हाईकोर्ट में बड़ा मोड़: राहुल गांधी के मानहानि केस की अंतिम सुनवाई पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Jabalpur स्थित हाईकोर्ट में आज एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले पर सुनवाई होने जा रही है, जिस पर पूरे राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है, जो 2018 के एक चुनावी भाषण पर आधारित है। यह मामला झाबुआ में दिए गए एक भाषण से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक का जिक्र करते हुए मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े लोगों का नाम लिया था। इसी बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने एमपी-एमएलए विशेष अदालत भोपाल में मानहानि का परिवाद दायर किया था। बाद में विशेष अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को समन जारी किया, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने Jabalpur हाईकोर्ट का रुख किया। राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका में समन और पूरे परिवाद को निरस्त करने की मांग की गई है। पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गई थीं। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि यह परिवाद तथ्यात्मक रूप से कमजोर है और इसमें लगाए गए आरोप ठोस सबूतों पर आधारित नहीं हैं। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि 2018 में कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने झाबुआ की चुनावी सभा में अपने भाषण के दौरान पनामा पेपर्स लीक का उल्लेख करते हुए कथित रूप से गलत जानकारी दी थी, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण देते हुए मध्यप्रदेश में भी ऐसी कार्रवाई न होने की बात कही थी, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष को आपत्ति है। हालांकि, बाद में राहुल गांधी ने यह स्वीकार किया था कि बयान के दौरान उनसे नाम को लेकर भ्रम हो गया था और उनका आशय किसी अन्य व्यक्ति से था। Jabalpur हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई पहले भी हो चुकी है, जिसमें कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। पिछली सुनवाई में समय मांगने पर अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया था। आज की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि यह अंतिम चरण हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो कोर्ट इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकता है कि ट्रायल जारी रहेगा या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तर पर नजर बनी हुई है।
जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Jabalpur में एक बार फिर देर रात हुई हिंसक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। गोहलपुर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जिसमें पुरानी रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है। मृतक की पहचान समता कॉलोनी निवासी भावेश वीरानी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भावेश अपने घर के पास देर रात घूम रहा था, तभी बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोपियों की पहचान अरुण, आयुष और शिव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहुंचते ही भावेश को घेर लिया और पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि तीनों हमलावरों ने युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिसमें गले और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। हमले के बाद भावेश मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। Jabalpur के गोहलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। हालांकि अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भावेश का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ACTION AGAINST SAJJAN YADAV: भिंड में वाहन रैली पड़ी भारी, बीजेपी किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त

HIGHLIGHTS: भिंड बीजेपी किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई वाहन रैली के बाद संगठन ने लिया बड़ा फैसला ग्वालियर से भिंड तक निकाली गई थी रैली पीएम मोदी की ऊर्जा बचत अपील से जोड़ा गया मामला हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर नियुक्ति निरस्त ACTION AGAINST SAJJAN YADAV: मध्यप्रदेश। भिंड में बीजेपी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। बताया जा रहा है कि ग्वालियर से भिंड तक सैकड़ों वाहनों के साथ निकाली गई रैली के बाद प्रदेश संगठन ने यह बड़ा कदम उठाया। रैली का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला संगठन तक पहुंचा, जिसके बाद कार्रवाई की गई। इंदौर में स्वास्थ्य संस्थान पर सवाल: नर्सों ने लगाए गंभीर आरोप, मैनेजमेंट पर बढ़ा दबाव पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ा मामला दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा बचत और ईंधन की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं। ऐसे समय में बड़ी संख्या में वाहनों के साथ शक्ति प्रदर्शन को संगठन ने गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व ने इसे पार्टी की विचारधारा और निर्देशों के विपरीत माना। सिस्को का पुनर्गठन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फोकस के चलते हजारों नौकरियों में कटौती संगठन ने अनुशासनहीनता से जोड़ा मामला सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। संगठन का मानना है कि पार्टी कार्यक्रमों में अनावश्यक भीड़ और वाहन रैली से गलत संदेश जाता है। इसी वजह से किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पद से सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। थोक महंगाई 8.3% पर पहुंची, कच्चे तेल ने बिगाड़ा आर्थिक संतुलन.. राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज इस कार्रवाई के बाद भिंड सहित ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी संगठन के इस फैसले को अनुशासन और संदेश दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी आगामी समय में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर और सख्ती दिखा सकती है।
मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष: ग्वालियर में सूजे से वार, पुलिस ने दर्ज किया केस

