैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। डॉलर में सोना लगभग 40 प्रतिशत तक चढ़ा है, जबकि चांदी ने करीब 120 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दर्ज किया है। इसी वजह से इनकी मांग और निवेश रुचि लगातार बनी हुई है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही फेड के फैसले से पहले ‘वेट एंड वॉच’ मोड में हैं। आने वाले समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति ही इनकी दिशा तय करेगी—तेजी या दबाव, दोनों की संभावनाएं खुली हुई हैं।

दीपिका पादुकोण की प्रेग्नेंसी को लेकर एटली का खास प्लान, फिल्म में होगा बॉडी डबल का इस्तेमाल

नई दिल्ली | दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी साझा की थी, जिसके बाद से ही वह लगातार सुर्खियों में हैं। रणवीर सिंह और बेटी दुआ के साथ एक भावुक तस्वीर साझा कर उन्होंने यह खुशखबरी फैंस तक पहुंचाई थी। इसके बावजूद दीपिका अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स से पीछे नहीं हटी हैं और अब वह निर्देशक एटली की बड़ी एक्शन फिल्म ‘राका’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन भी नजर आने वाले हैं, जिससे प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही भारी उत्साह बना हुआ है। एक्शन सीन्स के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल, सेफ्टी को दी प्राथमिकतारिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के मेकर्स ने दीपिका की प्रेग्नेंसी को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब फिल्म के हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन्स में दीपिका की जगह बॉडी डबल का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम पूरी तरह उनकी और होने वाले बच्चे की सेहत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। मेकर्स का कहना है कि फिल्म की भव्यता और एक्शन में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जाएगा। वहीं दीपिका केवल उन हिस्सों की शूटिंग करेंगी, जिनमें फिजिकल स्ट्रेस या जोखिम शामिल नहीं है। स्क्रीन स्पेस में कोई कटौती नहीं, किरदार रहेगा उतना ही अहमदिलचस्प बात यह है कि इन सभी एडजस्टमेंट्स के बावजूद दीपिका के किरदार की अहमियत में कोई कमी नहीं की गई है। उनके रोल को उतना ही मजबूत रखा गया है जितना पहले तय किया गया था। इतना ही नहीं, फिल्म में उनकी एंट्री को बेहद भव्य और प्रभावशाली तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दीपिका ने पहले ही अपने कई महत्वपूर्ण सीन पूरे कर लिए हैं, और अब केवल कुछ सीमित शूटिंग बची है, जो उनकी प्रेग्नेंसी के अनुकूल है। शाहरुख खान के साथ एक और हिट की तैयारी में दीपिकावर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका आखिरी बार फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में नजर आई थीं, जहां उनका रोल सीमित था। अब वह शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किंग’ में भी दिखाई देंगी, जिसमें सुहाना खान, अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। खास बात यह है कि ‘किंग’ दीपिका और शाहरुख की साथ में छठी फिल्म होगी। इससे पहले दोनों ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’, ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। दिलचस्प यह भी है कि दीपिका ने अपने करियर की शुरुआत ही शाहरुख की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी। प्रेग्नेंसी के इस खास दौर में भी दीपिका पादुकोण का काम के प्रति समर्पण उनके प्रोफेशनल रवैये को दर्शाता है। वहीं मेकर्स द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदम यह दिखाते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री अब कलाकारों की हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क और जिम्मेदार हो रही है। ‘राका’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता अब और भी बढ़ गई है।

MP HEATWAVE: ग्वालियर में गर्मी से राहत, लेकिन उमस ने बढ़ाई मुश्किलें; कल फिर हीटवेव का अलर्ट

