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आम के मौसम में एक्ने-प्रोन स्किन के लिए अपनाएं ये डे और नाइट स्किन केयर रूटीन गर्मी और उमस में बढ़ जाती है स्किन प्रॉब्लम

नई दिल्ली ।गर्मियों और आम के मौसम में पसीना, धूल और बढ़ा हुआ ऑयल प्रोडक्शन मिलकर स्किन को ज्यादा चिपचिपा बना देते हैं। इसी वजह से एक्ने-प्रोन स्किन वालों के लिए पिंपल्स और ब्लैकहेड्स की समस्या और बढ़ जाती है। सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। डे टाइम स्किन केयर रूटीन1. हल्का फेसवॉश जरूर करें सुबह उठकर सबसे पहले चेहरे को हल्के जेल-बेस्ड या सैलिसिलिक एसिड वाले फेसवॉश से धोएं। इससे एक्स्ट्रा ऑयल और बैक्टीरिया हट जाते हैं। 2. टोनर का इस्तेमाल करें गुलाब जल या एलोवेरा बेस्ड टोनर स्किन के पोर्स को टाइट करता है और ऑयल कंट्रोल करने में मदद करता है। 3. ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं एक्ने स्किन को भी हाइड्रेशन की जरूरत होती है। हल्का, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि स्किन ड्राई न हो। 4. सनस्क्रीन लगाना न भूलें SPF 30 या उससे ज्यादा वाला जेल-बेस्ड सनस्क्रीन जरूर लगाएं। यह टैनिंग और पिंपल्स के दाग बढ़ने से बचाता है। नाइट स्किन केयर रूटीन1. डबल क्लींजिंग करें दिनभर की धूल, पसीना और मेकअप हटाने के लिए पहले माइसेलर वॉटर और फिर फेसवॉश का इस्तेमाल करें।2. ट्रीटमेंट सीरम लगाएं अगर पिंपल्स ज्यादा हैं तो सैलिसिलिक एसिड या नियासिनामाइड वाला सीरम इस्तेमाल करें। यह सूजन और एक्ने कम करने में मदद करता है। 3. हल्का मॉइश्चराइजर रात में भी स्किन को हाइड्रेट रखना जरूरी है, इसलिए जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। 4. नीम या एलोवेरा जेल नेचुरल स्किन सूदिंग के लिए हल्का नीम या एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। अतिरिक्त टिप्स जो स्किन को रखें साफदिन में 2–3 लीटर पानी जरूर पिएंज्यादा ऑयली और जंक फूड से बचेंतकिया कवर और तौलिया साफ रखेंबार-बार चेहरे को हाथ न लगाएंहफ्ते में 1–2 बार हल्का फेस मास्क लगाएं ध्यान रखने वाली बात अगर एक्ने ज्यादा गंभीर हैं या लगातार बढ़ रहे हैं, तो घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर न रहें और डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

DSP म्यूचुअल फंड का नया ETF आया बाजार में, FMCG सेक्टर में निवेश का खुला आसान रास्ता