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में नशे के दौरान हुआ एक विवाद गंभीर हिंसा में बदल गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई, जिसमें एक युवक पर बर्फ फोड़ने वाले सूजे से हमला कर दिया गया और वह घायल हो गया। घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है और यह विवेकानंद चौराहे के पास हुई। जानकारी के अनुसार, थाटीपुर निवासी बाबा वाल्मीकि और दिव्यांशु हमाल तथा कुमारपुर निवासी गोलू भदौरिया एक साथ द्वारकाधीश मंदिर के पास बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में विवाद केवल गाली-गलौज तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे यह झगड़े में बदल गया। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर गोलू भदौरिया के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान पास में रखा बर्फ फोड़ने वाला सूजा (आइस पिक) उठा लिया गया और उसी से गोलू पर हमला किया गया। इस हमले में वह घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी वहां से फरार हो गए। घायल युवक किसी तरह थाटीपुर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाटीपुर थाना प्रभारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना शराब पीने के दौरान हुए विवाद का परिणाम थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। Gwalior में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि नशे में छोटी सी कहासुनी भी गंभीर अपराध में बदल सकती है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है और घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
SAF आरक्षक पर दुष्कर्म का आरोप: सगाई के बाद संबंध बनाकर शादी से इनकार का मामला

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने एसएएफ (स्पेशल आर्म्ड फोर्स) के एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। मामला माधौगंज थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमए अंतिम वर्ष की छात्रा है। उसके अनुसार 15 फरवरी को हिंदू रीति-रिवाज से उसका रोका हुआ था और 20 मार्च को परिवार की सहमति से उसकी सगाई अंकित ओझा नाम के युवक से हुई थी, जो एसएएफ सेकेंड बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और तिलक नगर स्थित सरकारी आवास में रहता है। युवती का आरोप है कि सगाई के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई और वे एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे। इसी दौरान 5 मई को दोनों की शादी तय की गई थी। शिकायत के अनुसार 3 मार्च को आरोपी ने तिलक नगर स्थित सरकारी आवास पर पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद 9 मार्च और 18 मार्च को भी ऐसे संबंध बने, जिसमें आरोपी ने यह भरोसा दिलाया कि शादी निश्चित है, इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं है। पीड़िता का कहना है कि जब परिवार ने शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने के लिए लगन की बात की, तो आरोपी ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। काफी समझाने और बातचीत के बावजूद आरोपी अपने फैसले पर अड़ा रहा और शादी करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने माधौगंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर रिश्तों में भरोसे और कानूनी जटिलताओं को लेकर चर्चा में आ गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
हॉर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय गंतव्य वाले LPG जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, ऊर्जा आपूर्ति पर वैश्विक नजरें

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल यह समुद्री गलियारा न केवल कच्चे तेल और तरलीकृत गैस के बड़े हिस्से की आवाजाही सुनिश्चित करता है, बल्कि कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा का आधार भी माना जाता है। ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में राजनीतिक और सैन्य तनाव गहराता जा रहा है, भारतीय गंतव्य वाले दो एलपीजी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ने हालात को नई दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक एलपीजी जहाज सिमी हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए अपने ट्रांसपोंडर को बंद रखने के बाद ओमान की खाड़ी में देखा गया। इसी तरह दूसरा जहाज एनवी सनशाइन भी इसी मार्ग से सुरक्षित रूप से आगे बढ़ा। दोनों जहाजों की यात्रा इस बात का संकेत देती है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की गतिविधियां पूरी तरह बाधित नहीं हुई हैं, हालांकि उन पर खतरे और अनिश्चितता का साया जरूर बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, एनवी सनशाइन जहाज संयुक्त अरब अमीरात की रुवैस रिफाइनरी से एलपीजी लेकर भारत के मंगलौर की ओर बढ़ रहा था, जबकि सिमी कतर के रस लाफान बंदरगाह से गुजरात के कांडला तक ईंधन की आपूर्ति कर रहा था। इन दोनों मार्गों का भारत के ऊर्जा ढांचे के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि देश की एलपीजी और ईंधन आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों से ही पूरा होता है। ऐसे में हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिरता सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी हुई मानी जाती है। मध्य पूर्व में हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ा है, जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह क्षेत्र न केवल ऊर्जा व्यापार का प्रमुख केंद्र है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की बाधा या तनाव की स्थिति में इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर देखने को मिल सकता है। इसी बीच राजनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर कठोर रुख और शांति प्रस्तावों पर असहमति ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। वहीं क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से संवाद की कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस समाधान की ओर बढ़ते संकेत स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरते इन एलपीजी जहाजों की आवाजाही यह दर्शाती है कि वैश्विक ऊर्जा जरूरतें किसी भी राजनीतिक तनाव से ऊपर बनी हुई हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा प्रभाव शिपिंग रूट्स, बीमा लागत और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
स्विमिंग पूल में बड़ा हादसा: छलांग लगाने के बाद नहीं निकल पाया बच्चा, सुरक्षा पर सवाल

