शश पंचमहापुरुष योग: जब शनि देता है ऊंचाई, मेहनत को मिलती है बड़ी सफलता और सम्मान

नई दिल्ली। ज्योतिष में शनि ग्रह को लेकर लोगों के बीच अक्सर एक डर और सावधानी की भावना देखी जाती है, लेकिन इसके साथ ही यह भी माना जाता है कि यही ग्रह व्यक्ति के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। शनि केवल कठिनाइयों का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है, जो व्यक्ति के कर्मों के अनुसार परिणाम देता है। जब शनि शुभ स्थिति में होता है, तो यह जीवन को पूरी तरह बदल सकता है। इन्हीं शुभ स्थितियों में एक विशेष योग शश पंचमहापुरुष राजयोग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब शनि अपनी राशि, उच्च स्थिति या विशेष अनुकूल भाव में केंद्र स्थान में स्थित होता है। इस स्थिति में शनि अत्यंत शक्तिशाली प्रभाव देता है और व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता और सम्मान का मार्ग खोलता है। ज्योतिष में इसे अत्यंत प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। इस योग की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि यह व्यक्ति को साधारण से असाधारण बना सकता है। ऐसे लोग अपने जीवन में धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं, लेकिन एक समय के बाद अचानक उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है। संघर्ष के बाद मिलने वाली सफलता इन्हें और भी मजबूत बनाती है। ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में एक अलग पहचान बनाते हैं और समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं। शश योग वाले व्यक्तियों में नेतृत्व क्षमता स्वाभाविक रूप से विकसित होती है। ये लोग निर्णय लेने में सक्षम होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहते हैं। इनका व्यक्तित्व गंभीर, अनुशासित और जिम्मेदार माना जाता है। यही कारण है कि ऐसे लोग अक्सर प्रशासन, राजनीति या बड़े पदों पर सफलता प्राप्त करते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस योग का प्रभाव केवल ग्रहों की स्थिति पर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के कर्मों पर भी निर्भर करता है। यदि व्यक्ति मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास करता है, तो शनि की सकारात्मक ऊर्जा और अधिक प्रभावी हो जाती है। यही कारण है कि शनि को “धीरे परिणाम देने वाला लेकिन स्थायी सफलता देने वाला ग्रह” कहा जाता है। यह भी माना जाता है कि हर व्यक्ति की कुंडली में यह योग नहीं बनता, लेकिन शनि की शुभ स्थिति किसी भी व्यक्ति के जीवन में सुधार ला सकती है। सही कर्म और अनुशासन के साथ व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है, भले ही ग्रहों की स्थिति सामान्य क्यों न हो। कुल मिलाकर शश राजयोग यह संदेश देता है कि शनि से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसे समझने और सही तरीके से अपनाने की जरूरत है। यह योग इस बात का प्रतीक है कि मेहनत, धैर्य और समय का सही संतुलन किसी भी व्यक्ति को बड़ी सफलता तक पहुंचा सकता है और साधारण जीवन को भी असाधारण बना सकता है।
ASHOKNAGAR CENSUS: अशोकनगर में जनगणना कार्य की रफ्तार तेज, कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण

HIGHLIGHTS: कलेक्टर ने दुर्गा कॉलोनी व रांवसर में किया निरीक्षण मोबाइल ऐप “Census 2027-HLO” से हो रहा डेटा संग्रह 34 बिंदुओं पर दर्ज हो रही जनगणना जानकारी 1 मई से 30 मई तक चल रहा पहला चरण सभी घरों को शामिल करने के सख्त निर्देश ASHOKNAGAR CENSUS: मध्यप्रदेश। अशोकनगर जिले में चल रहे जनगणना कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी साकेत मालवीय ने 6 मई को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र की दुर्गा कॉलोनी और ग्राम रांवसर में पहुंचकर मौके पर प्रगणकों से मकान गणना कार्य करवाया और पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा। कलेक्टर ने डेटा एंट्री और फील्ड वर्क की वास्तविक स्थिति का भी मूल्यांकन किया। CHC Infection Risk: मरीजों की जान से खिलवाड़! भांडेर स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा ऐप से हो रहा डिजिटल डेटा कलेक्ट निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रगणकों द्वारा उपयोग किए जा रहे मोबाइल ऐप “Census 2027-HLO” की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जानकारियां सटीक और समय पर दर्ज की जाएं। इस चरण में मकान सूचीकरण और गणना कार्य के तहत 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर डेटा एकत्र किया जा रहा है, जिससे जिले की जनसंख्या और आवासीय स्थिति का सही आकलन किया जा सके। समयसीमा और गुणवत्ता पर जोर कलेक्टर साकेत मालवीय ने स्पष्ट कहा कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी घर, परिवार या व्यक्ति गणना से छूटना नहीं चाहिए। साथ ही पर्यवेक्षकों को नियमित फील्ड मॉनिटरिंग कर कार्य की समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। बदले हुए अंदाज में दिखे संजू सैमसन, शानदार फॉर्म पर दीप दासगुप्ता ने की जमकर तारीफ पहला चरण 30 मई तक जनगणना निदेशालय के अनुसार जिले में पहला चरण 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से जानकारी एकत्र कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।
