indian Economy: अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी संकेत: खुदरा महंगाई में फिर तेजी के संकेत

indian Economy: नई दिल्ली । भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जारी एक नई आकलन रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव फिर से बढ़ सकता है। अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में देश की औसत खुदरा महंगाई दर 5.1 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। हालांकि हाल के महीनों में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है, लेकिन वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां आगे चलकर स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। पिछले कुछ समय में खुदरा महंगाई में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन यह अब भी सीमित दायरे में बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में उपभोक्ता कीमतों पर बड़ा दबाव पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन आने वाले समय में यह स्थिति बदल सकती है। ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती लागत इस दबाव का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है, जिसका असर धीरे-धीरे परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि भी एक अहम चिंता का विषय बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने की आशंका है, जिससे आयात बिल बढ़ सकता है और इसका सीधा असर घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे न केवल ईंधन बल्कि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी का जोखिम रहता है। CM Dhami: पीएम मोदी की अपील का असर, उत्तराखंड में सीएम धामी ने घटाया काफिला, ऊर्जा संरक्षण पर दिया जोर हालांकि सरकार की ओर से ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के प्रयासों से अभी तक उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जैसे-जैसे लागत बढ़ेगी, कंपनियां इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं, जिससे महंगाई में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा खाद्य महंगाई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। मौसम से जुड़े जोखिम, खासकर कम मानसून और अल नीनो जैसी परिस्थितियां, कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। यदि फसल उत्पादन में गिरावट आती है तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आना स्वाभाविक माना जा रहा है, जिससे आम लोगों की खर्च क्षमता पर असर पड़ सकता है। अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि फिलहाल महंगाई स्थिर दिख रही है, लेकिन यह स्थिरता अस्थायी हो सकती है। आने वाले महीनों में ऊर्जा, परिवहन और खाद्य क्षेत्रों से जुड़े कारक मिलकर महंगाई की दिशा तय करेंगे।
असम के शहद से लेकर अंतरराष्ट्रीय समझौतों तक, भारत के व्यापारिक विस्तार की नई कहानी

नई दिल्ली । देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई दिशा देने की कोशिशों के बीच हाल के दिनों में व्यापार और निवेश के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। सरकार की रणनीति का फोकस न केवल निर्यात बढ़ाने पर है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान दिलाने पर भी केंद्रित है। इसी कड़ी में कई ऐसे कदम सामने आए हैं, जो भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका को दर्शाते हैं। हाल ही में असम से जुड़े एक महत्वपूर्ण कदम के तहत स्थानीय शहद को पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजा गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। यह पहलOne District One Productके तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना है। इस कदम से न केवल स्थानीय उत्पादकों को नई पहचान मिली है, बल्कि निर्यात क्षेत्र में भी एक नया विस्तार देखने को मिला है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर भी भारत की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। यह समझौता भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ समय में कई वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश और उत्पादन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने और निर्यात क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। विशेष रूप से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में भी निर्यात बढ़ाने के प्रयास तेज हुए हैं। सरकार ने गुणवत्ता मानकों और आवश्यक अनुमतियों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इससे किसानों और छोटे उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि एक उभरता हुआ उत्पादन और निर्यात केंद्र बनता जा रहा है। वैश्विक कंपनियों की बढ़ती रुचि इस बात का संकेत है कि भारत में निवेश के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर रोजगार, तकनीकी विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
नरसिंहपुर मर्डर केस: हाथ-पैर बांधकर युवक की हत्या, शव को गहरी खाई में फेंका