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior से सामने आया यह मामला पूरे राज्य को झकझोर देने वाला है। एक होटल में स्विमिंग पूल पार्टी के दौरान 7 साल के बच्चे वेद की डूबने से मौत हो गई, और घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह दर्दनाक हादसा 11 मई की रात का बताया जा रहा है, जब वेद अपने परिवार के साथ होटल में आयोजित एक पूल पार्टी में शामिल था। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि बच्चा पहले पूल से बाहर निकलता है, लेकिन कुछ ही मिनट बाद वह दोबारा पानी में कूद जाता है। इसी दौरान वह गलती से उथले हिस्से की बजाय गहरे हिस्से में चला जाता है। करीब 5 फीट गहरे पानी में फंसने के बाद बच्चा बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह लगातार संघर्ष करते हुए डूबने लगता है। CCTV में यह भी दिखाई देता है कि आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी का ध्यान तुरंत उस पर नहीं गया। कुछ लोग उसके पास से गुजरते रहे, लेकिन स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ सके। परिजनों का आरोप है कि होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि पूल में गहराई को दर्शाने के लिए कोई स्पष्ट संकेत नहीं थे और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई थी। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मौके पर कोई प्रशिक्षित लाइफगार्ड मौजूद नहीं था। घटना के बाद परिजनों ने पहले बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन बाद में मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद शव को दोबारा निकाला गया और पोस्टमॉर्टम कराया गया, ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सके। Gwalior पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि होटल मैनेजमेंट, पूल पार्टी आयोजकों और मौजूद लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वीडियो फुटेज का मिलान कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर होटल और सार्वजनिक स्विमिंग पूल्स में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, जबकि परिवार गहरे सदमे में है।
सोना महंगा होने के बावजूद क्यों चमक रहे हैं Titan और Senco के शेयर? 17% तक तेजी की उम्मीद

नई दिल्ली । सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और सरकार की ओर से आयात शुल्क में वृद्धि के बावजूद ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शेयरों को लेकर बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है। आम तौर पर माना जाता है कि सोना महंगा होने पर आभूषणों की मांग पर दबाव पड़ता है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। निवेशकों और ब्रोकरेज हाउसेस का ध्यान विशेष रूप से टाइटन और सेनको जैसी संगठित कंपनियों पर केंद्रित है, जिनमें आगे चलकर 15 से 17 प्रतिशत तक तेजी की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिससे उद्योग जगत में चिंता का माहौल था। आशंका जताई गई थी कि इससे सोने की कीमतें और बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ सकता है। लेकिन इसके बावजूद बाजार के बड़े विश्लेषकों का मानना है कि संगठित ज्वेलरी कंपनियों की स्थिति मजबूत बनी हुई है और मांग में उम्मीद से कम गिरावट देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों का रुझान पूरी तरह से कमजोर नहीं हुआ है। वित्त वर्ष 2026 में टाइटन के ज्वेलरी कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां बिक्री और परिचालन मुनाफे दोनों में मजबूत सुधार देखा गया है। इसी तरह सेनको ने भी अपने प्रदर्शन में स्थिरता दिखाई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बाजार विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि अब ज्वेलरी कंपनियां उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुसार रणनीति अपना रही हैं। भारी गहनों की बजाय हल्के वजन वाले डिजाइन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्राहकों के लिए खरीदारी आसान हो जाती है और कीमतों का बोझ भी अपेक्षाकृत कम रहता है। यही कारण है कि महंगे सोने के बावजूद मांग पूरी तरह से प्रभावित नहीं हो रही है। इसके अलावा संगठित ज्वेलरी कंपनियों को पारदर्शी प्रणाली और ब्रांड वैल्यू का लाभ मिल रहा है। बाजार में अब बीआईएस हॉलमार्किंग और अन्य नियामक व्यवस्थाओं के कारण असंगठित कारोबार की तुलना में संगठित कंपनियों की पकड़ मजबूत हुई है। इससे ग्राहकों का भरोसा इन ब्रांड्स पर बढ़ा है और निवेशकों के लिए भी यह सेक्टर आकर्षक बना हुआ है। हालांकि, आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने की तस्करी को लेकर चिंता भी जताई जा रही है, लेकिन इस बार सख्त निगरानी व्यवस्था के चलते स्थिति पहले जैसी नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ने से संगठित कंपनियों को फायदा होगा, जबकि असंगठित बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
चेकिंग से बचने की कोशिश में बेकाबू ट्राला, पुलिस ने रोका तो फोड़े गए कांच

