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पेंटागन का 7 बड़ी टेक कंपनियों से एआई समझौता, सैन्य रणनीति में होंगे बड़े बदलाव, भारत के लिए भी अवसर

न्यूयॉर्क। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने शुक्रवार को सात प्रमुख टेक कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का उपयोग पेंटागन के क्लासिफाइड नेटवर्क में किया जाएगा। यह कदम केवल तकनीकी सहयोग नहीं, बल्कि वैश्विक सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इस समझौते से एआई को सीधे रक्षा और युद्ध क्षमताओं से जोड़ने की दिशा में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल रूस, चीन और भारत सहित सभी प्रमुख देशों को अपनी सैन्य एआई क्षमताएं तेज करने के लिए प्रेरित करेगी। भविष्य के युद्धों में निर्णय लेने की गति और तकनीकी बढ़त निर्णायक भूमिका निभा सकती है। किन कंपनियों के साथ हुआ करारएक रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते में एलन मस्क की स्पेसएक्स, ओपनएआई, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, अमेजन वेब सर्विसेज और रिफ्लेक्शन जैसी बड़ी टेक कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों की एआई तकनीकों का उपयोग अमेरिकी सेना के विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में किया जाएगा।एआई आधारित ‘फाइटिंग फोर्स’ की ओर कदमपेंटागन का लक्ष्य अपनी सेना को एआई-फर्स्ट फाइटिंग फोर्स में बदलना है। इसके तहत जमीन, समुद्र, वायु, अंतरिक्ष और साइबर जैसे सभी क्षेत्रों में तेज और सटीक निर्णय क्षमता विकसित की जाएगी। इस पहल से सैन्य ऑपरेशंस अधिक स्वचालित और तकनीकी रूप से उन्नत होने की उम्मीद है। एंथ्रोपिक को क्यों नहीं मिली जगह?रिपोर्ट के अनुसार पहले एंथ्रोपिक का क्लॉड एआई मॉडल पेंटागन के क्लासिफाइड नेटवर्क का हिस्सा था। लेकिन बाद में कंपनी ने अपने एआई के उपयोग को लेकर कुछ सीमाएं तय कीं, खासकर स्वायत्त हथियार और व्यापक निगरानी जैसे मामलों में। इसी कारण उसे नए समझौते से बाहर रखा गया। वैश्विक असर और भारत के लिए संभावनाएंइस बिग टेक–पेंटागन साझेदारी के बाद रूस और चीन भी अपनी एआई-आधारित सैन्य प्रणालियों को तेजी से विकसित कर सकते हैं। चीन में बाइडू, अलीबाबा, टेनसेंट और हुआवेई जैसी कंपनियां पहले से ही रक्षा क्षेत्र में एआई तकनीक को मजबूत कर रही हैं। भारत के संदर्भ में यह विकास नए अवसरों के द्वार खोल सकता है। टाटा ग्रुप, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स, इंफोसिस, एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों के साथ-साथ डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए रक्षा एआई क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार की पहलें जैसे आईडेक्स और डीआरडीओ के साथ सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा आने वाले वर्षों में सैन्य शक्ति के संतुलन को बहुध्रुवीय दिशा में ले जा सकती है, जहां एआई सबसे अहम रणनीतिक हथियार बनकर उभरेगा।