नई दिल्ली । DSP म्यूचुअल फंड ने निवेशकों के लिए एक नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च किया है, जो घरेलू खपत और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े FMCG सेक्टर पर आधारित है। यह नया फंड Nifty FMCG Index को ट्रैक करेगा और निवेशकों को इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में सरल और कम लागत में निवेश का अवसर देगा। यह नया ETF एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जिसका सब्सक्रिप्शन हाल ही में शुरू हुआ है और कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इसके बाद यह फंड दोबारा निवेश के लिए उपलब्ध होगा। इस योजना का उद्देश्य निवेशकों को FMCG सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी में भागीदार बनाना है, जो भारत की मजबूत घरेलू खपत से जुड़ी हुई मानी जाती है। इस फंड के तहत उन कंपनियों में निवेश किया जाएगा जो पैकेज्ड फूड, पर्सनल केयर, पेय पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के निर्माण और बिक्री से जुड़ी हैं। यह पूरा निवेश Nifty FMCG Index के अनुसार किया जाएगा, जिसमें लगभग 15 बड़ी लिस्टेड कंपनियां शामिल हैं। फंड हाउस के अनुसार, यह ETF उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो लंबे समय के लिए निवेश कर कैपिटल ग्रोथ की उम्मीद रखते हैं। इसके अलावा, जो निवेशक कम लागत में किसी एक सेक्टर में डायवर्सिफाइड एक्सपोजर चाहते हैं, उनके लिए भी यह एक विकल्प बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि FMCG सेक्टर की मांग आमतौर पर स्थिर रहती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा होता है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत संतुलित रहता है, जिससे यह निवेशकों के लिए आकर्षक बनता है। इस फंड की एक खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम निवेश राशि अपेक्षाकृत कम रखी गई है, जिससे छोटे निवेशक भी इसमें भाग ले सकते हैं। साथ ही, इसमें कोई एग्जिट लोड नहीं है, जिससे निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार एंट्री और एग्जिट कर सकते हैं। कुल मिलाकर यह नया ETF उन निवेशकों के लिए एक आसान और पारदर्शी विकल्प माना जा रहा है, जो FMCG सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनना चाहते हैं, बिना सीधे शेयर चुनने की जटिलता में पड़े।

आरबीआई से सरकार को मिल सकता है अब तक का सबसे बड़ा लाभांश, आर्थिक दबाव के बीच मजबूत होगी वित्तीय स्थिति

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को अब तक का सबसे बड़ा लाभांश देने की तैयारी में है, जिससे सरकार को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है। यह लाभांश सरकार के लिए ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वैश्विक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संभावित आय से सरकार को बजट प्रबंधन और विकास योजनाओं को संतुलित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। पिछले वित्त वर्ष में भी RBI ने सरकार को रिकॉर्ड स्तर का लाभांश दिया था, जिसने सरकारी खजाने को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार भी अनुमान लगाया जा रहा है कि राशि पिछले आंकड़ों को पार कर सकती है, जिससे गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। आरबीआई की ओर से लाभांश का निर्धारण उसके केंद्रीय निदेशक मंडल द्वारा तय आर्थिक पूंजी ढांचे के आधार पर किया जाता है, जिसमें जोखिम प्रावधानों और वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखा जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत हर साल सरकार को अधिशेष राशि हस्तांतरित की जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन में सुधार भी इस संभावित वृद्धि का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, बढ़ता ऋण विस्तार और मजबूत आय के चलते बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सकारात्मक असर समग्र वित्तीय प्रणाली पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आने वाले वित्त वर्ष में गैर-कर राजस्व में भी स्थिरता या हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जबकि कर संग्रह में भी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इससे सरकार को अपने राजकोषीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

रेल नेटवर्क में बड़ा विस्तार, गुजरात की डबल लाइन परियोजना को मंजूरी, 284 गांवों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली । Cabinet Committee on Economic Affairs ने गुजरात में एक बड़ी रेलवे परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत अहमदाबाद-धोलेरा के बीच सेमी-हाईस्पीड डबल रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना देश के रेलवे ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इसकी अनुमानित लागत 20,667 करोड़ रुपए बताई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, प्रस्तावित धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इससे न केवल यात्रियों की यात्रा का समय कम होगा, बल्कि एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा भी संभव हो सकेगी। नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लगभग 134 किलोमीटर लंबी यह परियोजना करीब 284 गांवों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे करीब 5 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना भी जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश में सेमी-हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी। इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना पर विचार किया जा सकता है, जिससे रेलवे सिस्टम और अधिक आधुनिक और तेज बनाया जा सके। यह परियोजना राष्ट्रीय अवसंरचना विकास योजना के तहत तैयार की गई है, जिसमें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे न केवल यात्री परिवहन बल्कि माल ढुलाई भी अधिक प्रभावी हो सकेगी। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रेलवे एक ऊर्जा-कुशल और कम प्रदूषण वाला परिवहन माध्यम है। अनुमान है कि इससे ईंधन की खपत में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

