सादगी और ताकत का मेल-नाना पाटेकर की फिटनेस ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम..

नई दिल्ली । 76 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग आराम और धीमी दिनचर्या को प्राथमिकता देते हैं, वहीं नाना पाटेकर अपनी फिटनेस और अनुशासन से एक अलग ही मिसाल पेश कर रहे हैं। उनका हाल ही में सामने आया जिम वीडियो लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उनकी ऊर्जा और फिटनेस देखकर हर कोई हैरान है। इस वीडियो में नाना पाटेकर बेहद साधारण और सहज अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने हल्के कपड़े पहने हैं और गले में एक गमछा डाला हुआ है। इस सादगी के बावजूद उनका फिटनेस लेवल देखकर यह साफ झलकता है कि वह अपनी सेहत को लेकर कितने गंभीर और अनुशासित हैं। वीडियो में वह जिम में ट्राइसेप डिप्स करते हुए दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि वह बिना ज्यादा रुकावट के लगातार 15 डिप्स पूरे करते हैं। उनकी यह क्षमता और स्थिरता देखकर वहां मौजूद लोग भी प्रभावित हो जाते हैं। एक्सरसाइज के दौरान उनका आत्मविश्वास और सहजता यह दर्शाती है कि उन्होंने लंबे समय से फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया हुआ है। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया और उनकी फिटनेस को सलाम किया। उनके इस जज्बे को देखकर युवा वर्ग भी खुद को फिट रखने के लिए प्रेरित होता नजर आया। नाना पाटेकर की यह फिटनेस कहानी यह साबित करती है कि उम्र चाहे कितनी भी हो, अगर अनुशासन और नियमित अभ्यास बना रहे तो शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है।
Collector inspects schools: स्कूलों का निरिक्षण करने पहुंचे कलेक्टर, मौके से 16 टीचर गायब; बीईओ की 15 दिन की सैलरी काटने के निर्देश

Highlights: कलेक्टर के निरीक्षण में 16 शिक्षक अनुपस्थित सभी शिक्षकों के वेतन काटने के आदेश बीईओ की 15 दिन की सैलरी कटेगी डीईओ और डीपीसी को नोटिस जारी स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और नदी कार्य का निरीक्षण Collector inspects schools: ग्वालियर। अशोकनगर जिले के सहराई गांव में कलेक्टर साकेत मालवीय के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। गुरुवार सुबह दो अलग-अलग स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कुल 16 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए सभी शिक्षकों के अनुपस्थित दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिए। पीलीभीत में कृषि इतिहास का नया अध्याय: देश का पहला बासमती और जैविक प्रशिक्षण केंद्र तैयार होगा माधव स्कूल में छात्र भी नहीं, 9 शिक्षक गायब शासकीय माधव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक एक भी छात्र मौजूद नहीं मिला, जबकि 9 शिक्षक भी नदारद थे। इसके बाद कलेक्टर ने पीएमश्री शासकीय माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां 7 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। दोनों ही मामलों में कलेक्टर ने वेतन कटौती के आदेश जारी किए। किसानों के हित में बड़ा कदम: समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए में खरीदी, तारीख बढ़ाकर 23 मई तक अधिकारियों पर भी गिरी गाज, नोटिस जारी मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मॉनिटरिंग में लापरवाही पर मुंगावली के बीईओ का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और डीपीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज नदी, स्वास्थ्य और जल योजना का भी किया निरीक्षण दौरे के दौरान कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बेलन नदी के गहरीकरण कार्य का जायजा लिया और श्रमदान करते हुए फावड़ा भी चलाया। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एवीएन आरोग्य केंद्र का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए। नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए पानी की बर्बादी रोकने और नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
पीलीभीत में कृषि इतिहास का नया अध्याय: देश का पहला बासमती और जैविक प्रशिक्षण केंद्र तैयार होगा