दिल की बीमारी अब महिलाओं के लिए भी बड़ा खतरा, हल्के संकेतों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली। दिल की बीमारी को लंबे समय तक पुरुषों से जुड़ी समस्या माना जाता रहा है, लेकिन बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य पैटर्न ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आज यह बीमारी महिलाओं के लिए भी उतनी ही गंभीर बन चुकी है, जितनी पुरुषों के लिए होती है। चिंता की बात यह है कि महिलाओं में इसके लक्षण कई बार अलग और कम स्पष्ट होते हैं, जिसके कारण बीमारी की पहचान देर से होती है और इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में हार्ट डिजीज के संकेत अक्सर सामान्य थकान, गैस, तनाव या शरीर दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। सांस फूलना, असामान्य थकान, मतली, पीठ या जबड़े में दर्द जैसे लक्षण कई बार गंभीर हृदय समस्या का संकेत होते हैं, लेकिन इन्हें आम परेशानी मान लिया जाता है। यही कारण है कि महिलाओं में हार्ट अटैक या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। एक बड़ी वजह यह भी है कि अब तक हृदय रोगों पर हुए अधिकांश शोध पुरुषों पर केंद्रित रहे हैं, जिससे महिलाओं के लक्षणों और उनके अलग पैटर्न को उतनी गहराई से नहीं समझा गया। परिणामस्वरूप, डायग्नोसिस और उपचार की प्रक्रिया में कई बार असमानता देखने को मिलती है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि महिलाओं और पुरुषों के हृदय की कार्यप्रणाली में कुछ जैविक अंतर हो सकते हैं, जो लक्षणों और जोखिम को प्रभावित करते हैं। हालांकि इस क्षेत्र में शोध अभी जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा इलाज या एक जैसा डायग्नोस्टिक तरीका हमेशा प्रभावी नहीं होता। आज की तेज रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली भी हृदय रोगों के बढ़ते मामलों का एक बड़ा कारण बन रही है। अनियमित खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान, नींद की कमी और लगातार तनाव दिल की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। महिलाओं में घरेलू और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच बढ़ता तनाव भी जोखिम को और बढ़ा देता है। कुछ विशेष परिस्थितियां जैसे गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं या ऑटोइम्यून बीमारियां भी महिलाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं, लेकिन अक्सर इन स्थितियों के बाद हृदय स्वास्थ्य की नियमित जांच को नजरअंदाज कर दिया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बचाव संभव है, लेकिन इसके लिए जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। संतुलित आहार जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों, हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को गंभीरता से समझना चाहिए। छोटे-छोटे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराना जीवन बचा सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है और गंभीर स्थिति से बचाव संभव है।

वैदिक घड़ी ने रचा नया कीर्तिमान, 78 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची भारतीय कालगणना की पहचान

