शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है कई गंभीर समस्याएं, जानें इसके संकेत और बचाव

नई दिल्ली। शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए इसका संतुलन बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है, जो धीरे-धीरे कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है। पानी की कमी का सबसे पहला असर शरीर की ऊर्जा पर पड़ता है। व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस हो सकती है। कई मामलों में ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत आने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। त्वचा पर भी डिहाइड्रेशन का सीधा असर दिखाई देता है। पानी की कमी से त्वचा रूखी, बेजान और डल हो सकती है। साथ ही होंठ फटने और आंखों के नीचे काले घेरे बढ़ने की समस्या भी देखी जा सकती है। पाचन तंत्र पर भी इसका असर पड़ता है। पर्याप्त पानी न पीने से कब्ज, पेट भारी लगना और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पानी आंतों के सुचारू कामकाज में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी कमी पाचन को धीमा कर देती है। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी से सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। गंभीर स्थिति में डिहाइड्रेशन रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। आमतौर पर 7-8 गिलास पानी रोजाना पीने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह व्यक्ति की उम्र, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है। पानी की कमी से बचने के लिए सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, फलों का जूस और पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खीरा और संतरा भी डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है। गर्मियों के मौसम में पसीना ज्यादा निकलने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष रूप से पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए। सही मात्रा में पानी पीना न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि त्वचा, पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
शर्मिला टैगोर और रवींद्रनाथ टैगोर के बीच क्या है रिश्ता? बेटी सोहा अली खान ने बताया पूरा सच

नई दिल्ली। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का सरनेम हमेशा चर्चा का विषय रहा है। कई लोग अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि क्या उनका सीधा संबंध महान साहित्यकार और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से है। इस जिज्ञासा पर अब उनकी बेटी और अभिनेत्री सोहा अली खान ने विस्तार से जानकारी दी है। सोहा अली खान ने बताया कि टैगोर परिवार का रिश्ता रवींद्रनाथ टैगोर के विस्तृत वंश से जुड़ा हुआ है, लेकिन यह कोई सीधा पिता-पुत्र या नजदीकी रक्त संबंध नहीं है। दरअसल, शर्मिला टैगोर का संबंध टैगोर परिवार की उस शाखा से है, जो ऐतिहासिक रूप से बंगाल के प्रतिष्ठित टैगोर वंश का हिस्सा रही है। इस वंश में कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़े कई महान व्यक्तित्व शामिल रहे हैं। सोहा ने यह भी बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार की कई पीढ़ियों में अलग-अलग शाखाएं विकसित हुईं, जिनमें से कुछ कला और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ीं। शर्मिला टैगोर का सरनेम उसी व्यापक सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा माना जाता है, न कि रवींद्रनाथ टैगोर के सीधे वंश का। रवींद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य के सबसे महान नामों में से एक हैं, जिन्होंने न केवल ‘गीतांजलि’ जैसी अमर रचनाएं दीं, बल्कि भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान भी लिखे। ऐसे में उनके नाम से जुड़ी किसी भी विरासत को लेकर लोगों की उत्सुकता स्वाभाविक है। इसी वजह से शर्मिला टैगोर के नाम को लेकर भी अक्सर सवाल उठते रहे हैं। सोहा अली खान ने यह भी कहा कि उनके परिवार में सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत बहुत मजबूत रही है, लेकिन हर पीढ़ी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। शर्मिला टैगोर ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग मुकाम हासिल किया, जबकि उनका सरनेम ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा भर है। गौरतलब है कि शर्मिला टैगोर भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने अपने दौर में ग्लैमर और क्लासिक सिनेमा दोनों में संतुलन बनाए रखा। वहीं सोहा अली खान भी अपने इंटरव्यू और पॉडकास्ट के जरिए परिवार, रिश्तों और विरासत पर खुलकर बात करती रही हैं। इस खुलासे के बाद यह साफ हो जाता है कि टैगोर सरनेम एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, न कि किसी सीधे पारिवारिक रिश्ते का प्रमाण।
