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Coconut Water Benefits: गर्मी में रोजाना नारियल पानी पीना कितना फायदेमंद है?

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है, और ऐसे में कई लोग नेचुरल ड्रिंक्स की तरफ रुख करते हैं। इन्हीं में से एक है नारियल पानी, जिसे हेल्दी और एनर्जी देने वाला पेय माना जाता है। गर्मियों में रोजाना इसका सेवन करने से शरीर पर कई सकारात्मक असर देखने को मिलते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा पीने पर कुछ स्थितियों में नुकसान भी हो सकता है। Coconut water में इलेक्ट्रोलाइट्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि गर्मी में यह डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प माना जाता है। शरीर को तुरंत मिलती है ठंडक और एनर्जीगर्मियों में रोजाना नारियल पानी पीने से शरीर को तुरंत ठंडक मिलती है। यह शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करता है और थकान को कम करता है। बहुत ज्यादा पसीना आने पर शरीर में जो इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो जाते हैं, नारियल पानी उन्हें तेजी से पूरा करता है। पाचन तंत्र को करता है बेहतरनारियल पानी हल्का और आसानी से पचने वाला पेय है। यह पेट की गर्मी को शांत करता है और एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है। रोजाना इसका सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। स्किन और किडनी के लिए फायदेमंनियमित रूप से नारियल पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है, जिससे त्वचा साफ और ग्लोइंग बनी रहती है। साथ ही यह किडनी को भी साफ रखने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह शरीर से अतिरिक्त सोडियम और अपशिष्ट को बाहर निकालने में सहायक होता है। दिल की सेहत के लिए भी अच्छाइसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन दिल की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। लेकिन ज्यादा पीना भी हो सकता है नुकसानदायकहालांकि Coconut water फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम की अधिक मात्रा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन पैदा कर सकती है, खासकर किडनी की समस्या वाले लोगों में। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर होती है। कितना पीना सही है?विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में रोजाना 1 नारियल पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह या दोपहर के समय पीना ज्यादा अच्छा होता है, ताकि शरीर दिनभर हाइड्रेटेड रहे। गर्मियों में नारियल पानी एक नेचुरल और हेल्दी ड्रिंक है, जो शरीर को ठंडक, एनर्जी और हाइड्रेशन देता है। लेकिन किसी भी चीज की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना जरूरी है, ताकि इसके फायदे पूरी तरह मिल सकें और कोई साइड इफेक्ट न हो।

इंस्टाग्राम पर स्टार पावर: जानिए किन भारतीय एक्टर्स के हैं सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में सेलेब्स और फैंस के बीच दूरी लगभग खत्म हो चुकी है। फिल्मों के अलावा इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने स्टार्स को सीधे अपने दर्शकों से जोड़ दिया है। पहले जहां फैंस अपने पसंदीदा सितारों से पत्रों और मैगजीन इंटरव्यू के जरिए जुड़ते थे, वहीं अब एक क्लिक पर उनकी जिंदगी की हर अपडेट सामने आ जाती है। इंस्टाग्राम पर भारत के सेलेब्स की लोकप्रियता का अंदाजा उनकी फॉलोइंग से लगाया जाता है। हाल ही में सामने आई लिस्ट के अनुसार बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर इस रेस में सबसे आगे निकल गई हैं। 93 मिलियन फॉलोअर्स के साथ श्रद्धा कपूर नंबर 1 पोजिशन पर बनी हुई हैं, जबकि वे इंस्टाग्राम पर केवल 790 अकाउंट्स को फॉलो करती हैं। दूसरे स्थान पर ग्लोबल आइकन बन चुकीं प्रियंका चोपड़ा हैं, जिनके करीब 92.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। प्रियंका न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड में भी अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं। वे इंस्टाग्राम पर 639 लोगों को फॉलो करती हैं। तीसरे स्थान पर आलिया भट्ट हैं, जिनकी फैन फॉलोइंग 85.5 मिलियन तक पहुंच चुकी है। आलिया इन दिनों अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। चौथे नंबर पर दीपिका पादुकोण हैं जिनके 78.8 मिलियन फॉलोअर्स हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया है और वे शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ में नजर आने वाली हैं। पांचवें स्थान पर कैटरीना कैफ हैं जिनके 78.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इसके बाद छठे नंबर पर सलमान खान हैं जिनकी फैन फॉलोइंग 71.7 मिलियन है। सातवें स्थान पर उर्वशी रौतेला हैं जिनके 68.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि आठवें नंबर पर जैकलीन फर्नांडीस हैं जिनके 68.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। नौवें स्थान पर अनुष्का शर्मा हैं, जो लंबे समय से फिल्मों से दूर होने के बावजूद 67.5 मिलियन फॉलोअर्स के साथ मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। दसवें स्थान पर खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार हैं जिनके 65.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। यह लिस्ट साफ दिखाती है कि सोशल मीडिया पर स्टार पावर अब भी उतनी ही मजबूत है और फैंस अपने पसंदीदा सितारों से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार जुड़े रहना पसंद करते हैं। 

