इस साल 25 जुलाई से होगी चतुर्मास की शुरुआत…. चार महीने में पड़ेंगे कई बड़े व्रत-त्यौहार…..

नई दिल्ली। चातुर्मास (Chaturmas 2026) देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) से प्रारंभ होता है और देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है. इन 4 महीनों में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव, शारदीय नवरात्रि, दशहरा, दिवाली जैसे बड़े त्योहार पड़ेंगे. साथ ही सावन महीना भी आएगा। इस साल चातुर्मास 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होगा और 20 नवंबर 2026 देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) पर समाप्त होगा. देखिए चातुर्मास के 4 महीनों के सभी व्रत-त्योहार की लिस्ट। चातुर्मास 2026 व्रत-त्योहार लिस्ट – चातुर्मास का आरंभ 25 जुलाई 2026 – देवशयनी एकादशी – गुरु पूर्णिमा – 29 जुलाई 2026 – सावन मास आरंभ – 30 जुलाई 2026 – कामिका एकादशी – 9 अगस्त 2026 – सावन शिवरात्रि – 12 अगस्त 2026 – हरियाली तीज – 15 अगस्त 2026 – नागपंचमी – 17 अगस्त 2026 – पुत्रदा एकादशी – 23 अगस्त 2026– रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा – 28 अगस्त 2026 (सावन महीना समाप्त) – कजरी तीज – 31 अगस्त 2025– जन्माष्टमी – 4 सितंबर 2026– अजा एकादशी – 7 सितंबर 2026 – गणेश चतुर्थी (गणेश स्थापना) – 14 सितंबर 2026– गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026– शारदीय नवरात्रि – 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ – नवरात्रि नवमी – 19 अक्टूबर 2026 – दशहरा – 20 अक्टूबर 2026– पापकुंशा एकादशी – 22 अक्टूबर 2026 – करवा चौथ – 29 अक्टूबर 2026 – रमा एकादशी – 5 नवंबर 2026 – धन तेरस – 6 नवंबर 2026 – नरक चतुर्दशी – 8 नवंबर 2026 (दिवाली की तारीख कुछ पंचांग में 8 नवंबर भी दी गई है) – दिवाली – 9 नवंबर 2026 – गोवर्धन पूजा – 10 नवंबर 2026– भाई दूज – 11 नवंबर 2026– छठ पूजा – 15 नवंबर 2026– देवउठनी एकादशी – 20 नवंबर 2026
किसी भी हालत में झुकेंगे नहीं…. युद्ध के बीच ईरान ने फिर दी अमेरिका को चेतावनी

तेहरान। अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच जारी युद्ध में अब डेडलॉक की स्थिति बन गई है। एक तरफ जहां दोनों पक्षों के बीच सीजफायर (Ceasefire) को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक दूसरे के जहाजों पर हमले भी कर रहे हैं। ऐसे में युद्ध खत्म होने की संभावना खत्म हो रही है। इस बीच ईरान ने अमेरिका को एक बार फिर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह किसी भी हालत में झुकेगा नहीं। इस दौरान ईरान ने यह भी दावा किया कि वह पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है और उसके मिसाइलों का स्टॉक 120 फीसदी बढ़ गया है। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची (Iranian Foreign Minister Seyyed Abbas Araghchi.) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह बातें कही हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्चरों की संख्या काफी बढ़ गई है। अराघची ने लिखा, “जब भी मेज पर कूटनीतिक समाधान निकल रहा होता है, अमेरिका एक लापरवाह सैन्य दुस्साहस का विकल्प चुनता है। क्या यह दबाव बनाने की घटिया चाल है या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति को एक बार फिर किसी दलदल में धकेलने की कोशिश?” क्या बोले अराघची?पोस्ट में उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान के पास अब केवल 75 फीसदी लॉन्चर और 70 फीसदी मिसाइल भंडार बचा है। अराघची ने कहा कि ईरान राष्ट्र की रक्षा के लिए 1000 फीसदी तैयार है और 28 फरवरी की तुलना में उसके मिसाइल स्टॉक 120 फीसदी ज्यादा बढ़ चुके हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर तनावइस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने शुक्रवार सुबह अमेरिकी जहाजों पर हमले का दावा किया है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई संघर्ष विराम के उल्लंघन और उसके एक तेल टैंकर के खिलाफ अमेरिकी सेना की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है। ईरानी नौसेना ने बताया कि खुफिया निगरानी से पता चला है कि इस हमले में अमेरिकी सैन्य जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान का दावा है कि हमले के बाद अमेरिकी सेना के तीन जहाज इस रास्ते से तेजी से पीछे हट गए हैं। वहीं अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को कहा है कि उसने दो और ईरानी टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। युद्धविराम पर अब भी जारी है चर्चाइस बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच 30 दिनों के लिए युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका अब भी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है।
नए अवतार में दिखे सलमान खान, जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन से इंटरनेट पर मचा तहलका

नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान एक बार फिर अपने नए लुक और फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। 60 की उम्र के करीब पहुंच चुके सलमान ने अपने लेटेस्ट लीन अवतार से फैंस को हैरान कर दिया है। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें उनका बदला हुआ लुक साफ नजर आ रहा है। तस्वीरों में सलमान पहले से ज्यादा फिट, स्लिम और शार्प दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि उनके चेहरे पर नजर आ रही जॉलाइन ने फैंस का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। वायरल तस्वीरों में सलमान खान एक दिव्यांग फैन के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने बेहद सिंपल कैजुअल लुक अपनाया हुआ है, जिसमें फुल स्लीव टी-शर्ट और जींस पहने दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उनका स्टाइल हमेशा की तरह सादा था, लेकिन उनकी फिट बॉडी और ट्रिम फेस ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। फैंस लगातार उनके इस ट्रांसफॉर्मेशन की तारीफ कर रहे हैं और इसे ‘कमबैक फिटनेस गोल’ बता रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो सलमान खान ने अपनी अगली फिल्म के लिए करीब 7 से 8 किलो वजन कम किया है। कहा जा रहा है कि वह इन दिनों अपनी अपकमिंग एक्शन ड्रामा फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं, जिसमें उनके साथ साउथ सुपरस्टार नयनतारा नजर आने वाली हैं। फिल्म को फिलहाल #SVC63 नाम दिया गया है और इसका निर्देशन वामशी पैडिपल्ली कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अप्रैल में पारंपरिक मुहूर्त समारोह के साथ शुरू हुई थी और इसके बाद लंबा शूटिंग शेड्यूल भी शुरू कर दिया गया। यह एक हाई-एनर्जी एक्शन ड्रामा फिल्म बताई जा रही है, जिसमें सलमान का अलग अंदाज देखने को मिलेगा। यही वजह है कि अभिनेता ने अपने लुक और फिटनेस पर खास मेहनत की है। सलमान खान हमेशा से अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में रहे हैं। उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी बॉडी, स्क्रीन प्रेजेंस और एनर्जी आज भी युवा सितारों को टक्कर देती है। ऐसे में उनका यह नया ट्रांसफॉर्मेशन फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनकी तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि सलमान आज भी इंडस्ट्री के सबसे फिट सुपरस्टार्स में शामिल हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी वॉर ड्रामा फिल्म ‘मातृभूमि’ पहले से चर्चा में है, जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा सुपरहीरो बेस्ड एक फिल्म को लेकर भी उनका नाम सामने आ रहा है। खबरों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का निर्देशन राज निदिमोरू और डीके कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।फिलहाल सलमान खान का नया लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और फैंस उनके अगले स्क्रीन अवतार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
फटी एड़ियों से परेशान? इन आसान घरेलू उपायों से पाएं तुरंत राहत

नई दिल्ली। फटी हुई एड़ियां यानी क्रैक्ड हील्स एक आम समस्या है, जो ज्यादातर रूखी त्वचा, अनदेखी देखभाल, लंबे समय तक खड़े रहने या गलत फुटवियर पहनने के कारण होती है। शुरुआत में यह समस्या केवल रूखापन लगती है, लेकिन समय के साथ गहरी दरारें बनकर दर्द और खून निकलने जैसी स्थिति भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या का सबसे आसान और प्रभावी इलाज नियमित देखभाल और घरेलू नुस्खों में छिपा है। सबसे पहले पैरों को हल्के गुनगुने पानी में 10-15 मिनट तक भिगोना चाहिए, जिससे डेड स्किन नरम हो जाती है। इसके बाद हल्के हाथों से प्यूमिक स्टोन या स्क्रबर से मृत त्वचा हटाई जा सकती है। इसके बाद सबसे जरूरी कदम मॉइस्चराइजिंग होता है। पैरों को अच्छी तरह सुखाने के बाद गाढ़ी क्रीम, पेट्रोलियम जेली या नारियल तेल लगाना फायदेमंद माना जाता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और दरारें धीरे-धीरे भरने लगती हैं। घरेलू उपायों में शहद, नारियल तेल और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्व भी काफी उपयोगी माने जाते हैं। शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को साफ और मुलायम रखने में मदद करते हैं। वहीं नारियल तेल और घी त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और सूखापन कम करते हैं। एक और प्रभावी उपाय है शहद और नींबू का मिश्रण, जिसे फुट मास्क की तरह लगाया जा सकता है। यह डेड स्किन हटाने और त्वचा को सॉफ्ट बनाने में मदद करता है। इसके अलावा रात में पैरों पर तेल या मॉइस्चराइजर लगाकर मोजे पहनना भी काफी असरदार तरीका माना जाता है, क्योंकि इससे नमी लॉक हो जाती है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बहुत गर्म पानी से पैरों को धोने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा और ज्यादा ड्राई हो सकती है। साथ ही लंबे समय तक नंगे पैर चलना या सख्त सतह पर ज्यादा दबाव डालना भी फटी एड़ियों को बढ़ा सकता है। अगर घरेलू उपायों के बावजूद समस्या गंभीर बनी रहे या दरारों में दर्द और खून आने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह कभी-कभी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है। सही देखभाल, नियमित सफाई और मॉइस्चराइजिंग के साथ फटी एड़ियों की समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है और पैरों को फिर से मुलायम बनाया जा सकता है।
टेस्ला के साइबरट्रक समेत 2 लाख से ज्यादा कारों में आयी खराबी, पहियों और कैमरा सिस्टम में गंभीर खामियां

