HIGHLIGHTS:
- डिलीवरी उपकरण बिना स्टरलाइजेशन इस्तेमाल के आरोप
- प्रसूताओं और नवजातों में संक्रमण का खतरा
- ऑटो-क्लेव प्रक्रिया नहीं अपनाने की शिकायत
- सेप्सिस और गंभीर इन्फेक्शन का खतरा
- जांच के आदेश, कार्रवाई की बात
CHC Infection Risk: मध्यप्रदेश। दतिया जिले के भांडेर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के बाद इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के स्टरलाइजेशन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। बता दें कि अस्पताल पर आरोप है कि वहां प्रसव के बाद उपकरणों को सही तरीके से कीटाणुमुक्त नहीं किया जा रहा, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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प्रोटोकॉल के बावजूद नहीं हो रहा पालन
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, हर डिलीवरी के बाद सभी मेडिकल उपकरणों का ऑटो-क्लेव के जरिए स्टरलाइजेशन जरूरी होता है। लेकिन यदि इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
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संक्रमण और सेप्सिस का खतरा बढ़ा
विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना स्टरलाइजेशन उपकरणों के उपयोग से प्रसूताओं में सेप्सिस, टांकों में संक्रमण और तेज बुखार जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। वहीं नवजात शिशुओं में भी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है।
जांच के आदेश, लोगों में नाराजगी
अस्पताल सूत्रों के अनुसार यह साफ नहीं है कि ऑटो-क्लेव मशीन खराब है या स्टाफ की कमी है, लेकिन इस लापरवाही ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। मामले में सीएमएचओ ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।