Gwalior weather

HIGHLIGHTS : ग्वालियर में तापमान में हल्की गिरावट उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी अधिकतम तापमान 41°C, न्यूनतम 25.2°C 29 अप्रैल के लिए हीटवेव अलर्ट जारी आने वाले दिनों में फिर बढ़ेगी गर्मी   MP HEATWAVE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में भीषण गर्मी के बीच फ़िलहाल लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, क्योंकि दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो पिछले दिनों के मुकाबले करीब 2.4 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 3.3 डिग्री गिरकर 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि तापमान में कमी के बावजूद लोगों को ज्यादा राहत महसूस नहीं हुई, क्योंकि उमस ने गर्मी का असर बनाए रखा। ‘जी ले जरा’ पर बड़ा अपडेट: प्रियंका-आलिया-कटरीना के बिना फिल्म बनाएंगे फरहान अख्तर? मौसम में बदलाव बढ़ी नमी पिछले कुछ दिनों से राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने ग्वालियर में गर्मी को और तीखा बना दिया था। लेकिन अब इन हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने और हवा में नमी बढ़ने से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बुधवार सुबह हल्के बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चलीं, जिससे तपिश में कुछ कमी आई। इसके बावजूद नमी बढ़ने से चिपचिपी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया। \GWALIOR PROPERT FRAUD: बैंक में गिरवी रखे मकान को बेचकर मां-बेटे ने ठगे 21 लाख, अब दर्ज हुआ फ्रॉड केस सड़कों पर सन्नाटा, लोग घरों में कैद दोपहर के समय गर्मी और उमस के चलते सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी कामों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। खासकर दोपहर के समय धूप और उमस का असर इतना अधिक था कि बाजारों में भीड़ कम दिखी। शाम के समय भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। Tower Cooler vs Desert Cooler: गर्मी में कौन देगा सबसे ज्यादा ठंडक? जानिए आपके घर के लिए सही विकल्प कल फिर हीटवेव का खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली। साथ ही मौसम विभाग ने 29 अप्रैल के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है और गर्म हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना भी है।

‘जी ले जरा’ पर बड़ा अपडेट: प्रियंका-आलिया-कटरीना के बिना फिल्म बनाएंगे फरहान अख्तर?

नई दिल्ली | बॉलीवुड के चर्चित निर्देशक और अभिनेता फरहान अख्तर की बहुचर्चित फिल्म ‘जी ले ज़रा’ एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2021 में जब इस फिल्म की घोषणा हुई थी, तब इसमें प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस को एक साथ देखने की खबर से फैंस बेहद उत्साहित थे। हालांकि समय के साथ फिल्म को लेकर अपडेट्स कम होते गए और प्रोजेक्ट की स्थिति को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं कभी इसे बंद बताया गया तो कभी इसमें नई कास्ट के साथ दोबारा शुरू होने की चर्चा हुई। अब इन सभी अफवाहों पर खुद फरहान अख्तर ने प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें अफवाहों या “सीक्रेट्स छुपाने” में भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि जब भी कोई प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार होगा, वह खुद इसकी घोषणा करेंगे। फरहान ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल वह एक ऐसे चरण में हैं जहां वह बतौर निर्देशक अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं और वह सिर्फ वही काम करना चाहते हैं जो उनके दिल के करीब हो। स्टार कास्ट की मौजूदा स्थिति फिल्म से जुड़ी मूल स्टार कास्ट को लेकर भी स्थिति बदल चुकी है: प्रियंका चोपड़ा अब लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं और वह एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। आलिया भट्ट के पास फिलहाल ‘लव एंड वॉर’ और ‘अल्फा’ जैसी बड़ी फिल्में हैं। कटरीना कैफ फिलहाल मातृत्व अवकाश पर हैं और फिल्मी काम से दूर हैं आगे क्या? फरहान अख्तर की तरफ से अभी तक यह साफ नहीं है कि ‘जी ले ज़रा’ उसी स्टार कास्ट के साथ बनेगी या नए कलाकारों के साथ इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रोजेक्ट अनिश्चितता के दौर में है। इसी बीच फरहान ‘डॉन 3’ को लेकर भी चर्चा में हैं, जहां कास्टिंग और कानूनी विवादों ने इस प्रोजेक्ट को भी सुर्खियों में ला दिया है।

GWALIOR PROPERT FRAUD: बैंक में गिरवी रखे मकान को बेचकर मां-बेटे ने ठगे 21 लाख, अब दर्ज हुआ फ्रॉड केस