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore में गुरुवार को एक बड़ा हंगामा उस समय हो गया जब छत्रीपुरा इलाके में पुलिस चेकिंग के दौरान एक ट्राला चालक ने बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की। यह घटना गंगवाल बस स्टैंड क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने वाहन जांच के लिए बैरिकेड और स्टॉपर लगाए हुए थे। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान एक ट्राला तेज रफ्तार में आया और रोकने के प्रयास के बावजूद चालक ने बैरिकेड्स को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ा दिया। इसके बाद ट्राला जवाहर मार्ग की ओर तेज गति से भाग निकला, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत ट्राले का पीछा शुरू किया। सूचना मिलते ही अलग-अलग टीमों ने इलाके में नाकेबंदी कर दी। ट्राला जब बंबई बाजार क्षेत्र में पहुंचा तो पुलिस ने एफआरवी वाहन लगाकर उसे रोक लिया। हालांकि ट्राले के रुकते ही स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद लोगों में गुस्सा फैल गया और भीड़ ने ट्राले के कांच फोड़ दिए। कुछ देर के लिए वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यह अफवाह भी फैल गई कि ट्राले ने रास्ते में कुछ लोगों को टक्कर मार दी है। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है और स्पष्ट किया है कि कोई जनहानि नहीं हुई है। पुलिस ने ट्राले को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चालक नशे की हालत में हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही की जाएगी। Indore में हुई इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने के खतरे को उजागर कर दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चालक चेकिंग से क्यों भागा और क्या वाहन में कोई अन्य अनियमितता थी। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद कुछ समय तक बंबई बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।
इंदौर में स्वास्थ्य संस्थान पर सवाल: नर्सों ने लगाए गंभीर आरोप, मैनेजमेंट पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां कार्यरत नर्सों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल होने के लिए आवश्यक छुट्टी नहीं दी जा रही है। इस मामले ने अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल की करीब 30 से 35 नर्सों ने सरकारी भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जो 15 मई को आयोजित होनी है। इनमें से कई नर्सों के परीक्षा केंद्र भोपाल सहित अन्य शहरों में हैं, जिसके चलते उन्हें यात्रा और परीक्षा में शामिल होने के लिए अवकाश की आवश्यकता है। नर्सों का आरोप है कि उन्होंने प्रबंधन से छुट्टी की मांग की थी, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कोई कर्मचारी परीक्षा देने जाता है तो वह अपनी जिम्मेदारी पर जाएगा और ड्यूटी व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। नर्सों के अनुसार, अस्पताल की नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सीबी जॉर्ज की ओर से एक ऑडियो संदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया कि नियुक्ति के समय परीक्षा के लिए छुट्टी देने का कोई वादा नहीं किया गया था, इसलिए किसी भी प्रकार की छुट्टी या समायोजन संभव नहीं है। इस स्थिति से नर्सों में नाराजगी के साथ-साथ चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करना उनका अधिकार है, लेकिन वर्तमान नौकरी में दबाव बनाकर उन्हें परीक्षा से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और हॉस्टल खाली कराने तक की चेतावनी दी गई है। हॉस्टल में रहने वाली नर्सों को कथित तौर पर यह संदेश भी दिया गया है कि 14 और 15 मई को किसी भी कर्मचारी को नाइट पास नहीं दिया जाएगा और ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इससे कई नर्सें मानसिक दबाव में हैं और अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को अलग दृष्टिकोण से देखा है। बॉम्बे हॉस्पिटल के डायरेक्टर का कहना है कि यदि एक साथ बड़ी संख्या में नर्सें छुट्टी पर चली जाती हैं, तो अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित होगी। विशेषकर इमरजेंसी और किडनी यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर असर पड़ सकता है। प्रबंधन का यह भी कहना है कि उन्होंने किसी को परीक्षा देने से रोका नहीं है, लेकिन नियमित अवकाश (सीएल आदि) देना संभव नहीं है क्योंकि इससे अस्पताल संचालन प्रभावित हो सकता है। Indore में इस विवाद ने स्वास्थ्य सेवाओं में स्टाफ प्रबंधन और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।