भोपाल। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम के पावन परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ ने अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक आभा से डिजिटल दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अनूठी पहल ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर 78 लाख 42 हजार 167 से अधिक लोगों तक अपनी डिजिटल रीच दर्ज कराई है। जनसम्पर्क अधिकारी अनुराग उइके ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अवलोकन से ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ को वैश्विक विस्तार मिला है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत 29 अप्रैल को वाराणसी प्रवास के दौरान भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के इस संगम का अवलोकन बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वैदिक घड़ी को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत मेल बताया। उनके अवलोकन के बाद सोशल मीडिया पर वैदिक घड़ी को लेकर नया उत्साह देखा गया, जिससे यह देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन गई। प्रधानमंत्री मोदी के अवलोकन से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चाओं का ऐसा वातावरण तैयार हुआ कि केवल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से ही लाखों उपयोगकर्ताओं तक इसकी गूँज पहुँची। प्रधानमंत्री श्री मोदी और अन्य आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर आयोजित लाइव स्ट्रीम को 5,933 दर्शकों ने सीधे देखा। साथ ही राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर हुए सीधे प्रसारण ने करोड़ों दर्शकों तक इसकी जानकारी पहुँचाई सोशल मीडिया के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग #विक्रमोत्सव_वाराणसी भारत के ‘ट्रेंडिंग सेक्शन’ में नंबर 1 स्थान पर काबिज रहा, जो सनातन संस्कृति और भारतीय कालगणना से जुड़े आयोजनों के लिए एक डिजिटल मील का पत्थर है। 16 से अधिक प्रमुख हैशटैग्स को ट्रैक किया गया, जिनमें #वाराणसी, #विक्रमादित्य_वैदिक_घड़ी और #वैदिक घड़ी जैसे हैशटैग ने लाखों लोगों को आकर्षित किया। इस व्यापक कवरेज ने इस गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सांस्कृतिक चेतना का नया संवाहकमध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित इस घड़ी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सादर भेंट किया गया था। 04 अप्रैल 2026 को स्थापित यह घड़ी भारतीय कालगणना, पंचांग, और ग्रहों की स्थिति जैसी जटिल गणनाओं को सरलता से प्रस्तुत करती है।भविष्य की योजनाएँइस सफल डिजिटल आउटरीच ने सिद्ध कर दिया है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति के वैज्ञानिक आधारों को जानने के लिए उत्सुक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, वाराणसी की सफलता के बाद अब अयोध्या के श्री राम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंग परिसरों में ऐसी वैदिक घड़ियाँ स्थापित करने की योजना है, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रकाश जन-जन तक पहुँच सके। यह न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय काल-चिन्तन को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐपजिन लोगों को वैदिक घड़ी अपने मोबाइल फोन पर चाहिए तो विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐपवैदिक घड़ी का डिजिटल संस्करण है, जो भारतीय काल गणना (तिथि, नक्षत्र, योग, करण) और 7000 वर्षों का पंचांग दिखाता है। यह ऐप 189+ भाषाओं में उपलब्ध है, जो सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और 30 घंटे के समय प्रारूप को एड्राइड-आईओएस पर दिखाता है।वैदिक घड़ी ने रचा नया कीर्तिमान, 78 लाख से अधिक लोगों तक पहुँची भारतीय कालगणना की पहचानवैदिक घड़ी ऐप की मुख्य विशेषताएं– भारतीय काल गणना: यह ऐप समय को 30 मुहूर्तों में बांटकर दिखाता है, जो सूर्योदय पर आधारित है।– पंचांग विवरण: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, और मास की सटीक जानकारी।– 189+ भाषाएँ: यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी सहित 189+ भाषाओं में उपलब्ध है।– शुभ/अशुभ समय: यह दैनिक ‘राहुकाल’, ‘शुभ मुहूर्त’ और ‘चौघड़िया’ की जानकारी देता है– इतिहास: इसमें महाभारत काल से लेकर अब तक के 7000 वर्षों का पंचांग समाहित है।अलार्म: आप वैदिक समय के अनुसार अलार्म भी सेट कर सकते हैं।

बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्य प्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी।बचाव दल के सभी बहादुरों को सम्मानित करेगी राज्य सरकारमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार की शाम हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। शुक्रवार शाम तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान नौ लोगं के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं, जिनका खबर लिखे जाने तक पता नहीं चल सका। रेस्क्यू के दौरान वहां तेज बारिश भी होने लगी। इसके बाद सर्चिंग रोक दी गई है। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 45 से अधिक पर्यटक मौजूद थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में मरीना मैसी और

जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुलाएगा US…. ईरान युद्ध के बीच सहयोगियों से बिगड़े रिश्ते