Android 17 अपडेट का धमाका, कैमरा क्वालिटी से लेकर फाइल ट्रांसफर तक सब हुआ आसान

नई दिल्ली । मोबाइल टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है क्योंकि Google ने अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम Android 17 पेश कर दिया है। इस नए अपडेट के साथ स्मार्टफोन इस्तेमाल करने का तरीका काफी हद तक बदल सकता है, खासकर उन यूजर्स के लिए जो सोशल मीडिया, फोटोग्राफी और फाइल शेयरिंग पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। Android 17 में सबसे बड़ा फोकस कैमरा और वीडियो क्वालिटी को बेहतर बनाने पर रखा गया है। खासकर इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर वीडियो अपलोड करते समय जो क्वालिटी लॉस की समस्या आती थी, उसे काफी हद तक कम किया गया है। नए अपडेट में Ultra HDR वीडियो सपोर्ट और बेहतर नाइट मोड इंटीग्रेशन दिया गया है, जिससे लो-लाइट में भी साफ और शार्प वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकेंगे। इससे एंड्रॉयड यूजर्स को अब iPhone जैसी बेहतर सोशल मीडिया वीडियो क्वालिटी का अनुभव मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा Google और Meta के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन की वजह से इंस्टाग्राम ऐप का एंड्रॉयड अनुभव और भी स्मूद हो जाएगा। अब वीडियो एडिटिंग और अपलोडिंग के दौरान कम कंप्रेशन और बेहतर प्रोसेसिंग देखने को मिलेगी। एडिटिंग ऐप्स में भी नए टूल्स जोड़े जा रहे हैं, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को ज्यादा क्रिएटिव कंट्रोल मिलेगा। Android 17 में एक नया फीचर “Pause Point” भी जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य यूजर्स की डिजिटल आदतों को बेहतर बनाना है। यह फीचर लगातार ऐप्स स्क्रॉल करने की आदत को नियंत्रित करने में मदद करेगा और स्क्रीन टाइम को मैनेज करने में उपयोगी साबित हो सकता है। आज के समय में जहां सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग एक चिंता का विषय बन चुका है, यह फीचर डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फाइल शेयरिंग के मामले में भी Android 17 एक बड़ा अपग्रेड लेकर आया है। Quick Share फीचर को अब और ज्यादा डिवाइसेज के साथ कंपैटिबल बनाया जा रहा है। इसकी मदद से यूजर्स एंड्रॉयड और अन्य प्लेटफॉर्म्स के बीच तेजी से और आसानी से फाइल ट्रांसफर कर पाएंगे। यह फीचर कई मायनों में Apple के AirDrop जैसा अनुभव देने की कोशिश करता है, जिससे क्रॉस-प्लेटफॉर्म शेयरिंग आसान हो सके। सुरक्षा के मोर्चे पर भी Android 17 को और मजबूत बनाया गया है। इसमें फर्जी कॉल्स, स्पैम और बैंकिंग फ्रॉड कॉल्स को ऑटोमैटिक ब्लॉक करने जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। साथ ही Google Play Store पर आने वाले संदिग्ध ऐप्स को रियल टाइम में पहचानने और रोकने की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे यूजर्स को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिल सके। कुल मिलाकर Android 17 सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं बल्कि एक बेहतर, तेज और ज्यादा सुरक्षित मोबाइल अनुभव की ओर कदम है। यह अपडेट आने वाले महीनों में धीरे-धीरे अलग-अलग डिवाइसेज के लिए रोल आउट किया जाएगा, जिससे करोड़ों यूजर्स को इसका फायदा मिलेगा।

Apple sale 2026: Apple की प्रीमियम डिवाइसेज सस्ते दामों में, iPhone और MacBook पर आकर्षक ऑफर्स की बाढ़