ट्रंप का बाइडन पर बड़ा हमला: बोले- 4 साल में अमेरिका को किया कमजोर, शी जिनपिंग की बात सही

नई दिल्ली। अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें अमेरिका को “ढलता हुआ देश” कहा गया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि जिनपिंग की यह टिप्पणी “100 प्रतिशत सही” थी। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के चार साल के कार्यकाल में अमेरिका को कई स्तर पर नुकसान झेलना पड़ा, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। बाइडन सरकार की नीतियों पर उठाए सवालट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडन प्रशासन की नीतियों ने देश को कमजोर किया। उन्होंने खुली सीमा नीति, बढ़े हुए टैक्स, DEI नीतियां, महिलाओं के खेलों में पुरुष खिलाड़ियों की भागीदारी, खराब व्यापार समझौते और बढ़ते अपराध को अमेरिका की गिरती स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप के मुताबिक, इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था दोनों पर पड़ा। ट्रंप बोले- मेरे नेतृत्व में तेजी से बदली स्थितिअपने पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने पिछले 16 महीनों में तेजी से सुधार किया है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं और विदेशी निवेश में भी लगातार इजाफा हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि शी जिनपिंग ने इन उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी है। अमेरिका फिर बना मजबूत देशट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका आर्थिक और सैन्य दोनों स्तरों पर पहले से ज्यादा मजबूत हो चुका है। उन्होंने वेनेजुएला और ईरान से जुड़े सैन्य कदमों का जिक्र करते हुए अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बताया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक अमेरिका कमजोर स्थिति में था, लेकिन अब देश दोबारा वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है। साथ ही ट्रंप ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन के संबंध और बेहतर हो सकते हैं।

Gwalior Development Projects: ग्वालियर में आज विकास कार्यों की सौगात, 3.64 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन आज