नई दिल्ली । इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला को तकनीकी खामियों के चलते दो बड़े रिकॉल जारी करने पड़े हैं। कंपनी ने साइबरट्रक के साथ-साथ लगभग 2 लाख अन्य मॉडल्स को वापस बुलाने का फैसला किया है। इन वाहनों में पहियों की संरचना और सॉफ्टवेयर सिस्टम से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। साइबरट्रक के पहियों में खामीरिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच बने 18-इंच स्टील व्हील वाले 173 साइबरट्रक प्रभावित पाए गए हैं। अमेरिकी एजेंसी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के मुताबिक, खराब सड़कों या तीखे मोड़ों पर चलने के दौरान इनके रोटर में दरार आने का खतरा है। इससे पहिया हब से अलग हो सकता है, जो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। टेस्ला ने इन वाहनों के रोटर, हब और लग नट्स को मुफ्त में बदलने का फैसला किया है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। 2 लाख से ज्यादा कारों में कैमरा फेलसाइबरट्रक के अलावा टेस्ला ने अपने मॉडल Y, मॉडल S, मॉडल X और मॉडल 3 की करीब 2 लाख से अधिक गाड़ियों को भी रिकॉल किया है। इन वाहनों में रियरव्यू कैमरा सिस्टम में खराबी पाई गई है। सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण बैक गियर में जाने पर कैमरा कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देता है, जिससे पीछे का दृश्य नहीं दिख पाता और टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। राहत की बात यह है कि इन तकनीकी खामियों के कारण अब तक किसी दुर्घटना या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। ग्राहकों के लिए निर्देशटेस्ला ने प्रभावित ग्राहकों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों की जांच और सुधार के लिए कंपनी की कस्टमर सर्विस 1-877-798-3752 पर संपर्क करें। कंपनी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रिकॉल नंबर भी जारी किए हैं।
नारियल पानी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं, इन 5 स्थितियों में सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान

नई दिल्ली । गर्मियों में शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देने के लिए नारियल पानी सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक पेय माना जाता है। इसे अक्सर एक सुरक्षित और हेल्दी ड्रिंक के रूप में देखा जाता है, जो शरीर में तुरंत ऊर्जा देने के साथ जरूरी मिनरल्स की कमी को भी पूरा करता है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि नारियल पानी हर किसी के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन लाभ की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। नारियल पानी में पोटैशियम, मैग्नीशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि गर्मी के मौसम में इसे एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक के तौर पर खूब पसंद किया जाता है। लेकिन इसके सेवन को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि हर शरीर की जरूरत और स्थिति अलग होती है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से ही कम रहता है, उनके लिए नारियल पानी का अधिक सेवन समस्या पैदा कर सकता है। यह ब्लड प्रेशर को और नीचे कर सकता है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे लोगों को इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। किडनी से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों को भी इसके सेवन में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। नारियल पानी में मौजूद अधिक पोटैशियम किडनी द्वारा सही तरीके से फिल्टर नहीं हो पाता, जिससे शरीर में इसका स्तर बढ़ सकता है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह पूरी तरह सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता। हालांकि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है, लेकिन यह पूरी तरह शुगर-फ्री नहीं होता। ऐसे में अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है। इसलिए डायबिटिक मरीजों को इसे लेने से पहले सावधानी और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे सर्जरी से पहले या बाद के समय, नारियल पानी का सेवन भी सोच-समझकर करना चाहिए। इस दौरान शरीर संवेदनशील अवस्था में होता है और किसी भी प्रकार का पेय पदार्थ शारीरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे रिकवरी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा जिन लोगों का शरीर स्वभाव से ठंडा रहता है, उन्हें भी इसका अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों में नारियल पानी सर्दी-जुकाम, गले की समस्या या पाचन से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है। स्वस्थ व्यक्तियों के लिए नारियल पानी सीमित मात्रा में लाभकारी माना जाता है। आमतौर पर दिन में एक से दो बार इसका सेवन पर्याप्त होता है, और इसे सुबह या दोपहर के समय लेना ज्यादा फायदेमंद समझा जाता है। खाली पेट इसका सेवन कई मामलों में लाभकारी हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। कुल मिलाकर, नारियल पानी एक प्राकृतिक और पोषक पेय जरूर है, लेकिन इसका सेवन बिना सोच-समझकर करना ठीक नहीं है। सही मात्रा और सही स्थिति में ही यह शरीर के लिए फायदेमंद साबित होता है, अन्यथा यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।
बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को ही क्यों चुना बंगाल का मुख्यमंत्री ? जाने किन कारणों से लेना पड़ा फैसला