 Apple sale 2026:नई दिल्ली । प्रीमियम टेक्नोलॉजी सेगमेंट में इस समय एक बड़ी कीमत गिरावट देखने को मिल रही है, जहां Apple के iPhone, iPad, MacBook और AirPods जैसे लोकप्रिय डिवाइसेज पर ग्राहकों को भारी छूट का फायदा मिल रहा है। इस ऑफरिंग के चलते हाई-एंड गैजेट्स खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए यह समय काफी आकर्षक माना जा रहा है।जानकारी के अनुसार, सीमित अवधि के लिए शुरू की गई इस सेल में Apple के कई प्रोडक्ट्स की प्रभावी कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। खास बात यह है कि यह छूट केवल सीधी कीमत कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक्सचेंज ऑफर, बैंक कार्ड डिस्काउंट, लॉयल्टी पॉइंट्स और अन्य डिजिटल पेमेंट बेनिफिट्स को मिलाकर कुल कीमत और भी कम हो जाती है। iPhone सेगमेंट में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा नई और पुरानी दोनों सीरीज को लेकर हो रही है। कुछ मॉडल्स की कीमतें लगभग आधी तक पहुंच गई हैं, जिससे मिड-रेंज और प्रीमियम खरीदार दोनों को फायदा मिल रहा है। वहीं, iPad के नए और पुराने वर्जन भी पहले की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल यूजर्स के बीच इन डिवाइसेज की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। India’s Economic Growth: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत का व्यापार मजबूत, मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में हल्की बढ़त की संभावना MacBook सेगमेंट में भी आकर्षक ऑफर्स देखने को मिल रहे हैं। लैपटॉप की कीमतों में भारी कटौती के साथ-साथ स्टूडेंट ऑफर्स और EMI विकल्पों ने इसे और सुलभ बना दिया है। इससे उन लोगों के लिए भी Apple का लैपटॉप खरीदना आसान हो गया है जो पहले बजट के कारण पीछे रह जाते थे। इसके अलावा AirPods और Apple Watch जैसे एक्सेसरी प्रोडक्ट्स पर भी डिस्काउंट दिया जा रहा है। वायरलेस ऑडियो और स्मार्ट वियरेबल डिवाइसेज की कीमतों में आई इस गिरावट से टेक-लवर्स के बीच उत्साह देखा जा रहा है। खासकर वे यूजर्स जो Apple इकोसिस्टम में एंट्री करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की सेल्स का उद्देश्य प्रीमियम सेगमेंट में ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करना होता है। साथ ही, कंपनियां पुराने स्टॉक को क्लियर कर नए मॉडल्स के लिए जगह भी बनाती हैं। हालांकि, अंतिम कीमतें स्टॉक, शहर और एक्सचेंज डिवाइस की स्थिति पर निर्भर करती हैं, इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले सभी शर्तों को ध्यान से समझने की सलाह दी जाती है।

High Cholesterol: तला-भुना खाना कितना खतरनाक? जानें कैसे कम तेल से सुधर सकती है आपकी हेल्थ

 High Cholesterol: नई दिल्ली । आज के समय में तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना लोगों की डाइट का एक आम हिस्सा बन चुका है। भारतीय रसोई में तड़के से लेकर डीप फ्राई डिशेज तक तेल का इस्तेमाल काफी अधिक होता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन शरीर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। ज्यादा ऑयली खाना सबसे पहले पाचन तंत्र पर असर डालता है। ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को अधिक समय और ऊर्जा लगती है, जिससे कई लोगों को पेट भारी लगना, एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं। धीरे-धीरे यह आदत पाचन क्षमता को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा, ज्यादा तला हुआ खाना मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड में मौजूद अनहेल्दी फैट्स शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका सीधा संबंध दिमाग के कामकाज और मूड से भी जोड़ा जाता है। कुछ रिसर्च में ऐसे खान-पान को तनाव और मानसिक अस्थिरता से भी जोड़ा गया है। CM Dhami: पीएम मोदी की अपील का असर, उत्तराखंड में सीएम धामी ने घटाया काफिला, ऊर्जा संरक्षण पर दिया जोर लंबे समय तक अधिक तेल वाला भोजन करने से वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। फ्राइड फूड में कैलोरी अधिक होती है, जबकि पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और मोटापा बढ़ सकता है। यही स्थिति आगे चलकर कई अन्य बीमारियों की वजह बन सकती है। दिल की सेहत पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखा जाता है। अधिक तेल वाला भोजन बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ज्यादा ऑयली डाइट का असर लिवर और ब्लड शुगर पर भी पड़ सकता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है, साथ ही फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि छोटे-छोटे बदलावों से सेहत में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। डीप फ्राइड खाने की जगह ग्रिल्ड या बेक्ड विकल्प अपनाना, साथ ही डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