नई दिल्ली। राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, नरसिंहपुर के साईंखेड़ा में रहने वाली रीना किरार ने अपने बचपन के प्रेमी अरुण पटेल और उसके साथी हरनाम किरार के साथ मिलकर वीरू की हत्या की साजिश रची। वीरू को सोशल मीडिया के जरिए करीब 900 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश बुलाया गया था। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को वीरू जैसे ही रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घर में फैला खून साफ किया गया, शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया गया और बोरी में पैक कर XUV 700 से रायसेन जिले के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के पास ले जाकर करीब 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया। 7 मई को रायसेन के बाड़ी थाना क्षेत्र में सड़ी-गली लाश मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई। मौके से मिले बैग और बच्चे की कॉपी ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। कॉपी में लिखावट के आधार पर पुलिस साईंखेड़ा पहुंची और फिर उज्जैन से रीना किरार, अरुण पटेल और हरनाम किरार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह प्रेम संबंधों में जलन और विवाद था। जांच में यह भी सामने आया कि अरुण पटेल रीना के परिवार पर काफी पैसा खर्च करता था और उसने उसे SUV व जेवर भी दिलाए थे। वीरू का रीना से लगातार बढ़ता संपर्क अरुण को पसंद नहीं था, जिसके बाद साजिश रचकर हत्या कर दी गई।
Saikheda Murder Case: प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल

Saikheda Murder Case: नरसिंहपुर —मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के चर्चित साईंखेड़ा हत्याकांड में अब राजनीतिक एंगल भी जुड़ गया है। हत्या के आरोपी अरुण पटेल की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। तस्वीरों के सामने आने के बाद क्षेत्र में आरोपी की राजनीतिक पहुंच और रसूख को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वायरल तस्वीरों में आरोपी अरुण पटेल, Darshan Singh Choudhary, Narendra Shivaji Patel और पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan के साथ नजर आ रहा है। कुछ तस्वीरों में वह नेताओं को माला और गुलदस्ता भेंट करता दिखाई दे रहा है, जबकि एक फोटो सांसद के केबिन की बताई जा रही है। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भाजपा नेता की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह पूरा मामला साईंखेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां राजस्थान निवासी पप्पू उर्फ वीर जाट की हत्या कर शव को बोरी में पैक कर रायसेन जिले की सीमा में नागन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया गया था। बाड़ी पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मौके से मिले थैले, नोटबुक और हस्ताक्षरों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रीना किरार का पहले अरुण पटेल से प्रेम संबंध था और अरुण ही उसका खर्च उठाता था। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए रीना की दोस्ती राजस्थान निवासी वीर जाट से हो गई और दोनों करीब आ गए। पुलिस के अनुसार अरुण पटेल को यह रिश्ता पसंद नहीं था। इसी रंजिश के चलते 29 अप्रैल को रीना किरार, अरुण पटेल और उनके साथियों ने मिलकर वीर जाट की हत्या कर दी। चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और वाहन जब्त पुलिस ने मामले में रीना किरार, अरुण पटेल, हरनाम सिंह और कन्हैया उर्फ अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बेसबॉल डंडा और एक चारपहिया वाहन भी बरामद किया गया है। इसके अलावा साईंखेड़ा स्थित आरोपी के घर को भी सील कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर गरमाया मामला गिरफ्तारी के बाद जैसे ही आरोपी की नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया। लोग आरोपी की राजनीतिक पहचान और प्रभाव को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता और तेंदूखेड़ा के पूर्व विधायक Sanjay Sharma ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
Gautam Gambhir Datia Visit: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पहुंचे दतिया, मां पीतांबरा के दरबार में टेका माथा