CHC Infection Risk: मरीजों की जान से खिलवाड़! भांडेर स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा

HIGHLIGHTS: डिलीवरी उपकरण बिना स्टरलाइजेशन इस्तेमाल के आरोप प्रसूताओं और नवजातों में संक्रमण का खतरा ऑटो-क्लेव प्रक्रिया नहीं अपनाने की शिकायत सेप्सिस और गंभीर इन्फेक्शन का खतरा जांच के आदेश, कार्रवाई की बात CHC Infection Risk: मध्यप्रदेश। दतिया जिले के भांडेर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के बाद इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के स्टरलाइजेशन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। बता दें कि अस्पताल पर आरोप है कि वहां प्रसव के बाद उपकरणों को सही तरीके से कीटाणुमुक्त नहीं किया जा रहा, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइट में अफरा-तफरी, पावर बैंक में आग लगने से मचा हड़कंप.. प्रोटोकॉल के बावजूद नहीं हो रहा पालन स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, हर डिलीवरी के बाद सभी मेडिकल उपकरणों का ऑटो-क्लेव के जरिए स्टरलाइजेशन जरूरी होता है। लेकिन यदि इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है। शपथ समारोह को लेकर बंगाल में जोश, 9 मई को नई सरकार ले सकती है शपथ, असम में भी तैयारियां शुरू संक्रमण और सेप्सिस का खतरा बढ़ा विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना स्टरलाइजेशन उपकरणों के उपयोग से प्रसूताओं में सेप्सिस, टांकों में संक्रमण और तेज बुखार जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। वहीं नवजात शिशुओं में भी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है। MINOR GIRL RAPED: अशोकनगर में हिंदू लड़की से दुष्कर्म, धर्मपरिवर्तन कराने की साजिश; मुस्लिम आरोपी गिरफ्तार जांच के आदेश, लोगों में नाराजगी अस्पताल सूत्रों के अनुसार यह साफ नहीं है कि ऑटो-क्लेव मशीन खराब है या स्टाफ की कमी है, लेकिन इस लापरवाही ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। मामले में सीएमएचओ ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
EV Battery Recycling: ईवी बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए 169 करोड़ रुपए का फंड जारी, 15 सितंबर तक मांगे गए प्रस्ताव।

EV Battery Recycling: नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ ने अपनी रणनीतिक और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाते हुए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरियों की रीसाइक्लिंग के लिए तीसरी संयुक्त पहल का आगाज किया है। भारत-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) के तत्वावधान में शुरू किया गया यह कार्यक्रम मुख्य रूप से ‘ग्रीन और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी’ पर केंद्रित है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य ईवी सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती यानी इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों के सुरक्षित निपटान और उनमें मौजूद कीमती खनिजों की रिकवरी का समाधान खोजना है। इस पहल के लिए करीब 169 करोड़ रुपए का विशाल फंड आवंटित किया गया है, जिसमें यूरोपीय संघ के ‘होराइजन यूरोप’ प्रोग्राम और भारत के भारी उद्योग मंत्रालय का महत्वपूर्ण सहयोग शामिल है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी प्राथमिकता लिथियम, ग्रेफाइट और कोबाल्ट जैसे दुर्लभ और कीमती पदार्थों को बैटरी से निकालने के लिए आधुनिक और प्रभावी तकनीकों का विकास करना है। वर्तमान में इन खनिजों के लिए आयात पर भारी निर्भरता है, जिसे यह पहल कम करने में मददगार साबित होगी। योजना के तहत प्रस्ताव भेजने के इच्छुक नवाचारियों और शोधकर्ताओं के लिए 15 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसके अलावा, सुरक्षित डिजिटल सिस्टम के जरिए बैटरियों के कलेक्शन को बेहतर बनाने और नई तकनीकों के व्यावहारिक परीक्षण के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट्स को भी प्राथमिकता दी जाएगी। ASHOKNAGAR CENSUS: अशोकनगर में जनगणना कार्य की रफ्तार तेज, कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण इस पहल का एक मुख्य आकर्षण भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट की स्थापना है। यहाँ नई रीसाइक्लिंग तकनीकों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा ताकि उन्हें जल्द से जल्द औद्योगिक स्तर पर लागू किया जा सके। यह कार्यक्रम न केवल उच्च रिकवरी दर हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि बैटरियों के दोबारा उपयोग (सेकंड लाइफ) की संभावनाओं को भी तलाशेगा। इससे एक मजबूत ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ का निर्माण होगा, जहाँ संसाधनों की बर्बादी न्यूनतम होगी और पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुँचेगा। भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने इस कदम को भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की मजबूती का प्रतीक बताया है। उनका मानना है कि बढ़ते ईवी बाजार के साथ एक प्रभावी रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम बनाना समय की मांग है। वहीं, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन और यूरोपीय आयोग के अनुसंधान महानिदेशक मार्क लेमैत्रे ने भी इस साझेदारी को वैश्विक हरित बदलाव के लिए अनिवार्य बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।
CHANDIGARH AIRPORT FIRE: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइट में अफरा-तफरी, पावर बैंक में आग लगने से मचा हड़कंप..

CHANDIGARH AIRPORT FIRE: नई दिल्ली। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उस समय हुई जब हैदराबाद से आई फ्लाइट लैंड कर चुकी थी और यात्री विमान से उतरने की तैयारी कर रहे थे। अचानक केबिन में धुआं फैलने लगा, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और तुरंत इमरजेंसी स्थिति पैदा हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लग गई, जिसके बाद धुआं तेजी से पूरे केबिन में फैल गया। स्थिति बिगड़ते देख क्रू मेंबर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य संभाला। इस घटना में कुल 6 यात्री घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि इस घटना ने यात्रियों में दहशत का माहौल जरूर पैदा कर दिया। यह मामला अब विमान सुरक्षा नियमों की ओर एक बार फिर ध्यान खींच रहा है। पावर बैंक जैसे उपकरण, जिन्हें यात्री रोजमर्रा की जरूरत के लिए साथ रखते हैं, फ्लाइट सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। खासकर लिथियम बैटरी वाले डिवाइस में आग लगने का जोखिम अधिक होता है, जो विमान के सीमित और बंद वातावरण में गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। विमानन सुरक्षा नियामक संस्था द्वारा पहले ही इस संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। नियमों के अनुसार, पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज में रखने की अनुमति है और इसे किसी भी स्थिति में ओवरहेड स्टोरेज में नहीं रखा जाना चाहिए। इसके अलावा उड़ान के दौरान पावर बैंक से किसी भी डिवाइस को चार्ज करने पर भी प्रतिबंध है। इन नियमों का उद्देश्य उड़ान के दौरान संभावित आग या तकनीकी खराबी की स्थिति को रोकना है। साथ ही एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी लगातार देती रहें और उन्हें संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करें। इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यात्री सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है। फिलहाल एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस घटना की विस्तृत जांच में जुटी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पावर बैंक में आग लगने की असली वजह क्या थी। यह घटना विमानन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता की ओर संकेत करती है।
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में सत्ता समीकरण बदले, TVK के साथ आई कांग्रेस, भाजपा को दूर रखने की शर्त…

Tamil Nadu Politics: नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है, जहां कांग्रेस ने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को सरकार गठन के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के साथ राज्य की राजनीति में गठबंधन समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं और लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक गठजोड़ों में दरार की स्थिति भी बन गई है। कांग्रेस द्वारा लिए गए इस फैसले को तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह समर्थन कुछ शर्तों के साथ दिया गया है, जिसमें सबसे अहम शर्त यह है कि सरकार में किसी भी तरह की सांप्रदायिक ताकतों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। इस निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में नए गठबंधन की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं। TVK