बंगाल में BJP को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद…. रिजल्ट बाद हिंसा से निपटने की तैयारियां शुरू…

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद के बीच भाजपा (BJP) ने चुनाव बाद की स्थितियों से निपटने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। परिणाम जो भी हों, पार्टी के निर्वाचित विधायक बिना बुलाए अपना क्षेत्र नहीं छोंड़ेंगे। स्थानीय संगठन के नेताओं को भी नतीजों के बाद कुछ दिन तक अपने ही क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विरोधी खेमे की किसी भी तरह का संभावित हिंसा से निपटा जा सके। वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में कई हिंसक घटनाएं हुईं थी। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया था। इसी को देखते हुए भाजपा अपने समर्थकों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरत रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने नतीजे आने के बाद की स्थितियों के लिए पूरे संगठन को जरूरी निर्देश दिए हैं। उसके निर्वाचित विधायक भी बिना बुलाए कोलकाता नहीं पहुंचेंगे। संगठन के प्रमुख लोग भी कुछ दिनों तक अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे और सुरक्षा स्थितियों पर नजर रखेंगे। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने भी अगले आदेश तक बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती सुनिश्चित की है। भाजपा ने अपने नेताओं से कहा है कि नतीजे आने के बाद भी उसका वार रूम काम करेगा और वहां पर हर क्षेत्र की स्थिति के बार में जानकारी दी जा सकेगी, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पार्टी नेता इस बारे में लगातार बैठकें कर भावी स्थितियों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। दो मई को कोलकाता में होने वाली पार्टी की बड़ी बैठक में मुख्य मुद्दा मतगणना को लेकर रहेगा, लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर भी चर्चा संभव है। मतगणना केंद्रों पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं : चुनाव आयोगपश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में किसी भी मतगणना केंद्र पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। सीईओ ने स्ट्रांगरूमों में ईवीएम से कथित छेड़छाड़ और गड़बड़ियों के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। कोलकाता में गुरुवार को मतगणना केंद्रों पर जमकर हंगामा हुआ था। तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता और प्रत्याशी कुणाल घोष व शशि पांजा ने धरना दिया था। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर के सखावत स्कूल में बने मतगणना केंद्र में पहुंच गई थीं। टीएमसी की याचिका पर आज होगी सुनवाईसुप्रीम कोर्ट शनिवार को तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें बंगाल में मतगणना केंद्रों पर सिर्फ केंद्रीय कर्मियों की पर्यवेक्षकों के तौर पर तैनाती के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ सुनवाई करेगी।
ऑस्ट्रेलिया का सख्त कदम: Google और Meta को अब न्यूज के लिए देना होगा भुगतान, मीडिया को मिला बड़ा अधिकार

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने एक नया और कड़ा कानून पेश किया है, जिसका नाम ‘न्यूज बार्गेनिंग इन्सेंटिव’ रखा गया है। इस नियम के तहत अब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां जैसे Google और Meta (Facebook) न्यूज कंटेंट का उपयोग मुफ्त में नहीं कर सकेंगी। चाहे वे न्यूज दिखाएं या उसे ब्लॉक करें, उन्हें मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को भुगतान करना ही होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य पत्रकारों और मीडिया हाउसेस को उनका उचित हक दिलाना है, क्योंकि वही असली कंटेंट तैयार करते हैं, जबकि टेक प्लेटफॉर्म उस पर भारी मुनाफा कमाते हैं। पहले का कानून और टकराव की शुरुआतइस पूरी बहस की शुरुआत पुराने ‘News Media Bargaining Code’ से हुई थी। उस समय सरकार ने माना था कि टेक कंपनियों और मीडिया के बीच शक्ति का संतुलन बिगड़ चुका है। Google और Facebook को न्यूज कंटेंट चाहिए था ताकि यूजर्स प्लेटफॉर्म पर बने रहें लेकिन मीडिया कंपनियों को अपनी पहुंच के लिए इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर रहना पड़ता था जब पहली बार कानून आया तो मामला काफी गरमा गया था। Google ने सेवाएं बंद करने की धमकी दी, जबकि Meta ने अपने प्लेटफॉर्म से न्यूज कंटेंट ही हटा दिया था। बाद में हुआ समझौतातनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। सरकार ने कंपनियों को स्वतंत्र रूप से मीडिया हाउसेस के साथ डील करने की छूट दी। इस मॉडल का असर भी सकारात्मक रहा:5 साल में मीडिया कंपनियों को 1 अरब डॉलर से ज्यादा भुगतान मिला छोटे और बड़े दोनों मीडिया संस्थानों को फायदा हुआ Meta के इनकार से फिर बढ़ी समस्यातीन साल बाद स्थिति फिर बदल गई जब Meta ने पुरानी डील्स रिन्यू करने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना था कि उसे न्यूज की जरूरत नहीं है। यही घटना सरकार के लिए चेतावनी बन गई कि पुराने कानून में खामियां थीं, जिनका फायदा टेक कंपनियां उठा सकती हैं। नया कानून क्यों है खास?नया News Bargaining Incentive पहले से ज्यादा सख्त और प्रभावी है: टेक कंपनियों को न्यूज ब्लॉक करने पर भी भुगतान करना होगा अब अलग-अलग मीडिया हाउसेस से डील की जरूरत नहीं, सिर्फ 4 मुख्य समझौते पर्याप्त नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा अगर कंपनियां नियम नहीं मानतीं, तो उन्हें संभावित डील वैल्यू का 50% अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। मीडिया और लोकतंत्र के लिए बड़ा कदमसरकार का मानना है कि यह कानून सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन के लिए भी जरूरी है। इससे: पत्रकारों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा छोटे मीडिया संस्थानों को भी फायदा होगा और टेक कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी
भीषण गर्मी में लू से बचना है तो अपनाएं ये देसी उपाय, ये 5 पारंपरिक ड्रिंक देंगे ठंडक और ताकत