GWALIOR CRIME BRANCH ACTION: ग्वालियर में 1.41 करोड़ के मोबाइल बरामद, असली मालिकों को लौटाए वापस

GWALIOR CRIME BRANCH ACTION

HIGHLIGHTS: ग्वालियर पुलिस ने 571 मोबाइल किए बरामद IMEI ट्रैकिंग से 9 राज्यों से मिले फोन मोबाइलों की कीमत करीब 1.41 करोड़ रुपए महीनों बाद फोन मिलने पर लोग हुए भावुक जागरूक नागरिकों को पुलिस ने किया सम्मानित   GWALIOR CRIME BRANCH ACTION: मध्यप्रदेश। ग्वालियर पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो महीनों में 571 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 41 लाख रुपए बताई जा रही है। मोबाइल वापस मिलने पर सैकड़ों लोगों के चेहरों पर खुशी नजर आई। Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल 9 राज्यों से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ग्वालियर से गुम हुए मोबाइल देश के कई राज्यों में एक्टिव पाए गए। इनमें दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश और झांसी जैसे इलाके शामिल हैं। साइबर सेल की टीम ने मोबाइल के IMEI नंबर के जरिए लगातार ट्रैकिंग कर इन फोनों को बरामद किया। Datiya Illegal Liquor Factory: दतिया में अवैध शराब फैक्ट्री पर पुलिस का बड़ा छापा, 3 हजार लीटर गुड़ लाहन नष्ट कई बड़ी कंपनियों के फोन बरामद बरामद मोबाइलों में Apple, Samsung, OnePlus, Vivo, Redmi, Oppo, Realme, Motorola और Tecno जैसी कंपनियों के फोन शामिल हैं। कई लोगों ने बताया कि फोन खोने के बाद उन्होंने उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। महीनों बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोग भावुक नजर आए और पुलिस टीम का आभार जताया। Gautam Gambhir Datia Visit: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पहुंचे दतिया, मां पीतांबरा के दरबार में टेका माथा जागरूक नागरिकों को किया सम्मानित इस अभियान में आम लोगों की भी अहम भूमिका रही। लावारिस मोबाइल मिलने या गुम फोन की सूचना पुलिस तक पहुंचाने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की वजह से पुलिस को बड़ी सफलता मिलती है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी IMEI ट्रैकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।

Hair Care Tips: हेयर स्टीमिंग से डैंड्रफ का होगा खात्मा, हेयर फॉल में मिलेगी राहत-जानिए इसके बड़े फायदे