HIGHLIGHTS: गौतम गंभीर पहुंचे दतिया के पीतांबरा पीठ मां पीतांबरा देवी के किए दर्शन धूमावती माई की आरती में हुए शामिल मंदिर परिसर में जुटी प्रशंसकों की भीड़ वीआईपी दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी Gautam Gambhir Datia Visit: दतिया। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर मंगलवार रात दतिया पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा देवी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। बता दें कि गौतम गंभीर मंदिर परिसर में आयोजित धूमावती माई की आरती में भी शामिल हुए और देश तथा टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। रतलाम सड़क हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटने से किशोरी की दबकर मौत, दो दिन पहले ही कटा था चालान मंदिर से जुड़ी है गंभीर की गहरी आस्था गौतम गंभीर की श्री पीतांबरा पीठ में गहरी श्रद्धा मानी जाती है। वह इससे पहले भी कई बार दतिया आ चुके हैं। क्रिकेट जगत में बड़े मुकाबलों और अहम टूर्नामेंट से पहले उनके यहां दर्शन करने की चर्चाएं अक्सर होती रही हैं। बताया जाता है कि वर्ल्ड कप के दौरान भी उन्होंने मां पीतांबरा देवी के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद लिया था। Mohun Bagan Super Giant के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस नहीं रहे, नेताओं और खेल जगत ने जताया दुख कोच को देखने उमड़ी प्रशंसकों की भीड़ जैसे ही गौतम गंभीर के मंदिर पहुंचने की जानकारी लोगों को मिली, मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्रिकेट फैंस जमा हो गए। लोग उन्हें करीब से देखने और तस्वीरें लेने के लिए उत्साहित नजर आए। सादगी भरे अंदाज में पहुंचे गंभीर ने भी वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात सुरक्षा के रहे खास इंतजाम वीआईपी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर के मुख्य मार्गों और आसपास पुलिस बल तैनात रहा ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे। अतिरिक्त व्यवस्थाओं के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रही।
AIADMK PARTY: अम्मा के बाद बिखरती AIADMK! क्या 2026 में खत्म हो जाएगी MGR-जयललिता की राजनीतिक विरासत?

AIADMK PARTY:नई दिल्ली ।तमिलनाडु की राजनीति में कभी बेहद मजबूत मानी जाने वाली All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। 2026 विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद पार्टी के भीतर लंबे समय से दबा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पार्टी एक और बड़े विभाजन की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या एमजीआर और J. Jayalalithaa द्वारा खड़ी की गई यह राजनीतिक विरासत अब बिखरने की ओर बढ़ रही है। चुनावी हार के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी के भीतर एक बड़ा गुट खुलकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा रणनीति और फैसलों ने पार्टी को कमजोर कर दिया है, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों में दिखाई दिया। यही कारण है कि अब संगठन के भीतर दो अलग-अलग धड़े स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। तमिलनाडु विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भी पार्टी के भीतर का मतभेद खुलकर सामने आ गया। विधायकों के अलग-अलग समूहों में दिखाई देने से यह साफ संकेत मिला कि अंदरूनी एकजुटता लगभग खत्म होती जा रही है। कुछ नेताओं ने खुले तौर पर मौजूदा नेतृत्व को अस्वीकार करते हुए नए चेहरे को आगे लाने की मांग की। इस घटनाक्रम ने पार्टी समर्थकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। . वीआईपी कल्चर में बदलाव! सीमित काफिले के साथ निकले मुख्यमंत्री, सादगी की नई मिसाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam पहले भी कई बार आंतरिक संघर्षों का सामना कर चुकी है, लेकिन इस बार स्थिति पहले से कहीं ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। पार्टी के संस्थापक M. G. Ramachandran और बाद में J. Jayalalithaa के नेतृत्व में संगठन ने तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई थी, लेकिन अब करिश्माई नेतृत्व की कमी साफ महसूस की जा रही है। विवाद की एक बड़ी वजह भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी बताई जा रही है। पार्टी के भीतर कुछ नेता बदलते राजनीतिक समीकरणों के अनुसार नई साझेदारी और गठबंधन की वकालत कर रहे हैं, जबकि दूसरा पक्ष पुराने ढर्रे पर आगे बढ़ना चाहता है। इसी टकराव ने संगठन के भीतर दूरी और बढ़ा दी है। चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई नेता खुलकर यह कह रहे हैं कि अगर समय रहते संगठन में बड़े बदलाव नहीं किए गए, तो पार्टी का जनाधार और कमजोर हो सकता है। समर्थकों के बीच भी निराशा का माहौल है क्योंकि वे लगातार पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान को देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि यह विवाद और गहराया, तो पार्टी के सामने पहचान और चुनाव चिन्ह तक का संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल पूरा तमिलनाडु इस राजनीतिक संघर्ष पर नजर बनाए हुए है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोई नया नेतृत्व इस बिखरते संगठन को संभाल पाएगा या फिर यह संघर्ष पार्टी के इतिहास का सबसे बड़ा संकट साबित होगा।
IPL 2026: पहली बार आमने-सामने होंगी RCB और KKR, आंकड़ों में कोलकाता आगे