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम इस बार अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अप्रैल खत्म होते-होते ही तापमान 40 डिग्री के पार चला गया, और मई-जून में इसके और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लू का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है, जो कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू लगने पर व्यक्ति का रक्तचाप गिर सकता है और गंभीर मामलों में बेहोशी या कोमा जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि गर्मियों के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए और शरीर को ठंडा व हाइड्रेटेड रखा जाए। गर्मी से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है दिनचर्या में बदलाव करना। तेज धूप के समय, विशेष रूप से सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर और चेहरे को कपड़े से सुरक्षित करके निकलना चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। खानपान में भी कुछ पारंपरिक उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं। गर्मियों में आम का पन्ना एक बेहद लोकप्रिय और प्रभावी पेय माना जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है। इसी तरह बेल का शरबत भी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। सत्तू का सेवन भी गर्मियों में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसमें थोड़ा सा नमक या भुना जीरा मिलाकर पीने से इसका प्रभाव और बढ़ जाता है। इसके अलावा कच्चा प्याज भी लू से बचाव में सहायक माना जाता है। पारंपरिक रूप से लोग गर्मियों में भोजन के साथ प्याज का सेवन करते हैं, जो शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू के प्रभाव को कम करता है। कुछ क्षेत्रों में चावल के आटे से बनी पतली पेज का सेवन भी किया जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ ठंडक भी प्रदान करती है। ग्रामीण इलाकों में महुआ से बनी राब भी एक पारंपरिक पेय है, जिसे लू से बचाने में प्रभावी माना जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखती है, बल्कि पोषण भी प्रदान करती है। कुल मिलाकर, गर्मियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि शरीर को ठंडा रखा जाए, पर्याप्त पानी और पोषक पेय का सेवन किया जाए और धूप से बचाव के उपाय अपनाए जाएं। पारंपरिक देसी पेय न केवल आसानी से उपलब्ध होते हैं, बल्कि इनके नियमित सेवन से लू जैसी गंभीर समस्या से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।
स्मार्टफोन खरीदना हुआ महंगा: Nothing, Realme और OnePlus ने बढ़ाए दाम, जानें नई कीमतें

नई दिल्ली। स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे ग्राहकों के लिए यह खबर जेब ढीली करने वाली है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स और टिप्स्टर्स के मुताबिक, Nothing, Realme और OnePlus ने अपने कई मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव के बाद मिड-रेंज से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक के फोन अब पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। टिप्स्टर के अनुसार, कीमतों में यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। खास बात यह है कि Nothing के CEO कार्ल पेई ने पहले ही संकेत दिया था कि आने वाले समय में प्राइसिंग में बदलाव देखने को मिल सकता है। Nothing Phones की नई कीमतेंNothing के कुछ मॉडल्स में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है: Nothing Phone (3a) Liteपहले: ₹24,999 → अब: ₹27,999256GB वेरिएंट: ₹29,999 तक पहुंचा Nothing Phone (4a)बेस मॉडल: ₹31,999 → अब ₹34,999टॉप वेरिएंट ₹40,999 तक पहुंचा https://x.com/yabhishekhd/status/2050075175668900236?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2050075175668900236%7Ctwgr%5Ee699978096dbda8fb5d72842bb046a67b0983665%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftechnology%2Fnothing-realme-oneplus-smartphones-price-increased-says-tipster-check-out-new-price-3770965.html Nothing Phone (4a Pro)अब कीमत ₹44,999 से शुरू होकर ₹50,999 तक जा रही है Realme Phones में भी बढ़ोतरीRealme ने अपने बजट और मिड-रेंज दोनों सेगमेंट के फोन्स महंगे कर दिए हैं: Realme C71 4G: ₹10,999 → ₹11,999 Realme 15T, 15x, C85, 16 Pro सीरीज: ₹1000 तक की बढ़ोतरी https://twitter.com/yabhishekhd/status/2050086310988366101 OnePlus Phones हुए और महंगेOnePlus ने अपने प्रीमियम मॉडल्स की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की है: OnePlus 15₹72,999 → ₹77,999 (12/256GB)टॉप वेरिएंट ₹85,999 तक OnePlus 15Rकीमत में ₹2,500 तक की बढ़ोतरीअब ₹52,999 से शुरू ग्राहकों पर असरलगातार बढ़ती कीमतों ने स्मार्टफोन बाजार में दबाव बढ़ा दिया है। खासकर मिड-रेंज सेगमेंट में खरीदारी करने वाले यूजर्स को अब पहले से ज्यादा खर्च करना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं। नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सामाजिक संगठनों ने जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। ताप्ती सेवा समिति ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। समिति के सदस्यों ने इस हादसे को व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना है कि दुर्घटना स्थल कोई दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। श्रद्धांजलि सभा में उस दर्दनाक दृश्य का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिली थी। इस घटना ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। ताप्ती सेवा समिति ने जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों मौजूद नहीं थी। समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। हर क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की अनिवार्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया।
MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है। इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
MP बोर्ड की बड़ी राहत: द्वितीय परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की डेट बढ़ी, फेल के साथ पास छात्र भी दे सकेंगे एग्जाम