Gwalior Development Projects

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में 3.64 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन आज सड़क, नाली, पार्क और सीसी रोड निर्माण कार्य शामिल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर करेंगे कार्यक्रमों में शामिल उपनगर क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मिलेगी मजबूती कई वार्डों में सामुदायिक भवन और बाउंड्री वॉल निर्माण भी शुरू   Gwalior Development Projects: मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर के उपनगर क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को 3 करोड़ 64 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। बता दें कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर निर्माण कार्यों की शुरुआत करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, नाली, सीसी रोड, पार्क, सामुदायिक भवन और बाउंड्री वॉल जैसे कार्य शामिल हैं। बंगाल में राजनीतिक हिंसा और घुसपैठ की बड़ी चुनौती सुबह से शुरू होगा भूमिपूजन कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे वार्ड क्रमांक-4 स्थित 24 बीघा कॉलोनी में आंगनबाड़ी के पास बनने वाले पार्क का भूमिपूजन किया जाएगा। इस पार्क पर 23.66 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके बाद गुरुनानक नगर में मुख्य मार्ग पर 15 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ होगा। Netflix आपकी कौन-कौन सी जानकारी ट्रैक करता है? जानिए प्राइवेसी बचाने के आसान तरीके सड़क और सीवर लाइन निर्माण पर रहेगा फोकस सुबह 10:30 बजे बहोड़ापुर के कुशवाह मोहल्ला में सीसी रोड और सीवर लाइन निर्माण कार्य का भूमिपूजन होगा। इस परियोजना पर 11.48 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं ओमनगर क्षेत्र में श्रीकृष्ण अपार्टमेंट से आंगनवाड़ी तक 48 लाख रुपए की लागत से नाला निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। मास्टरमाइंड स्कूल क्षेत्र में भी गलियों में सीसी रोड निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। मां गंगा के अवतरण दिवस पर उमड़ेगी आस्था: गंगा दशहरा 25 मई को, स्नान-दान का मिलेगा फल.. सामुदायिक भवन और पार्क निर्माण भी शामिल दोपहर में चंदन नगर श्मशान रोड से सूरज सुंदरम गार्डन तक सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन होगा। इस परियोजना की लागत 36 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। इसके अलावा बंडाचूरा क्षेत्र में सामुदायिक भवन निर्माण और राय कॉलोनी में पार्क निर्माण कार्य की शुरुआत भी की जाएगी। Santoshi Mata Vrat: शुक्रवार को ऐसे रखें संतोषी माता का व्रत, जानें नियम और महत्व शाम को लाइन नंबर क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य शुरू शाम के सत्र में लाइन नंबर-10 मैदान में 44.66 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड और 40 लाख रुपए की बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य का भूमिपूजन होगा। साथ ही लाइन नंबर-11, लाइन नंबर-14 और लाइन नंबर-03 क्षेत्रों में भी सीसी रोड और सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य शुरू किए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने से लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

बेहद खास है 16 मई की अमावस्या, शनि जयंती के साथ बन रहा दुर्लभ संयोग, इन गलतियों से बचें

नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्व प्राप्त है और ज्येष्ठ मास की अमावस्या को और भी महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई को पड़ रही है, जो कई धार्मिक संयोगों के कारण खास मानी जा रही है। इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी और यह वर्ष की पहली शनि अमावस्या भी होगी। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे शुरू होगी और 17 मई 2026 को रात 01:30 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर अमावस्या का स्नान और दान 16 मई, शनिवार को ही किया जाएगा। शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या का संयोगइस दिन शनि जयंती, वट सावित्री व्रत और ज्येष्ठ अमावस्या का एक साथ संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इन कार्यों से बचने की सलाहधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए, अन्यथा जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। बाल और नाखून काटने से बचेंमान्यता है कि अमावस्या के दिन बाल और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। विशेषकर शनिवार को शनि जयंती होने के कारण यह नियम और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। बुजुर्गों का सम्मान जरूरीइस दिन पितरों का स्मरण और तर्पण किया जाता है। ऐसे में बुजुर्गों का सम्मान करना आवश्यक माना गया है। उनका अपमान या अनादर करने से पारिवारिक अशांति बढ़ सकती है। तामसिक भोजन से परहेजअमावस्या के दिन सात्विक आहार लेने और तामसिक भोजन से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही स्वच्छता बनाए रखना और सुबह जल्दी स्नान करना भी शुभ माना जाता है। सुनसान जगहों से दूरीधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय मानी जाती है। इसलिए श्मशान घाट या सुनसान स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। नए कार्यों की शुरुआत न करेंइस दिन नए कार्य शुरू करना या बड़ी खरीदारी करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे कार्यों में बाधा या असफलता आ सकती है। धार्मिक महत्व और मान्यताएंज्येष्ठ अमावस्या को पितरों को समर्पित तिथि माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य, स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सही तरीके से किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं।