नई दिल्ली। IPL 2026 का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। बुधवार शाम रायपुर के Shaheed Veer Narayan Singh International Stadium में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और Kolkata Knight Riders के बीच सीजन का बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा और दोनों टीमों के लिए इसकी अहमियत काफी ज्यादा है। Royal Challengers Bengaluru इस समय 14 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष पर बनी हुई है। टीम आज जीत हासिल कर प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का करना चाहेगी। दूसरी ओर कोलकाता के लिए यह मुकाबला अस्तित्व की लड़ाई जैसा है। एक और हार KKR को प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर कर सकती है। 36वीं भिड़ंत, KKR का पलड़ा भारीदोनों टीमों के बीच अब तक 35 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें कोलकाता ने 20 मैच जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 15 बार जीत मिली है। हालांकि पिछले सीजन का मुकाबला RCB ने अपने नाम किया था। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। कोहली पर फिर टिकी RCB की उम्मीदेंRCB के लिए Virat Kohli शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 11 मैचों में 379 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली हुई है। पिछले मैच में मुंबई के खिलाफ क्रुणाल पंड्या की शानदार फिफ्टी और आखिरी ओवर में Bhuvneshwar Kumar के सिक्स ने टीम को जीत दिलाई थी। हालांकि कप्तान Rajat Patidar की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वे पिछले छह मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। KKR की ताकत बनी गेंदबाजीKKR की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाजी यूनिट है। Sunil Narine और Varun Chakravarthy की स्पिन जोड़ी शानदार लय में है। वहीं कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय भी लगातार विकेट निकाल रहे हैं।कोलकाता ने लगातार चार मुकाबले जीतकर जबरदस्त वापसी की है। अगर रायपुर की पिच धीमी रही तो KKR के स्पिनर्स RCB के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। पिच और मौसम रिपोर्टरायपुर की पिच संतुलित मानी जा रही है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त बाउंस मिल सकता है, जबकि बाद में बल्लेबाजी आसान होगी। यहां अब तक खेले गए IPL मुकाबलों में चेज करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 RCBविराट कोहली, जैकब बेथेल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम। KKRअजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा।
PM MODI APPEAL: वीआईपी कल्चर में बदलाव! सीमित काफिले के साथ निकले मुख्यमंत्री, सादगी की नई मिसाल

PM MODI APPEAL: नई दिल्ली। भोपाल प्रधानमंत्री Narendra Modi की पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील का असर अब मध्यप्रदेश सरकार में साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने वीवीआईपी काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या घटाकर बड़ा संदेश दिया है। अब मुख्यमंत्री के काफिले में पहले की तरह 13 गाड़ियां नहीं, बल्कि सिर्फ 7 वाहन ही नजर आए। बुधवार को जब मुख्यमंत्री भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना हुए, तब वीआईपी रोड और एयरपोर्ट रोड पर उनका छोटा काफिला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सरकार ने इसे ईंधन संरक्षण और सादगी की दिशा में अहम कदम बताया है। सीएम के इस फैसले के बाद प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री और अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। डिप्टी सीएम Rajendra Shukla ने भी अपने काफिले में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रहित में ईंधन बचत हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और विभागीय गतिविधियों में अनावश्यक वाहन उपयोग से बचा जाएगा। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहन व्यवस्था को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना भी जरूरी है, क्योंकि इससे आयातित रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। इधर, खेल एवं सहकारिता मंत्री Vishvas Sarang ने भी अपने सुरक्षा काफिले में बदलाव किया। वे केवल एक कार में स्टाफ के साथ मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह आह्वान केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। मंत्री सारंग ने कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह पेट्रोल-डीजल की खपत कम करे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी अपील की कि अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और ईंधन बचत को जनआंदोलन बनाएं। प्रदेश सरकार के इस कदम को प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इसे पीएम मोदी की अपील पर तेज और प्रतीकात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
RATLAM ROAD ACCIDENT: रतलाम सड़क हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटने से किशोरी की दबकर मौत, दो दिन पहले ही कटा था चालान

