101 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला रुस्तमजी अवार्ड, सीएम ने आवास सुविधा बढ़ाने का दिया भरोसा

नई दिल्ली। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपनी ड्यूटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस वर्ष प्रतिष्ठित रुस्तमजी अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में पुलिस बल के उन कर्मियों को सराहा गया जिन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, साहस और सेवा भावना के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान माहौल उत्साह और गर्व से भरा रहा, जहां सम्मानित कर्मियों के परिवारों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। पुलिसकर्मियों के लिए आवास सुविधा पर बड़ा ऐलाइस मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं और सुविधाओं पर भी गंभीरता से चर्चा की। उन्होंने घोषणा की कि जिले में तैनात पुलिसकर्मी अब आसानी से आवास सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस विषय पर हाउसिंग बोर्ड और विभिन्न प्राधिकरणों से बातचीत करेंगे ताकि पुलिसकर्मियों को बेहतर और किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके। इससे न केवल उनका जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि ड्यूटी के प्रति उनकी दक्षता भी बढ़ेगी। आवास सुविधा से बढ़ेगा मनोबसरकार का मानना है कि पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए बेहतर रहने की व्यवस्था बेहद जरूरी है। आवास सुविधा मिलने से पुलिसकर्मी मानसिक रूप से अधिक स्थिर होंगे और अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे। सेवा, समर्पण और सम्मान का प्रतीरुस्तमजी अवार्ड को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक माना जाता है। यह सम्मान उन अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस सम्मान समारोह ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस बल समाज की सुरक्षा की मजबूत कड़ी है। साथ ही सरकार की आवास सुविधा को लेकर पहल से पुलिसकर्मियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए बड़ा कदम: गांव स्तर तक तैनात होंगे अधिकारी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को खत्म करने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब राज्य में गांव स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे। क्या है नई व्यवस्था?महिला एवं बाल विकास विभाग ने नई व्यवस्था के तहत पूरे राज्य में निगरानी प्रणाली को मजबूत किया है। इसके अनुसार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग अधिकारी नियुक्त होंगे। बाल विवाह की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे। जरूरत पड़ने पर विवाह को तुरंत रोकने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत लागू की जा रही है। कौन होंगे जिम्मेदार अधिकारी?नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है: ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षक पटवारी महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक शहरी क्षेत्रों में:नगर निगम के जोनल अधिकारी राजस्व और स्वास्थ्य अधिकारी नगरपालिका और नगर परिषद के अधिकारी इसके अलावा जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और परियोजना अधिकारी पहले से ही इस कानून के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत हैं। अधिकारियों की शक्तियाँनए प्रावधानों के तहत अधिकारी: बाल विवाह रोकने के लिए तत्काल मौके पर पहुंच सकेंगे विवाह को अवैध घोषित करने के लिए निषेधाज्ञा (injunction) जारी कर सकेंगे शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे पुलिस की सहायता से विवाह रुकवा सकेंगे क्यों लिया गया यह फैसला?सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में बाल विवाह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं: 2020 से 2025 के बीच कुल 2,916 मामले दर्ज हुए वर्ष 2025 में अकेले 538 मामले सामने आए पिछले कुछ वर्षों में मामलों में लगभग 47% वृद्धि दर्ज की गई इन आंकड़ों ने सरकार को गांव स्तर तक निगरानी बढ़ाने के लिए मजबूर किया। उद्देश्य क्या है?सरकार का मुख्य उद्देश्य है: बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करना ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना समय पर हस्तक्षेप करके बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए लिया गया यह कदम एक मजबूत प्रशासनिक पहल है। गांव स्तर तक अधिकारियों की तैनाती से उम्मीद है कि अब इस सामाजिक बुराई पर तेजी से रोक लगेगी। यह व्यवस्था न केवल कानून को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ाएगी।
ईरान-अमेरिका तनाव: शांति प्रस्ताव पर टकराव, ट्रंप ने बताया पूरी तरह अस्वीकार्य

