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Temple Idol Vandalism: महामाई मंदिर की मूर्ति तोड़ने पर भड़के लोग, आरोपी को बिजली के पोल से बंधा

Temple Idol Vandalism

HIGHLIGHTS: अशोकनगर के गांव में देवी प्रतिमा खंडित निर्माणाधीन मंदिर में युवक ने पत्थर मारकर तोड़ी मूर्ति ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पोल से बांधा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल   Temple Idol Vandalism: मध्य प्रदेश। अशोकनगर जिले के घाट बमुरिया गांव में शुक्रवार को धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटना सामने आई। निर्माणाधीन महामाई मंदिर परिसर में रखी माता महाकाली की प्रतिमा को एक युवक ने पत्थर मारकर खंडित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मंदिर परिसर में काम कर रहे लोगों ने जब प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देखा तो ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद गांव में आक्रोश फैल गया। Gwalior Law Student Kidnap: वायरल वीडियो की मुस्कान के पीछे छिपा डर? लॉ छात्रा केस में कोर्ट बयान से बड़ा खुलासा ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पोल से बांधा घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंच गए और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने युवक को गांव से बाहर भागते हुए नेशनल हाईवे पर पकड़ लिया। इसके बाद उसे गांव वापस लाकर बिजली के पोल से बांध दिया गया। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आरोपी की पहचान भीमराज अहिरवार के रूप में हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, इस्लामाबाद में नई बातचीत की तैयारी; न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ा विवाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना पुलिस गांव पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने आरोपी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर हिरासत में लिया। जिसके बाद थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा आस्था का केंद्र है महामाई मंदिर ग्रामीणों का कहना है कि महामाई मंदिर गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर निर्माण कार्य के चलते प्रतिमाओं को अस्थायी स्थान पर रखा गया था। ऐसे में प्रतिमा खंडित होने की घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

Vi Edu+ Pack: मोबाइल रिचार्ज में पढ़ाई का नया मॉडल, JEE-NEET-UPSC की तैयारी अब और आसान

नई दिल्ली। वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने भारतीय टेलीकॉम और एडटेक सेक्टर में एक नया प्रयोग करते हुए “Vi Edu+ Pack” लॉन्च किया है। इस प्लान का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ मोबाइल कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराना है। कंपनी ने इसके लिए एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला के साथ साझेदारी की है, जिससे छात्रों को एक ही रिचार्ज में इंटरनेट, कॉलिंग और उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन कोचिंग मिल सके। यह नया Edu+ Pack खासतौर पर उन छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस वहन नहीं कर सकते या जिनके पास बड़े शहरों तक पहुंच नहीं है। इस प्लान की शुरुआत फिलहाल चुनिंदा सर्कल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। इसमें राजस्थान में इसकी कीमत 375 रुपये और यूपी ईस्ट में 409 रुपये तय की गई है। इस पैक की वैधता 28 दिनों की है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, हाई-स्पीड डेटा और SMS की सुविधा मिलती है। Vi Edu+ Pack की सबसे बड़ी खासियत इसका एडटेक कंटेंट है। इसमें फिजिक्स वाला के “Pi Pro” प्लेटफॉर्म का एक्सेस दिया गया है, जो भारत के सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों को KG से लेकर 12वीं तक का पूरा कोर्स, JEE, NEET, UPSC, GATE और NDA जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें 30,000 से अधिक वीडियो लेक्चर्स, विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए नोट्स, रिविजन सीरीज और वन-शॉट लेक्चर्स शामिल हैं। इसके अलावा छात्रों को AI आधारित डाउट सॉल्विंग सिस्टम भी दिया गया है, जिससे वे अपने सवालों का तुरंत समाधान पा सकते हैं। यह फीचर छात्रों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है क्योंकि यह व्यक्तिगत ट्यूटर जैसा अनुभव प्रदान करता है। इसके साथ ही इस प्लान में ऑफलाइन डाउनलोड सुविधा भी दी गई है, जिससे छात्र बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह सुविधा उन क्षेत्रों में बेहद मददगार साबित हो सकती है जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर होती है। टेलीकॉम कंपनियां अब तक अपने रिचार्ज प्लान्स में मनोरंजन, OTT सब्सक्रिप्शन और गेमिंग जैसी सुविधाएं देती रही हैं, लेकिन Vi का यह कदम शिक्षा केंद्रित डिजिटल सेवाओं की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में टेलीकॉम और एडटेक सेक्टर के बीच नए सहयोग की शुरुआत कर सकता है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो Vi इसे पूरे देश में लागू कर सकता है। इससे लाखों छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। साथ ही अन्य टेलीकॉम कंपनियां भी इसी तरह के एजुकेशन-आधारित रिचार्ज प्लान लॉन्च कर सकती हैं। कुल मिलाकर Vi Edu+ Pack मोबाइल रिचार्ज को सिर्फ कनेक्टिविटी सेवा से आगे बढ़ाकर एक डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम में बदलने की कोशिश है, जो भारत में शिक्षा के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।

अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, इस्लामाबाद में नई बातचीत की तैयारी; न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ा विवाद

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए अगले हफ्ते इस्लामाबाद में नई दौर की बातचीत हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश मध्यस्थों के जरिए एक 14-बिंदु ड्राफ्ट पर काम कर रहे हैं, जिसमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और यूरेनियम भंडार जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें ईरान के जवाब का इंतजार है और अगर प्रगति हुई तो समझौते की दिशा आगे बढ़ सकती है। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम या हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को रोकने के लिए किसी समझौते पर तैयार नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव भी बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने 70 से ज्यादा जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने से रोका है, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी बाहरी दखल पर क्षेत्र में बड़ा संघर्ष शुरू हो सकता है। UAE ने भी दावा किया है कि ईरान ने उसके ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया। वहीं, खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते तेल और सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। रूस ने अमेरिका और बहरीन के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए उसे वापस लेने की मांग की है, जबकि चीन और अन्य देशों की स्थिति इस पूरे मामले में अलग-अलग नजर आ रही है।

ट्रम्प का दावा- 9 संघर्ष रुकवाए, अब रूस-यूक्रेन युद्ध पर फोकस 3 दिन के सीजफायर की अपील

नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वे अब तक 9 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रुकवाने में भूमिका निभा चुके हैं और अब उनका अगला लक्ष्य रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना है। ट्रम्प ने इसे अपनी “10वीं शांति पहल” बताया है। व्हाइट हाउस से वर्जीनिया रवाना होने से पहले ट्रम्प ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे विनाशकारी संघर्ष बन चुका है, जिसमें हर महीने बड़ी संख्या में सैनिकों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को रोकना अब उनकी प्राथमिकता है। इसी बीच ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर रूस और यूक्रेन के बीच 9 से 11 मई तक 3 दिन के अस्थायी सीजफायर का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने और लगभग 1000-1000 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी है। हालांकि रूस और यूक्रेन की सरकारों की ओर से इस सीजफायर पर कोई आधिकारिक संयुक्त घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ट्रम्प ने संकेत दिया है कि यदि हालात सकारात्मक रहे तो इस अस्थायी युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अब तक 9 अंतरराष्ट्रीय संघर्ष रुकवा चुके हैं और अब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने 3 दिन के सीजफायर और कैदियों की अदला-बदली का प्रस्ताव रखकर इसे अपनी बड़ी शांति पहल बताया है।

ऑपरेशन सिंदूर में चीन की एंट्री? पाकिस्तान को मिली टेक्निकल मदद और रियल-टाइम इनपुट के दावों से हड़कंप

नई दिल्ली। चीन की ओर से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मदद देने के दावे ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। चीनी सरकारी मीडिया के एक इंटरव्यू के हवाले से कहा जा रहा है कि इंजीनियरों ने पाकिस्तान को तकनीकी सपोर्ट और रियल-टाइम इनपुट दिए थे। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक स्तर पर पूरी तरह स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट और चीनी टीवी इंटरव्यू में दावा किया गया है कि चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक इंजीनियर ने पाकिस्तान में तकनीकी सहायता की बात स्वीकार की है। कहा गया कि टीम का काम J-10CE जैसे लड़ाकू विमानों और उनके सिस्टम को ऑपरेशनल रूप से तैयार रखना था। यह भी दावा है कि पाकिस्तान ने चीन में बने J-10CE फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया, जिन्हें AVIC की सहयोगी कंपनियां बनाती हैं। इसी दौरान रियल-टाइम डेटा सपोर्ट और सैटेलाइट इनपुट देने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। भारत की ओर से पहले ही यह कहा जा चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर मदद दी थी। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात का जिक्र किया था कि संघर्ष के दौरान चीन ने अपने नेटवर्क और सिस्टम के जरिए क्षेत्रीय गतिविधियों पर नजर रखी और पाकिस्तान को जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं चीन ने पहले इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन अब आए इंटरव्यू और रिपोर्ट्स ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही काफी गहरा है और J-10CE जैसे एडवांस फाइटर जेट्स इसकी बड़ी मिसाल हैं। पाकिस्तान पहले से ही चीन से बड़े पैमाने पर हथियार आयात करता रहा है और हाल के वर्षों में यह निर्भरता और बढ़ी है। इसी बीच चीन द्वारा नए स्टील्थ फाइटर जेट J-35 को पाकिस्तान को देने की चर्चा ने भी क्षेत्रीय सैन्य समीकरणों पर बहस तेज कर दी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान चीन ने अपने तकनीकी और सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल कर स्थिति पर नजर रखी, जिसे कुछ विशेषज्ञ “लाइव लैब” रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि इन सभी दावों पर अभी तक पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जिससे इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।