भारत के समर्थन में आया बांग्लादेश, जमात-ए-इस्लामी के मुसलमानों पर हमले के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली। भारत में मुसलमानों पर कथित हमलों को लेकर उठे विवाद पर बांग्लादेश ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए ऐसे आरोपों को खारिज कर दिया है। ढाका की ओर से कहा गया है कि उसे भारत में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ किसी तरह के उत्पीड़न की कोई आधिकारिक या कूटनीतिक सूचना नहीं मिली है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद भारत और पड़ोसी देशों के रिश्तों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कुछ संगठनों ने भारत में मुसलमानों पर अत्याचार के आरोप लगाए थे। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इन दावों को आधारहीन बताया है। जमात-ए-इस्लामी के आरोपों को किया खारिजबांग्लादेश ने जमात-ए-इस्लामी और उससे जुड़े संगठनों के आरोपों को सिरे से नकार दिया है। ढाका प्रशासन का कहना है कि ऐसे दावे किसी प्रमाण या आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित नहीं हैं और इनमें कई बार सोशल मीडिया पर प्रसारित पुरानी या भ्रामक वीडियो का इस्तेमाल किया जाता है। गृह मंत्री का बयानबांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार के पास भारत में मुसलमानों के खिलाफ किसी भी तरह के उत्पीड़न की कोई पुष्टि नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत या आंकड़े मौजूद नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के राजनयिक मिशन और विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक शिकायत सामने नहीं आई है। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर रुखबांग्लादेश सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बिना किसी आधार के अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं करना चाहती। ढाका ने भारत के साथ स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने की इच्छा जताई है। इसके साथ ही सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना का भी संकेत दिया गया है, हालांकि कहा गया है कि इस पर अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है।

विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी करेंगे बड़ी बैठक, पेट्रोल-डीजल और सोने के बाद अब अगले कदम की तैयारी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 21 मई को मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक उनके 15 से 20 मई 2026 तक प्रस्तावित विदेश दौरे के तुरंत बाद होगी। प्रधानमंत्री इस दौरान यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रहेंगे। सुधारों की गति बढ़ाने पर जोरसरकारी सूत्रों के अनुसार इस बैठक का मुख्य उद्देश्य “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “ईज ऑफ लिविंग” को और सरल बनाना है। इसके लिए नियमों और प्रक्रियाओं को आसान करने और अनुपालन बोझ को कम करने पर विशेष चर्चा होगी। बैठक में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), कृषि, वाणिज्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यावरण, श्रम, सड़क परिवहन और परमाणु ऊर्जा सहित करीब एक दर्जन मंत्रालयों के सचिव प्रेजेंटेशन दे सकते हैं। जन-केंद्रित सुधारों की समीक्षाबैठक में उन सुधारों की समीक्षा भी की जाएगी जो एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा नीतियों और नियमों में लागू किए गए हैं। फोकस इस बात पर रहेगा कि इन सुधारों से आम जनता और कारोबारियों को कितना लाभ मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक का केंद्र “सरलीकरण और डीरेगुलेशन” यानी नियमों को आसान बनाना होगा। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को मिलेगी रफ्तारपिछली मंत्रिपरिषद बैठक 4 जून 2025 को हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने सरकार को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की तरह आगे बढ़ने का संदेश दिया था। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण कई नीतिगत प्राथमिकताएं प्रभावित हुईं और सरकार को आपात प्रबंधन पर ध्यान देना पड़ा। अब उम्मीद की जा रही है कि यह बैठक सुधार एजेंडे को फिर से गति देगी। कोविड जैसी तेज सुधार नीति की जरूरत पर जोरविशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच भी सुधारों की प्रक्रिया को जारी रखना जरूरी है। उनका कहना है कि जिस तरह कोविड काल के दौरान तेज फैसलों से कई बड़े सुधार लागू किए गए थे, उसी तरह अब भी इसी गति को बनाए रखने की जरूरत है। इस बैठक में नीति आयोग से जुड़े उच्च स्तरीय समूहों द्वारा सुझाए गए सुधारों पर भी चर्चा होने की संभावना है, ताकि आने वाले समय में नीतिगत फैसलों को और प्रभावी बनाया जा सके।