वाशिंगटन। ईरान (Iran) के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका (America) के उसके यूरोपियन सहयोगियों के साथ भी संबंध खराब होने लगे हैं। इसी बीच अमेरिका (America) ने जर्मनी (Germany) से अपने 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (German Chancellor Friedrich Merz) पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अपने “टूटे हुए देश” पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। जर्मनी के चांसलर और ट्रंप में बयानबाजीट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मर्ज को “रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने” और “अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले में)” पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए तथा ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए। इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा रहा है। जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां अमेरिका के कई अहम सैन्य अड्डा हैं। जर्मनी से बटालिय वापस बुलाएगा अमेरिकापेंटागन के एक सीनियर अधइकारी ने कहा था कि जर्मनी के चांसलर के बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे उन्हें नुकसान होने वाला है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन पर रूस के हमले के वक्त यूरोप से सैनिकों को वापस बुलाया गया था, उसी तरह का अभियान इस बार भी चलाया जाएगा। यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों में कटौती की जाएगी। इसके अलावा जर्मनी में मौजूद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को भी वापस बुला लिया जाएगा। यहां लॉन्ग रेंज फायर बटालियन पर भी रोक लगा दी गई है। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका के उसके यूरोपियन सहयोगियों के साथ भी संबंध खराब होने लगे हैं। इसी बीच अमेरिका ने जर्मनी से अपने 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अपने “टूटे हुए देश” पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। जर्मनी के चांसलर और ट्रंप में बयानबाजीट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मर्ज को “रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने” और “अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले में)” पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए तथा ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए। इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा रहा है। जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां अमेरिका के कई अहम सैन्य अड्डा हैं। जर्मनी से बटालिय वापस बुलाएगा अमेरिकापेंटागन के एक सीनियर अधइकारी ने कहा था कि जर्मनी के चांसलर के बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे उन्हें नुकसान होने वाला है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन पर रूस के हमले के वक्त यूरोप से सैनिकों को वापस बुलाया गया था, उसी तरह का अभियान इस बार भी चलाया जाएगा। यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों में कटौती की जाएगी। इसके अलावा जर्मनी में मौजूद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को भी वापस बुला लिया जाएगा। यहां लॉन्ग रेंज फायर बटालियन पर भी रोक लगा दी गई है। NATO में पैदा हो गया नया तनावडोनाल्ड ट्रंप पहले से ही नाटो को महत्व कम देते थे। वहीं जब होर्मुज बंद होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों का आह्वान किया तो किसी ने साथ नहीं दिया। ऐसे में ईरान संकट के बीच नाटो में भी काफी तनाव पैदा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि नाटो देशों ने होर्मुज खुलवाने में उनका साथ नहीं दिया। इसी बीच वाइट हाउस ने संसद को लिखे एक पत्र में कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सशस्त्र बलों की निरंतर उपस्थिति के बावजूद वह ईरान के साथ युद्ध को खत्म ही मानता है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस संदेश के जरिए ईरान के साथ युद्ध जारी रखने के लिए संसद सदस्यों की मंजूरी प्राप्त करने की एक मई की कानूनी समय सीमा को प्रभावी ढंग से दरकिनार कर दिया गया है।

Karnataka: तुमकुरु जिले में H5N1 बर्ड फ्लू वायरस से 44 मोरों की मौत… क्षेत्र में दहशत

तुमकुरु। कर्नाटक (Karnataka) के तुमकुरु जिले (Tumakuru district) में 44 मोरों की मौत हो गई है। इनके H5N1 बर्ड फ्लू वायरस (H5N1 Bird flu virus) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना सबसे पहले 16 अप्रैल को सामने आई थी और एक हफ्ते के भीतर तुमकुरु तालुका में अलग-अलग जगहों पर रहस्यमय परिस्थितियों में 44 मोर मृत पाए गए। वन विभाग के अनुसार, केसरामाडु, हिरेहल्लि और गुलूर ग्राम पंचायतों के खेतों में सर्च ऑपरेशन के दौरान इन मोरों के शव मिले। मृत पक्षियों के सैंपल भोपाल स्थित आईसीएआर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीजेस) भेजे गए थे, जहां जांच में H5N1 वायरस को मौत का कारण बताया गया। हालांकि 23 अप्रैल के बाद से तुमकुरु तालुक में कोई नई मौत दर्ज नहीं की गई है। 10 किमी दायरे में कंटेनमेंट जोन घोषितवन्यजीव के मुख्य वन संरक्षक कुमार पुष्कर ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन व पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है और सभी पोल्ट्री फार्मों को सतर्क कर दिया गया है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को ILI (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण) और SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही PPE किट, ट्रिपल-लेयर मास्क, ओसेल्टामिविर दवा, वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम और थ्रोट स्वैब किट का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है। H5N1 बर्ड फ्लू संक्रमण क्या हैH5N1 बर्ड फ्लू बेहद संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है। लेकिन, कभी-कभी मनुष्यों में भी संक्रमण फैला सकता है। यह इन्फ्लुएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जो विशेष रूप से मुर्गियों, बतखों और जंगली पक्षियों में पाया जाता है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क, उनके मल, लार या दूषित वातावरण से यह वायरस फैलता है। मनुष्यों में इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं, जो गंभीर होने पर जानलेवा भी हो सकते हैं।

फारस की खाड़ी से वापस लौटा दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत….