नई दिल्ली । पीलीभीत की धरती अब कृषि नवाचार के एक नए अध्याय की गवाह बनने जा रही है, जहां बासमती और जैविक खेती के लिए देश का पहला समर्पित प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल क्षेत्रीय किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि पूरे देश के कृषि क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखी जा रही है। इस परियोजना के लिए लगभग 7 एकड़ भूमि का चयन किया गया है, जिसे लंबे समय के लिए उपयोग में लेने की अनुमति दी गई है। इस केंद्र को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह केवल एक प्रशिक्षण स्थल न होकर कृषि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का एक व्यापक केंद्र बन सके। यहां किसानों को बासमती धान की पारंपरिक खेती से लेकर जैविक और उन्नत तकनीकों तक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रस्तावित केंद्र में आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षण कक्ष, प्रयोगशालाएं, सम्मेलन स्थल, प्रदर्शन गैलरी और एक विशेष संग्रहालय शामिल होंगे। यहां बासमती की विभिन्न किस्मों और जैविक खेती के तरीकों को वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे किसानों और विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सकेगा। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भारत का पहला ऐसा संस्थान होगा जहां पारंपरिक और जैविक दोनों प्रकार की बासमती खेती को एक साथ सिखाया और समझाया जाएगा। इससे किसानों को न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि वे पर्यावरण के अनुकूल खेती की ओर भी प्रेरित होंगे। इसके अलावा, इस केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है, जहां बासमती धान की नई किस्मों का परीक्षण और उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न कृषि क्षेत्रों के अनुसार सर्वोत्तम बीजों का विकास किया जा सके, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर हो। कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बासमती धान सर्वे परियोजना भी शुरू की गई है। इस परियोजना के जरिए बड़े पैमाने पर कृषि भूमि का अध्ययन किया जाएगा और लाखों किसानों से जुड़े डेटा का विश्लेषण कर फसल की स्थिति और उत्पादन क्षमता का आकलन किया जाएगा। इससे कृषि योजना और निर्यात रणनीति को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा। यह पूरी योजना भारतीय बासमती को वैश्विक बाजार में और मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। वर्तमान में बासमती चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी खास पहचान रखता है और इसका निर्यात लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह प्रशिक्षण केंद्र किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर न केवल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
किसानों के हित में बड़ा कदम: समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए में खरीदी, तारीख बढ़ाकर 23 मई तक

भोपाल । भोपाल में किसानों को राहत देते हुए मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। पहले जहां यह प्रक्रिया 9 मई तक निर्धारित थी, अब इसे बढ़ाकर 23 मई कर दिया गया है। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश अब तक अपनी उपज नहीं बेच पाए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त और किसानों के अनुकूल हों, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्रों पर पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं, जिससे उनकी सुविधा और विकल्प दोनों बढ़े हैं। गेहूं खरीदी को सुगम बनाने के लिए सरकार ने एफएक्यू मापदंडों में भी शिथिलता दी है, ताकि अधिक से अधिक किसानों की उपज खरीदी जा सके। इसके अलावा तौल प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कूपन और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण जैसी व्यवस्थाएं भी केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई हैं। उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा और छन्ना जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को बेहतर अनुभव मिल सके। राज्य सरकार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रही है, जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। यह दर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से तय की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे स्वयं भी उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं, ताकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इस कदम से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और अधिकारियों पर बेहतर काम करने का दबाव भी रहेगा।सरकार का यह फैसला किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और उपार्जन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
आईसीएसई-आईएससी परिणाम 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी, दोनों कक्षाओं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत दर्ज