  Hair Care Tips: नई दिल्ली ।  हेयर स्टीमिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हल्की भाप (steam) की मदद से बालों और स्कैल्प को गर्माहट दी जाती है। यह भाप बालों की जड़ों तक पहुंचकर उन्हें नमी और पोषण देने का काम करती है। आजकल प्रदूषण, स्ट्रेस और केमिकल प्रोडक्ट्स की वजह से बालों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हेयर स्टीमिंग एक नेचुरल और असरदार तरीका माना जाता है जो बालों को अंदर से रिपेयर करता है।  हेयर स्टीमिंग कैसे करता है काम? जब बालों पर हल्की भाप दी जाती है, तो स्कैल्प के पोर्स खुल जाते हैं। इससे ऑयल, हेयर मास्क या कंडीशनर बालों की जड़ों तक अच्छे से पहुंच पाते हैं। इस प्रक्रिया से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स एक्टिव होते हैं और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है।  हेयर स्टीमिंग के बड़े फायदे हेयर स्टीमिंग बालों की कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद माना जाता है। डैंड्रफ कम करता है  स्कैल्प को साफ और हाइड्रेट रखता है हेयर फॉल रोकता है  जड़ों को मजबूत बनाता है बालों में नमी बढ़ाता है  रूखे और बेजान बालों को सॉफ्ट बनाता है बालों की ग्रोथ में मदद करता है  ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है शाइन और स्मूदनेस लाता है  बालों को सिल्की बनाता है  घर पर कैसे करें हेयर स्टीमिंग? घर पर हेयर स्टीमिंग करना भी आसान है। इसके लिए गर्म पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ लें और उसे बालों पर 10–15 मिनट तक लपेटें। आप चाहें तो स्टीमर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि भाप ज्यादा गर्म न हो, वरना स्कैल्प को नुकसान हो सकता है।  कितनी बार करें हेयर स्टीमिंग? हेयर स्टीमिंग हफ्ते में 1 बार करना काफी होता है। बहुत ज्यादा करने से बालों की प्राकृतिक नमी भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है।  ध्यान रखने वाली बातें हेयर स्टीमिंग के तुरंत बाद बालों को ठंडी हवा या धूप में न रखें। साथ ही केमिकल शैम्पू का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें ताकि इसका असर लंबे समय तक बना रहे। हेयर स्टीमिंग एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है जो बालों की कई समस्याओं को कम करने में मदद करता है। अगर इसे सही तरीके से नियमित किया जाए, तो डैंड्रफ, हेयर फॉल और रूखेपन से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल

नई दिल्ली । आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स और गलत खानपान का सीधा असर बालों पर पड़ता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। डैंड्रफ और हेयर फॉल भी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में हेयर स्पा बालों के लिए एक डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट की तरह काम करता है, जो स्कैल्प को पोषण देकर बालों को फिर से हेल्दी बनाता है। हेयर स्पा कैसे करता है काम?हेयर स्पा में आमतौर पर तीन स्टेप होते हैं-हेयर क्लीनिंग, मसाज और डीप कंडीशनिंग। सबसे पहले बालों और स्कैल्प की गहराई से सफाई की जाती है, जिससे धूल-मिट्टी और अतिरिक्त ऑयल हट जाता है। इसके बाद हल्की मसाज की जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है। अंत में कंडीशनिंग मास्क लगाया जाता है, जो बालों को स्मूद और शाइनी बनाता है। हेयर स्पा के प्रमुख फायदेहेयर स्पा का नियमित इस्तेमाल बालों की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। हेयर फॉल कम करता है – जड़ों को मजबूत बनाकर बालों का झड़ना कम करता है डैंड्रफ से राहत – स्कैल्प को साफ और हेल्दी रखता है बालों में चमक लाता है – ड्राय और डल बालों को शाइनी बनाता है तनाव कम करता है – मसाज से मानसिक तनाव भी कम होता है बालों की ग्रोथ में मदद – ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर ग्रोथ को सपोर्ट करता है  कितने समय में कराना चाहिए हेयर स्पा?एक्सपर्ट्स के अनुसार हर 20 से 30 दिन में हेयर स्पा कराना अच्छा माना जाता है। हालांकि, सामान्य हेयर केयर के लिए हर 2 से 3 महीने में भी हेयर स्पा कराना काफी फायदेमंद होता है। इससे बालों को पर्याप्त पोषण मिलता रहता है और वे लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं। ध्यान रखने वाली बातेंहेयर स्पा के तुरंत बाद ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। साथ ही बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचें, क्योंकि इससे स्पा का असर कम हो सकता है। हेयर स्पा सिर्फ एक ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं बल्कि बालों की सेहत को बनाए रखने का एक जरूरी तरीका है। अगर इसे नियमित रूप से कराया जाए, तो बाल झड़ने, डैंड्रफ और रूखेपन जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है।