सीढ़ियों पर बैठकर रो रही थीं मोना कपूर, श्रीदेवी-बोनी कपूर की जुदाई के बीच का दर्दनाक किस्सा आया सामने

नई दिल्ली। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘जुदाई’ (1997) आज भी अपने दमदार कहानी और सुपरहिट गानों के लिए याद की जाती है। अनिल कपूर, श्रीदेवी और उर्मिला मातोंडकर स्टारर इस फिल्म को राज कंवर ने डायरेक्ट किया था, जबकि इसके निर्माता बोनी कपूर थे। लेकिन इसी फिल्म से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री के अंदरूनी रिश्तों की एक अलग ही तस्वीर पेश की है। फिल्म का मशहूर गाना ‘मुझे एक पल चैन ना आए’ उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था, जिसे जसपिंदर नरूला ने अपनी आवाज दी थी। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जसपिंदर ने इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय का एक बेहद इमोशनल अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वह समय उनके लिए जितना पेशेवर था, उतना ही भावनात्मक रूप से जटिल भी था। जसपिंदर नरूला के अनुसार, उसी दौरान बोनी कपूर और श्रीदेवी की नजदीकियां चर्चा में थीं और इसी बीच बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर निजी तौर पर बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। सिंगर ने बताया कि बाद में उनकी मोना कपूर से अच्छी दोस्ती हो गई थी और उन्होंने उस समय के दर्द को उनके साथ साझा किया था। जसपिंदर ने बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि जब वह स्टूडियो में यह गाना रिकॉर्ड कर रही थीं, तब उनकी निजी जिंदगी टूटने की कगार पर थी। उन्होंने भावुक होकर कहा था कि “जब अंदर गाना रिकॉर्ड हो रहा था, तब बाहर उनका घर टूट रहा था।” इस दौरान वह स्टूडियो की सीढ़ियों पर बैठकर रोती रहीं। सिंगर के मुताबिक, यह वही दौर था जब उन्हें इस पूरी स्थिति की सच्चाई का पता चला था। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए भी बेहद भावनात्मक था, क्योंकि संगीत रिकॉर्डिंग के दौरान खुशी और दर्द दोनों एक साथ महसूस हो रहे थे। जसपिंदर ने यह भी बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि उस समय उनके जीवन में भावनात्मक उथल-पुथल इतनी ज्यादा थी कि वह खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। बावजूद इसके, जीवन आगे बढ़ता रहा और समय के साथ सब कुछ बदलता गया। इस खुलासे ने एक बार फिर फिल्म ‘जुदाई’ से जुड़े उस दौर की निजी कहानियों को सामने ला दिया है, जो पर्दे के पीछे काफी जटिल और भावनात्मक थीं। जहां एक तरफ फिल्म और उसके गाने सफलता के नए कीर्तिमान बना रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई निजी रिश्ते टूटने की कगार पर थे। यह किस्सा न सिर्फ बॉलीवुड के उस दौर की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्लैमर और सफलता के पीछे कई बार गहरे दर्द और व्यक्तिगत संघर्ष छिपे होते हैं।
ऋषि कपूर की मौत के बाद गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं नीतू कपूर, शराब और नींद की दिक्कतों का किया खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री नीतू कपूर ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पति ऋषि कपूर के निधन के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चली गई थीं। यह वह समय था जब उनके जीवन में खालीपन और दर्द इतना बढ़ गया था कि वह सामान्य जीवन जीने में भी असमर्थ हो गई थीं। नीतू कपूर ने बताया कि ऋषि कपूर के जाने के बाद वह कई दिनों तक ठीक से सो नहीं पाई थीं। लगातार नींद की कमी और मानसिक तनाव के चलते उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। इसी दौरान वह शराब पर निर्भर होने लगी थीं, जिससे उनकी स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि वह उस समय खुद को संभाल नहीं पा रही थीं और यह दौर उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। रात के करीब 11 बजे डॉक्टर उनके घर आते थे और उन्हें नींद लाने के लिए इंजेक्शन दिया जाता था। यह सिलसिला लगभग 10 दिनों तक चला। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा। नीतू कपूर ने कहा कि उस समय वह खुद को मानसिक रूप से बहुत कमजोर महसूस कर रही थीं और उन्हें अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। इसी बीच फिल्ममेकर करण जौहर ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें दोबारा काम पर लौटना चाहिए। उनका मानना था कि काम पर वापसी करने से नीतू कपूर को भावनात्मक सहारा मिलेगा और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट पाएंगी। इसके बाद नीतू कपूर ने फिल्म ‘जुग-जुग जियो’ से वापसी की। हालांकि इस फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें इस बात के लिए आलोचना की कि पति के निधन के कुछ समय बाद ही उन्होंने काम शुरू कर दिया। इस पर नीतू कपूर ने कहा कि लोगों को उनके दर्द और मानसिक स्थिति की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे गलत धारणा बना बैठे। नीतू कपूर ने कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री में इसलिए लौटीं क्योंकि उन्हें खुद को दोबारा मजबूत बनाना था। काम उनके लिए थेरेपी की तरह था, जिससे वह धीरे-धीरे अपने दर्द से बाहर निकल सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि ऋषि कपूर के साथ बिताए गए वर्षों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया, लेकिन उनके जाने के बाद जीवन को फिर से संभालना आसान नहीं था। गौरतलब है कि नीतू कपूर ने ऋषि कपूर से शादी के बाद लंबे समय तक फिल्मों से दूरी बना ली थी। उन्होंने 1980 में शादी की थी और 1983 में उनकी आखिरी फिल्म ‘गंगा मेरी मां’ रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 26 साल का लंबा ब्रेक लिया और 2009 में ‘लव आज कल’ से वापसी की। आज नीतू कपूर न सिर्फ एक अनुभवी अभिनेत्री के रूप में काम कर रही हैं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी के अनुभवों से भी लोगों को प्रेरित कर रही हैं। उनका यह खुलासा यह दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे भी कई गहरे और भावनात्मक संघर्ष छिपे होते हैं।
रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर….. ट्रंप ने लिया क्रेडिट… बोले- 3 दिन सभी सैन्य गतिविधियों पर रहेगी रोक

वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine) में फरवरी, 2022 से ही लड़ाई जारी है. दोनों देश अब सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने यह युद्ध रुकवाने का क्रेडिट लेते हुए यह ऐलान किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में 9 से 11 मई तक तीन दिन सीजफायर रहेगा.सीजफायर के दौरान सभी सैन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे की क्रेमलिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr Zelensky) ने पुष्टि कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर इस सीजफायर का ऐलान किया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह घोषणा करते हुए प्रसन्न हूं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तीन दिन (9, 10 और 11 मई) सीजफायर रहेगा। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा है कि रूस में यह जश्न विजय दिवस के लिए है और यूक्रेन के लिए भी, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के समय वह भी इसका हिस्सा था. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी ऐलान किया कि दोनों देश एक-दूसरे के एक हजार कैदियों की अदला-बदली करने पर भी सहमत हो गए हैं। रूस के ड्रोन हमलों से यूक्रेन में तबाही की तस्वीरेंअमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए कहा है कि यह अनुरोध सीधे मेरी ओर से किया गया था. उन्होंने अपना सीजफायर का अनुरोध स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की की तारीफ भी की. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट में यह उम्मीद भी जताई है कि यह सीजफायर लंबे, घातक और कठिन लड़ाई के अंत की शुरुआत साबित होगा. उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी लड़ाई खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और हम हर रोज समाधान के और करीब पहुंच रहे हैं. क्रेमलिन ने ट्रंप के दावे की पुष्टि कर दी है. आईएफक्स के मुताबिक क्रेमलिन ने कहा है कि रूस ने ट्रंप की ओर से प्रस्तावित सीजफायर पर सहमति जताई है. क्रेमलिन की ओर से यह भी कहा गया है कि रूस ने इस बात के लिए भी सहमति दे दी है कि युद्धबंदियों की अदला-बदली की जाएगी. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की ने भी ट्रंप के ऐलान की पुष्टि करते हुए कहा है कि रूस के साथ एक हजार कैदियों की अदला-बदली की जाएगी.
MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ताओं ने एक व्यस्त चौराहे को जाम कर दिया. यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब एक महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी (Female Traffic Police Officer) ने कथित तौर पर पार्टी के एक नेता को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के बाद पुलिस बल के तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। BJP नेता वीरेंद्र शेंडगे ने पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब वह अपने दोपहिया वाहन पर थे और महू नाका चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल के हरे से लाल होने से पहले उसे पार करने की कोशिश कर रहे थे। शेंडगे ने दावा किया कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया। शेंडगे, जो यहां BJP के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के प्रभारी हैं, ने कहा, “मैं अपने मोबाइल फोन पर बात नहीं कर रहा था. जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की और थप्पड़ मारे जाने पर आपत्ति जताई, तो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.” बाद में, BJP कार्यकर्ताओं ने शेंडगे के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए, जिसमें उन्होंने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया. कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़क जाम करने के लिए पुलिस बैरिकेड्स का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुप्रिया चौधरी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस थाने की प्रभारी राधा यादव को कथित लापरवाही के आरोप में फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि सूबेदार (सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी) लक्ष्मी धार्वे और कांस्टेबल शेखर गावड़े को निलंबित कर दिया गया है। ACP शिवेंदु जोशी ने बताया कि घटना के संबंध में CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विराट कोहली से टेलर स्विफ्ट तक, अचानक क्यों घटने लगे करोड़ों फॉलोअर्स? सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप

नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नई हलचल देखने को मिल रही है। इंस्टाग्राम पर अचानक कई बड़े सेलिब्रिटीज और कंटेंट क्रिएटर्स के फॉलोअर्स कम होने लगे हैं, जिसके बाद इंटरनेट पर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड और खेल जगत तक के कई बड़े नाम इस बदलाव से प्रभावित हुए हैं। विराट कोहली, प्रियंका चोपड़ा, टेलर स्विफ्ट, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, सेलेना गोमेज, काइली जेनर, जस्टिन बीबर और बेयॉन्से जैसे सुपरस्टार्स के लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स घटने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक विराट कोहली के करीब 20 लाख फॉलोअर्स कम हुए हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा के करीब 10 लाख फॉलोअर्स घटे हैं। वहीं टेलर स्विफ्ट के करीब 40 लाख और फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लगभग 60 लाख फॉलोअर्स कम होने की चर्चा है। अचानक हुए इस बड़े बदलाव ने सोशल मीडिया यूजर्स को चौंका दिया है। हालांकि इसके पीछे की वजह भी अब सामने आने लगी है। माना जा रहा है कि इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म पर फेक, बॉट और लंबे समय से इनएक्टिव पड़े अकाउंट्स को हटाने का अभियान चला रही है। इसी क्लीनअप के कारण कई अकाउंट्स के फॉलोअर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मेटा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम समय-समय पर प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठाता रहता है। फेक अकाउंट्स और बॉट्स की वजह से एंगेजमेंट और फॉलोअर काउंट की वास्तविक तस्वीर प्रभावित होती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह का डिजिटल क्लीनअप जरूरी माना जाता है। इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि इससे असली लोकप्रियता का पता चलेगा और फेक फॉलोअर्स के सहारे सोशल मीडिया पर प्रभाव दिखाने वालों की सच्चाई सामने आएगी। वहीं कुछ यूजर्स इसे इंस्टाग्राम का बड़ा एल्गोरिदम अपडेट मान रहे हैं। फिलहाल फॉलोअर्स कम होने के बावजूद कई सेलेब्स अब भी सोशल मीडिया पर बेहद मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर अभी भी 273 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा के करीब 92.9 मिलियन फॉलोअर्स मौजूद हैं। वहीं प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। लंबे समय बाद वह हिंदी सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर काफी उत्साह है, जिसमें उनके साथ महेश बाबू नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। प्रियंका ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी एक्साइटमेंट भी जाहिर की थी। सोशल मीडिया की इस डिजिटल सफाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऑनलाइन लोकप्रियता की असली पहचान क्या है फॉलोअर्स की संख्या या दर्शकों का वास्तविक जुड़ाव।
MP: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में हिन्दुओं को मिले पूजा का अधिकार…. HC में हिन्दू पक्ष ने रखे तर्क

इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) के सामने शुक्रवार को धार की ऐतिहासिक भोजशाला (Historical Bhojshala) को लेकर एक अहम दलील पेश की गई. हिंदू याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को इस परिसर के मूल धार्मिक स्वरूप को बहाल करने का निर्देश दिया जाए और वहां केवल हिंदुओं को पूजा की अनुमति मिले। ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के वकील विष्णु शंकर जैन ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच के सामने ASI के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को कानून का उल्लंघन बताया। अभी हिंदुओं को मंगलवार को पूजा और मुस्लिमों को शुक्रवार को नमाज की अनुमति है. जैन ने कहा कि ‘प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958’ के तहत किसी भी स्मारक का उपयोग उसके मूल स्वरूप के विपरीत नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार, यह व्यवस्था हिंदुओं के मौलिक अधिकारों का हनन है। मंदिर बनाम मस्जिदयाचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी के वकील मनीष गुप्ता ने परिसर की बनावट पर बड़े सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि इस ढांचे में न तो कोई मीनार है और न ही वजूखाना, जो एक पारंपरिक मस्जिद की पहचान होते हैं. उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि भोजशाला एक जैन मंदिर था; उन्होंने कहा कि यह स्मारक असल में एक सरस्वती मंदिर है, जिसकी स्थापना 1034 ईस्वी में परमार वंश के राजा भोज ने की थी। मुस्लिम पक्ष और 1991 के कानून की दलीलमुस्लिम पक्ष ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए ‘पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991’ का सहारा लिया. 15 अगस्त 1947 को यह परिसर एक मस्जिद के रूप में अस्तित्व में था, इसलिए कानूनन इसके स्वरूप में बदलाव नहीं किया जा सकता। विष्णु शंकर जैन ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि भोजशाला एक ASI संरक्षित स्मारक है, इसलिए 1991 का अधिनियम इस पर लागू नहीं होता। हाई कोर्ट इस परिसर के धार्मिक स्वरूप से जुड़ी कुल पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर एक साथ सुनवाई कर रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है।
मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाजआईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं। अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमानमौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौतबिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
पाकिस्तान में भी छाया कपिल शर्मा का कॉमेडी जादू, 13 हफ्तों से नेटफ्लिक्स टॉप-10 में ट्रेंड कर रहा शो

नई दिल्ली। कॉमेडी की दुनिया में कपिल शर्मा का जलवा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी उनका शो जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रहा है। नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहा ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। खास बात यह है कि शो का चौथा सीजन पिछले 13 हफ्तों से पाकिस्तान में नेटफ्लिक्स की टॉप-10 ट्रेंडिंग लिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है। इससे साफ है कि कपिल की कॉमिक टाइमिंग और देसी अंदाज का जादू सरहद पार भी दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। फिलहाल यह शो पाकिस्तान की नेटफ्लिक्स टॉप-10 लिस्ट में 10वें स्थान पर ट्रेंड कर रहा है। हाल ही में रिलीज हुए एपिसोड में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया बतौर गेस्ट पहुंचे थे। दोनों ने कपिल शर्मा के साथ मजेदार बातचीत और ह्यूमर से भरपूर माहौल बनाया। एपिसोड में कई वायरल विवादों पर भी हल्के-फुल्के अंदाज में चर्चा हुई, जिसने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस एपिसोड की सबसे खास बात थी कॉमेडियन सुनील पाल की सरप्राइज एंट्री। सुनील पाल को अचानक मंच पर देखकर समय रैना भी चौंक गए। इसके बाद शो में मजाक और रोस्टिंग का ऐसा दौर चला, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया। सोशल मीडिया पर इस एपिसोड के कई क्लिप तेजी से वायरल हो रहे हैं। ‘द ग्रेट Indian कपिल शो’ का चौथा सीजन साल 2025 में शुरू हुआ था और इसमें अब तक कई बड़े सितारे नजर आ चुके हैं। पहले एपिसोड में प्रियंका चोपड़ा ने शिरकत की थी, जबकि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भी शो में पहुंचकर माहौल जमाया। इसके अलावा कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे, रानी मुखर्जी, विजय सेतुपति, एआर रहमान, शाहिद कपूर, वरुण धवन और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े नाम इस सीजन का हिस्सा बन चुके हैं। शो की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसका देसी ह्यूमर और फैमिली एंटरटेनमेंट माना जा रहा है। कपिल शर्मा की सहज कॉमेडी और दर्शकों से जुड़ने का अंदाज हर वर्ग को पसंद आता है। यही वजह है कि भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी लोग इस शो को बड़े चाव से देख रहे हैं। पाकिस्तान में सिर्फ कपिल शर्मा का शो ही नहीं, बल्कि अन्य हिंदी वेब शोज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई थ्रिलर स्पोर्ट्स ड्रामा सीरीज ‘ग्लोरी’ भी टॉप-10 में बनी हुई है। इसके अलावा कॉमेडी कोर्टरूम ड्रामा ‘मामला लीगल है’ का दूसरा सीजन भी लगातार ट्रेंड कर रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव ने अब मनोरंजन की सीमाओं को काफी हद तक खत्म कर दिया है। भाषा और देश की सीमाओं से आगे बढ़कर दर्शक अब अच्छे कंटेंट को पसंद कर रहे हैं। कपिल शर्मा का शो इसकी सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है, जिसने कॉमेडी के जरिए दोनों देशों के दर्शकों को जोड़ने का काम किया है।