नई दिल्ली । देशभर के लाखों छात्रों के लिए इंतजार की घड़ी आखिरकार खत्म हो गई है, क्योंकि आईसीएसई और आईएससी बोर्ड के वर्ष 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और राहत का माहौल देखने को मिला। इस बार के नतीजों में एक बार फिर छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया स्तर स्थापित किया है। 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के परिणाम इस बार बेहद प्रभावशाली रहे हैं। 10वीं कक्षा में कुल 99.18 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जबकि 12वीं कक्षा में 99.13 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि इस वर्ष की परीक्षाओं में छात्रों ने पूरी मेहनत और तैयारी के साथ भाग लिया। लिंग आधारित प्रदर्शन की बात करें तो इस बार भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 99.46 रहा, जबकि छात्रों का 98.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी तरह 12वीं में भी छात्राओं ने 99.48 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 98.81 रहा। यह लगातार देखा जा रहा है कि शैक्षणिक प्रदर्शन में छात्राएं लगातार आगे निकल रही हैं। इस वर्ष दोनों कक्षाओं में मिलाकर चार लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 10वीं कक्षा के लगभग डेढ़ लाख और 12वीं कक्षा के लगभग ढाई लाख से अधिक छात्र शामिल थे। परीक्षा का आयोजन निर्धारित केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसमें छात्रों ने विभिन्न विषयों में अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों को अपना स्कोरकार्ड प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। छात्र अपने यूनिक आईडी और अन्य आवश्यक विवरणों की मदद से अपना परिणाम देख सकते हैं और उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस बार के परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और छात्रों की बढ़ती क्षमता को उजागर किया है। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
एक अलग खेल में भारत का नाम रोशन-संदीप कुमार की संघर्ष और सफलता की कहानी..

नई दिल्ली । भारतीय एथलेटिक्स में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से देश को नई पहचान दिलाई है, और उन्हीं में एक नाम संदीप कुमार का भी है। हरियाणा के एक साधारण परिवार से आने वाले संदीप ने उस खेल को चुना, जो देश में उतना लोकप्रिय नहीं था, लेकिन अपनी लगन और अनुशासन के दम पर उन्होंने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। रेस वॉकिंग एक बेहद तकनीकी और चुनौतीपूर्ण खेल माना जाता है, जिसमें सिर्फ गति ही नहीं बल्कि सही तकनीक बनाए रखना भी जरूरी होता है। इस खेल में लगातार अभ्यास और मानसिक मजबूती की आवश्यकता होती है। संदीप कुमार ने इस चुनौती को स्वीकार किया और वर्षों तक कड़ी मेहनत कर खुद को इस स्तर तक तैयार किया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सके। उनका सफर धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्हें बड़े खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अनुभव हासिल किया और अपने खेल को और मजबूत बनाया। सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्हें ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। वहां पहुंचना ही किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है, और संदीप ने इस अवसर पर अपने खेल से देश का नाम रोशन किया। हालांकि पदक हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी क्षमता और मेहनत को दर्शाता है। इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर भी सफलता हासिल की और पदक जीतकर अपनी मेहनत का परिणाम साबित किया। यह उपलब्धि उनके करियर का एक अहम हिस्सा बनी और देश में रेस वॉकिंग को लेकर जागरूकता भी बढ़ी। संदीप कुमार की कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर मेहनत और अनुशासन के साथ किसी लक्ष्य पर लगातार काम किया जाए, तो कम लोकप्रिय खेलों में भी भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।
रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान

ग्वालियर । ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज दो दिन बाद ही एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि किस्मत ने उसका साथ दिया और फंदा तथा कुर्सी टूट जाने के कारण उसकी जान बच गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय सपना गुर्जर की शादी 25 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणगढ़ निवासी सौरभ गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दो दिन बाद ही ससुराल में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद से आहत होकर सपना ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाने का प्रयास किया। घटना के दौरान अचानक फंदा और पैरों के नीचे रखी कुर्सी टूट गई, जिससे तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे, जहां सपना बेसुध हालत में मिली। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत Jayarogya Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि होती है। घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, नवविवाहिता अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही वह होश में आएगी, उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है और मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है। उधर, सपना के परिजन भी भिंड से ग्वालियर पहुंच चुके हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर शादी के दो दिन बाद ही ऐसा क्या हुआ, जिसने नवविवाहिता को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यदि जांच में किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव की बात सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है और सभी की निगाहें नवविवाहिता के बयान पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह उजागर करेगा।
लंबे इंतजार के बाद खुशियों की दस्तक-संभावना सेठ ने साझा की प्रेगनेंसी की खबर…