एमपी में पड़ रही भीषण गर्मी, 40 जिलों में हीट वेव, 5 जिलों में तेज लू की चेतावनी, शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म

भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो अधिकांश जिले इस समय हीट वेव की चपेट में हैं। अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को करीब 40 जिलों में गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में 15 से 17 मई के बीच तेज लू चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक गर्मी का असर सबसे अधिक रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। गुरुवार को भी प्रदेश में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। इसके अलावा खरगोन में 44.6 डिग्री, खंडवा और रतलाम में 44.5 डिग्री, खजुराहो में 44.3 डिग्री तथा रायसेन और दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार में दिन के साथ रातें भी गर्म रहने वाली हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों में “वॉर्म नाइट” की चेतावनी भी जारी की है, जिससे रात के तापमान में भी राहत मिलने की संभावना कम है। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, टीकमगढ़, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि यहां फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, टीकमगढ़, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि यहां फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। प्रदेश में मई की शुरुआत से मौसम लगातार बदलता रहा है। 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक जारी रहा। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और ट्रफ सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 से 14 मई के बीच फिर कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली। इस तरह मई के 14 दिनों में से 12 दिन प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि का असर रहा। हालांकि शुक्रवार के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

बंगाल में राजनीतिक हिंसा और घुसपैठ की बड़ी चुनौती

– संजय सिन्हापश्चिम बंगाल की नई सरकार के साने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक हिंसा का गहरा कल्चर और घुसपैठ है। अजीब बात है कि एक राज्य जो अपनी बौद्धिक विरासत पर गर्व करता है, वह दशकों से बदले की राजनीति और सड़क पर हिंसा के लिए उपजाऊ ज़मीन रहा है। हालांकि भाजपा का यह स्पष्ट नारा रहा है कि वह विदेशी घुसपैठियों को देश से बाहर करेगी, इसलिए पश्चिम बंगाल के जनादेश में इस पर अब जनता की मुहर भी लग गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देकर अपने शासन का संचालन किया। इसमें बांग्लादेश के घुसपैठियों का समर्थन भी शामिल रहा। अब भाजपा की सरकार बनने के बाद यह तय हो चुका है कि अब यहां की बांग्लादेश से लगी हुई सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगी और एक बड़ी समस्या से छुटकारा भी मिलेगा। इससे यह भी आशय निकलता है कि सबका साथ और सबका विकास वाली राजनीतिक अवधारणा को स्वीकार किया जाने लगा है। देश में इसी प्रकार की राजनीति की आवश्यकता है क्योंकि राजनीतिक दलों ने आज देश में रहने वाले समाज के बीच इतना भेद पैदा कर दिया है कि कई जगह समाज बंधु एक दूसरे के दुश्मन बन गए हैं। हिन्दू और मुसलमान समाज के ही हिस्से हैं, इसलिए इनको अलग अलग देखने की राजनीति नहीं होना चाहिए। इसके विपरीत देश के कुछ राजनीतिक दलों का आधार ही मुस्लिम वोट हैं जबकि यह भी सही है कि तुष्टिकरण से किसी का भला न तो हुआ है और न ही होगा।भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में प्रारंभ से ही इस बात पर जोर दिया था कि वह विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ है। भाजपा के नेताओं के भाषण भी इसी पर केंद्रित रहते थे। इस मुद्दे पर भाजपा को जनता का भी समर्थन मिला और जनता ने भाजपा को बहुमत दे दिया। इसके अलावा ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने जो कार्य किए, वह कहीं न कहीं हिन्दू समाज को नीचा दिखाने वाले ही थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नेता शायद इस बात को भूल गए कि बहुसंख्यक समाज को नकारने की राजनीति एक प्रकार से उसके लिए सत्ता से अलग होने की तस्वीर पेश कर सकती है। बंगाल घुसपैठ की समस्या से बहुत प्रभावित हुआ है। यहां पर अप्रत्याशित रूप से ज़मीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। कई जगह अचानक ही मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र बनते जा रहे हैं जिनमें मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और मालदा आदि है। यह तीनों जिले बांग्लादेश की सीमा से लगे हुए हैं। इसके चलते बंगाल में अपराध भी बहुत होने लगे हैं। इसका कारण यही माना जा रहा है कि जो व्यक्ति घुसपैठ करके आए हैं, उनके सामने रोजगार का संकट है। जब रोजगार नहीं मिलेगा तो स्वाभाविक रूप से व्यक्ति गलत कार्य भी करने लगता है। इससे की दशा और दिशा भी ख़राब हो रही है। मुर्शिदाबाद के रास्ते कई बांग्लादेशी नागरिक घुसपैठ करते रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की मदद से वे सभी अपने आशियाने भी बना रहे थे, इनके ज्यादातर आशियाने अवैध कब्ज़ा करके ही बने हैं। तृणमूल कांग्रेस की सरकार के समय इनको पर्याप्त संरक्षण भी मिला। उल्लेखनीय है जिन क्षेत्रों में मुस्लिमों की जनसंख्या अचानक बढ़ी है, वे सभी तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्र रहे हैं। इन क्षेत्रों में हिन्दू समाज का कोई भी व्यक्ति जाने से डरता है। सवाल यह है कि यह डर किसने पैदा किया और इसको संरक्षण देने वाले कौन हैं। तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राह पर चलते हुए इनको ताकत देने का काम किया। और यही उसकी हार का कारण भी बना। अब बंगाल का राजनीतिक दृश्य परिवर्तित हो चुका है। जिन्होंने लम्बे समय तक अमानुषिक अत्याचार सहन किए, वे सत्ता में आ चुके हैं लेकिन भाजपा को यह सत्ता ऐसे ही नही मिल गई। उसके सैकड़ों कार्यकर्ता का बलिदान इस जीत के नींव के पत्थर बने। चुनाव के बाद शुभेन्दु अधिकारी के निजी सहायक देवनाथ की हत्या इसका ताजा उदाहरण है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह कार्य प्रशिक्षित अपराधियों ने किया। संभावना इस बात की भी है कि घटना के बाद ये बांग्लादेश भाग चुके हैं। इसे राजनीतिक हत्या के तौर पर भी देखा जा रहा है और इसके आरोप तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर लग रहे हैं। घुसपैठियों की समस्या से त्रस्त पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद विदेशी घुसपैठिओं के चेहरे उतरने लगे हैं, क्योंकि अब इन विदेशी घुसपैठियों को सहन नहीं किया जाएगा। अब उनको बाहर जाना ही होगा। भाजपा की सरकार ही इनको बाहर निकलेगी। देश के गृह मंत्री अमित शाह इसकी चेतावनी पहले से ही देते रहे हैं। यहां यह कहना भी उचित होगा कि भाजपा ने केवल घुसपैठियों को बाहर निकालने की ही बात की है, भारत के मुसलमानों की नहीं लेकिन विपक्ष और खासकर तृणमूल कांग्रेस ने ऐसा भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि सारे मुस्लिमों पर इसका प्रभाव होगा। विदेशी घुसपैठियों को बाहर निकालना सभी चाहते हैं. विपक्ष को इस मुद्दे पर भाजपा का साथ देना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय हित की बात है।

Netflix आपकी कौन-कौन सी जानकारी ट्रैक करता है? जानिए प्राइवेसी बचाने के आसान तरीके

