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नए कलर और दमदार फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ iQOO Neo 10, परफॉर्मेंस और डिजाइन ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली । स्मार्टफोन इंडस्ट्री में लगातार हो रहे बदलावों के बीच iQOO ने अपना नया डिवाइस iQOO Neo 10 पेश कर दिया है, जो अपने दमदार स्पेसिफिकेशंस और नए डिजाइन के कारण चर्चा में है। यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो हाई परफॉर्मेंस के साथ लंबी बैटरी लाइफ और फास्ट चार्जिंग को प्राथमिकता देते हैं। नए कलर ऑप्शंस ने इसके लुक को और भी आकर्षक बना दिया है, जिससे यह युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस डिवाइस को दो नए कलर वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है, जिनमें एक हल्का और प्रीमियम व्हाइट फिनिश है और दूसरा डार्क और मैट ब्लैक स्टाइल में आता है। व्हाइट वेरिएंट में फ्यूचरिस्टिक टच देखने को मिलता है, जबकि ब्लैक वेरिएंट ज्यादा स्टाइलिश और स्पोर्टी फील देता है। दोनों ही डिजाइन इसे एक प्रीमियम लुक देते हैं और इसे बाकी स्मार्टफोन्स से अलग बनाते हैं। कीमत की बात करें तो यह स्मार्टफोन मिड-रेंज सेगमेंट में रखा गया है और अलग-अलग रैम तथा स्टोरेज ऑप्शंस में उपलब्ध है। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 37,999 रुपये के आसपास रखी गई है, जिससे यह अपने सेगमेंट में एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बन जाता है। इसे विभिन्न बिक्री प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच बनाई जा सके। फीचर्स की बात करें तो iQOO Neo 10 में बड़ा AMOLED डिस्प्ले दिया गया है जो हाई रिफ्रेश रेट और बेहतर ब्राइटनेस सपोर्ट करता है। इससे गेमिंग और वीडियो देखने का अनुभव स्मूद और बेहतर हो जाता है। इसमें एक पावरफुल प्रोसेसर दिया गया है जो मल्टीटास्किंग और हैवी गेमिंग को आसानी से संभाल सकता है। कैमरा सेक्शन भी इस फोन का मजबूत हिस्सा है, जिसमें हाई-रेजोल्यूशन प्राइमरी कैमरा और अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। यह 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है, जिससे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का अनुभव बेहतर हो जाता है। फ्रंट कैमरा भी साफ और शार्प इमेज क्वालिटी देता है, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयुक्त है। सबसे खास बात इसकी 7000mAh की बड़ी बैटरी और 120W फास्ट चार्जिंग है, जो इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने और बहुत कम समय में चार्ज करने की क्षमता देती है। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पूरे दिन फोन का भारी इस्तेमाल करते हैं।

DATIYA CRIME NEWS : फीडिंग रूम में घुसने से रोका, युवक ने अस्पताल में वार्ड-बॉय पर तान दिया कट्टा

DATIYA CRIME NEWS

Highlights: दतिया जिला अस्पताल में वार्ड बॉय पर कट्टा ताना नवजात वार्ड में घुसने से रोकने पर विवाद 30 मिनट तक अस्पताल में दहशत का माहौल CCTV में कैद हुई पूरी घटना पुलिस ने जांच शुरू की, गिरफ्तारी की तैयारी   DATIYA CRIME NEWS : ग्वालियर। दतिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में मंगलवार शाम एक गंभीर घटना सामने आई। वार्ड बॉय सुमित बाल्मीकि ने नियमों के तहत एक युवक को फीडिंग रूम में जाने से रोका, जहां पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसी बात पर युवक भड़क गया और अस्पताल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। उस समय वहां नवजात बच्चों की माताएं भी मौजूद थीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बूंद-बूंद से बनी मिसाल: गोचा नदी स्टॉप डैम में लौटी जलधारा, ग्रामीणों ने रचा इतिहास कट्टा निकालकर दी जान से मारने की धमकी आरोपी युवक, जिसकी पहचान सोहिल मंसूरी के रूप में हुई है, पहले वार्ड के अंदर गाली-गलौज करता रहा और फिर वार्ड बॉय को बाहर बुलाया। बाहर आते ही उसने कमर से कट्टा निकालकर सुमित की कनपटी पर तान दिया और जान से मारने की धमकी दी। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य कर्मचारियों को भी आरोपी ने धमकाया, जिससे करीब 30 मिनट तक अस्पताल में दहशत बनी रही। विवाद के बाद फिर एक मंच पर दिखेंगे समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया, कपिल शर्मा शो में होगी खास मुलाकात घटना के बाद भी परिसर में रहा आरोपी हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी काफी देर तक अस्पताल परिसर में घूमता रहा। जानकारी के अनुसार, वह बाद में पुलिस चौकी तक पहुंचा और वहां भी कुछ समय तक मौजूद रहा। इस दौरान पीड़ित वार्ड बॉय और अस्पताल स्टाफ में भारी आक्रोश देखने को मिला। अशोक पंडित ने अभिनय की दुनिया में रखा कदम, वायरल हुआ नया रूप। CCTV में कैद वारदात, जांच शुरू घटना का वीडियो बुधवार को सामने आया, जिसमें आरोपी कट्टा लहराते हुए साफ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।

खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

सतना । सतना के वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियों के फरार होने के मामले में अब जांच ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे केवल सुरक्षा में चूक माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आए एक रहस्यमयी फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस को शक है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, खिड़की तोड़कर भागने के कई घंटे बाद सोमवार रात करीब 9 बजे एक लड़की ने सतना रेलवे स्टेशन से अपने चाचा को फोन किया। फोन पर उसने सिर्फ इतना कहा कि वह देहरादून जा रही है। यह कॉल जैसे ही खत्म हुआ, मामला और उलझ गया। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी, लेकिन जब पुलिस ने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो मोबाइल बंद मिला। इस एक कॉल ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। साइबर सेल की मदद से उस नंबर को सर्विलांस पर लिया गया, जिसमें लोकेशन सतना और जबलपुर के बीच ट्रेस हुई। पुलिस के अनुसार, फरार हुई लड़कियों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कॉल किसी अन्य व्यक्ति के फोन से किया गया था। यही वजह है कि अब इस मामले में बाहरी मददगार की भूमिका की आशंका मजबूत हो गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरार होने के बाद तीनों किशोरियां पूरी रात एक स्कूल परिसर में छिपी रहीं। सुबह स्कूल खुलने से पहले वे वहां से निकल गईं और दिनभर शहर में इधर-उधर घूमती रहीं। इसके बाद रात में वे रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़ ली। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बड़ी चूक के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्ड को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर की खिड़कियों को पक्की दीवार से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके। फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। खासतौर पर उस रहस्यमयी कॉल और मोबाइल नंबर के जरिए संभावित मददगार तक पहुंचने की कोशिश जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली कहानी सामने आने की उम्मीद है।

बूंद-बूंद से बनी मिसाल: गोचा नदी स्टॉप डैम में लौटी जलधारा, ग्रामीणों ने रचा इतिहास

भोपाल । मध्यप्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। Mohan Yadav के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान ने प्रदेश के गांवों में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन को नई दिशा दी है। इसी कड़ी में Guna जिले के राघौगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मोररवास में एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां जनसहभागिता ने असंभव को संभव कर दिखाया। मोररवास गांव के पास बहने वाली गोचा नदी पर बना स्टॉप डैम लंबे समय से अपनी उपयोगिता खो चुका था। वर्षा का पानी यहां रुकने के बजाय बहकर निकल जाता था, जिससे आसपास के ग्रामीणों और पशुधन को पानी का लाभ नहीं मिल पाता था। जल संकट धीरे-धीरे गंभीर होता जा रहा था और यह डैम केवल एक सूखी संरचना बनकर रह गया था। लेकिन ग्रामीणों ने हार नहीं मानी और सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से महज 50 हजार रुपये की जनसहयोग राशि एकत्रित की गई। 6 से 11 अप्रैल के बीच बोरी बंधान का कार्य पूरा किया गया। यह छोटा सा प्रयास बड़ा बदलाव लेकर आया। अब स्टॉप डैम में पानी का ठहराव बढ़ गया है और जल संग्रहण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जहां पहले सूखा नजर आता था, वहीं अब पानी की सतह स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। इस पूरे अभियान की सबसे खास बात रही ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी। गांव के लोगों ने श्रमदान कर न केवल इस कार्य को पूरा किया, बल्कि जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। यह पहल केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है। हर व्यक्ति ने इसमें अपनी भूमिका निभाई और जल की हर बूंद को बचाने का संदेश दिया। इस प्रयास का सीधा लाभ अब पशुधन और वन्य जीवों को भी मिल रहा है। पहले जहां पानी के अभाव में मवेशियों को दूर-दूर तक भटकना पड़ता था, वहीं अब उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे न केवल ग्रामीण जीवन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिली है। गोचा नदी स्टॉप डैम का यह सफल पुनर्जीवन पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। यह उदाहरण बताता है कि यदि जनसहभागिता, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास हों, तो जल संकट जैसी बड़ी चुनौती का भी समाधान संभव है। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से यह संदेश साफ है कि जब समाज और शासन मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव निश्चित होता है।