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 4 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पहले यह तारीख 26 अप्रैल तय थी। यह आवेदन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश के तहत एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। इस साल बोर्ड ने बड़ा बदलाव करते हुए पुरानी पूरक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह ‘द्वितीय परीक्षा’ प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था में न सिर्फ फेल छात्र शामिल हो सकेंगे, बल्कि पास छात्र भी अपने अंक सुधारने के लिए परीक्षा दे सकेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार, जो छात्र किसी विषय में फेल हैं, उन्हें उस विषय की परीक्षा देनी होगी। वहीं पास छात्र भी बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए इच्छानुसार किसी भी विषय में शामिल हो सकते हैं। इससे छात्रों को अपने परिणाम सुधारने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक और 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर ही होंगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा दोनों में से जो भी बेहतर अंक होंगे, वही अंतिम परिणाम में मान्य किए जाएंगे। इससे छात्रों पर दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। आवेदन करने के लिए छात्रों को परिणाम जारी होने के बाद सात दिनों के भीतर फॉर्म भरना होगा। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। अधिक जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
MP में गेहूं खरीदी पर अफसर अलर्ट मोड में: 80 लाख टन के लिए स्लॉट बुक, कई केंद्रों पर किसान परेशान

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेज रफ्तार से चल रही है, लेकिन तकनीकी और व्यवस्थागत दिक्कतों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में स्लॉट बुकिंग सिस्टम पर दबाव के कारण किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 5 लाख किसानों से 22 लाख टन से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। वहीं, सरकार का दावा है कि कुल 80 लाख टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं। हालांकि, किसानों को स्लॉट बुकिंग कराने में सर्वर स्लो होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने इस बार गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन रखा है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 77 लाख टन था। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जहां प्रतिदिन स्लॉट सीमा को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दिया गया है। इसके बावजूद कई केंद्रों पर अव्यवस्था बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, जबलपुर, ग्वालियर, विदिशा और रायसेन जैसे जिलों में किसान स्लॉट बुकिंग और गेहूं बेचने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में कई उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाओं का दावा किया है, जैसे कि पेयजल, छायादार स्थान, बैठने की सुविधा और शौचालय आदि। साथ ही किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं। इस बार गेहूं की खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर तकनीकी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं के कारण किसान अब भी सिस्टम से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है। तेज आंधी और करीब 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच क्रूज पलट गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग अब भी लापता हैं। हादसे में बचे लोगों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। 13 साल की तनिष्का ने रोते हुए बताया कि हादसे के वक्त उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था, लेकिन अचानक क्रूज पलटने पर वह छूट गया। “मम्मी ने हमें पकड़ा था… फिर सब कुछ खत्म हो गया,” यह कहते हुए वह सदमे में है। एक अन्य परिवार के रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पलटते ही वे किसी तरह अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ बाहर निकल पाए, लेकिन बाकी लोग बिछड़ गए। उन्होंने बताया कि कई घंटों तक उन्होंने अपने बच्चे की तलाश की और बाद में वह सुरक्षित मिला, लेकिन उस भयावह अनुभव ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। इसी हादसे में दिल्ली से आई 13 साल की सिया ने अपनी मां, छोटे भाई और नानी को खो दिया। सिया ने बताया कि शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम बदल गया और क्रूज में पानी भरने लगा। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग लाइफ जैकेट तक नहीं पहन पाए। परिजनों का आरोप है कि क्रूज पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते मदद नहीं की और लाइफ बोट भी देर से पहुंची। उनका कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंचता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। कामराज नाम के एक यात्री का परिवार भी इस हादसे की चपेट में आ गया। उनकी पत्नी और भाभी की मौत हो चुकी है, जबकि बेटा और कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। किनारे खड़े परिजन लहरों में फंसे अपने अपनों को बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण कई बार रेस्क्यू कार्य रोकना पड़ा है। यह हादसा न सिर्फ एक पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कई परिवारों को गहरे सदमे में छोड़ गया है, जहां अब सिर्फ यादें और दर्द बाकी है।