नई दिल्ली। लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर चर्चा में है। हाल ही में अमेरिका के टेक्सास में नेटफ्लिक्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी यूजर्स की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखती है और उस डेटा का इस्तेमाल उन्हें लंबे समय तक प्लेटफॉर्म से जोड़े रखने के लिए करती है। डिजिटल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नेटफ्लिक्स सिर्फ यह नहीं जानता कि आप कौन-सी फिल्म या वेब सीरीज देख रहे हैं, बल्कि वह आपकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि को ट्रैक करता है।डिजिटल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नेटफ्लिक्स सिर्फ यह नहीं जानता कि आप कौन-सी फिल्म या वेब सीरीज देख रहे हैं, बल्कि वह आपकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि को ट्रैक करता है। Netflix कैसे करता है यूजर्स को ट्रैक?क्या देखते हैं और कितना देखते हैं नेटफ्लिक्स रिकॉर्ड करता है कि:आपने कौन-सी फिल्म या सीरीज देखीकितनी देर तक देखीकौन-सा एपिसोड बीच में छोड़ाकौन-सा सीन बार-बार देखा या रोकाइन जानकारियों के आधार पर आपका एक डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाता है, जिससे अगली बार आपको वैसा ही कंटेंट दिखाया जाता है। हर यूजर का होम स्क्रीन क्यों होता है अलगआपने ध्यान दिया होगा कि नेटफ्लिक्स का होमपेज हर व्यक्ति के लिए अलग दिखाई देता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्लेटफॉर्म यह भी ट्रैक करता है कि:आप किस थंबनेल पर ज्यादा देर रुकेक्या सर्च कियाकिस कंटेंट पर क्लिक कियाकितनी तेजी से स्क्रॉल किया इसी डेटा के जरिए एल्गोरिदम तय करता है कि आपको कौन-सा कंटेंट पसंद आ सकता है।डिवाइस और लोकेशन भी होती है ट्रैकनेटफ्लिक्स यह भी रिकॉर्ड करता है कि:आप किस डिवाइस से लॉगिन हैंकौन-सा इंटरनेट नेटवर्क इस्तेमाल कर रहे हैंआपकी अनुमानित लोकेशन क्या हैइसी तकनीक का इस्तेमाल “Netflix Household” और पासवर्ड शेयरिंग रोकने के लिए भी किया जाता है। बच्चों की एक्टिविटी पर भी नजकिड्स प्रोफाइल होने के बावजूद प्लेटफॉर्म बच्चों की देखने की आदतों से जुड़ा डेटा भी इकट्ठा कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे बच्चों को ज्यादा समय तक स्क्रीन पर बनाए रखने की रणनीतियां तैयार की जाती हैं। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम और प्रोफाइल सेटिंग्स पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे सुरक्षित रखें अपनी प्राइवेसीअगर आप नेटफ्लिक्स इस्तेमाल करते हैं, तो ये उपाय आपकी पर्सनल जानकारी को ज्यादा सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं: Viewing History छुपाएं या डिलीट करें मजबूत पासवर्ड और Two-Factor Authentication इस्तेमाल करेंअनजान डिवाइस से Sign Out करेंप्रोफाइल लॉक फीचर ऑन करेंCookies और Tracking सेटिंग्स कंट्रोल करेंEmails और Notifications की परमिशन सीमित करेंडेटा इस्तेमाल पर आपका भी कंट्रोल Netflix Privacy Center के जरिए यूजर्स अपने डेटा से जुड़ी कई सेटिंग्स बदल सकते हैं। यहां से आप:Behavioral Ads से Opt-out कर सकते हैंडेटा डाउनलोड या हटाने का अनुरोध कर सकते हैंपर्सनलाइजेशन सेटिंग्स कंट्रोल कर सकते हैं क्या है ‘Dark Pattern’?डिजिटल दुनिया में “Dark Pattern” ऐसे डिजाइन और तकनीकों को कहा जाता है, जिनका उद्देश्य यूजर्स को ज्यादा समय तक ऐप या वेबसाइट पर बनाए रखना होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म इसी रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।