Gwalior Law Student Kidnap: वायरल वीडियो की मुस्कान के पीछे छिपा डर? लॉ छात्रा केस में कोर्ट बयान से बड़ा खुलासा

Gwalior Law Student Kidnap

HIGHLIGHTS: लॉ छात्रा केस में कोर्ट बयान से नया खुलासा छात्रा ने कहा- “वीडियो दबाव में बनवाया गया” 24 घंटे में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा वायरल वीडियो के बाद बदला था पूरा नैरेटिव सोशल मीडिया ट्रायल पर उठे गंभीर सवाल   Gwalior Law Student Kidnap: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के महात्मा गांधी लॉ कॉलेज की छात्रा के कथित अपहरण मामले ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर इसे प्रेम प्रसंग का मामला माना जा रहा था, लेकिन कोर्ट में छात्रा के बयान ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। छात्रा ने न्यायालय में कहा कि उसे जबरन कार में बैठाकर ले जाया गया था और वायरल वीडियो दबाव व डर के माहौल में बनवाया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस जांच अब और गंभीर हो गई है। GWALIOR COURT ACTION: ग्वालियर में 2700 करोड़ के जमीन घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त, बिल्डर्स को पक्षकार बनाने के निर्देश कॉलेज के बाहर दिनदहाड़े ले जाने का आरोप घटना कंपू थाना क्षेत्र स्थित महात्मा गांधी लॉ कॉलेज के बाहर की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक छात्रा अपनी सहेली के साथ खड़ी थी, तभी आरोपी जीतू तोमर अपने साथी चिराग गुर्जर के साथ बिना नंबर प्लेट की कार में पहुंचा। आरोप है कि छात्रा को जबरन कार में बैठाकर वहां से ले जाया गया। सहेली की सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई और शहरभर में अलर्ट जारी किया गया। 24 घंटे में पुलिस ने ऐसे खोज निकाला आरोपी ग्वालियर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा इनपुट के आधार पर हॉट पर्सूट ऑपरेशन चलाया। करीब 24 घंटे बाद पुलिस ने लखनऊ-कानपुर के बीच एक बस से छात्रा और आरोपी को बरामद कर लिया। आरोपी को हिरासत में लेने के साथ छात्रा को सुरक्षित वापस लाया गया। पुलिस को आरोपी के पास से अवैध पिस्टल भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बदला नैरेटिव घटना के दौरान आरोपी ने लखनऊ के एक होटल से वीडियो जारी किया था, जिसमें छात्रा मुस्कुराती नजर आई थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मामले को प्रेम प्रसंग बताया जाने लगा। लेकिन कोर्ट में छात्रा ने कहा कि उसे परिवार पर कार्रवाई का डर दिखाकर कैमरे के सामने आने को मजबूर किया गया था। इस बयान के बाद सोशल मीडिया ट्रायल पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस कोर्ट ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथी चिराग गुर्जर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।

CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई। अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया। अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई। अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

GWALIOR COURT ACTION: ग्वालियर में 2700 करोड़ के जमीन घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त, बिल्डर्स को पक्षकार बनाने के निर्देश