नई दिल्ली । करीब एक दशक तक चले संघर्ष और उम्मीदों के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार संभावना सेठ के जीवन में खुशियों ने दस्तक दे दी है। लंबे समय से जिस पल का इंतजार किया जा रहा था, उसकी झलक अब सामने आ चुकी है और इस खबर ने उनके प्रशंसकों के बीच भी उत्साह भर दिया है। यह सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। पिछले कई वर्षों में उन्हें बार-बार निराशा का सामना करना पड़ा, जिसमें स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां और इलाज की कठिन प्रक्रियाएं शामिल रहीं। बार-बार कोशिशों के बावजूद सफलता न मिलने से यह समय उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने उम्मीद बनाए रखी। इस पूरे दौर में उन्होंने अलग-अलग मेडिकल विकल्पों का सहारा लिया और लगातार प्रयास जारी रखा। समय के साथ यह सफर और भी चुनौतीपूर्ण होता गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रहीं। अंततः लंबे इंतजार के बाद यह खुशी उनके जीवन में आई, जिसे उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में साझा किया। इस खबर के सामने आने के बाद उनके चाहने वालों में खुशी की लहर है। लोग उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनके इस सफर को प्रेरणादायक बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें ढेरों बधाइयां मिल रही हैं, जहां लोग उनकी हिम्मत और धैर्य की सराहना कर रहे हैं। संभावना सेठ की यह कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि कठिन से कठिन समय के बाद भी उम्मीद और धैर्य से जीवन में नई शुरुआत संभव है।
illegal sand mining: मुरैना में अवैध रेत पर सख्ती; बिना नंबर ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक गिरफ्तार

HIGHLIGHTS : गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग के दौरान कार्रवाई बिना नंबर का रेत से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त दस्तावेज न होने पर चालक गिरफ्तार खनिज और वन्य जीव अधिनियम के तहत केस चंबल क्षेत्र में अवैध खनन पर बढ़ी सख्ती illegal sand mining: ग्वालियर। मुरैना जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में रामपुर थाना पुलिस ने गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग के दौरान चंबल नदी की रेत से भरे एक बिना नंबर के आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पुलिस ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया। किसानों के लिए अलर्ट: PM Kisan योजना में सख्ती, 23वीं किस्त पाने से पहले पूरे करने होंगे ये नियम दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक पुलिस ने जब ट्रैक्टर चालक से रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। दर्शन से लौट रहा परिवार बना हादसे का शिकार, कार में लगी आग ने छीन ली 6 जिंदगियां खनिज और वन्य जीव अधिनियम में केस दर्ज रामपुर थाना प्रभारी आर. के. वर्मा के अनुसार, अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ड्यूटी टीम ने संदिग्ध ट्रैक्टर को रोका और जांच में अवैध रेत परिवहन सामने आया। आरोपी के खिलाफ खनिज अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आतंकवाद पर भारत का करारा संदेश: ऑपरेशन सिंदूर से बदली रणनीति, पाकिस्तान पर राजनाथ का तीखा प्रहार चंबल में बढ़ी निगरानी सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। जिले में जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं, जहां संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि अवैध रेत कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
बैंक फ्रॉड केस में नया मोड़-RCOM मामले पर कोर्ट में पेश हुई स्टेटस रिपोर्ट, सभी की नजर फैसले पर

नई दिल्ली । रिलायंस कम्युनिकेशन से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में कानूनी प्रक्रिया एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। इस केस में जांच कर रही एजेंसियों ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है, जिसके बाद मामले पर फिर से गंभीर बहस शुरू हो गई है। यह मामला लंबे समय से जांच के दायरे में है और अब अदालत में इसकी सुनवाई तेज हो गई है। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने अदालत को जानकारी दी कि उन्होंने अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। हालांकि, गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई सीधा जवाब देने से बचा गया। एजेंसियों की ओर से यह भी कहा गया कि जांच की प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और निर्णय तथ्यों के आधार पर ही लिया जाएगा। इसी बीच याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि मामले में जिन लोगों को प्रमुख भूमिका में बताया जा रहा है, उनके खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस मुद्दे पर अदालत में चर्चा के दौरान कई कानूनी बिंदु सामने रखे गए। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि रिपोर्ट को अदालत में औपचारिक रूप से रिकॉर्ड में लिया गया है और मामले को आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इस केस पर अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां आगे की कानूनी दिशा तय होने की संभावना है।