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता एक बार फिर विवादों में आ गई है। ईरान की ओर से पेश किए गए नए शांति प्रस्ताव को अमेरिकी पक्ष ने खारिज कर दिया है, जिससे क्षेत्र में कूटनीतिक स्थिति और जटिल हो गई है। क्या है पूरा मामला?रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने अमेरिका के सामने एक शांति प्रस्ताव रखा है, जिसमें तत्काल युद्धविराम, प्रतिबंधों में राहत और सुरक्षा गारंटी जैसी मांगें शामिल हैं। इस प्रस्ताव को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया है।ईरान का कहना है कि किसी भी स्थायी शांति के लिए उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को सम्मान देना जरूरी है। ईरान की प्रमुख शर्तेंईरान के प्रस्ताव में कई अहम मांगें शामिल बताई जा रही हैं: तुरंत युद्धविराम लागू किया जाए ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाई जाए भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की गारंटी दी जाए युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान की संप्रभुता स्वीकार की जाए अमेरिका का रुख क्यों सख्त है?अमेरिकी पक्ष का मानना है कि ईरान की कुछ मांगें क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अमेरिका कुछ सैन्य और रणनीतिक शर्तों पर पहले सहमति चाहता हैईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैबिना ठोस सुरक्षा गारंटी के किसी समझौते के पक्ष में नहीं है डोनाल्ड ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि यह अमेरिका की सुरक्षा नीति के खिलाफ है। इजरायल की भूमिकाइस मुद्दे पर बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सख्त बयान दिया है। उनका कहना है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम(समृद्ध यूरेनियम) को खत्म किए बिना क्षेत्र में स्थायी शांति संभव नहीं है। तनाव की मौजूदा स्थितिदोनों देशों के बीच पहले भी सीमित सैन्य तनाव देखा गया हैकुछ दौर की वार्ता और अस्थायी युद्धविराम लागू हुए थेलेकिन भरोसे की कमी के कारण स्थायी समाधान अभी भी दूर हैईरान का प्रस्ताव शांति और सुरक्षा गारंटी पर आधारित है, जबकि अमेरिका इसे रणनीतिक रूप से अस्वीकार्य मान रहा है। इसी टकराव के कारण मध्य-पूर्व में तनाव बरकरार है। फिलहाल स्थिति यह है कि दोनों पक्ष बातचीत के बावजूद किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं, जिससे क्षेत्रीय शांति की राह अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
PPF नियम: मैच्योरिटी के बाद एक्सटेंशन नहीं कराया तो भी पैसा रहेगा सुरक्षित, जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली ।पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबे समय से भारत की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक माना जाता है। सुरक्षित निवेश, निश्चित रिटर्न और टैक्स छूट जैसे फायदे इसे आम निवेशकों के बीच खास बनाते हैं। इस योजना की मूल अवधि 15 साल होती है, जिसके बाद निवेशक के पास अपने खाते को लेकर कुछ विकल्प होते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर मैच्योरिटी के बाद एक्सटेंशन का फॉर्म समय पर जमा करना भूल जाएं, तो क्या उनका पैसा खतरे में पड़ सकता है? असल में, PPF में निवेशक के लिए मैच्योरिटी के बाद तीन मुख्य विकल्प होते हैं। पहला विकल्प होता है कि पूरा पैसा निकालकर खाता बंद कर दिया जाए। दूसरा विकल्प यह होता है कि खाते को आगे बढ़ाकर उसमें नया निवेश जारी रखा जाए। तीसरा विकल्प यह होता है कि खाते को चालू रखा जाए लेकिन उसमें कोई नया योगदान न किया जाए। अगर कोई निवेशक मैच्योरिटी के बाद खाते को आगे बढ़ाना चाहता है और उसमें नियमित निवेश भी जारी रखना चाहता है, तो इसके लिए उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस में जरूरी फॉर्म जमा करना होता है। लेकिन यदि कोई निवेशक यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं करता, तो घबराने की जरूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में PPF खाता अपने आप 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ता रहता है। यानी खाता बंद नहीं होता और निवेशक का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशकों की लंबी अवधि की बचत सुरक्षित बनी रहे, भले ही वे समय पर औपचारिकता पूरी न कर पाएं। हालांकि, इस ऑटो एक्सटेंशन की स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह होता है कि निवेशक नए योगदान नहीं कर सकता। यानी खाते में पहले से जमा राशि पर ही ब्याज मिलता रहता है, लेकिन अतिरिक्त निवेश की अनुमति नहीं होती। साथ ही, निवेशक को हर वित्तीय वर्ष में केवल एक बार आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है, जिससे वह जरूरत पड़ने पर अपनी बचत का उपयोग कर सकता है। PPF पर मिलने वाला ब्याज सरकार द्वारा तय किया जाता है और यह समय-समय पर बदल सकता है। खास बात यह है कि एक्सटेंशन की स्थिति में भी यह ब्याज नियमित रूप से मिलता रहता है, जिससे निवेश की वृद्धि जारी रहती है। यही कारण है कि PPF को लंबी अवधि की सुरक्षित और स्थिर निवेश योजना माना जाता है। निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति भविष्य में नियमित रूप से निवेश जारी रखना चाहता है, तो उसे समय पर एक्सटेंशन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। इससे वह नए योगदान का लाभ भी उठा सकता है और कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सकता है।
सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट, ज्वेलरी स्टॉक्स में मचा हड़कंप, कई कंपनियों के शेयर टूटे

नई दिल्ली । सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही, जहां सोमवार को कारोबार की शुरुआत से ही भारी गिरावट का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स दबाव में रहे और पूरे दिन निवेशकों की चिंता बढ़ती रही। खासकर ज्वेलरी सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा, जहां कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही टाइटन के शेयर में गिरावट देखने को मिली और कुछ ही समय में इसमें लगभग 7 प्रतिशत तक की कमी आ गई। इसी तरह ज्वेलरी सेक्टर की अन्य कंपनियां भी दबाव में रहीं और निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी। कल्याण ज्वेलर्स और सेनको गोल्ड जैसे स्टॉक्स में भी 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, जिससे पूरे सेक्टर में हड़कंप मच गया। इस गिरावट का असर केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बाजार पर इसका दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी बड़े नुकसान के साथ ट्रेड करता नजर आया। बाजार में इस अचानक कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया और कई ट्रेडर्स सतर्क हो गए। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार की स्थिति को कमजोर किया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता कम हुई, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंता और बढ़ा दी है, जिससे इक्विटी बाजार पर दबाव बना हुआ है। ज्वेलरी सेक्टर में आई इस बड़ी गिरावट का एक कारण निवेशकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया भी माना जा रहा है। सोने की मांग और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े संकेतों ने इस सेक्टर को सीधे प्रभावित किया, जिससे अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। कुल मिलाकर, आज का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर साबित हुआ, जहां ज्वेलरी स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता का है, क्योंकि वैश्विक संकेत और घरेलू बाजार की स्थिति मिलकर आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव बनाए रख सकते हैं।
GWALIOR FAMILY ASSAULT: पति से विवाद के बाद, बहू ने दबाया सास का गाला; जान से मरने की कोशिश

HIGHLIGHTS: पति-पत्नी के विवाद के बाद हुआ खूनी संघर्ष बहू पर मायके पक्ष को बुलाकर हमला कराने का आरोप सास का गला दबाने का आरोप, 5 दिन ICU में भर्ती घर में तोड़फोड़, CCTV फुटेज भी सामने आया डेढ़ महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR GWALIOR FAMILY ASSAULT: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित नारायण विहार कॉलोनी में पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि बहू सोनम ने विवाद के बाद अपने माता-पिता और भाइयों को ससुराल बुला लिया। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने घर पहुंचकर दामाद और ससुराल वालों के साथ मारपीट की। घटना 27 मार्च रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। RO Filter Scam Alert: बिना जांच हर 6 महीने फिल्टर बदलवाना पड़ सकता है बड़ा नुकसान सास का गला दबाने का आरोप पीड़ित 50 वर्षीय गुड्डी प्रजापति के अनुसार, बहू के भाई राहुल, नितिन और अरुण प्रजापति ने उनके बेटे संजू के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इसी दौरान बहू की मां वैजन्ती पर आरोप है कि उन्होंने अपनी समधिन गुड्डी देवी के साथ मारपीट की और गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। हमले में महिला की हालत गंभीर हो गई और उनके मुंह व नाक से खून निकलने लगा। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 5 दिन ICU और 10 दिन जनरल वार्ड में इलाज चला। गुरु प्रदोष व्रत 2026: 14 मई को बन रहा शुभ योग, शिव कृपा से पूरी होंगी मनोकामनाएं, जानें मुहूर्त और पूजा विधि CCTV में दिखे आरोपी पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने घर में रखी बाइक, ई-स्कूटी और वॉशिंग मशीन सहित कई सामान में तोड़फोड़ की। जिसके बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें आरोपी आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी नजर आई है। नेचुरल ग्लो का सीक्रेट है हल्दी! चेहरे की कई समस्याओं में ऐसे करती है असर डेढ़ महीने बाद दर्ज हुई FIR पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस लंबे समय तक कार्रवाई करने से मन करती रही। कई बार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने पर करीब डेढ़ महीने बाद मामला दर्ज किया गया। गोला का मंदिर थाना पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