GWALIOR COURT ACTION

HIGHLIGHTS: सरकारी जमीन कब्जे मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई कोर्ट ने बिल्डर्स को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए 54 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे का दावा याचिका में 2700 करोड़ के घोटाले का आरोप CBI जांच और FIR दर्ज करने की मांग उठी   GWALIOR COURT ACTION: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि जिन बिल्डर्स और कॉलोनाइजरों पर अतिक्रमण के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें भी मामले में पक्षकार बनाया जाए। इस मामले ने शहर में जमीन घोटाले और भू-माफिया की गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव कई बड़ी टाउनशिप के नाम याचिका में शामिल याचिका में कॉस्मो आनंदा, कॉस्मो वैली, विंडसर हिल्स, अचलनाथ, रोजवुड, ब्लू लोटस, जैतल विहार और एलिक्सिर एमके सिटी जैसी टाउनशिप का उल्लेख किया गया है। शासन की ओर से कोर्ट में प्रारंभिक रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें सिरोल, रमौआ और आसपास के क्षेत्रों में जांच किए जाने की जानकारी दी गई। एडवोकेट चंद्रशेखर साहू द्वारा दायर इस जनहित याचिका में सरकारी जमीनों पर कब्जे का बड़ा मुद्दा उठाया गया है। MP FARMERS PROTEST: किसान आंदोलन विवाद पर भड़के उमंग सिंगर बोले- कांग्रेस किसानो के लिए लाठी भी खाएगी और जेल भी जाएगी! 54 हेक्टेयर जमीन पर कब्जे का दावा याचिका में दावा किया गया है कि भू-माफियाओं और कॉलोनाइजरों ने करीब 54 हेक्टेयर सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किया है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में सिटी सेंटर तहसील, सिरोल, डोंगरपुर पुतलीघर, अलापुर, रमौआ और नैनगिर इलाके शामिल बताए गए हैं। याचिका के अनुसार इस कथित घोटाले की कीमत 2700 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है। साथ ही आठ से ज्यादा टाउनशिप पर सरकारी जमीन पर निर्माण के आरोप लगाए गए हैं। शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है कई गंभीर समस्याएं, जानें इसके संकेत और बचाव याचिका में CBI जांच समेत कई बड़ी मांगें याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच कराने, जमीन का सीमांकन और घेराबंदी कराने, अवैध निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। इसके अलावा फर्जी रजिस्ट्रियों को निरस्त कर FIR दर्ज करने और सरकारी जमीन को वापस लेने की भी मांग कोर्ट से की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई में कई बिल्डर्स की भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं।  

IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव

नई दिल्ली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आमने-सामने हैं। टॉस के दौरान केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत हासिल करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस जीतने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच को पढ़ना आसान नहीं है और पिछले कुछ मैचों में विकेट के व्यवहार को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में दो अहम बदलाव किए हैं। विपराज निगम को करुण नायर की जगह शामिल किया गया है, जबकि मुकेश कुमार को नटराजन के स्थान पर मौका मिला है। कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि दिल्ली की पिच पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहता है, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए तीन स्पिनरों के साथ उतर रही है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है। अब तक खेले गए 10 मैचों में दिल्ली ने 4 जीत और 6 हार दर्ज की हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि गेंदबाजी में भी स्थिरता की कमी दिखी है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन मिश्रित रहा है। 9 मैचों में केवल 3 जीत के साथ टीम अंक तालिका में नीचे है, हालांकि पिछले तीन मुकाबलों में लगातार जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। रिंकू सिंह और वरुण चक्रवर्ती इस समय अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में भी टीम ने सुधार दिखाया है। केकेआर की प्लेइंग इलेवन में सुनील नरेन, कैमरून ग्रीन और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम को मजबूत संतुलन प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली की टीम में केएल राहुल, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर की जीत की लय जारी रहती है या दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में सफल होती है।

MP FARMERS PROTEST: किसान आंदोलन विवाद पर भड़के उमंग सिंगर बोले- कांग्रेस किसानो के लिए लाठी भी खाएगी और जेल भी जाएगी!

UMANG SINGAR

HIGHLIGHTS: किसान आंदोलन और हाईवे जाम के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई उमंग सिंघार समेत कई कांग्रेस नेताओं पर FIR दर्ज MSP और किसान मुद्दों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन सिंघार बोले- “कांग्रेस किसानों के लिए जेल जाने को तैयार” FIR के बाद प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल   MP FARMERS PROTEST: भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के किसान आंदोलन और हाईवे जाम के बाद सियासत गरमा गई है। प्रशासन ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि किसानों की मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की। इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। सीढ़ियों पर बैठकर रो रही थीं मोना कपूर, श्रीदेवी-बोनी कपूर की जुदाई के बीच का दर्दनाक किस्सा आया सामने उमंग सिंघार का सरकार पर सीधा हमला मामला सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार किसानों की आवाज से डर गई है। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है और MSP, फसल बीमा, खाद-बीज और बिजली जैसे मुद्दों को उठाना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो कांग्रेस नेता किसानों के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं। ऋषि कपूर की मौत के बाद गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं नीतू कपूर, शराब और नींद की दिक्कतों का किया खुलासा कांग्रेस ने बताया किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसानों की समस्याओं को उठाने पर सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि किसानों को राहत देने के बजाय सरकार विपक्ष की आवाज दबाने में लगी हुई है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा जहां कानून व्यवस्था का हवाला देकर कार्रवाई को सही बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रही है। किसान आंदोलन और FIR को लेकर अब प्रदेश में राजनीतिक माहौल और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।