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है। कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी और टीएमसी के मजबूत रणनीतिकार माने जाने वाले शुभेंदु अब बीजेपी का सबसे बड़ा बंगाली चेहरा बनकर उभरे हैं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 293 में से 207 सीटों पर जीत मिली है, जबकि एक सीट पर मतदान 21 मई को होना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी की जमीनी पकड़, टीएमसी की अंदरूनी रणनीति की समझ और हिंदुत्व के मुद्दों पर उनकी आक्रामक छवि ने उन्हें इस पद तक पहुंचाया है। ममता बनर्जी को उनके गढ़ में दी चुनौतीशुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की राजनीति में खुद को उस नेता के रूप में स्थापित किया, जो सीधे ममता बनर्जी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने नंदीग्राम सीट पर 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हराया था। बाद में ममता को भवानीपुर सीट से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को उसके मजबूत गढ़ में हराना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और इसी ने शुभेंदु को बीजेपी के लिए सबसे मजबूत विकल्प बना दिया। बीजेपी के एजेंडे के लिए फिट चेहराविशेषज्ञों का कहना है कि बीजेपी को बंगाल में ऐसा नेता चाहिए था, जो असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की तरह आक्रामक और संगठनात्मक रूप से मजबूत हो। पार्टी पहले ही यह संकेत दे चुकी थी कि बंगाल का मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होगा, जिसका राज्य से गहरा जुड़ाव हो। बीजेपी ने चुनावी घोषणापत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी पार्टी की रणनीति के अनुरूप सबसे उपयुक्त चेहरे के तौर पर सामने आए। प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी बना आधारशुभेंदु अधिकारी को सरकार चलाने का अनुभव भी है। टीएमसी सरकार में वह मंत्री रह चुके हैं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझते हैं। बीजेपी नेताओं का मानना है कि नई सरकार बनने के बाद वे ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल को लेकर श्वेतपत्र जारी कर सकते हैं और विभिन्न मामलों की जांच के लिए आयोग भी गठित किया जा सकता है। हिंदुत्व की छवि से RSS का समर्थनराजनीतिक जानकारों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी की हिंदुत्व समर्थक छवि भी उनके पक्ष में गई। वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ उन्होंने खुलकर आवाज उठाई थी। नंदीग्राम क्षेत्र में उन्हें हिंदुत्व के मजबूत चेहरे के तौर पर पेश किया गया। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भीतर भी उन्हें लेकर सकारात्मक रुख बताया जा रहा है। छात्र राजनीति से बंगाल की सत्ता तक का सफरशुभेंदु अधिकारी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और बंगाल की राजनीति में प्रभावशाली नेता माने जाते थे। शुभेंदु ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र इकाई से की थी। बाद में, जब बंगाल में वामपंथ का दबदबा था, तब उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मिलकर टीएमसी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। पूर्व मेदिनीपुर में उन्होंने वाम दलों को कड़ी चुनौती दी। वर्ष 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया और इसके बाद से वे पार्टी के सबसे प्रभावशाली बंगाली नेताओं में शामिल हो गए।
भारत-पाक रिश्ते सुधारने की दिशा में पहल शुरू, 3 महीनों में हुई दो गुप्त बैठकें, NSA डोभाल सक्रिय