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जारी तनाव के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत (World’s largest Aircraft Carrier) USS जेराल्ड आर. फोर्ड (USS Gerald R. Ford) अब फारस की खाड़ी से वापस लौट रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत ठप पड़ गई है और किसी ठोस समझौते की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। यह युद्धपोत पिछले 10 महीनों से अधिक समय से समुद्र में तैनात था और इस दौरान उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई। इस विमानवाहक पोत की वापसी को अमेरिका की सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इसे पूरी तरह से पीछे हटना नहीं कहा जा सकता, क्योंकि क्षेत्र में अभी भी अन्य अमेरिकी युद्धपोत मौजूद हैं। फोर्ड की वापसी से यह तो साफ है कि अमेरिका अब लंबे समय तक भारी सैन्य तैनाती बनाए रखने के बजाय दूसरी नीति पर काम कर रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरोधजानकारों का मानना है कि यह कदम सैनिकों को राहत देने और जहाज की मरम्मत जैसी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी लिया गया होगा। मालूम हो कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाए हैं, जिसमें सुरक्षा, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय नियंत्रण जैसे विषय शामिल हैं। बातचीत के ठप पड़ने से तनाव और बढ़ गया है और क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थिति और संवेदनशील हो गई है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति करता है। फिलहाल, विमानवाहक पोत की वापसी एक बड़े भू-राजनीतिक संकेत के रूप में देखी जा रही है। यह न केवल अमेरिका की रणनीति में बदलाव को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कूटनीतिक समाधान अभी दूर है। अगर बातचीत जल्द शुरू नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

कच्चे तेल के दाम आसमान पर… फिर भी भारत में अब तक नहीं बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत

नई दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट (International Market) में कच्चे तेल (Crude oil) के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों (Government Oil Companies) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में पिछले 4 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि, बीते महीने शेल इंडिया और नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) में इजाफा कर दिया था। शेल इंडिया ने पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 25.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने 1 अप्रैल को रेट बढ़ाया था। उसके बाद से इस कंपनी ने भी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बता दें, इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर आज दिल्ली में डीजल 87.67 रुपये और पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। नायरा एनर्जी ने भी कीमतों में किया है इजाफा (Petrol Price Today)26 मार्च को नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दी थी। कंपनी ने तब पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। मौजूदा समय में नायरा के पेट्रोल पंप पर 100.72 रुपये में पेट्रोल और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। प्रीमियम पेट्रोल का रेट 160 रुपये पहुंचा (Petrol Diesel rate today)कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़ाकर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। HP, IOCL, BPCL के पंप पर क्या है पेट्रोल का रेट? (Petrol price in your city)नई दिल्ली – 94.77 रुपयेकोलकाता – 105.41 रुपयेमुंबई – 103.54 रुपयेचेन्नई – 101.06 रुपयेगुरुग्राम – 95.30 रुपयेनोएडा – 94.77 रुपयेबेंगलुरू – 103.96 रुपयेभुवनेश्वर – 101.03 रुपयेचंडीगढ़ – 94.30 रुपयेहैदराबाद – 107.46 रुपयेजयपुर – 105.03 रुपयेलखनऊ – 94.73 रुपयेभोपाल- 106.40 रुपयेइंदौर – 106.48 रुपये आपके शहर में डीजल का क्या है रेट? (Diesel price in your city)नई दिल्ली – 87.67 रुपयेकोलकाता – 92.02 रुपयेमुंबई – 90.03 रुपयेगुरुग्राम – 87.77 रुपयेनोएडा – 87.89 रुपयेबेंगलुरू – 90.99 रुपयेभुवनेश्वर – 92.60 रुपयेचंडीगढ़ – 82.45 रुपयेहैदराबाद – 95.70 रुपयेजयपुर – 90.49 रुपयेलखनऊ – 87.86 रुपयेभोपाल- 91.8 रुपयेइंदौर- 91.9 रुपये कच्चे तेल की कीमतों में तूफानी तेजी (crude oil price in your city)युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल का रेट लगातार बढ़ रहा है। जिसकी वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव है। मौजूदा समय में इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल का रेट 100 डॉलर के पार बरकरार है। क्या सरकारी तेल कंपनियां भी बढ़ाएंगी रेटआने वाले समय में सरकारी तेल कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ा सकती हैं।

MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार

मऊगंज। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मऊगंज जिले (Mauganj district) में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले पति और पत्नी को पुलिस ने ओडिशा (Odisha) से गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस हनी ट्रैप का मामला दर्ज करते हुए साइबर सेल की मदद से उनके ठिकाने तक पहुंची, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महिला और उसका पति मऊगंज में रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। यहां पर उन्होंने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को अपना शिकार बनाया था, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। आरोपी रुची और उसका पति मऊगंज में रुचि रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। पुलिस के मुताबिक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को, पहले चाय पर बुलाकर नशीला चीज पिलाई गई, और फिर स्पाई कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा, और उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। हनीट्रैप का केसमामला सामने आने के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप का मामला दर्ज कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामले को तूल पकड़ता देख दोनों पति पत्नी, मऊगंज से फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों को, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार कर मऊगंज ले आई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के मोबाइल से शुरुआती जांच में कई चैट के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है, और दोनों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह से और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है, जहां से उनकी रिमांड लेने का पुलिस प्रयास कर रही है, जिससे आरोपियों से अच्छे से पूछताछ हो सके।

US: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम…. UN से आने वाले वाहनों पर लगाया 25% टैक्स

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने एक बार फिर से टैरिफ बम (Tariff Bomb) फोड़ा है। इस बार उन्होंने कहा कि वह अगले हफ्ते से यूरोपीय यूनियन (European Union) से आने वाली कारों और ट्रकों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ा देंगे। वह इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गुट पहले हुए एक व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर लिखा, “इस तथ्य के आधार पर कि यूरोपीय यूनियन हमारे पूरी तरह से सहमत व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, अगले सप्ताह मैं अमेरिका में आने वाली कारों और ट्रकों पर यूरोपीय यूनियन से लिए जाने वाले टैरिफ को बढ़ा दूंगा। टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ”हालांकि, यदि वे अमेरिका के प्लांट्स में कारों और ट्रकों का प्रोडक्शन करते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं लगेगा। कई ऑटोमोबाइल और ट्रक प्लांट्स वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, जिनमें 100 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया जा रहा है। जो कार और ट्रक निर्माण के इतिहास में एक रिकॉर्ड है। ये प्लांट्स, जिनमें अमेरिकी कर्मचारी काम करेंगे, जल्द ही खुलने वाले हैं। आज अमेरिका में जो हो रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ! इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ व्यापार नीति को और आक्रामक रूप से लागू करते हुए भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाया है। इन टैरिफ का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को सस्ती विदेशी आयात से बचाना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना बताया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों के बीच व्यापारिक तनाव भी तेज हो सकता है। भारत पर ट्रंप ने पहले 25 फीसदी का टैरिफ लगाया था, लेकिन फिर रूस से तेल खरीदने को लेकर इसे बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया था। हालांकि, बाद में ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूस से तेल आयात नहीं करेगा, जिसकी वजह से 25 फीसदी टैरिफ हटा दिया गया।