FIR Ordered By Court

HIGHLIGHTS : मां-बेटे ने गिरवी मकान को फ्री बताकर बेचा 21.55 लाख रुपए की ठगी का मामला एक ही प्रॉपर्टी को दो बार गिरवी रखा पुलिस ने पहले शिकायत को नजरअंदाज किया कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR   GWALIOR PROPERT FRAUD: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मां-बेटे ने बैंक में गिरवी रखे मकान को स्वतंत्र बताकर बेच दिया। आरोप है कि कृष्णकांत शर्मा और उनकी मां निशा शर्मा ने गायत्री विहार स्थित मकान को 21.55 लाख रुपए में रेनू गुर्जर को बेच दिया, जबकि वह पहले से ही बैंक में बंधक था। बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग के बीच हिंसा, नादिया में BJP प्रत्याशी पर हमला, हावड़ा में बवाल लोन एनपीए होते ही खुला राज मामला कैनरा बैंक की एसएमई ब्रांच से जुड़ा हुआ है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग खातों के जरिए करीब 21.55 लाख रुपए का लोन लिया था। जब वर्ष 2022 में यह खाता एनपीए घोषित हुआ और वसूली प्रक्रिया शुरू हुई, तब जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। नानी का आजमाया नुस्खा: एलोवेरा और केसर से पाएं बेदाग त्वचा, दूर करें दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन एक ही मकान को दो बार रखा गिरवी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले मकान बेच दिया और बाद में उसी संपत्ति को दूसरी वित्तीय संस्था में फिर से गिरवी रख दिया। इस तरह उन्होंने एक ही प्रॉपर्टी के जरिए दो बार आर्थिक लाभ उठाया, जो स्पष्ट रूप से सुनियोजित ठगी को दर्शाता है। संघर्ष से सुपरस्टार तक: राजेश खन्ना के घर AC ठीक करने पहुंचे थे इरफान खान कोर्ट ने दिलाया न्याय बैंक अधिकारियों ने शुरुआत में थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद बैंक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के बाद शिकायत को सही पाया और पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ ठगी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू करदी है।

पाक में भारत विरोधी आतंकियों की हो रही रहस्यमयी मौतें, अब हाफिज सईद के करीबी अफरीदी का खात्मा

नई दिल्ली। पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से भारत में वांटेड आतंकियों और उनके सहयोगियों की लगातार रहस्यमयी हत्याओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े नेता शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला 26 अप्रैल 2026 का है, जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लांडी कोतल क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने अफरीदी पर गोलियां चला दीं। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर आसानी से फरार हो गए। अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख चेहरे और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, अफरीदी संगठन के लिए भर्ती और स्थानीय नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाता था। वह खैबर क्षेत्र में लश्कर की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय था और प्रतिबंधित संगठन के ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। इससे पहले भी संगठन को बड़ा झटका लगा था, जब लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। माना जाता है कि वह कई बड़े आतंकी हमलों की रणनीति और प्रचार गतिविधियों से जुड़ा रहा है। पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की लगातार टारगेटेड हत्याएं हो रही हैं। इनमें कई कमांडर, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले लोग शामिल हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में कराची, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई है। इनमें लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े नाम शामिल बताए जाते हैं। इन घटनाओं का पैटर्न लगभग एक जैसा बताया जाता है अज्ञात हमलावर, सटीक निशाना, और वारदात के बाद बिना किसी जिम्मेदारी का दावा किए हमलावरों का फरार हो जाना। इन हत्याओं को लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आती रही हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे आतंकी संगठनों के भीतर की आपसी रंजिश और शक्ति संघर्ष से जोड़ते हैं, जबकि कुछ इसे सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिक कार्रवाई मानते हैं। हालांकि किसी भी थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह सिलसिला पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि एक के बाद एक प्रमुख नामों के निशाने पर आने से पूरे ढांचे में अस्थिरता और डर का माहौल देखा जा रहा है।

बंगाल चुनाव: सुबह 9 बजे तक 18% मतदान, खरगे की अपील- बिना डर के करें वोट; TMC-BJP में जुबानी जंग तेज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 9 बजे तक राज्य में करीब 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। राज्य की सियासत में इस समय मुकाबला बेहद दिलचस्प है एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। शुभेंदु अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर उठाए सवालभाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मतदान केंद्रों के आसपास मौजूद रहने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहां धारा 163 लागू है, वहां मुख्यमंत्री का इस तरह घूमना नियमों पर सवाल खड़ा करता है। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रभाव डाल सकती हैं। खरगे की अपील- बिना डर लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेंकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग बिना किसी डर या दबाव के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें। खरगे ने कहा कि यह समय उन ताकतों के खिलाफ खड़े होने का है जो जनता के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों से विशेष रूप से सक्रिय भागीदारी की अपील की। खरगे ने अपने संदेश में कहा कि मतदाता विकास, प्रगतिशील मूल्यों, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के लिए मतदान करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा बदलाव और लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र रहा है और यह चुनाव भी उसी दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है। मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा दावाभाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने मतदान के दौरान दावा किया कि इस बार मतदान प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो चुनाव के नतीजे बड़े बदलाव का संकेत देंगे। अभिषेक बनर्जी का भाजपा पर हमलातृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर सीट पर मतदान के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में टीएमसी की जीत तय है और भाजपा 50 से भी कम सीटों पर सिमट सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन नतीजे हमेशा टीएमसी के पक्ष में आते हैं। उन्होंने पिछले चुनावों के आंकड़े गिनाते हुए अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया।तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर सीट पर मतदान के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में टीएमसी की जीत तय है और भाजपा 50 से भी कम सीटों पर सिमट सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन नतीजे हमेशा टीएमसी के पक्ष में आते हैं। उन्होंने पिछले चुनावों के आंकड़े गिनाते हुए अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया। 4 मई को आएंगे नतीजेराज्य में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। इससे पहले पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

Tower Cooler vs Desert Cooler: गर्मी में कौन देगा सबसे ज्यादा ठंडक? जानिए आपके घर के लिए सही विकल्प

नई दिल्ली| देशभर में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में पंखे अब राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं और लोग कूलर खरीदने की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन टॉवर कूलर और डेजर्ट कूलर को लेकर है। अगर आप भी नया कूलर लेने की सोच रहे हैं, तो पहले दोनों के बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है। टॉवर कूलर अपने स्लिम, मॉडर्न और स्पेस-सेविंग डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह खासतौर पर छोटे और मीडियम साइज के कमरों के लिए बनाया गया है। जिन घरों में जगह कम होती है, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह कम जगह घेरता है, आवाज भी बहुत कम करता है और बिजली की खपत भी कम होती है। इसके अलावा इसका स्टाइलिश लुक आधुनिक घरों के इंटीरियर से आसानी से मेल खा जाता है। हालांकि, इसकी सीमाएं भी हैं-इसकी पानी की टंकी छोटी होती है और बड़े कमरे में इसकी कूलिंग उतनी प्रभावी नहीं होती। साथ ही हवा का फैलाव भी सीमित रहता है। वहीं डेजर्ट कूलर की बात करें तो यह खासतौर पर तेज गर्मी और बड़े स्पेस के लिए डिजाइन किया गया है। यह बड़े कमरों, हॉल और खुले स्थानों में शानदार कूलिंग देता है। इसकी बड़ी पानी की टंकी के कारण बार-बार पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती और यह हवा को दूर तक फैलाने में सक्षम होता है। यही कारण है कि उत्तर भारत जैसे गर्म और शुष्क इलाकों में यह काफी लोकप्रिय है। हालांकि, यह टॉवर कूलर के मुकाबले ज्यादा जगह घेरता है, आवाज भी अधिक करता है और बिजली की खपत भी थोड़ी ज्यादा होती है। अब सवाल यह है कि आपके लिए कौन-सा कूलर बेहतर रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी तरह आपकी जरूरत और कमरे के आकार पर निर्भर करता है। अगर आपका कमरा छोटा है, आप कम आवाज और कम बिजली खर्च चाहते हैं, तो टॉवर कूलर आपके लिए सही रहेगा। वहीं अगर आपके पास बड़ा कमरा या हॉल है और आप तेज कूलिंग चाहते हैं, तो डेजर्ट कूलर बेहतर विकल्प साबित होगा। गर्मी के इस मौसम में सही कूलर का चुनाव करना बेहद जरूरी है। सही विकल्प चुनकर आप कम बजट में भी काफी हद तक एसी जैसी ठंडक का अनुभव कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने कमरे का आकार, बजट और जरूरतों का सही आकलन जरूर करें।