UP PGT Answer Key 2026 जल्द जारी: लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म होने वाला

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा देने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया अब अगले चरण में प्रवेश करने वाली है। पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) परीक्षा के बाद अब उम्मीदवारों की नजर आंसर की पर टिकी हुई है, जो जल्द ही जारी की जा सकती है। इसके जारी होते ही अभ्यर्थी अपने परीक्षा प्रदर्शन का वास्तविक आकलन कर सकेंगे। UP PGT Answer Key 2026 जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान आधिकारिक उत्तर कुंजी से कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी व्यक्तिगत रिस्पॉन्स शीट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि उन्होंने परीक्षा में किन प्रश्नों के उत्तर दिए थे। यह प्रक्रिया उम्मीदवारों को अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगाने में मदद करेगी और उन्हें फाइनल परिणाम से पहले अपनी स्थिति समझने का अवसर देगी। इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पारदर्शिता माना जाता है। उत्तर कुंजी जारी होने से यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष रहे और किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। इसी कारण आंसर की जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाता है। यदि किसी उम्मीदवार को किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर संदेह होता है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कर सकता है। इसके लिए उसे प्रमाण या उपयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। सभी आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाती है, जिसके आधार पर परिणाम तैयार किया जाता है। Uttar Pradesh Secondary Education Service Selection Board द्वारा आयोजित यह परीक्षा राज्य में प्रवक्ता स्तर के शिक्षकों की भर्ती के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, जिससे यह राज्य की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक बन जाती है। आंसर की जारी होने की प्रक्रिया उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे उन्हें न केवल अपने प्रदर्शन का आकलन करने का मौका मिलता है, बल्कि आगे की तैयारी और चयन प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिलती है। यह कदम भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाता है। आंसर की डाउनलोड करने की प्रक्रिया सरल रखी गई है। उम्मीदवार संबंधित पोर्टल पर जाकर अपने विषय और परीक्षा सेट के अनुसार आंसर की PDF डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद वे इसे अपनी रिस्पॉन्स शीट से मिलाकर अपने सही और गलत उत्तरों का विश्लेषण कर सकते हैं। फिलहाल उम्मीदवारों की निगाहें आंसर की जारी होने की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं। इसके जारी होते ही परीक्षा परिणाम को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी और चयन प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर जाएगी।
Indian Navy SSC IT Recruitment 2026: साइबर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में शानदार अवसर, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली । भारतीय नौसेना ने युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी और डिफेंस सेक्टर में करियर बनाने का एक बड़ा अवसर जारी किया है। शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत एग्जीक्यूटिव ब्रांच (Information Technology) में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती का उद्देश्य ऐसे युवाओं को शामिल करना है जो आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में काम करने के साथ-साथ देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया 16 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 1 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे उम्मीदवार आसानी से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए अभ्यर्थियों को समय पर फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है। इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को भारतीय नौसेना के एग्जीक्यूटिव ब्रांच में शामिल किया जाएगा, जहां उन्हें साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेवल कम्युनिकेशन सिस्टम जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां तकनीक और डिफेंस दोनों का महत्वपूर्ण संगम देखने को मिलता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवारों के पास कंप्यूटर साइंस, आईटी या संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग या पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा अंग्रेजी विषय में निर्धारित अंक भी जरूरी रखे गए हैं, ताकि उम्मीदवारों की संचार क्षमता मजबूत हो। इस भर्ती में पुरुष और महिला दोनों अविवाहित उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिससे समान अवसर सुनिश्चित किया गया है। आयु सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार तय जन्म तिथि के बीच आने वाले उम्मीदवार ही पात्र माने जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों का प्रशिक्षण जनवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें उन्हें नौसेना की तकनीकी प्रणाली और आधुनिक डिजिटल रक्षा ढांचे की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की तैयारी कराई जाएगी। यह भर्ती न केवल एक सरकारी नौकरी का अवसर है, बल्कि देश की सुरक्षा और तकनीकी विकास में भागीदारी का भी एक महत्वपूर्ण मौका है। आज के समय में जब रक्षा क्षेत्र तेजी से तकनीक पर आधारित हो रहा है, ऐसे में यह अवसर युवाओं के लिए एक मजबूत और भविष्य सुरक्षित करियर विकल्प साबित हो सकता है।
अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को राहत नहीं, सुल्तानपुर कोर्ट में अगली सुनवाई 21 मई को तय

नई दिल्ली । सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई एक बार फिर हुई, जिसमें अब अगली तारीख 21 मई 2026 तय कर दी गई है। यह मामला कई साल पुराने उस बयान से जुड़ा बताया जाता है, जो कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए कथित टिप्पणी से संबंधित है। इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका। इसी वजह से अदालत ने अगली सुनवाई के लिए नई तारीख निर्धारित कर दी। यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में चल रहा है और समय-समय पर इसकी सुनवाई होती रही है। इस केस में वादी पक्ष की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि वे कोर्ट के एक पुराने आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। वकील की ओर से यह भी कहा गया कि आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें राहुल गांधी की आवाज का नमूना जांच के लिए देने की बात शामिल थी। इस फैसले के बाद भी मामला आगे बढ़ता रहा और अब अदालत ने वादी पक्ष को अपनी दलीलों के लिए अंतिम मौका भी दिया है। यह पूरा मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत में चल रही प्रक्रिया के बीच दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों को मजबूती से पेश कर रहे हैं। अब सभी की नजरें 21 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।
शिक्षक बनने का सपना होगा पूरा, CTET 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली । शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे देशभर के लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है जो केंद्र सरकार के स्कूलों में शिक्षक के रूप में करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 जून 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है। इस परीक्षा का आयोजन 6 सितंबर 2026 को पूरे देश में एक साथ किया जाएगा। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं क्योंकि इसे शिक्षक भर्ती की दिशा में पहला और अनिवार्य कदम माना जाता है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की शिक्षण क्षमता और योग्यता को परखने का माध्यम होती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे उम्मीदवार आसानी से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है, उसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होती है। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और फीस जमा करने के बाद फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करना होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें। CTET परीक्षा देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी और इसे कई भाषाओं में कराया जाएगा ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के उम्मीदवार आसानी से परीक्षा दे सकें। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में होगी और इसमें दो पेपर शामिल होंगे। पहला पेपर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए होता है, जबकि दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8 तक के लिए निर्धारित है। इस परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवार केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए पात्र माने जाते हैं। इसमें केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे संस्थान प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। इसके अलावा कई अन्य सरकारी स्कूलों में भी CTET को अनिवार्य योग्यता के रूप में स्वीकार किया जाता है। शैक्षणिक योग्यता के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं, जिसमें डिप्लोमा, स्नातक और B.Ed जैसी योग्यताएं शामिल होती हैं।