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने के बीच भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दोनों देशों के बीच भले ही आधिकारिक स्तर पर बातचीत बंद हो, लेकिन बैक-चैनल संवाद को फिर से सक्रिय करने की कोशिशें जारी हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले तीन महीनों में दोनों पक्षों के रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और पूर्व राजनयिकों के बीच कम से कम दो गुप्त बैठकें हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये मुलाकातें कतर और एशिया के एक अन्य देश की राजधानी में आयोजित की गईं। हालांकि इन बैठकों को औपचारिक वार्ता का दर्जा नहीं दिया गया है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों के बीच संवाद की कोशिशें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि भारत में भी इस बात पर सहमति बन रही है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ संपर्क का एक गोपनीय माध्यम खुला रहना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, इस पहल की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को भी दी गई है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से भी ऐसे बैक-चैनल संवाद में रुचि दिखाई गई है। बताया जा रहा है कि इस पूरी कवायद का मकसद भविष्य में किसी आतंकी हमले या बड़े तनाव की स्थिति में हालात को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकना है। फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद का एकमात्र आधिकारिक माध्यम डीजीएमओ स्तर की साप्ताहिक हॉटलाइन बातचीत है, जो हर मंगलवार को होती है। भारत का मानना है कि बैक-चैनल बातचीत उसकी उस नीति के खिलाफ नहीं है, जिसमें कहा गया है कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते। इसे एक ऐसे संपर्क तंत्र के रूप में देखा जा रहा है, जिससे संकट की स्थिति में दोनों देशों के बीच सीधे संवाद संभव हो सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भारत के लिए यह संवाद तंत्र जरूरी माना जा रहा है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनावों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। साथ ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की स्थिति पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी हासिल बताया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में किसी आतंकी घटना की स्थिति में भारत के लिए वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव बनाना आसान नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच बैक-चैनल वार्ता का इतिहास पहले भी रहा है। वर्ष 2015 से 2018 के दौरान NSA अजीत डोभाल ने बैंकॉक में अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। हाल ही में 30 अप्रैल 2025 को लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आसिम मलिक को पाकिस्तान का नया NSA नियुक्त किया गया है। वे पाकिस्तान के पहले ऐसे अधिकारी हैं जो ISI प्रमुख और NSA दोनों जिम्मेदारियां एक साथ संभाल रहे हैं। इससे पाकिस्तान की सैन्य और नागरिक सत्ता पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का प्रभाव और मजबूत माना जा रहा है।
एमपी में आज 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दो सिस्टम एक्टिव, रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्रदेश के बीच से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय बना हुआ है। इसी के असर से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा, वहीं शनिवार के लिए 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग रंग दिखाई दिए। कहीं तेज गर्मी रही तो कहीं आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। दूसरी ओर कई शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंचा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 42.4 डिग्री, भोपाल और इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री तथा ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मई की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम सामान्य नहीं रहा है। आमतौर पर इस समय भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। इसके पीछे चक्रवात, ट्रफ लाइन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस को प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार से अधिकांश जिलों में पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान या पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है। वहीं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।
स्विगी का वित्त वर्ष 2025-26 में घाटा 33% बढ़ा, पहुंचा 4,154 करोड़ पर

नई दिल्ली। मुंबई में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2025-26 के अपने ताजा नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी के शुद्ध घाटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वित्त वर्ष में स्विगी का कुल शुद्ध घाटा बढ़कर 4,154 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 3,117 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, चौथी तिमाही के आंकड़ों में कंपनी की स्थिति कुछ बेहतर नजर आई है। 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में स्विगी का घाटा घटकर 800 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,081 करोड़ रुपये था। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के खर्च नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में परिचालन से आय 45 प्रतिशत बढ़कर 6,383 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कुल आय 46.74 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,649 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 4,531 करोड़ रुपये थी। कंपनी के खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। विज्ञापन और बिक्री प्रमोशन पर खर्च बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत देता है कि कंपनी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। स्विगी के प्रबंधन ने बताया कि उसका क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और यूनिट इकॉनॉमिक्स को सुधारने पर ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 68.8 प्रतिशत बढ़कर 7,881 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, फूड डिलीवरी सेगमेंट में भी स्थिर ग्रोथ देखी गई है, जहां कुल ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 9,005 करोड़ रुपये रही और ऑर्डर संख्या 18.3 मिलियन तक पहुंच गई। स्विगी के एमडी और सीईओ ने कहा है कि कंपनी का फोकस अब लाभप्रदता और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने पर है। उनका लक्ष्य आने वाली तिमाहियों में बेहतर मार्जिन और ब्रेकईवन की दिशा में आगे बढ़ना है।कुल मिलाकर, हालांकि स्विगी का वार्षिक घाटा बढ़ा है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन यह संकेत देता है कि कंपनी विस्तार और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।