संघर्ष से सुपरस्टार तक: राजेश खन्ना के घर AC ठीक करने पहुंचे थे इरफान खान

नई दिल्ली | भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता इरफान खान की कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मनिर्माण की एक प्रेरणादायक दास्तान है। 29 अप्रैल 2020 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें और जीवन से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। एक समय ऐसा भी था जब इरफान खान फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसा मौका मिला, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि वह सुपरस्टार राजेश खन्ना के घर एयर कंडीशनर (AC) ठीक करने गए थे। राजेश खन्ना के घर काम करते हुए इरफान ने पहली बार यह महसूस किया कि फिल्मी दुनिया और स्टारडम कितना अलग और आकर्षक हो सकता है। उसी दौरान उनके मन में यह विचार आया कि अगर वह कोई हुनर सीख लें, तो अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। इरफान ने अपने शुरुआती दिनों में कई छोटे-मोटे काम किए। जयपुर लौटने के बाद भी उन्होंने मेहनत जारी रखी, लेकिन जीवन आसान नहीं था। उन्होंने यह भी महसूस किया कि केवल पैसा कमाना ही जीवन का लक्ष्य नहीं हो सकता, बल्कि कुछ बड़ा हासिल करना जरूरी है। धीरे-धीरे उनका रुझान अभिनय की ओर बढ़ा और उन्होंने दूरदर्शन से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने कई प्रसिद्ध टीवी सीरियल्स जैसे श्रीकांत, भारत एक खोज, चाणक्य, चंद्रकांता और बनेगी अपनी बात में काम किया। बड़े पर्दे पर उन्होंने फिल्म सलाम बॉम्बे से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बनाई। बाद में पान सिंह तोमर जैसी फिल्मों ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। हालांकि, मार्च 2018 में उन्हें एक गंभीर बीमारी न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला, जिसके बाद उन्होंने दो साल तक संघर्ष किया। अंततः 2020 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। इरफान खान की जिंदगी इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी इंसान साधारण जीवन से असाधारण मुकाम तक पहुंच सकता है।

नानी का आजमाया नुस्खा: एलोवेरा और केसर से पाएं बेदाग त्वचा, दूर करें दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन

नई दिल्ली| आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण और अनियमित खानपान का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। खासतौर पर चेहरे पर काले धब्बे, झाइयां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में दादी-नानी के पुराने घरेलू नुस्खे आज भी एक सुरक्षित और असरदार विकल्प माने जाते हैं। इन्हीं पारंपरिक उपायों में एलोवेरा और केसर का मिश्रण बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में एलोवेरा को त्वचा के लिए अमृत समान बताया गया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और हाइड्रेटिंग गुण त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे रिपेयर करने में मदद करते हैं। वहीं केसर को रंगत निखारने और त्वचा में प्राकृतिक चमक लाने के लिए जाना जाता है। जब ये दोनों एक साथ मिलते हैं, तो त्वचा पर गहरा सकारात्मक असर डालते हैं। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देता है, हाइड्रेट करता है और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है। इससे स्किन साफ, मुलायम और फ्रेश नजर आती है। दूसरी ओर, केसर में मौजूद प्राकृतिक गुण पिगमेंटेशन को कम करने और डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में सहायक होते हैं। नियमित उपयोग से झाइयों में कमी आने लगती है और त्वचा पर नैचुरल ग्लो दिखने लगता है। इस घरेलू फेस पैक को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लें और उसमें 5-6 केसर के धागे डालकर करीब 10 मिनट तक छोड़ दें, ताकि केसर के गुण अच्छे से मिल जाएं। रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें और इस मिश्रण को हल्के हाथों से लगाएं। सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। अगर इस उपाय को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो 15-20 दिनों में त्वचा में सुधार नजर आने लगता है। लगभग एक महीने के अंदर स्किन अधिक साफ, मुलायम और चमकदार दिखाई दे सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए असर में थोड़ा फर्क संभव है। घरेलू उपाय होने के बावजूद कुछ सावधानियां जरूरी हैं। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि किसी तरह की एलर्जी से बचा जा सके। अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो इसका उपयोग सावधानी से करें। साथ ही दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। अगर किसी प्रकार की जलन या परेशानी महसूस हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें। यह नुस्खा प्राकृतिक स्किन केयर का एक आसान और किफायती तरीका है, लेकिन इसे किसी मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।