विवाद के बाद फिर एक मंच पर दिखेंगे समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया, कपिल शर्मा शो में होगी खास मुलाकात

नई दिल्ली । मनोरंजन जगत में अक्सर ऐसे पल सामने आते हैं जब पुराने विवादों की परछाइयाँ नए मंच पर भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा देती हैं। ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर देखने को मिलने वाला है, जहां समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया लंबे समय बाद एक ही मंच पर नजर आने वाले हैं। कुछ समय पहले दोनों कलाकार एक विवाद को लेकर सुर्खियों में आए थे, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पूरे मनोरंजन जगत तक काफी हलचल पैदा कर दी थी। उस घटना के बाद दोनों ने अलग-अलग समय पर सार्वजनिक रूप से अपने अनुभव साझा किए थे और काफी समय तक दोनों की मौजूदगी एक साथ नहीं देखी गई थी। अब स्थिति बदल चुकी है और दोनों फिर से एक कॉमेडी मंच पर साथ दिखाई देंगे। यह मुलाकात किसी साधारण कार्यक्रम में नहीं बल्कि एक लोकप्रिय कॉमेडी शो के मंच पर होने जा रही है, जहां हास्य और मनोरंजन का माहौल पहले से ही बना रहता है। जारी किए गए प्रोमो में इस मुलाकात की झलक साफ तौर पर देखी जा सकती है। समय रैना मंच पर आते हुए उत्साहित नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चलता है कि उनके साथ अगला गेस्ट कौन होगा, माहौल अचानक बदल जाता है। रणवीर अल्लाहबादिया की एंट्री होती है, जो अपने अंदाज में मंच पर आते हैं और पूरे माहौल को हल्का-फुल्का बनाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान समय रैना की प्रतिक्रिया दर्शकों का ध्यान खींचती है, जहां वे आश्चर्य और मजाकिया अंदाज में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आते हैं। यह पल शो में एक मनोरंजक ट्विस्ट जोड़ देता है, जिसे देखकर दर्शकों में भी उत्सुकता बढ़ जाती है कि आगे क्या होने वाला है। यह वही जोड़ी है जो पहले एक विवाद के चलते चर्चा में रही थी। उस समय एक शो के दौरान कही गई बात को लेकर मामला काफी बढ़ गया था और यह सोशल मीडिया से लेकर कानूनी चर्चाओं तक पहुंच गया था। उस घटना के बाद दोनों को काफी आलोचना और दबाव का सामना करना पड़ा था। हालांकि समय के साथ दोनों ने अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ने की कोशिश की और अपने काम पर फिर से ध्यान केंद्रित किया। अब इतने समय बाद उनका एक ही मंच पर आना दर्शकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है। कॉमेडी शो हमेशा से ऐसे पलों के लिए जाना जाता है जहां कलाकार अपनी असली जिंदगी से अलग होकर दर्शकों को हंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह एपिसोड भी मनोरंजन और हास्य से भरपूर होने की उम्मीद है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह मुलाकात केवल मनोरंजन तक सीमित रहती है या फिर यह दर्शकों के बीच किसी नई चर्चा को जन्म देती है। फिलहाल दर्शकों की नजरें इस खास एपिसोड पर टिकी हुई हैं, जो जल्द ही प्रसारित होने वाला है और पहले से ही काफी चर्चा में बना हुआ है।