ने हालिया राजनीतिक परिदृश्य में मजबूत प्रदर्शन करते हुए विधानसभा में उल्लेखनीय सीटें हासिल की हैं। पार्टी को 100 से अधिक सीटों पर सफलता मिली है, जिससे वह सरकार गठन की स्थिति में पहुंच गई है, लेकिन बहुमत के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में कांग्रेस का समर्थन उसके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। CHC Infection Risk: मरीजों की जान से खिलवाड़! भांडेर स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा इस नए राजनीतिक समीकरण का सबसे बड़ा असर कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पुराने गठबंधन पर पड़ता दिखाई दे रहा है। दोनों दल पिछले कई वर्षों से एक साथ राजनीति करते रहे हैं, लेकिन इस नए घटनाक्रम के बाद उनके रिश्तों में दूरी की स्थिति बनती नजर आ रही है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि औपचारिक तौर पर बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जनता ने इस बार एक ऐसी सरकार के पक्ष में मतदान किया है जो धर्मनिरपेक्ष और विकासोन्मुख हो। इसी आधार पर TVK को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका समर्थन तमिलनाडु में एक स्थिर और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित सरकार के गठन के लिए है। TVK की ओर से कांग्रेस से समर्थन की औपचारिक अपील की गई थी, जिसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस पर विचार किया और तमिलनाडु इकाई को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया। राज्य इकाई और विधायक दल की बैठक के बाद इस समर्थन पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस नए गठबंधन को केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे भविष्य की राजनीति का संकेत भी माना जा रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर लोकसभा और राज्यसभा चुनावों तक इस गठबंधन का असर देखने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सकता है, जहां पारंपरिक गठबंधन समीकरण बदलते दिखाई देंगे। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति और अधिक प्रतिस्पर्धी और अप्रत्याशित हो सकती है।
West Bengal politics: शपथ समारोह को लेकर बंगाल में जोश, 9 मई को नई सरकार ले सकती है शपथ, असम में भी तैयारियां शुरू

West Bengal politics: नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और असम में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलते समीकरणों की ओर संकेत कर रहे हैं। दोनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। एक ओर पश्चिम बंगाल में शपथ समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर असम में भी नई राजनीतिक व्यवस्था के गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियों ने अंतिम रूप ले लिया है। राजधानी कोलकाता के प्रमुख मैदान में होने वाले इस समारोह को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह सुबह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं और आमंत्रित अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि में यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से एक ही दल का शासन रहा है। हालिया चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति को एक नई दिशा दी है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। इधर असम में भी राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है, जिससे नई व्यवस्था के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। ASHOKNAGAR CENSUS: अशोकनगर में जनगणना कार्य की रफ्तार तेज, कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण अधिकारियों के अनुसार, राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक व्यवस्था जारी रखने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद अब राजनीतिक दलों में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, असम में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर भी तैयारी चल रही है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस समारोह में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है, जिससे कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों राज्यों में हो रहे इन राजनीतिक परिवर्तनों को आने वाले समय की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। जहां एक ओर नई सरकारें अपनी प्राथमिकताओं और योजनाओं के साथ सत्ता में कदम रखने जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक ढांचे में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं है, बल्कि नीति और प्रशासनिक दृष्टिकोण में भी एक नई शुरुआत का संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकारें जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतर पाती हैं और अपने वादों को किस तरह से अमल में लाती हैं।