RATLAM ROAD ACCIDENT: नई दिल्ली। रतलाम मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में ओवरलोड वाहन एक बार फिर दर्दनाक हादसे की वजह बन गया। सैलाना क्षेत्र के सकरावदा गांव में बुधवार सुबह मजदूरों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 15 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, ऑटो रिक्शा (MP 43 K 2267) फूफीरुंडी गांव से करीब 25 से 30 मजदूरों को बैठाकर सैलाना की ओर जा रहा था। सुबह करीब 7:30 बजे सकरावदा के इमली चौक के पास मोड़ पर तेज रफ्तार और अत्यधिक भार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ऑटो सड़क पर पलट गया और उसमें सवार लोग उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर पहुंचे और ऑटो के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में फूफीरुंडी निवासी 15 वर्षीय कविता खराड़ी की ऑटो के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। PM MODI APPEAL: वीआईपी कल्चर में बदलाव! सीमित काफिले के साथ निकले मुख्यमंत्री, सादगी की नई मिसाल घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे में घायल कालीबाई मईड़ा और रेखा खराड़ी का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त ऑटो पर दो दिन पहले ही ओवरलोडिंग के मामले में 15 हजार रुपए का चालान किया गया था। इसके बावजूद चालक ने नियमों की अनदेखी करते हुए फिर क्षमता से अधिक मजदूरों को वाहन में बैठा लिया। सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन में कितने लोग सवार थे और सुरक्षा नियमों का कितना उल्लंघन किया गया। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इससे पहले 2 मई को भी करीब 50 मजदूरों से भरी बोलेरो खाई में गिर गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण नहीं रह पाता। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक सख्ती की जरूरत को उजागर करता है।
IPL 2026: गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी में रबाडा का दबदबा, सबा करीम ने बताया टीम का नेतृत्वकर्ता

IPL 2026: नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस (जीटी) ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जीटी की जीत में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की अहम भूमिका रही। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने रबाडा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह गुजरात की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं। जियो हॉटस्टार पर सबा करीम ने कहा, “रबाडा बेहतरीन फॉर्म में हैं और जीटी की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं। एसआरएच के खिलाफ उन्होंने अपनी ताकत का शानदार इस्तेमाल किया और पिच से अतिरिक्त बाउंस पैदा किया। वह पूरे स्पेल में शानदार दिखे। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की विकेट के लिए जिस तरह से उन्होंने योजना बनाई, वह देखने में बहुत बढ़िया था। कुल मिलाकर, वह बाकी बॉलर्स के लिए टोन सेट करते हैं और गेंदबाजी की योजना का नेतृत्व करते हैं। अन्य गेंदबाज उन्हें फॉलो करते हैं। एसआरएच के खिलाफ रबाडा ने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। RATLAM ROAD ACCIDENT: रतलाम सड़क हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटने से किशोरी की दबकर मौत, दो दिन पहले ही कटा था चालान रबाडा का पूरे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। वह सीजन के दूसरे सफल गेंदबाज हैं और 12 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। मैच पर नजर डालें तो टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस ने साई सुदर्शन के 61 और वाशिंगटन सुंदर के 50 रनों की मदद से गुजरात ने 5 विकेट पर 168 रन बनाए। 169 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी एसआरएच की बल्लेबाजी बिखर गई। टीम 14.5 ओवर में 86 रन पर सिमट गई और 82 रन से मैच हार गई। जीटी के लिए कगिसो रबाडा के अलावा जेसन होल्डर ने 4 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 ओवर में 23 रन देकर 2 विकेट लिए। सिराज और राशिद को 1-1 विकेट मिला। रबाडा प्लेयर ऑफ द मैच रहे।