अशोक पंडित ने अभिनय की दुनिया में रखा कदम, वायरल हुआ नया रूप।

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के जाने-माने निर्माता, निर्देशक और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले अशोक पंडित ने अपने प्रशंसकों को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। दशकों तक कैमरे के पीछे रहकर सफल फिल्मों का निर्देशन और निर्माण करने वाले पंडित अब खुद कैमरे के सामने एक अभिनेता के रूप में अवतरित हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अभिनय करियर की पहली झलक साझा करते हुए इस नए सफर का ऐलान किया है। अशोक पंडित ने अपने प्रशंसकों से अपील की है कि वे उनके इस नए और अनदेखे रूप को देखें और बताएं कि वे एक कलाकार के तौर पर कितने प्रभावी नजर आ रहे हैं। अशोक पंडित के इस ‘एक्टर’ बनने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। उन्होंने खुलासा किया कि इस भूमिका का बीज काफी समय पहले बोया गया था, जब उनके करीबी फिल्मकार मित्रों ने उन्हें एक विशेष किरदार के लिए तैयार किया। दरअसल, फिल्म की कास्टिंग टीम का मानना था कि एक विशिष्ट चरित्र के लिए अशोक पंडित से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। शुरुआत में अशोक पंडित ने इस प्रस्ताव को महज एक मजाक समझा और काफी समय तक वे इसे टालते रहे। लेकिन अपने दोस्तों के अटूट विश्वास और बार-बार किए गए आग्रह के सामने उन्होंने अंततः घुटने टेक दिए और पर्दे पर आने का फैसला कर लिया। अपने अनुभव को साझा करते हुए अशोक पंडित ने बताया कि अभिनय करना उनके लिए किसी रोमांच से कम नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में झिझक के बावजूद, जैसे-जैसे शूटिंग आगे बढ़ी, उन्हें कैमरे के सामने किरदार को जीने में बहुत आनंद आने लगा। उन्होंने निर्देशक और अपनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन की वजह से ही वे इस कठिन चुनौती को स्वीकार कर पाए। फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके इस नए अवतार की सराहना की है और इसे एक साहसी कदम बताया है। फिल्म के निर्देशक ने भी अशोक पंडित के साथ काम करने को एक सम्मान की बात बताते हुए उनकी ऊर्जा और समर्पण की प्रशंसा की है। अशोक पंडित हमेशा से ही अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते रहे हैं, फिर चाहे वह फिल्म उद्योग के हित की बात हो या व्यक्तिगत विचार। उनके इस नए रचनात्मक कदम ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल पैदा कर दी है। उनके फॉलोअर्स इस बात से हैरान और उत्साहित हैं कि एक गंभीर फिल्म निर्माता के भीतर एक मंझा हुआ अभिनेता भी छिपा हुआ था। अब देखना यह होगा कि दर्शकों को पर्दे पर उनका यह नया अंदाज़ कितना पसंद आता है और क्या वे भविष्य में और भी बड़े प्रोजेक्ट्स में अभिनय करते नजर आएंगे।

धार सड़क हादसे के बाद पसरा मातम: 16 मृतकों का हुआ अंतिम संस्कार, सरकार ने की आर्थिक मदद की घोषणा

भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिला में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद गुरुवार को 16 मृतकों का उनके-अपने गांवों में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इनमें 9 लोग नयापुरा, 5 सेमलीपुरा और 2 रामपुरा के निवासी थे। हादसे के बाद तीनों गांवों में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह दर्दनाक हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात हुआ। मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन टायर फटने के कारण अनियंत्रित हो गया और कई बार पलटते हुए डिवाइडर पार कर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। इस दुर्घटना में 6 बच्चों सहित 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, पिकअप में करीब 46 मजदूर सवार थे और वाहन लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इंदौर संभागायुक्त सुदाम खाड़े के मुताबिक, घायलों के इलाज के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि तेज रफ्तार और टायर फटने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह हादसा हुआ। गुरुवार सुबह सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख, सहायता राशि का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी घटना को हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज कराने की बात कही गई है। प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत और उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ ने रचा इतिहास, वर्ल्डवाइड 200 करोड़ का आंकड़ा पार

नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर इस समय अगर किसी फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ है। रिलीज के कुछ ही दिनों में इस फिल्म ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी और अब 13वें दिन तक पहुंचते-पहुंचते इसने वर्ल्डवाइड 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। फिल्म की कहानी और मनोरंजन शैली ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में अहम भूमिका निभाई है। हॉरर और कॉमेडी के अनोखे मिश्रण ने इसे एक फैमिली एंटरटेनर बना दिया है, जिसे अलग-अलग उम्र के दर्शक पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि शुरुआती दिनों से ही फिल्म की कमाई स्थिर बनी रही और किसी बड़े उतार-चढ़ाव के बिना आगे बढ़ती रही। भारत में फिल्म ने पहले वीकेंड में ही मजबूत शुरुआत की थी। दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया के चलते इसकी कमाई लगातार बढ़ती गई और दूसरे हफ्ते में भी इसने अपनी पकड़ बनाए रखी। हालांकि कुछ दिनों में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी। इस फिल्म की सफलता में अक्षय कुमार और वामिका गब्बी की नई जोड़ी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी सराहा है, जिससे फिल्म को अतिरिक्त बढ़त मिली। साथ ही फिल्म में मौजूद अन्य कलाकारों के प्रदर्शन ने भी कहानी को और प्रभावशाली बनाया है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म ने शुरुआती दिनों में अच्छी पकड़ बनाई। हालांकि बाद में वहां इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई, लेकिन इसके बावजूद कुल कमाई में लगातार इजाफा होता रहा। इंटरनेशनल स्तर पर फिल्म की मौजूदगी ने इसे 200 करोड़ क्लब तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस उपलब्धि के साथ ‘भूत बंगला’ उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल हो गई है जिन्होंने कम समय में वैश्विक स्तर पर बड़ी कमाई हासिल की है। हॉरर-कॉमेडी शैली में यह फिल्म अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रही है और कई पिछली सफल फिल्मों को पीछे छोड़ चुकी है। फिल्म की लगातार बढ़ती कमाई यह संकेत देती है कि दर्शकों में इसका क्रेज अभी भी बना हुआ है। तीसरे हफ्ते में भी इसके प्रदर्शन पर नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह आगे और नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।

भोपाल में ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की उठाई मांग, निकाली रैली

भोपाल । राजधानी भोपाल में ठेका, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने वेतन और नौकरी की स्थिति को लेकर जोरदार आंदोलन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नीलम पार्क क्षेत्र में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और पार्क में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग के साथ सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है। कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 12,425 रुपए से बढ़ाकर 16,769 रुपए प्रतिमाह तय की है, लेकिन यह उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 26,000 रुपए प्रतिमाह होना चाहिए। साथ ही उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के मानकों के बावजूद राज्य के कई विभागों में मजदूरों से 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ रहा है। कई विभागों में बेहद कम वेतन देने का आरोप प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों में कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों, पावर प्लांट और सीमेंट उद्योगों में भी ठेका श्रमिकों को पूरी मजदूरी नहीं मिलने की बात कही गई है। कर्मचारियों के अनुसार स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मियों को 4 से 5 हजार रुपए मिलते हैं। ग्राम पंचायतों में चौकीदार, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मियों को 3 से 4 हजार रुपए, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मियों को 7 से 8 हजार रुपए, राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को करीब 1 हजार रुपए, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को लगभग 4 हजार रुपए और मनरेगा मेट श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम भुगतान किया जाता है। सरकार से स्थायी समाधान और वेतन गारंटी की मांग अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन सरकार को दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन खुद ही न्यूनतम वेतन और स्थायी नौकरी से वंचित हैं। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए करने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार देने की मांग की है।

बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप: महिला कांग्रेस पहुंची राज्यपाल के दरबार, विधायकी रद्द करने की मांग

भोपाल । भोपाल में सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मंगूभाई पटेल से मुलाकात कर बीजेपी विधायक के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। यह मामला चिंतामणि मालवीय से जुड़ा है, जिन पर एक बुजुर्ग महिला के घर पर कब्जा करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उज्जैन में एक वृद्ध महिला की संपत्ति पर कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। इस संबंध में उन्होंने दस्तावेज और एफिडेविट भी राज्यपाल को सौंपे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और पीड़ित को न्याय मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विधायक के खिलाफ पहले से ही यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों में शिकायतें दर्ज हैं। ऐसे में उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक की सदस्यता समाप्त की जाए। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के आरोप लोकतांत्रिक व्यवस्था और समाज के विश्वास को आहत करते हैं, इसलिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। मुलाकात के दौरान महिला कांग्रेस ने केवल इस मामले को ही नहीं उठाया, बल्कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने लोकसभा और मध्यप्रदेश विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि जब तक महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, तब तक उनके मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया नहीं जा सकेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अब सभी की नजरें राज्यपाल के रुख और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।