ICC rankings: ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

ICC rankings: नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट की ताजा रैंकिंग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय बल्लेबाज इस प्रारूप में लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। बल्लेबाजों की सूची में Abhishek Sharma शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि Ishan Kishan दूसरे स्थान पर मजबूती से जमे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कम होने के बावजूद इन खिलाड़ियों की रैंकिंग में कोई गिरावट नहीं आई है। बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के Sahibzada Farhan हैं। इसके बाद इंग्लैंड के Phil Salt और श्रीलंका के Pathum Nissanka क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज Tilak Varma और कप्तान Suryakumar Yadav भी शीर्ष दस में शामिल हैं, जो टीम की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है। गेंदबाजी रैंकिंग में भी प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी हुई है। अफगानिस्तान के Rashid Khan पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि भारत के Varun Chakravarthy दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के Abrar Ahmed तीसरे और इंग्लैंड के Adil Rashid चौथे स्थान पर काबिज हैं। भारत के Jasprit Bumrah भी शीर्ष पांच गेंदबाजों में शामिल हैं, जो उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी का प्रमाण है। CHC Infection Risk: मरीजों की जान से खिलवाड़! भांडेर स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा इस बार की रैंकिंग में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की प्रगति खास चर्चा में रही है। हाल ही में खेले गए मुकाबलों में अच्छे प्रदर्शन के चलते उनके कई खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। बल्लेबाजी में Towhid Hridoy ने उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जबकि गेंदबाजी में Mehidy Hasan Miraz और Shoriful Islam ने भी अपनी रैंकिंग को बेहतर किया है। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी इस सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। Ben Sears ने रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं Ish Sodhi ने भी अपने प्रदर्शन के दम पर ऊपर की ओर बढ़त बनाई है। खास बात यह रही कि सोढ़ी ने टी20 क्रिकेट में अपने देश के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है, जो उनकी लंबे समय से बनी निरंतरता को दर्शाता है। वर्तमान समय में विभिन्न घरेलू टी20 लीगों का आयोजन जारी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मैच सीमित हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और हालिया सीरीज के आधार पर रैंकिंग में बदलाव देखने को मिल रहा है। यह ताजा रैंकिंग स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय टीम के खिलाड़ी इस प्रारूप में लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की संख्या बढ़ने के साथ इन रैंकिंग में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की संभावना है।
IPL 2026: आईपीएल में कुलदीप यादव का संघर्ष जारी, कोच का भरोसा कायम-वापसी की उम्मीद बरकरार

IPL 2026: नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में दिल्ली की टीम के लिए खेल रहे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव इस समय कठिन दौर से गुजरते नजर आ रहे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से लेकर अब तक उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे टीम की गेंदबाजी इकाई पर असर पड़ा है। इसके बावजूद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। हाल ही में खेले गए मुकाबले में भी कुलदीप यादव अपनी पहचान के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने सीमित ओवरों में रन तो दिए, लेकिन विकेट लेने में सफल नहीं हो पाए। यह स्थिति पूरे सीजन में कई बार देखने को मिली है, जहां वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में संघर्ष करते नजर आए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सीजन में उनके विकेट लेने की गति और प्रभाव दोनों में कमी आई है, जो उनके सामान्य प्रदर्शन से अलग है। टीम के कोच ने इस स्थिति को लेकर संतुलित प्रतिक्रिया दी है और इसे केवल फॉर्म से जुड़ा मामला बताया है। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा समय आता है, जब वह अपनी लय से भटक जाता है, लेकिन सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के साथ वह फिर से वापसी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुलदीप एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और उन्होंने पहले भी कठिन परिस्थितियों से उबरकर शानदार प्रदर्शन किया है। CHANDIGARH AIRPORT FIRE: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइट में अफरा-तफरी, पावर बैंक में आग लगने से मचा हड़कंप.. कोच ने यह संकेत भी दिया कि फिलहाल कुलदीप की गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आ रही है, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। हालांकि उन्होंने इसे अस्थायी स्थिति बताते हुए कहा कि आने वाले मैचों में सुधार की पूरी संभावना है। टीम प्रबंधन लगातार उनके साथ काम कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने पर जोर दे रहा है। दूसरी ओर, टीम के कप्तान अक्षर पटेल का प्रदर्शन भी बल्लेबाजी में खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। इस पर भी कोच ने भरोसा जताते हुए कहा कि अनुभवी खिलाड़ी हमेशा अपने खेल में सुधार करने का रास्ता खोज लेते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि टीम के सभी खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हर मैच अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए टीम को लगातार जीत हासिल करनी होगी। ऐसे में प्रमुख खिलाड़ियों का फॉर्म में लौटना बेहद जरूरी है, क्योंकि उनके प्रदर्शन पर ही टीम की सफलता काफी हद तक निर्भर करती है। आईपीएल 2026 में अहम भिड़ंत, कमजोर फॉर्म वाली एलएसजी के सामने मजबूत आरसीबी की चुनौती कुल मिलाकर, टीम का रुख यह दर्शाता है कि वह अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ी है और मुश्किल समय में उनका मनोबल बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले मैचों में कुलदीप यादव किस तरह प्रदर्शन करते हैं और क्या वह अपनी पुरानी लय में लौटकर टीम के लिए अहम योगदान दे पाते हैं।
बदले हुए अंदाज में दिखे संजू सैमसन, शानदार फॉर्म पर दीप दासगुप्ता ने की जमकर तारीफ

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में संजू सैमसन का प्रदर्शन इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उनकी बल्लेबाजी में जो आत्मविश्वास और निरंतरता नजर आ रही है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ पूर्व खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है। हाल ही में खेली गई उनकी एक शानदार पारी ने यह साबित कर दिया कि वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दिल्ली के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सैमसन ने नाबाद 87 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वह शुरुआत से ही नियंत्रण में नजर आए और अंत तक टिके रहे। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने उनके इस प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब वही रूप देखने को मिल रहा है, जिसकी उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी। पहले सैमसन की बल्लेबाजी में प्रतिभा तो नजर आती थी, लेकिन निरंतरता की कमी उन्हें पीछे रखती थी। अब यह कमी दूर होती दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में सैमसन ने बड़े मुकाबलों में खुद को साबित किया है और दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया है। यह बदलाव उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और बताता है कि वह अब एक परिपक्व खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं। दिल्ली के खिलाफ मैच में उनकी बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा लगा जैसे वह बाकी खिलाड़ियों से अलग स्तर पर खेल रहे हों। उन्होंने गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में रखा और अपनी टीम को लक्ष्य तक आसानी से पहुंचाया। सीजन की शुरुआत उनके लिए कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन उन्होंने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। इसके बाद से उन्होंने लगातार अच्छी पारियां खेली हैं, जिसमें शतक और अर्धशतक शामिल हैं। उनकी इस वापसी ने टीम को भी मजबूती दी है। टीम की सफलता में सैमसन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। उनकी बल्लेबाजी के दम पर टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले जीते हैं और उन्होंने कई बार मैच का रुख अपने पक्ष में किया है। संजू सैमसन का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। यदि वह इसी तरह अपने खेल को बनाए रखते हैं, तो आने वाले समय में वह और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं और टीम के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं।